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बातचीत के बहाने घर ले गया अन्नू माली, युवक से मारपीट का आरोप. कटनी सिटी कोतवाली थाना 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 कटनी। पुलिस के मुताबिक फरियादी पंकज मेहरा पिता मुकेश मेहरा, उम्र 24 वर्ष, निवासी गायत्री नगर, कटनी, हाल निवासी रांझी बस्ती जबलपुर ने 15 सितंबर को कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। फरियादी ने पुलिस को बताया कि 12 सितंबर की सुबह करीब 9:30 बजे वह कटनी रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान अन्नू माली नामक व्यक्ति उसके पास आया और बातचीत करने लगा। बातचीत के बहाने वह पंकज को अपने साथ घर ले गया। फरियादी के आरोप के अनुसार घर पहुंचने के बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसे प्रताड़ित किया गया। घटना के बाद पीड़ित ने कोतवाली थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले मे जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर आप आगे की घटना—घर ले जाने के बाद क्या हुआ, कितने लोगों ने मारपीट की, कितने समय तक बंधक रखा और पुलिस ने किन धाराओं में कार्रवाई की—का विवरण भेज दें, तो

7 hrs ago
user_ज्योति तिवारी वीडियो
ज्योति तिवारी वीडियो
कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago
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बातचीत के बहाने घर ले गया अन्नू माली, युवक से मारपीट का आरोप. कटनी सिटी कोतवाली थाना 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 कटनी। पुलिस के मुताबिक फरियादी पंकज मेहरा पिता मुकेश मेहरा, उम्र 24 वर्ष, निवासी गायत्री नगर, कटनी, हाल निवासी रांझी बस्ती जबलपुर ने 15 सितंबर को कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। फरियादी ने पुलिस को बताया कि 12 सितंबर की सुबह करीब 9:30 बजे वह कटनी रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान अन्नू माली नामक व्यक्ति उसके पास आया और बातचीत करने लगा। बातचीत के बहाने वह पंकज को अपने साथ घर ले गया। फरियादी के आरोप के अनुसार घर पहुंचने के बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसे प्रताड़ित किया गया। घटना के बाद पीड़ित ने कोतवाली थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले मे जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर आप आगे की घटना—घर ले जाने के बाद क्या हुआ, कितने लोगों ने मारपीट की, कितने समय तक बंधक रखा और पुलिस ने किन धाराओं में कार्रवाई की—का विवरण भेज दें, तो

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  • कटनी नगर//- श्री गणेश जी की पाँच महाआरती का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। कटनी शहर के गणेश चौक में गणेश उत्सव की भव्य छटा देखने को मिल रही है। भगवान श्री गणेश जी की पाँच महाआरती का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। भक्तों ने सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हुए भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया।👌🙏🍂🧿💞🌺
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    कटनी नगर//-
श्री गणेश जी की पाँच महाआरती का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया।
कटनी शहर के गणेश चौक में गणेश उत्सव की भव्य छटा देखने को मिल रही है। भगवान श्री गणेश जी की पाँच महाआरती का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। भक्तों ने सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हुए भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया।👌🙏🍂🧿💞🌺
    user_राशि निषाद
    राशि निषाद
    Psychologist कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • कटनी: इंटरसिटी एक्सप्रेस से कटकर 30 बकरियों की मौत, 3 महिलाएं बच गई 💥*बड़ी खबर*💥 *इंटरसिटी एक्सप्रेस से कटकर 30 बकरियों की मौत, 3 महिलाएं बाल-बाल बचीं, घटना का लाइव वीडियो आया सामने* इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से 30 बकरियों की मौत हो गई। जबकि, बकरियों की झुंड इधर-उधर भागती रहीं। संयोग ही रहा कि बकरियां चरा रहीं महिलाएं बाल-बाल बच गईं।हथिगवां के कृष्णा राम का पुरवा बिसहिया के पास रेलवे फाटक के समीप बुधवार सुबह 11 बजे कुछ महिलाएं बकरियां चरा रहीं थीं, तभी ट्रेन की चपेट मे आने से हादसा हो गया। सूचना पर पहुंची आरपीएफ ने मामले की जांच की इस दौरान ट्रेन 10 मिनट तक रुकी रही!
