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शिवगढ़ थाना क्षेत्र के भिटौरा गांव में 28 अप्रैल, 2026 को हुई जसवंत सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी और ₹25,000 के इनामी प्रधान मान सिंह को शिवगढ़ पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शंभूगंज चौराहे से गिरफ्तार कर लिया है। जसवंत सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह की हत्या के बाद से मान सिंह लगातार फरार चल रहे थे, जिसके कारण उन पर इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद अब माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी लम्भुआ ऋतिक कपूर ने भी बयान दिया है।
ABHISHEK SINGH
शिवगढ़ थाना क्षेत्र के भिटौरा गांव में 28 अप्रैल, 2026 को हुई जसवंत सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी और ₹25,000 के इनामी प्रधान मान सिंह को शिवगढ़ पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शंभूगंज चौराहे से गिरफ्तार कर लिया है। जसवंत सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह की हत्या के बाद से मान सिंह लगातार फरार चल रहे थे, जिसके कारण उन पर इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद अब माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी लम्भुआ ऋतिक कपूर ने भी बयान दिया है।
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- सुल्तानपुर के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव स्थित मिश्रौली बाजार में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाते हुए चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, अनिल सोनी की ज्वेलरी दुकान में 15/16 जून 2026 की रात चोरी हुई, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। इस संबंध में, क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर सुनील कुमार ने बताया कि मामले में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि विवेचना जारी है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- सुल्तानपुर जनपद के सबसे व्यस्त पयागीपुर चौराहे पर फ्लाईओवर के नीचे पुलिस बूथ के पास स्थापित एक आरओ वाटर प्लांट यात्रियों, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के लिए राहत का केंद्र बन गया है। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण चौराहे से प्रतिदिन हजारों यात्री, राहगीर और वाहन चालक गुजरते हैं, जिन्हें अब निःशुल्क शुद्ध और ठंडा पानी मिल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आरओ प्लांट और वाटर फ्रीजर के लगने से क्षेत्र में पेयजल की समस्या काफी हद तक खत्म हो गई है, खासकर भीषण गर्मी के मौसम में यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। चौराहे पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी, पीआरडी और होमगार्ड के जवान भी इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। चौराहे के आसपास के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पहले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब शुद्ध और ठंडा पानी आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने इस जनहितकारी व्यवस्था के लिए संबंधित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ऐसी सुविधाएं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- अम्बेडकरनगर में आरपीआरएन हायर सेकेंडरी स्कूल के भवन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि स्कूल भवन का निर्माण बिना किसी स्वीकृत नक्शे के किया गया था और इसमें सुरक्षा मानकों का भी उल्लंघन किया गया। इसके अतिरिक्त, जांच में फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने और अवैध सड़क निर्माण का भी खुलासा हुआ है। बाल संरक्षण आयोग ने इस मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए प्रशासन से कार्रवाई रिपोर्ट की मांग की है। इन अनियमितताओं ने प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- यह बात सच बताई गई है कि मस्जिदों में कभी चोरी नहीं होती और गुरुद्वारों में भी चोरी की कोई घटना नहीं सुनी गई है। इस पर सीधे तौर पर सवाल उठाया गया है कि आखिर हर बार मंदिरों में ही चोरियां क्यों होती हैं। इस स्थिति पर सरकार की भूमिका पर तीखा प्रश्नचिह्न लगाते हुए पूछा गया है कि आखिर सरकार इस मामले में क्या कर रही है। यह बार-बार ज़ोर देकर कहा गया है कि मस्जिदों या गुरुद्वारों में कभी चोरी की खबर नहीं सुनी गई है।1
