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दमोह यातायात नियमों के पालन हेतु पुलिस कर्मियों पर भी की गई चालानी कार्यवाही
सचिन सिंह राजपूत प्रदेश समय
दमोह यातायात नियमों के पालन हेतु पुलिस कर्मियों पर भी की गई चालानी कार्यवाही
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- बटियागढ़ मंडी में मूंग खरीदी पर अव्यवस्था का आरोप, समिति ने उपार्जन रोकने की जताई असमर्थता बटियागढ़ मंडी में मूंग खरीदी पर अव्यवस्था का आरोप, समिति ने उपार्जन रोकने की जताई असमर्थता दमोह। बटियागढ़ मंडी में ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के दौरान अव्यवस्था का मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति केरवना के प्रबंधक ने कृषि उपसंचालक दमोह को पत्र लिखकर खरीदी कार्य जारी रखने में असमर्थता जताई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि सोमवार को पूर्व विधायक श्रीमती रामबाई द्वारा कतार में बाहर खड़े करीब 200 ट्रैक्टरों को एक साथ मंडी परिसर के अंदर प्रवेश करा दिया गया, जिससे खरीदी की पूरी व्यवस्था बिगड़ गई। समिति का कहना है कि अचानक इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के प्रवेश से चारों ओर अव्यवस्था फैल गई और नियमानुसार उपार्जन कार्य संचालित करना संभव नहीं रहा। समिति प्रबंधक ने कृषि उपसंचालक से मामले में आवश्यक हस्तक्षेप कर व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है, ताकि किसानों की उपज का उपार्जन सुचारु रूप से कराया जा सके।1
- सावन के प्रथम सोमवार पर सरिता सुनार मैया की महाआरती एवं दीपदान श्री बिहारी जी सरकार सेवा समिति के तत्वावधान में नावघाट पर संध्या बेला में सरिता सुनार मैया की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।1
- कलेक्ट्रेट शादी कराने की मांग को लेकर पहुंचा दिव्यांग, कलेक्टर से लगाई शादी कराए जाने की गुहार दमोह। कलेक्ट्रेट में आज मंगलवार दोपहर 1 बजे आयोजित जनसुनवाई में एक अनोखा आवेदन सामने आया। तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के बमोरी गांव निवासी 50 वर्षीय दिव्यांग नरेंद्र सिंह ठाकुर ने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव से अपनी शादी कराने और राशन उपलब्ध कराने की मांग की। नरेंद्र ने बताया कि वह अनाथ है, कानों से कम सुनता है और चलने-फिरने में भी असमर्थ है। उसकी पहली पत्नी का वर्ष 2014 में निधन हो गया था, जिसके बाद से वह अकेले जीवन बिता रहा है। जब अधिकारियों ने पूछा कि वह काम करने में सक्षम नहीं है तो विवाह कैसे होगा, इस पर नरेंद्र ने कहा, "जिस प्रकार अजगर और पक्षियों के भोजन की व्यवस्था भगवान करते हैं, उसी तरह मेरे लिए भी जीवनसाथी की व्यवस्था भगवान करेंगे।" कलेक्टर ने उसकी पूरी बात गंभीरता से सुनी और जिला अस्पताल के प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह को बुलाकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कराने के निर्देश दिए। साथ ही राशन संबंधी समस्या का भी परीक्षण कराने कहा।1