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    कटनी: 
इंटरसिटी एक्सप्रेस से कटकर 30 बकरियों की मौत, 3 महिलाएं बच गई 
💥*बड़ी खबर*💥
*इंटरसिटी एक्सप्रेस से कटकर 30 बकरियों की मौत, 3 महिलाएं बाल-बाल बचीं, घटना का लाइव वीडियो आया सामने*
इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से 30 बकरियों की मौत हो गई। जबकि, बकरियों की झुंड इधर-उधर भागती रहीं। संयोग ही रहा कि बकरियां चरा रहीं महिलाएं बाल-बाल बच गईं।हथिगवां के कृष्णा राम का पुरवा बिसहिया के पास रेलवे फाटक के समीप बुधवार सुबह 11 बजे कुछ महिलाएं बकरियां चरा रहीं थीं, तभी ट्रेन की चपेट मे आने से हादसा हो गया। सूचना पर पहुंची आरपीएफ ने मामले की जांच की इस दौरान ट्रेन 10 मिनट तक रुकी रही!
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • जर्जर भवन से तिरपाल तक पहुंची शिक्षा व्यवस्था बम्हनगांव में मासूमों की पढ़ाई का दर्दनाक सच, निजी परिसर में अस्थायी इंतजाम; ग्रामीणों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल कटनी। शिक्षा के अधिकार के साथ बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बड़वारा विकासखंड के ग्राम बम्हनगांव की तस्वीर इन दावों के बीच गंभीर सवाल खड़े करती है। यहां संचालित शासकीय प्राथमिक शाला के बच्चे जर्जर भवन के कारण अब तिरपाल की छांव में पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल की बदहाल व्यवस्था का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। जर्जर भवन के कारण निजी परिसर में शिफ्ट हुई कक्षाएं जानकारी के अनुसार स्कूल का मूल भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर विद्यालय को अस्थायी रूप से एक निजी मकान के परिसर में संचालित किया जा रहा है। यहां दीवार के सहारे और तिरपाल लगाकर बरामदे में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। बार-बार पत्राचार, फिर भी स्थायी समाधान नहीं विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य राकेश तिवारी के अनुसार स्कूल भवन अत्यंत जर्जर हो चुका है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही विद्यालय को अस्थायी स्थान पर शिफ्ट किया गया। भवन की मरम्मत और जीर्णोद्धार के संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार लिखित सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बारिश में सांप-बिच्छू का खतरा, अभिभावकों में चिंता ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं, वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। बाउंड्रीवॉल नहीं होने और खुले परिसर के कारण बारिश के मौसम में सांप, बिच्छू सहित जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। ऐसे माहौल में छोटे बच्चों को पढ़ाना अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिक राजाराम पटेल सहित ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन और शिक्षा विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की मांग—या तो नया भवन बने, या तत्काल मरम्मत हो अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय के लिए नए भवन की स्वीकृति और निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। यदि नए भवन के निर्माण में समय लगता है तो जर्जर भवन की आवश्यक मरम्मत कराकर बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि नौनिहालों को तिरपाल के नीचे पढ़ने की मजबूरी से निजात मिल सके। कटनी | संवाददाता बाल किशन नामदेव
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    जर्जर भवन से तिरपाल तक पहुंची शिक्षा व्यवस्था
बम्हनगांव में मासूमों की पढ़ाई का दर्दनाक सच, निजी परिसर में अस्थायी इंतजाम; ग्रामीणों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
कटनी। शिक्षा के अधिकार के साथ बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बड़वारा विकासखंड के ग्राम बम्हनगांव की तस्वीर इन दावों के बीच गंभीर सवाल खड़े करती है। यहां संचालित शासकीय प्राथमिक शाला के बच्चे जर्जर भवन के कारण अब तिरपाल की छांव में पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल की बदहाल व्यवस्था का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