- अयोध्या के हैरिंग्टनगंज विकासखंड क्षेत्र के पारा ताजपुर स्थित पूरे मानपुर पुरवा निवासी 30 वर्षीय प्रदीप यादव मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से परिजनों और ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, प्रदीप यादव प्रतिदिन की तरह रमनी गांव में दूध देने गए थे। दूध वितरण के बाद वह अपनी बाइक से पेट्रोल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रमनी के पास खजुराहट की तरफ से आ रही एक अज्ञात तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे प्रदीप यादव सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायल प्रदीप को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैरिंग्टनगंज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनके सिर और पैर में गंभीर चोटें पाईं। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए अयोध्या स्थित मंडलीय चिकित्सालय दर्शननगर रेफर कर दिया। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से घायल युवक को दर्शननगर भेजा गया। टक्कर मारने के बाद अज्ञात पिकअप चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर फरार चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- अमेठी में पत्रकारिता के नाम पर दलाल किस्म के पत्रकारों की दुकानें बंद होने से कुछ लोग फड़फड़ा रहे हैं। इसी क्रम में, पत्रकार महरूफ अहमद को अमीर हुसैन नामक व्यक्ति लगातार फोन कर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहा है। इस मामले में अमेठी पुलिस, राजा मयंकेश्वर शरण सिंह, मुन्ना सिंह, सुनील चौरसिया, पत्रकार अमित मिश्रा, जर्नलिस्ट रमेश त्रिपाठी, पत्रकार अतुल तिवारी, रजनीश सिंह, विजय शुक्ला, भारद्वाज अमेठी समाचार, आनंद तिवारी अन्नू, जन संवाद डिजिटल पत्रकार, और खुर्शीद अहमद का भी उल्लेख किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर रहते हुए रील्स बनाना या सोशल मीडिया पर सरकारी गरिमा को ठेस पहुँचाना अनुशासनहीनता माना जाएगा और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता की सेवा के लिए मिला समय रील्स बनाने के लिए नहीं है, और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही जनता के प्रति है, न कि सोशल मीडिया के लाइक्स और व्यूज के प्रति। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें महिला और पुरुष पुलिसकर्मी वर्दी में फिल्मी गानों पर रील्स बनाते दिखे हैं, वहीं अस्पतालों में डॉक्टर और नर्सें मरीजों को छोड़कर वीडियो शूट करते पाए गए हैं। सीएम योगी के इस कड़े रुख के बाद, प्रशासन ने नई गाइडलाइंस तैयार की हैं, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वर्दी और ड्यूटी का रौब रील्स में नहीं, बल्कि काम में दिखना चाहिए।1
- सुलतानपुर की सदर तहसील में राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कथित तौर पर 'जय-वीरू' की एक जोड़ी ने उच्च अधिकारियों और न्यायालय के आदेशों को बेअसर साबित कर दिया है। ग्राम चुनहा करोंदिया के निवासी इसरार हुसैन ने लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसरार हुसैन के अनुसार, इन दोनों ने सदर एसडीएम और नायब तहसीलदार द्वारा पहले ही खारिज की गई एक विरासत को न केवल फर्जी तरीके से दर्ज किया, बल्कि कोर्ट के स्टे के बावजूद उसका बैनामा भी करा दिया। तहसील में चर्चा है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा की 'कलम में ऐसा जादू' है कि एसडीएम का खारिज आदेश भी उनके सामने 'कागज का टुकड़ा' बन जाता है। पीड़ित इसरार हुसैन ने दावा किया है कि इस जोड़ी ने साबित कर दिया है कि तहसील के असली 'डीएम' वही हैं, क्योंकि 'डीएम का आदेश ही रद्दी है, एसडीएम का खारिज आदेश मजाक है और कोर्ट का स्टे जोक है'। पीड़ित के अनुसार, वह समाधान दिवस से लेकर डीएम दफ्तर तक न्याय के लिए रो चुका है, लेकिन इस 'जय-वीरू सरकार' के सामने सब बेबस हैं। यह भी बताया गया है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल पहले भी निलंबित हो चुके हैं, बावजूद इसके तहसील में उनकी पकड़ बरकरार है। इस मामले से तहसील में भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका गहरी हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एसडीएम और नायब तहसीलदार ने विरासत खारिज कर दी थी और जमीन पर कोर्ट का स्टे भी था, तो लेखपाल-कानूनगो ने किसके आदेश पर इसे दर्ज कर बैनामा करा दिया? पीड़ित इसरार हुसैन ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यह खबर पीड़ित इसरार हुसैन पक्ष के आरोपों पर आधारित है, और लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल, कानूनगो रामपाल मिश्रा, तथा राजस्व विभाग का पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- एक युवक अपनी प्रेमिका को बुलाने की मांग को लेकर एक टावर पर चढ़ गया। इस स्थिति में, पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर युवक को समझाया-बुझाया। काफी प्रयासों के बाद, वे युवक को सुरक्षित टावर से नीचे उतारने में सफल रहे।1