सिद्धार्थ ने करीब 7 महीनों तक लगातार रिसर्च, कोडिंग और परीक्षण किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के अस्पतालों में जाकर अपने ऐप को असली मरीजों पर भी टेस्ट किया। जब किसी स्टार किड की गिरफ़्तारी होती है, तो पूरा देश प्रार्थनाएँ करने लगता है और सोशल मीडिया पर हैशटैग ट्रेंड करने लगते हैं। लेकिन जब एक 14 साल का लड़का लोगों की जान बचाने वाली तकनीक बना देता है, तो उस पर शायद ही किसी का ध्यान जाता है। 😔💔 मिलिए Siddharth Nandyala से — एक ऐसा युवा नवोन्मेषक, जिस पर सच में देश को गर्व होना चाहिए। हैदराबाद में जन्मे और अमेरिका में पले-बढ़े सिद्धार्थ सिर्फ एक मेधावी छात्र ही नहीं, बल्कि एक ऐसे युवा वैज्ञानिक हैं जिनका सपना है तकनीक के जरिए लोगों की ज़िंदगी बचाना। उन्होंने Artificial Intelligence की मदद से “Circadian AI” नाम का एक मोबाइल ऐप बनाया है, जो सिर्फ 7 सेकंड में दिल की धड़कन सुनकर हृदय रोग के शुरुआती संकेत पहचान सकता है। ❤️💡 यह कोई साधारण स्कूल प्रोजेक्ट नहीं है। सिद्धार्थ ने करीब 7 महीनों तक लगातार रिसर्च, कोडिंग और परीक्षण किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के अस्पतालों में जाकर अपने ऐप को असली मरीजों पर भी टेस्ट किया। परिणाम बेहद चौंकाने वाले थे — उनके ऐप के नतीजे ECG और Echo रिपोर्ट्स से काफी हद तक मेल खाते थे। सोचिए, इतनी कम उम्र में ऐसा काम करना कितना अद्भुत और प्रेरणादायक है! 😮👏 हालाँकि उनके काम की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई, फिर भी मुख्यधारा की मीडिया में इसे उतनी जगह नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी। महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति Dr. APJ Abdul Kalam से प्रेरित सिद्धार्थ हमें एक अहम संदेश देते हैं — हीरो शोर और प्रसिद्धि से नहीं बनते, हीरो अपने काम और प्रभाव से बनते हैं। अब समय है कि हम ऐसे युवाओं को पहचानें, सराहें और उन्हें अपना असली आदर्श बनाएं। 🙌🇮🇳 #SiddharthNandyala #AIInnovation #YoungGenius #HeartHealth #IndianPride #Inspiration
सिद्धार्थ ने करीब 7 महीनों तक लगातार रिसर्च, कोडिंग और परीक्षण किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के अस्पतालों में जाकर अपने ऐप को असली मरीजों पर भी टेस्ट किया। जब किसी स्टार किड की गिरफ़्तारी होती है, तो पूरा देश प्रार्थनाएँ करने लगता है और सोशल मीडिया पर हैशटैग ट्रेंड करने लगते हैं। लेकिन जब एक 14 साल का लड़का लोगों की जान बचाने वाली तकनीक बना देता है, तो उस पर शायद ही किसी का ध्यान जाता है। 😔💔 मिलिए Siddharth Nandyala से — एक ऐसा युवा नवोन्मेषक, जिस पर सच में देश को गर्व होना चाहिए। हैदराबाद में जन्मे और अमेरिका में पले-बढ़े सिद्धार्थ सिर्फ एक मेधावी छात्र ही नहीं, बल्कि एक ऐसे युवा वैज्ञानिक हैं जिनका सपना है तकनीक के जरिए लोगों की ज़िंदगी बचाना। उन्होंने Artificial Intelligence की मदद से “Circadian AI” नाम का एक मोबाइल ऐप बनाया है, जो सिर्फ 7 सेकंड में दिल की धड़कन सुनकर हृदय रोग के शुरुआती संकेत पहचान सकता है। ❤️💡 यह कोई साधारण स्कूल प्रोजेक्ट नहीं है। सिद्धार्थ ने करीब 7 महीनों तक लगातार रिसर्च, कोडिंग और परीक्षण किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के अस्पतालों में जाकर अपने ऐप को असली मरीजों पर भी टेस्ट किया। परिणाम बेहद चौंकाने वाले थे — उनके ऐप के नतीजे ECG और Echo रिपोर्ट्स से काफी हद तक मेल खाते थे। सोचिए, इतनी कम उम्र में ऐसा काम करना कितना अद्भुत और प्रेरणादायक है! 😮👏 हालाँकि उनके काम की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई, फिर भी मुख्यधारा की मीडिया में इसे उतनी जगह नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी। महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति Dr. APJ Abdul Kalam से प्रेरित सिद्धार्थ हमें एक अहम संदेश देते हैं — हीरो शोर और प्रसिद्धि से नहीं बनते, हीरो अपने काम और प्रभाव से बनते हैं। अब समय है कि हम ऐसे युवाओं को पहचानें, सराहें और उन्हें अपना असली आदर्श बनाएं। 🙌🇮🇳 #SiddharthNandyala #AIInnovation #YoungGenius #HeartHealth #IndianPride #Inspiration