जर्जर भवन के कारण निजी परिसर में शिफ्ट हुई कक्षाएं
जानकारी के अनुसार स्कूल का मूल भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर विद्यालय को अस्थायी रूप से एक निजी मकान के परिसर में संचालित किया जा रहा है। यहां दीवार के सहारे और तिरपाल लगाकर बरामदे में कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
बार-बार पत्राचार, फिर भी स्थायी समाधान नहीं
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य राकेश तिवारी के अनुसार स्कूल भवन अत्यंत जर्जर हो चुका है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही विद्यालय को अस्थायी स्थान पर शिफ्ट किया गया। भवन की मरम्मत और जीर्णोद्धार के संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार लिखित सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
बारिश में सांप-बिच्छू का खतरा, अभिभावकों में चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं, वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। बाउंड्रीवॉल नहीं होने और खुले परिसर के कारण बारिश के मौसम में सांप, बिच्छू सहित जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। ऐसे माहौल में छोटे बच्चों को पढ़ाना अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
स्थानीय नागरिक राजाराम पटेल सहित ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन और शिक्षा विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों की मांग—या तो नया भवन बने, या तत्काल मरम्मत हो
अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय के लिए नए भवन की स्वीकृति और निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। यदि नए भवन के निर्माण में समय लगता है तो जर्जर भवन की आवश्यक मरम्मत कराकर बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि नौनिहालों को तिरपाल के नीचे पढ़ने की मजबूरी से निजात मिल सके। कटनी | संवाददाता बाल किशन नामदेव
    user_Banty Namdeo
    Banty Namdeo
    Court reporter कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • फॉरेस्टर वार्ड में लगातार घर गिरने का सिलसिला जारी प्रशासन की कोई भी अभी तक मदद नहीं फॉरेस्टर वार्ड में लगातार घर गिरने का सिलसिला जारी है गरीबों के कच्चे मकान गिर रहे हैं प्रशासन कोई उनकी मदद नहीं कर रहा है कांग्रेस सेवादल के से जितनी मदद करते बनती है जाकर करते हैं कांग्रेस सेवादल शहर अध्यक्ष मंगल सिंह मुड़वारा ब्लॉक अध्यक्ष श्री दिलदार खान प्रशिक्षक श्री युसूफ खान जिला उपाध्यक्ष श्री राहुल सिंह आईटी सेल के अध्यक्ष हर्ष सेन जिला महासचिव अर्जुन सिंह विधानसभा प्रभारी उदय सिंह ब्लॉक अध्यक्ष अमित सिंह बघेल जिला का अध्यक्ष अमरकुल सचिन रूद्र निगम सचिव मनीष केवट सचिन विजय समुद्रआदि सेवादल के कार्यकर्ताओं ने मिलकर सहयोग कर कुछ राहत का कार्य किया
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    फॉरेस्टर वार्ड में लगातार घर गिरने का सिलसिला जारी 
प्रशासन की कोई भी अभी तक मदद नहीं
फॉरेस्टर वार्ड में लगातार घर गिरने का सिलसिला जारी है  गरीबों के कच्चे मकान गिर रहे हैं प्रशासन कोई उनकी मदद नहीं कर रहा है कांग्रेस सेवादल के से जितनी मदद करते बनती है जाकर करते हैं कांग्रेस सेवादल शहर अध्यक्ष मंगल सिंह मुड़वारा ब्लॉक अध्यक्ष श्री दिलदार खान प्रशिक्षक श्री युसूफ खान जिला उपाध्यक्ष श्री राहुल सिंह आईटी सेल के अध्यक्ष हर्ष सेन जिला महासचिव अर्जुन सिंह विधानसभा प्रभारी उदय सिंह ब्लॉक अध्यक्ष अमित सिंह बघेल जिला का अध्यक्ष अमरकुल सचिन रूद्र निगम सचिव मनीष केवट सचिन विजय समुद्रआदि सेवादल के कार्यकर्ताओं ने मिलकर सहयोग कर कुछ राहत का कार्य किया
    user_Amit Kumar Bhagat
    Amit Kumar Bhagat
