बटियागढ़ मंडी में मूंग खरीदी पर अव्यवस्था का आरोप, समिति ने उपार्जन रोकने की जताई असमर्थता बटियागढ़ मंडी में मूंग खरीदी पर अव्यवस्था का आरोप, समिति ने उपार्जन रोकने की जताई असमर्थता दमोह। बटियागढ़ मंडी में ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के दौरान अव्यवस्था का मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति केरवना के प्रबंधक ने कृषि उपसंचालक दमोह को पत्र लिखकर खरीदी कार्य जारी रखने में असमर्थता जताई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि सोमवार को पूर्व विधायक श्रीमती रामबाई द्वारा कतार में बाहर खड़े करीब 200 ट्रैक्टरों को एक साथ मंडी परिसर के अंदर प्रवेश करा दिया गया, जिससे खरीदी की पूरी व्यवस्था बिगड़ गई। समिति का कहना है कि अचानक इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के प्रवेश से चारों ओर अव्यवस्था फैल गई और नियमानुसार उपार्जन कार्य संचालित करना संभव नहीं रहा। समिति प्रबंधक ने कृषि उपसंचालक से मामले में आवश्यक हस्तक्षेप कर व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है, ताकि किसानों की उपज का उपार्जन सुचारु रूप से कराया जा सके।
बटियागढ़ मंडी में मूंग खरीदी पर अव्यवस्था का आरोप, समिति ने उपार्जन रोकने की जताई असमर्थता बटियागढ़ मंडी में मूंग खरीदी पर अव्यवस्था का आरोप, समिति ने उपार्जन रोकने की जताई असमर्थता दमोह। बटियागढ़ मंडी में ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के दौरान अव्यवस्था का मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति केरवना के प्रबंधक ने कृषि उपसंचालक दमोह को पत्र लिखकर खरीदी कार्य जारी रखने में असमर्थता जताई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि सोमवार को पूर्व विधायक श्रीमती रामबाई द्वारा कतार में बाहर खड़े करीब 200 ट्रैक्टरों को एक साथ मंडी परिसर के अंदर प्रवेश करा दिया गया, जिससे खरीदी की पूरी व्यवस्था बिगड़ गई। समिति का कहना है कि अचानक इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के प्रवेश से चारों ओर अव्यवस्था फैल गई और नियमानुसार उपार्जन कार्य संचालित करना संभव नहीं रहा। समिति प्रबंधक ने कृषि उपसंचालक से मामले में आवश्यक हस्तक्षेप कर व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है, ताकि किसानों की उपज का उपार्जन सुचारु रूप से कराया जा सके।
- जीतू पटवारी की चलती सभा मे जैमर लगा कर नेटवर्क बंद कर दिए ताकि वीडियो बाहर ना जा सके। दोनों का सिंहासन हिला के रखा है जीतू पटवारी ने।1
- हेलमेट के बिना पहुंचे पुलिसकर्मियों के कटे चालान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी से हटाया हूटर दमोह। सड़क सुरक्षा नियमों के प्रभावी पालन के लिए दमोह में पुलिस ने खुद से अभियान की शुरुआत की। मंगलवार दोपहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर यातायात पुलिस ने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन से पहुंचे पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों पर चालानी कार्रवाई की। यह कार्रवाई एसपी आनंद कलादगी के निर्देशन में यातायात थाना प्रभारी दलवीर सिंह मार्को और उनकी टीम ने की। इससे पहले कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और एसपी आनंद कलादगी ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सभी अधिकारी-कर्मचारियों को हेलमेट पहनकर कार्यालय आने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पहले कलेक्ट्रेट परिसर में कार्रवाई की गई थी, जबकि मंगलवार को एसपी कार्यालय के बाहर अभियान चलाया गया। मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि एसपी आनंद कलादगी का मानना है कि किसी भी अभियान की शुरुआत पहले स्वयं से होनी चाहिए। पुलिसकर्मी नियमों का पालन करेंगे तो आम नागरिकों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और यातायात नियमों का पालन प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए। अभियान के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल की बोलेरो से नियम विरुद्ध लगा हूटर हटाया गया तथा वाहन पर तीन हजार रुपये का चालान भी किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।1
- बीजाडोगरी हाईस्कूल का ट्रांसफार्मर खराब, उमस भरी गर्मी में छात्र बेहाल स्मार्ट क्लास ठप, 111 छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित जबेरा (दमोह)। तहसील जबेरा अंतर्गत ग्राम बीजाडोगरी स्थित शासकीय हाईस्कूल में पिछले दो माह से बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। स्कूल का ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया, जिससे विद्यालय की पढ़ाई-लिखाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बिजली नहीं होने से कक्षाओं के पंखे बंद पड़े हैं। उमस भरी गर्मी के बीच करीब 111 छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में संचालित स्मार्ट क्लास भी पूरी तरह बंद है, जिससे आधुनिक शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग तीन वर्ष पहले बिजली विभाग जला हुआ ट्रांसफार्मर उठाकर ले गया था, लेकिन उसके स्थान पर नया ट्रांसफार्मर आज तक नहीं लगाया गया। किसी तरह गांव के ट्रांसफार्मर से अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन पिछले लगभग एक माह से वह व्यवस्था भी बंद हो गई है। इससे विद्यालय के साथ-साथ पूरे गांव के लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों, अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन ने विद्युत विभाग से मांग की है कि शीघ्र नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके और स्मार्ट क्लास दोबारा शुरू हो सके।1