- 🔥 "सार्थक App पर आर-पार! सचिव बोले— अब पीछे नहीं हटेंगे" आज राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी की साप्ताहिक जनसुनवाई में दमोह और सागर जिले के बड़ी संख्या में पंचायत सचिव एवं सहायक सचिव पहुंचे। उनका कहना है कि वे गांव-गांव जाकर फील्ड में काम करते हैं, इसलिए 'सार्थक App' के माध्यम से अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करना उनके काम की प्रकृति के अनुरूप नहीं है। सचिव संघ ने मांग रखी कि यदि ऐसा नियम लागू किया जाए तो पूरे प्रदेश में समान रूप से लागू हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे कानूनी रास्ता अपनाने पर भी विचार करेंगे। वहीं, राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने संबंधित मंत्री और अधिकारियों से इस विषय पर चर्चा करने का आश्वासन दिया। आपकी राय क्या है? क्या फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए App आधारित अटेंडेंस उचित है? अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें। 📍 पूरी ग्राउंड रिपोर्ट देखें और अपनी प्रतिक्रिया साझा करें।1
- प्रेस नोट • वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर ने कोर्ट को बताया की प्रदेश में सामान्य वर्ग की 12.7% अवादी जिसमे EWS 1.5% अवादी को 10% आरक्षण 51% अवादी को मात्र 14-27% सरकार की दौहरी नीती पर उठाया गंभीर सबाल | • वरिस्थ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की 8 लाख कमाने बाला ओ.बी.सी. मलाईदार परत में तथा सामान्य वर्ग का 8 लाख कमाने वाला गरीब की परिभाषा में | • ओ.बी.सी. वर्ग के आरक्षण के समर्थन में अलग-अलग याचिकाओ में स शाशंक रंत्नू एवं पी विलशन की वहस समाप्त, वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर की वहस आरंभ उन्होंने मध्य प्रदेश में ओ.बी.सी. की पहचान के फार्मूले से हाईकोर्ट को कराया अवगत | • जबलपुर 03/8/2026 : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की स्पेशन डिविजन के समक्ष आज तेरहवे दिन वहस में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शशांक रतनू तथा तमिलनाडू राज्य से राज्य सभा संसद तथा वरिष्ठ अधिवक्ता पी.विल्शन ने ओ.बी.सी. वर्ग के आरक्षण के समर्थन में पक्ष रखा तत्पश्यत खंड पीठ द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर से वहस करने का निर्देश दिया गया | वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को बताया की समस्त अधिवक्ताओ ने सर्वोच्च न्यायालय के समस्त फैसलो से माननीय हाईकोर्ट को अवगत करा दिया गया है मै सिर्फ उन मुद्दों से कोर्ट को बताउगा जिनसे कोर्ट अभी तक अवेयर नही हुई है | वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर ने कोर्ट को सर्वप्रथम बताया की मध्य प्रदेश सरकार की और से पक्ष रखने सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता के.एम नटराज को हायर किया गया जिन्होंने अपनी वहस में बतया की ओ.बी.सी की पहचान का सरकार के पास कोई उपक्रम नही है , उन्होंने कोर्ट को नही बताया की आरक्षण का प्रतिशत का निर्धारण सरकार ने कैसे किया है | वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने उक्त दोनों तर्कों का खंडन करते हुई कोर्ट को बतया की सरकार की और से समुचित पक्ष नही रखा गया है जैसे ओ.बी.सी. को सरकार से उम्मीद थी | उन्होंने सर्वप्रथम कोर्ट को बताया की प्रदेश में जुलाई 2019 के पूर्व कुल अरक्ष्ण 50% था 2 जुलाई 2019 को मध्य प्रदेश सरकार ने १०% ews को वर्टिकल रूप से लागू करके 50% की सीमा तोड़ दी गई है 14 अगस्त 2019 को ओ.बी.सी. के लिए 13% अतिरिक्त अरक्ष्ण देकर कुल आरक्षण 27% लागू किया गया | उन्होंने कोर्ट को बताया की जिस सरकार ने ओ.बी.सी. को 13% आरक्षण दिया गया था उसी सरकार ने अक्टूबर 2019 को हाईकोर्ट में 555 पेज का जबाब दाखिल करके इसे जस्टिफाई किया गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की सरकार द्वारा प्रस्तुत जनसंख्या के आकडे के मुताविक प्रदेश में एस.