    Photographer कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • --- *🔴 कटनी में रेत माफिया बेखौफ, नियम-कानून की उड़ा रहे धज्जियां* *कटनी (MP):* कटनी जिले में अवैध रेत उत्खनन से छोटी-बड़ी नदियों का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। नेशनल पार्क से गुजरने वाली नदियों पर भी रेत माफिया बेखौफ उत्खनन कर वन्य प्राणियों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं। *ताजा मामला - बरही तहसील क्षेत्र:* बांधवगढ़ नेशनल पार्क के जोन एरिया से निकलने वाली जीवनदायिनी *पिपही नदी* में बगैर अनुमति के सालों से रेत का उत्खनन चल रहा है। गांव के *दौलत मिश्रा, बहादुर सिंह, रमेश सिंह, रामजपाल सिंह, पवन चौधरी, गणेश मिश्रा, कुलजीत सिंह, पंकज सिंह* ने बताया कि बांधवगढ़ नेशनल पार्क की सीमा से निकलने वाली नदी से *LHP Merchant Pvt. Ltd.* द्वारा मनमाने तरीके से नदी के बीच धार से रेत निकाली जा रही है और बाजार में महंगे दामों पर बेची जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि रेत माफिया बगैर अनुमति लगभग *एक साल से* अवैध उत्खनन कर नदी के अस्तित्व को खत्म कर रहे हैं। रात भर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत का परिवहन होता है, जिससे सड़कों पर हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ट्रैक्टर नदी के बीच से रेत लोड करके कीचड़ में फंसते हुए निकल रहे हैं। *ग्रामीणों की मांग:* जिम्मेदार अधिकारी रेत माफिया पर लगाम लगाने में नाकाम हैं, सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जिले के मुखिया इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर नदियों और वन्य जीवों के साथ खिलवाड़ यूं ही चलता रहेगा। *एक्सप्रेस रिपोर्टर: मोहम्मद एजाज, कटनी* --- *🔴 कटनी में रेत माफिया बेखौफ, नियम-कानून की उड़ा रहे धज्जियां* *कटनी (MP):* कटनी जिले में अवैध रेत उत्खनन से छोटी-बड़ी नदियों का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। नेशनल पार्क से गुजरने वाली नदियों पर भी रेत माफिया बेखौफ उत्खनन कर वन्य प्राणियों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं। *ताजा मामला - बरही तहसील क्षेत्र:* बांधवगढ़ नेशनल पार्क के जोन एरिया से निकलने वाली जीवनदायिनी *पिपही नदी* में बगैर अनुमति के सालों से रेत का उत्खनन चल रहा है। गांव के *दौलत मिश्रा, बहादुर सिंह, रमेश सिंह, रामजपाल सिंह, पवन चौधरी, गणेश मिश्रा, कुलजीत सिंह, पंकज सिंह* ने बताया कि बांधवगढ़ नेशनल पार्क की सीमा से निकलने वाली नदी से *LHP Merchant Pvt. Ltd.* द्वारा मनमाने तरीके से नदी के बीच धार से रेत निकाली जा रही है और बाजार में महंगे दामों पर बेची जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि रेत माफिया बगैर अनुमति लगभग *एक साल से* अवैध उत्खनन कर नदी के अस्तित्व को खत्म कर रहे हैं। रात भर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत का परिवहन होता है, जिससे सड़कों पर हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ट्रैक्टर नदी के बीच से रेत लोड करके कीचड़ में फंसते हुए निकल रहे हैं। *ग्रामीणों की मांग:* जिम्मेदार अधिकारी रेत माफिया पर लगाम लगाने में नाकाम हैं, सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जिले के मुखिया इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर नदियों और वन्य जीवों के साथ खिलवाड़ यूं ही चलता रहेगा। *एक्सप्रेस रिपोर्टर: मोहम्मद एजाज, कटनी*
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*🔴 कटनी में रेत माफिया बेखौफ, नियम-कानून की उड़ा रहे धज्जियां*

*कटनी (MP):* कटनी जिले में अवैध रेत उत्खनन से छोटी-बड़ी नदियों का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। नेशनल पार्क से गुजरने वाली नदियों पर भी रेत माफिया बेखौफ उत्खनन कर वन्य प्राणियों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं।

*ताजा मामला - बरही तहसील क्षेत्र:*
बांधवगढ़ नेशनल पार्क के जोन एरिया से निकलने वाली जीवनदायिनी *पिपही नदी* में बगैर अनुमति के सालों से रेत का उत्खनन चल रहा है।