- तिरुपति बालाजी, की तिरुपति बालाजी, की तिरुपति में 300 रुपये के दर्शन करने में कितने घंटे लगेंगे? ₹300 के विशेष दर्शन टिकटों के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को टिकट की आवश्यकता नहीं है। दिन के हिसाब से इसमें 1 घंटा 30 मिनट से लेकर 3 घंटे 15 मिनट तक का समय लग सकता है। तिरुमाला में किस दिन कम भीड़ होती है? भीड़भाड़ से बचने के लिए, सप्ताहांत के बजाय कार्यदिवसों में अपनी यात्रा की योजना बनाएं और प्रमुख त्योहारों या छुट्टियों के दौरान जाने से बचें, जब मंदिरों में भारी भीड़ होती है। सुबह जल्दी और शाम को देर से आना भी लोकप्रिय स्थलों पर घूमने का सबसे शांत समय होता है। तिरुपति बालाजी मंदिर जाते समय आपको क्या ध्यान रखना चाहिए? अपने साथ अधिक गहने और नकदी न रखें। मंदिर परिसर के अंदर और आसपास जूते-चप्पल न पहनें। आवास और दर्शन के लिए दलालों से संपर्क न करें। मंदिर के अंदर साष्टांग दंड प्रणाम न करें।4
- Post by Anit tiwary1
- अंबेडकर जयंती पर संबोधित करती डंडई पैराडाइज स्कूल की छात्रा साधना कुमारी1
- रंका में युवा की असमय मृत्यु पर शोक: डॉ. पतंजलि केसरी ने परिवार से मिलकर दी सांत्वना, आर्थिक सहयोग का दिया भरोसा रंका में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां मेन रोड निवासी विनय चंद्रवंशी के 25 वर्षीय पुत्र लव कुमार चंद्रवंशी की असमय मृत्यु से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। बताया जा रहा है कि लव कुमार अंबिकापुर में एक दुकान पर काम करने गए थे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, जिनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस दुखद खबर के बाद सोमवार दोपहर करीब 1:00 बजे राधा पार्वती एजुकेशन ट्रस्ट के ऑर्गेनाइजर डॉ. पतंजलि केसरी, एकल विद्यालय के जिला सचिव सियाराम शरण वर्मा सहित अन्य लोग मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव आर्थिक सहयोग का भरोसा दिलाया। डॉ. पतंजलि केसरी ने मौके पर कहा कि समाज ने एक होनहार युवा को खो दिया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने परिवार की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि पूरा परिवार एक ही कमरे में रहने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि संभवतः अनुमंडल पदाधिकारी और उपायुक्त को इस स्थिति की जानकारी नहीं है, अन्यथा प्रशासन की ओर से जरूर मदद मिलती। उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि ऐसे गरीब और जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। इस मौके पर जिला नाई संघ के अध्यक्ष घनश्याम ठाकुर सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी तथा इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।1
- हेमंत कुमार की रिपोर्ट डंडई प्रखंड मुख्यालय स्थित पैराडाइज पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर उत्साह और जोश के साथ भव्य शोभा यात्रा सह जागरूकता रैली निकाली। मंगलवार सुबह निकली रैली में शामिल बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर समाज को शिक्षा, समानता और एकता का संदेश दिया। रैली बाजार समिति से शुरू होकर रविदास टोला, हनीफ शेख पेट्रोल पंप, थाना रोड और पुरानी बाजार होते हुए अंबेडकर चौक पहुंची। पूरे रास्ते “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”, “बेटा-बेटी एक समान”, “भेदभाव मिटाओ, भाईचारा बढ़ाओ” जैसे जोशीले नारों से माहौल गूंजता रहा। अंबेडकर चौक पर पहुंचकर छात्र-छात्राओं ने बाबा साहेब सहित अन्य महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ भी किया गया, जिससे कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया। इसके बाद विद्यालय परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जमुना प्रसाद रवि ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जागरूक करने और इतिहास से सीख लेने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। विद्यालय के निदेशक सिकंदर प्रजापति ने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के हर वर्ग को अधिकार दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। वहीं पूर्व प्राचार्य आर.के. विश्वकर्मा ने उनके मूल मंत्र “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। प्राचार्य बिंदु कुमार रवि ने भी छात्र-छात्राओं को बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिससे पूरा वातावरण प्रेरणादायक बन गया।1
- पलामू– चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित पनेरीबांध गांव में सोमवार रात दिलीप पाठक के खपड़ापोस मकान में आग लग गई। हादसे में 50 हजार नगद और करीब आठ लाख की संपत्ति जल गई। अग्निशमन दल ने ग्रामीणों की मदद से तीन घंटे में आग पर काबू पाया। सौजन्य Aajtak1
- Anchal. Office.ZD.C. Office S D.O.Or Rajstry office gharwa maha loot ka Adda.1
- तिरुमाला मंदिर tirupati railway station 🚉 तिरुमाला मंदिर एक पहाड़ी पर 20 किलोमिटर दूर है l वाहा जाने केलिए तिरूपति रेलवे स्टेशन से बस,कमांडर,ऑटो, मिलता है, ऊपर तक जाने के लिए 100रुपये भड़ा है l1