सी. 15.6% एस.टी. 21.14% ओ.बी.सी. 51% इस प्रकार कुल आवादी 87.7% आरक्षित वर्ग की शेष आवादी 12.3% सामान्य वर्ग की आवादी है | उन्होंने कोर्ट को बताया की संविधान के अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) में ews के लिए अधिकतम १०% आरक्षण की व्यवस्था की गई है जिसे मध्य प्रदेश सरकार ने बिना किसी डेटा कलेक्ट किए १०% लागू कर दिया तथा एस.सी. एस.ती. एवं ओ.बी.सी. को ews से प्रथक कर दिया गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की 8 लाख कमाने बाला ओ.बी.सी. मलाईदार परत में माना जाता है जिसे ओ.बी.सी. का लाभ नहीं मिलता वही दूसरी ओर 8 लाख कमाने वाला सामान्य वर्ग का गरीब माना जाता है | उन्होंने कोर्ट को बताया की 12.3% अवादी में से अधिकतम 1.5% आवादी है जो ews की परिधि में आता है जिसे सरकार ने १०% अरक्ष लागू कर दिया गया है | उन्होंने कोर्ट को बताया की ews आरक्षण लागू करने के संवंध में इसी हाईकोर्ट का फैसला है जिसमे स्पष्ट किया गया है की अनारक्षित पदों में से १०% पद ews को दिए जाना चाहिए लेकिन सरकार कुल पदों में से ews को १०% पद आरक्षित कर रही है जिसके कारण प्रत्येक वर्ग को १०% पदों की क्षति हो रही है | उन्होंने कोर्ट को बताया की अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) रीड करने से स्पष्ट है की ews का लाभ सभी वर्गों को मिलना चाहिए लेकिन सरकार इसका त्रुटिपूर्ण रूप से लागू कर रही है | • वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को बताया की प्रदेश में जितनी भी ओ.बी.सी. की जातिया अधोसूचित है वो सभी जातिया हिन्दू धार्मिक ग्रंथो में शूद्र वर्ण में समाहित की गई है उन्होंने मनु सहिता , भरगु सहिता, व्यास स्मृति, पंतांजलि, महाभारत, रामायण आदि का हवाला दिया उन्होंने कोर्ट को स्पष्ट रूप से बताया की महाजन आयोग ने समस्त दर्मिक ग्रंथो का अबलोकन करके प्रदेश में 92 जातियों को ओ.बी.सी. की लिस्ट में जोड़ा गया है उन्होंने बताया की शूद्र में भी दो प्रकार है एक छूने योग्य अर्थात जिनके वर्तन से द्विज पानी पी सकता है दूसरा अछूत वर्ग जिसे छूने की भी स्पष्ट मनाही थी | उन्होंने कोर्ट को बताया की कृषक, शिल्पकार, नाइ, धोबी, तेली आदि कई व्योसाय करने बाली जातीय है जिन्हें हिन्दू धर्म ग्रंथो में शूद्र बताया गया है तथा उन्हें केवल तीन वर्णों की सेवा करने तथा दास बनाने का ग्रंथो में लेख किया गया है | इस वर्ग को हजारो वर्षो तक शिक्षा, संपत्ति तथा वैदिक धामिक अनुष्ठानो से बंचित रखा गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की ओ.बी.सी. वर्ग में होमोजीनियास को क्रमीलेयर के रूप में आरक्षण के लाभ से प्रथक कर दिया गया है | आज समय समाप्त होते ही कोर्ट ने उक्त समस्त मामलो की अगली सुनवाई कल दिनांक 4/8/26 को 2:30 से नियमित सुनवाई करेगी | प्रेस नोट • वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर ने कोर्ट को बताया की प्रदेश में सामान्य वर्ग की 12.7% अवादी जिसमे EWS 1.5% अवादी को 10% आरक्षण 51% अवादी को मात्र 14-27% सरकार की दौहरी नीती पर उठाया गंभीर सबाल | • वरिस्थ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की 8 लाख कमाने बाला ओ.बी.सी. मलाईदार परत में तथा सामान्य वर्ग का 8 लाख कमाने वाला गरीब की परिभाषा में | • ओ.बी.