गांव के *दौलत मिश्रा, बहादुर सिंह, रमेश सिंह, रामजपाल सिंह, पवन चौधरी, गणेश मिश्रा, कुलजीत सिंह, पंकज सिंह* ने बताया कि बांधवगढ़ नेशनल पार्क की सीमा से निकलने वाली नदी से *LHP Merchant Pvt. Ltd.* द्वारा मनमाने तरीके से नदी के बीच धार से रेत निकाली जा रही है और बाजार में महंगे दामों पर बेची जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि रेत माफिया बगैर अनुमति लगभग *एक साल से* अवैध उत्खनन कर नदी के अस्तित्व को खत्म कर रहे हैं। रात भर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत का परिवहन होता है, जिससे सड़कों पर हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ट्रैक्टर नदी के बीच से रेत लोड करके कीचड़ में फंसते हुए निकल रहे हैं।

*ग्रामीणों की मांग:* जिम्मेदार अधिकारी रेत माफिया पर लगाम लगाने में नाकाम हैं, सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जिले के मुखिया इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर नदियों और वन्य जीवों के साथ खिलवाड़ यूं ही चलता रहेगा।

*एक्सप्रेस रिपोर्टर: मोहम्मद एजाज, कटनी*
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*🔴 कटनी में रेत माफिया बेखौफ, नियम-कानून की उड़ा रहे धज्जियां*
*कटनी (MP):* कटनी जिले में अवैध रेत उत्खनन से छोटी-बड़ी नदियों का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। नेशनल पार्क से गुजरने वाली नदियों पर भी रेत माफिया बेखौफ उत्खनन कर वन्य प्राणियों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं।
*ताजा मामला - बरही तहसील क्षेत्र:*
बांधवगढ़ नेशनल पार्क के जोन एरिया से निकलने वाली जीवनदायिनी *पिपही नदी* में बगैर अनुमति के सालों से रेत का उत्खनन चल रहा है।
गांव के *दौलत मिश्रा, बहादुर सिंह, रमेश सिंह, रामजपाल सिंह, पवन चौधरी, गणेश मिश्रा, कुलजीत सिंह, पंकज सिंह* ने बताया कि बांधवगढ़ नेशनल पार्क की सीमा से निकलने वाली नदी से *LHP Merchant Pvt. Ltd.* द्वारा मनमाने तरीके से नदी के बीच धार से रेत निकाली जा रही है और बाजार में महंगे दामों पर बेची जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि रेत माफिया बगैर अनुमति लगभग *एक साल से* अवैध उत्खनन कर नदी के अस्तित्व को खत्म कर रहे हैं। रात भर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत का परिवहन होता है, जिससे सड़कों पर हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ट्रैक्टर नदी के बीच से रेत लोड करके कीचड़ में फंसते हुए निकल रहे हैं।
*ग्रामीणों की मांग:* जिम्मेदार अधिकारी रेत माफिया पर लगाम लगाने में नाकाम हैं, सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जिले के मुखिया इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर नदियों और वन्य जीवों के साथ खिलवाड़ यूं ही चलता रहेगा।
*एक्सप्रेस रिपोर्टर: मोहम्मद एजाज, कटनी*
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • हमारी तो बस एक ही परेशानी है वह जो सबकी जिंदगानी है सबके पास पानी है मगर हमारे पास कहां पानी है
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    हमारी तो बस एक ही परेशानी है वह जो सबकी जिंदगानी है सबके पास पानी है मगर हमारे पास कहां पानी है
    user_Mahendra Barman
    Mahendra Barman
    स्लीमनाबाद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ब्रेकिंग - देवराकला के सरकारी स्कूल की जर्जर हालत, भ्रष्टाचार का आरोप देवराकला (कटनी) - देवराकला स्थित ओम संकुल संगठन - शासकीय कन्या शाला की इमारत आज जर्जर स्थिति में पहुंच गई है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि पंचायत द्वारा बनाई गई ये इमारत आज तक हेडमास्टर को हैंडओवर ही नहीं की गई। क्या है मामला: - बच्चियों के लिए बना था ये स्कूल भवन, जो कन्या शाला की बाउंड्री के अंदर ही है। - पंचायत ने निर्माण कराया लेकिन आज तक सुपुर्द नहीं किया। - कमरों की हालत इतनी खराब है कि बैठने लायक भी नहीं। - स्कूल का मैदान देखिए - चारों तरफ कचरा, झाड़-झंखाड़, साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ पैसा निकाला जा रहा है। - जनशिक्षक और संकुल प्राचार्य ने भी आवाज नहीं उठाई। 🔴 ब्रेकिंग - देवराकला के सरकारी स्कूल की जर्जर हालत, भ्रष्टाचार का आरोप देवराकला (कटनी) - देवराकला स्थित ओम संकुल संगठन - शासकीय कन्या शाला की इमारत आज जर्जर स्थिति में पहुंच गई है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि पंचायत द्वारा बनाई गई ये इमारत आज तक हेडमास्टर को हैंडओवर ही नहीं की गई। क्या है मामला: - बच्चियों के लिए बना था ये स्कूल भवन, जो कन्या शाला की बाउंड्री के अंदर ही है। - पंचायत ने निर्माण कराया लेकिन आज तक सुपुर्द नहीं किया। - कमरों की हालत इतनी खराब है कि बैठने लायक भी नहीं। - स्कूल का मैदान देखिए - चारों तरफ कचरा, झाड़-झंखाड़, साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ पैसा निकाला जा रहा है। - जनशिक्षक और संकुल प्राचार्य ने भी आवाज नहीं उठाई। स्थानीय लोगों का आरोप: ग्रामीणों का कहना है कि देवराकला पंचायत में लगातार भ्रष्टाचार हो रहा है। विकास कार्यों के नाम पर लीपापोती और ज्यादा बिल बनाए जा रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी आज तक कोई जांच नहीं हुई। मांग: शासन से अनुरोध है कि देवराकला की सभी सरकारी स्कूल बिल्डिंगों की जांच हो। जिन ठेकेदारों ने घटिया निर्माण किया है उनसे पैसा वसूल कर नई बिल्डिंग बनाई जाए ताकि बच्चियां सुरक्षित पढ़ सकें। कैमरामैन: पूरन लाल दुबे, MSSO स्वयंसेवक, देवराकला, कटनी स्थान: ओम संकुल संगठन, देवराकला
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    ब्रेकिंग - देवराकला के सरकारी स्कूल की जर्जर हालत, भ्रष्टाचार का आरोप

देवराकला (कटनी) - देवराकला स्थित ओम संकुल संगठन - शासकीय कन्या शाला की इमारत आज जर्जर स्थिति में पहुंच गई है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि पंचायत द्वारा बनाई गई ये इमारत आज तक हेडमास्टर को हैंडओवर ही नहीं की गई।

क्या है मामला:
- बच्चियों के लिए बना था ये स्कूल भवन, जो कन्या शाला की बाउंड्री के अंदर ही है।
- पंचायत ने निर्माण कराया लेकिन आज तक सुपुर्द नहीं किया।
- कमरों की हालत इतनी खराब है कि बैठने लायक भी नहीं।
- स्कूल का मैदान देखिए - चारों तरफ कचरा, झाड़-झंखाड़, साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ पैसा निकाला जा रहा है।
- जनशिक्षक और संकुल प्राचार्य ने भी आवाज नहीं उठाई।
🔴 ब्रेकिंग - देवराकला के सरकारी स्कूल की जर्जर हालत, भ्रष्टाचार का आरोप
देवराकला (कटनी) - देवराकला स्थित ओम संकुल संगठन - शासकीय कन्या शाला की इमारत आज जर्जर स्थिति में पहुंच गई है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि पंचायत द्वारा बनाई गई ये इमारत आज तक हेडमास्टर को हैंडओवर ही नहीं की गई।
क्या है मामला:
- बच्चियों के लिए बना था ये स्कूल भवन, जो कन्या शाला की बाउंड्री के अंदर ही है।
- पंचायत ने निर्माण कराया लेकिन आज तक सुपुर्द नहीं किया।
- कमरों की हालत इतनी खराब है कि बैठने लायक भी नहीं।
- स्कूल का मैदान देखिए - चारों तरफ कचरा, झाड़-झंखाड़, साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ पैसा निकाला जा रहा है।
- जनशिक्षक और संकुल प्राचार्य ने भी आवाज नहीं उठाई।
स्थानीय लोगों का आरोप:
ग्रामीणों का कहना है कि देवराकला पंचायत में लगातार भ्रष्टाचार हो रहा है। विकास कार्यों के नाम पर लीपापोती और ज्यादा बिल बनाए जा रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी आज तक कोई जांच नहीं हुई।
मांग:
शासन से अनुरोध है कि देवराकला की सभी सरकारी स्कूल बिल्डिंगों की जांच हो। जिन ठेकेदारों ने घटिया निर्माण किया है उनसे पैसा वसूल कर नई बिल्डिंग बनाई जाए ताकि बच्चियां सुरक्षित पढ़ सकें।
कैमरामैन: पूरन लाल दुबे, MSSO स्वयंसेवक, देवराकला, कटनी
स्थान: ओम संकुल संगठन, देवराकला