सी. वर्ग के आरक्षण के समर्थन में अलग-अलग याचिकाओ में स शाशंक रंत्नू एवं पी विलशन की वहस समाप्त, वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर की वहस आरंभ उन्होंने मध्य प्रदेश में ओ.बी.सी. की पहचान के फार्मूले से हाईकोर्ट को कराया अवगत | • जबलपुर 03/8/2026 : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की स्पेशन डिविजन के समक्ष आज तेरहवे दिन वहस में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शशांक रतनू तथा तमिलनाडू राज्य से राज्य सभा संसद तथा वरिष्ठ अधिवक्ता पी.विल्शन ने ओ.बी.सी. वर्ग के आरक्षण के समर्थन में पक्ष रखा तत्पश्यत खंड पीठ द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर से वहस करने का निर्देश दिया गया | वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को बताया की समस्त अधिवक्ताओ ने सर्वोच्च न्यायालय के समस्त फैसलो से माननीय हाईकोर्ट को अवगत करा दिया गया है मै सिर्फ उन मुद्दों से कोर्ट को बताउगा जिनसे कोर्ट अभी तक अवेयर नही हुई है | वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर ने कोर्ट को सर्वप्रथम बताया की मध्य प्रदेश सरकार की और से पक्ष रखने सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता के.एम नटराज को हायर किया गया जिन्होंने अपनी वहस में बतया की ओ.बी.सी की पहचान का सरकार के पास कोई उपक्रम नही है , उन्होंने कोर्ट को नही बताया की आरक्षण का प्रतिशत का निर्धारण सरकार ने कैसे किया है | वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने उक्त दोनों तर्कों का खंडन करते हुई कोर्ट को बतया की सरकार की और से समुचित पक्ष नही रखा गया है जैसे ओ.बी.सी. को सरकार से उम्मीद थी | उन्होंने सर्वप्रथम कोर्ट को बताया की प्रदेश में जुलाई 2019 के पूर्व कुल अरक्ष्ण 50% था 2 जुलाई 2019 को मध्य प्रदेश सरकार ने १०% ews को वर्टिकल रूप से लागू करके 50% की सीमा तोड़ दी गई है 14 अगस्त 2019 को ओ.बी.सी. के लिए 13% अतिरिक्त अरक्ष्ण देकर कुल आरक्षण 27% लागू किया गया | उन्होंने कोर्ट को बताया की जिस सरकार ने ओ.बी.सी. को 13% आरक्षण दिया गया था उसी सरकार ने अक्टूबर 2019 को हाईकोर्ट में 555 पेज का जबाब दाखिल करके इसे जस्टिफाई किया गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की सरकार द्वारा प्रस्तुत जनसंख्या के आकडे के मुताविक प्रदेश में एस.सी. 15.6% एस.टी. 21.14% ओ.बी.सी. 51% इस प्रकार कुल आवादी 87.7% आरक्षित वर्ग की शेष आवादी 12.3% सामान्य वर्ग की आवादी है | उन्होंने कोर्ट को बताया की संविधान के अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) में ews के लिए अधिकतम १०% आरक्षण की व्यवस्था की गई है जिसे मध्य प्रदेश सरकार ने बिना किसी डेटा कलेक्ट किए १०% लागू कर दिया तथा एस.सी. एस.ती. एवं ओ.बी.सी. को ews से प्रथक कर दिया गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की 8 लाख कमाने बाला ओ.बी.सी. मलाईदार परत में माना जाता है जिसे ओ.बी.सी. का लाभ नहीं मिलता वही दूसरी ओर 8 लाख कमाने वाला सामान्य वर्ग का गरीब माना जाता है | उन्होंने कोर्ट को बताया की 12.3% अवादी में से अधिकतम 1.5% आवादी है जो ews की परिधि में आता है जिसे सरकार ने १०% अरक्ष लागू कर दिया गया है | उन्होंने कोर्ट को बताया की ews आरक्षण लागू करने के संवंध में इसी हाईकोर्ट का फैसला है जिसमे स्पष्ट किया गया है की अनारक्षित पदों में से १०% पद ews को दिए जाना चाहिए लेकिन सरकार कुल पदों में से ews को १०% पद आरक्षित कर रही है जिसके कारण प्रत्येक वर्ग को १०% पदों की क्षति हो रही है | उन्होंने कोर्ट को बताया की अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) रीड करने से स्पष्ट है की ews का लाभ सभी वर्गों को मिलना चाहिए लेकिन सरकार इसका त्रुटिपूर्ण रूप से लागू कर रही है | • वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को बताया की प्रदेश में जितनी भी ओ.