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • दसवें दिन भी नहीं टूटा यूजीसी विरोधी अनशन, पत्रकार वार्ता में छलका आक्रोश दिनांक 18 तारीख 1:00 आत्महत्या अवधेश उमरिया जिन्होंने बोला कि मैं आत्मा देखा करूंगा अगर मेरी मांग पूरी नहीं होती तो 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी की खास खबर*💥। //6267641443//👈 अनशनकारियों ने कहा—मुद्दा किसी एक समाज का नहीं, सभी वर्गों के हित से जुड़ा; जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर जताई नाराजगी* अवधेश उरमलिया की घोषणा—18 सितंबर तक सरकार का प्रतिनिधि नहीं आया तो कलेक्ट्रेट के बाहर आत्मदाह करूंगा* कटनी। यूजीसी कानून के कथित दुरुपयोग और आरक्षण व्यवस्था के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर चल रहा अनशन बुधवार को दसवें दिन भी जारी रहा। इसी क्रम में अनशनकारियों ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर आंदोलन की मांगों और अब तक शासन-प्रशासन की ओर से मिले प्रतिसाद को लेकर अपनी बात रखी। अनशनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जिसमें सभी वर्गों के हित और अधिकार सुरक्षित रहें। पत्रकार वार्ता में अनशनकारियों ने कहा कि यूजीसी के कथित दुरुपयोग को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में चिंता है। उनका आरोप है कि कानून के तहत लगाए गए आरोपों का पर्याप्त सत्यापन किए बिना गिरफ्तारी जैसी स्थिति उत्पन्न होने से लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। उन्होंने कहा कि जब देश में समानता और समान कानून की बात की जाती है, तब विभिन्न कानूनों के प्रावधानों और उनकी व्याख्या को लेकर भी स्पष्टता तथा व्यापक चर्चा जरूरी है। *'आरक्षण सुधार का मुद्दा सभी समाजों से जुड़ा'* अनशनकारियों ने कहा कि यूजीसी का विरोध अथवा आरक्षण व्यवस्था के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को केवल सवर्ण समाज का मुद्दा समझना सही नहीं होगा। उनका कहना है कि आरक्षण व्यवस्था का प्रभाव समाज के विभिन्न वर्गों पर पड़ता है, इसलिए इस विषय पर व्यापक सामाजिक एवं संवैधानिक विमर्श होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग के अधिकारों को समाप्त करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था की मांग करना है जिसमें सभी वर्गों के साथ न्याय हो। इसके लिए सरकार को संबंधित कानूनों और व्यवस्थाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। *जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी* अनशनकारियों ने कहा कि आंदोलन को दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई विधायक या सांसद अनशन स्थल पर पहुंचकर उनकी बात सुनने नहीं आया। उन्होंने कहा कि उन्हें कम से कम यह आश्वासन मिलने की उम्मीद थी कि उनकी मांगों को संसद में चर्चा के लिए रखने अथवा पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। अनशनकारियों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की इस कथित उदासीनता से उनमें पीड़ा और निराशा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रतिनिधि अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से चर्चा करें और उनकी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाएं। *18 सितंबर को आत्मदाह की चेतावनी* पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव एवं अनशनकारी अवधेश उरमलिया ने कहा कि दस दिन बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों को लेकर किसी विधायक या सांसद की ओर से पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी सरकार का कोई प्रतिनिधि अनशन स्थल पर नहीं पहुंचता है तो वे 18 सितंबर को कटनी कलेक्ट्रेट के बाहर आत्मदाह करने का कदम उठाएंगे। उरमलिया ने इस घोषणा के साथ कहा कि उनके द्वारा उठाए जाने वाले इस कदम की जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन एवं स्थानीय सांसद की होगी। उनकी इस घोषणा के बाद आंदोलन को लेकर प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी हो गई है। अनशनकारियों ने कहा कि वे सरकार से संवाद और अपनी मांगों पर चर्चा चाहते हैं। उन्होंने सरकार एवं जनप्रतिनिधियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए वार्ता की पहल करने तथा उनकी मांगों को उचित मंच पर रखने की मांग की है।
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    दसवें दिन भी नहीं टूटा यूजीसी विरोधी अनशन, पत्रकार वार्ता में छलका आक्रोश
दिनांक 18 तारीख 1:00 आत्महत्या अवधेश उमरिया जिन्होंने बोला कि मैं आत्मा देखा करूंगा अगर मेरी मांग पूरी नहीं होती तो
💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी की खास खबर*💥।       //6267641443//👈
अनशनकारियों ने कहा—मुद्दा किसी एक समाज का नहीं, सभी वर्गों के हित से जुड़ा; जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर जताई नाराजगी*
अवधेश उरमलिया की घोषणा—18 सितंबर तक सरकार का प्रतिनिधि नहीं आया तो कलेक्ट्रेट के बाहर आत्मदाह करूंगा*
कटनी। यूजीसी कानून के कथित दुरुपयोग और आरक्षण व्यवस्था के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर चल रहा अनशन बुधवार को दसवें दिन भी जारी रहा। इसी क्रम में अनशनकारियों ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर आंदोलन की मांगों और अब तक शासन-प्रशासन की ओर से मिले प्रतिसाद को लेकर अपनी बात रखी। अनशनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जिसमें सभी वर्गों के हित और अधिकार सुरक्षित रहें।
पत्रकार वार्ता में अनशनकारियों ने कहा कि यूजीसी के कथित दुरुपयोग को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में चिंता है। उनका आरोप है कि कानून के तहत लगाए गए आरोपों का पर्याप्त सत्यापन किए बिना गिरफ्तारी जैसी स्थिति उत्पन्न होने से लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। उन्होंने कहा कि जब देश में समानता और समान कानून की बात की जाती है, तब विभिन्न कानूनों के प्रावधानों और उनकी व्याख्या को लेकर भी स्पष्टता तथा व्यापक चर्चा जरूरी है।
*'आरक्षण सुधार का मुद्दा सभी समाजों से जुड़ा'*
अनशनकारियों ने कहा कि यूजीसी का विरोध अथवा आरक्षण व्यवस्था के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को केवल सवर्ण समाज का मुद्दा समझना सही नहीं होगा। उनका कहना है कि आरक्षण व्यवस्था का प्रभाव समाज के विभिन्न वर्गों पर पड़ता है, इसलिए इस विषय पर व्यापक सामाजिक एवं संवैधानिक विमर्श होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग के अधिकारों को समाप्त करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था की मांग करना है जिसमें सभी वर्गों के साथ न्याय हो। इसके लिए सरकार को संबंधित कानूनों और व्यवस्थाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
*जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी*
अनशनकारियों ने कहा कि आंदोलन को दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई विधायक या सांसद अनशन स्थल पर पहुंचकर उनकी बात सुनने नहीं आया। उन्होंने कहा कि उन्हें कम से कम यह आश्वासन मिलने की उम्मीद थी कि उनकी मांगों को संसद में चर्चा के लिए रखने अथवा पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
अनशनकारियों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की इस कथित उदासीनता से उनमें पीड़ा और निराशा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रतिनिधि अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से चर्चा करें और उनकी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाएं।
*18 सितंबर को आत्मदाह की चेतावनी*
पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव एवं अनशनकारी अवधेश उरमलिया ने कहा कि दस दिन बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों को लेकर किसी विधायक या सांसद की ओर से पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी सरकार का कोई प्रतिनिधि अनशन स्थल पर नहीं पहुंचता है तो वे 18 सितंबर को कटनी कलेक्ट्रेट के बाहर आत्मदाह करने का कदम उठाएंगे।
उरमलिया ने इस घोषणा के साथ कहा कि उनके द्वारा उठाए जाने वाले इस कदम की जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन एवं स्थानीय सांसद की होगी। उनकी इस घोषणा के बाद आंदोलन को लेकर प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी हो गई है।
अनशनकारियों ने कहा कि वे सरकार से संवाद और अपनी मांगों पर चर्चा चाहते हैं। उन्होंने सरकार एवं जनप्रतिनिधियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए वार्ता की पहल करने तथा उनकी मांगों को उचित मंच पर रखने की मांग की है।
    user_ज्योति तिवारी वीडियो
    ज्योति तिवारी वीडियो
    कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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