बी.सी. की जातिया अधोसूचित है वो सभी जातिया हिन्दू धार्मिक ग्रंथो में शूद्र वर्ण में समाहित की गई है उन्होंने मनु सहिता , भरगु सहिता, व्यास स्मृति, पंतांजलि, महाभारत, रामायण आदि का हवाला दिया उन्होंने कोर्ट को स्पष्ट रूप से बताया की महाजन आयोग ने समस्त दर्मिक ग्रंथो का अबलोकन करके प्रदेश में 92 जातियों को ओ.बी.सी. की लिस्ट में जोड़ा गया है उन्होंने बताया की शूद्र में भी दो प्रकार है एक छूने योग्य अर्थात जिनके वर्तन से द्विज पानी पी सकता है दूसरा अछूत वर्ग जिसे छूने की भी स्पष्ट मनाही थी | उन्होंने कोर्ट को बताया की कृषक, शिल्पकार, नाइ, धोबी, तेली आदि कई व्योसाय करने बाली जातीय है जिन्हें हिन्दू धर्म ग्रंथो में शूद्र बताया गया है तथा उन्हें केवल तीन वर्णों की सेवा करने तथा दास बनाने का ग्रंथो में लेख किया गया है | इस वर्ग को हजारो वर्षो तक शिक्षा, संपत्ति तथा वैदिक धामिक अनुष्ठानो से बंचित रखा गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की ओ.बी.सी. वर्ग में होमोजीनियास को क्रमीलेयर के रूप में आरक्षण के लाभ से प्रथक कर दिया गया है | आज समय समाप्त होते ही कोर्ट ने उक्त समस्त मामलो की अगली सुनवाई कल दिनांक 4/8/26 को 2:30 से नियमित सुनवाई करेगी |1
- आयोजित जनसुनवाई में जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आये आवेदकों की समस्याओं को सुना। इस दौरान सामान्य जनसुनवाई में 289 आवेदनों पर सुनवाई करते हुये संबंधित जनसुनवाई में 289 आवेदनों पर हुई सुनवाई दमोह- कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 10 (व्यारमा) में आयोजित जनसुनवाई में जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आये आवेदकों की समस्याओं को सुना। इस दौरान सामान्य जनसुनवाई में 289 आवेदनों पर सुनवाई करते हुये संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये। जनसुनवाई में 20 आधार अपडेशन एवं 153 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही जनसुनवाई के दौरान कुछ सामूहिक आवदेन भी दिए गए। इस दौरान अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सिंह, डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति, डिप्टी कलेक्टर रानी अहिरवार, लोकसेवा प्रबंधक चक्रेश पटेल सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। जनसुनवाई बनी बुजुर्ग का सहारा, कलेक्टर ने प्रदान की श्रवण मशीन कलेक्टर श्री यादव ने जनसुनवाई के दौरान संवेदनशील पहल करते हुए ग्राम बरखेड़ा भाट, ग्राम पंचायत कनियाघाटपटी निवासी लालचंद शर्मा पिता बैजनाथ शर्मा को आधुनिक श्रवण मशीन प्रदान की। वृद्ध दोनों कानों से सुनने में असमर्थ थे, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। श्रवण मशीन मिलने के बाद अब उन्हें सुनने में काफी सुविधा होगी। यह पहल जनसुनवाई के माध्यम से जरूरतमंदों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने का एक प्रेरक उदाहरण बनी।1
- दमोह यातायात नियमों के पालन हेतु पुलिस कर्मियों पर भी की गई चालानी कार्यवाही1