- प्रेस नोट • वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर ने कोर्ट को बताया की प्रदेश में सामान्य वर्ग की 12.7% अवादी जिसमे EWS 1.5% अवादी को 10% आरक्षण 51% अवादी को मात्र 14-27% सरकार की दौहरी नीती पर उठाया गंभीर सबाल | • वरिस्थ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की 8 लाख कमाने बाला ओ.बी.सी. मलाईदार परत में तथा सामान्य वर्ग का 8 लाख कमाने वाला गरीब की परिभाषा में | • ओ.बी.सी. वर्ग के आरक्षण के समर्थन में अलग-अलग याचिकाओ में स शाशंक रंत्नू एवं पी विलशन की वहस समाप्त, वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर की वहस आरंभ उन्होंने मध्य प्रदेश में ओ.बी.सी. की पहचान के फार्मूले से हाईकोर्ट को कराया अवगत | • जबलपुर 03/8/2026 : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की स्पेशन डिविजन के समक्ष आज तेरहवे दिन वहस में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शशांक रतनू तथा तमिलनाडू राज्य से राज्य सभा संसद तथा वरिष्ठ अधिवक्ता पी.विल्शन ने ओ.बी.सी. वर्ग के आरक्षण के समर्थन में पक्ष रखा तत्पश्यत खंड पीठ द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर से वहस करने का निर्देश दिया गया | वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को बताया की समस्त अधिवक्ताओ ने सर्वोच्च न्यायालय के समस्त फैसलो से माननीय हाईकोर्ट को अवगत करा दिया गया है मै सिर्फ उन मुद्दों से कोर्ट को बताउगा जिनसे कोर्ट अभी तक अवेयर नही हुई है | वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर ने कोर्ट को सर्वप्रथम बताया की मध्य प्रदेश सरकार की और से पक्ष रखने सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता के.एम नटराज को हायर किया गया जिन्होंने अपनी वहस में बतया की ओ.बी.सी की पहचान का सरकार के पास कोई उपक्रम नही है , उन्होंने कोर्ट को नही बताया की आरक्षण का प्रतिशत का निर्धारण सरकार ने कैसे किया है | वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने उक्त दोनों तर्कों का खंडन करते हुई कोर्ट को बतया की सरकार की और से समुचित पक्ष नही रखा गया है जैसे ओ.बी.सी. को सरकार से उम्मीद थी | उन्होंने सर्वप्रथम कोर्ट को बताया की प्रदेश में जुलाई 2019 के पूर्व कुल अरक्ष्ण 50% था 2 जुलाई 2019 को मध्य प्रदेश सरकार ने १०% ews को वर्टिकल रूप से लागू करके 50% की सीमा तोड़ दी गई है 14 अगस्त 2019 को ओ.बी.सी. के लिए 13% अतिरिक्त अरक्ष्ण देकर कुल आरक्षण 27% लागू किया गया | उन्होंने कोर्ट को बताया की जिस सरकार ने ओ.बी.सी. को 13% आरक्षण दिया गया था उसी सरकार ने अक्टूबर 2019 को हाईकोर्ट में 555 पेज का जबाब दाखिल करके इसे जस्टिफाई किया गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की सरकार द्वारा प्रस्तुत जनसंख्या के आकडे के मुताविक प्रदेश में एस.सी. 15.6% एस.टी. 21.14% ओ.बी.सी. 51% इस प्रकार कुल आवादी 87.7% आरक्षित वर्ग की शेष आवादी 12.3% सामान्य वर्ग की आवादी है | उन्होंने कोर्ट को बताया की संविधान के अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) में ews के लिए अधिकतम १०% आरक्षण की व्यवस्था की गई है जिसे मध्य प्रदेश सरकार ने बिना किसी डेटा कलेक्ट किए १०% लागू कर दिया तथा एस.सी. एस.ती. एवं ओ.बी.सी. को ews से प्रथक कर दिया गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की 8 लाख कमाने बाला ओ.बी.सी. मलाईदार परत में माना जाता है जिसे ओ.बी.सी. का लाभ नहीं मिलता वही दूसरी ओर 8 लाख कमाने वाला सामान्य वर्ग का गरीब माना जाता है | उन्होंने कोर्ट को बताया की 12.3% अवादी में से अधिकतम 1.5% आवादी है जो ews की परिधि में आता है जिसे सरकार ने १०% अरक्ष लागू कर दिया गया है | उन्होंने कोर्ट को बताया की ews आरक्षण लागू करने के संवंध में इसी हाईकोर्ट का फैसला है जिसमे स्पष्ट किया गया है की अनारक्षित पदों में से १०% पद ews को दिए जाना चाहिए लेकिन सरकार कुल पदों में से ews को १०% पद आरक्षित कर रही है जिसके कारण प्रत्येक वर्ग को १०% पदों की क्षति हो रही है | उन्होंने कोर्ट को बताया की अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) रीड करने से स्पष्ट है की ews का लाभ सभी वर्गों को मिलना चाहिए लेकिन सरकार इसका त्रुटिपूर्ण रूप से लागू कर रही है | • वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को बताया की प्रदेश में जितनी भी ओ.बी.सी. की जातिया अधोसूचित है वो सभी जातिया हिन्दू धार्मिक ग्रंथो में शूद्र वर्ण में समाहित की गई है उन्होंने मनु सहिता , भरगु सहिता, व्यास स्मृति, पंतांजलि, महाभारत, रामायण आदि का हवाला दिया उन्होंने कोर्ट को स्पष्ट रूप से बताया की महाजन आयोग ने समस्त दर्मिक ग्रंथो का अबलोकन करके प्रदेश में 92 जातियों को ओ.बी.सी. की लिस्ट में जोड़ा गया है उन्होंने बताया की शूद्र में भी दो प्रकार है एक छूने योग्य अर्थात जिनके वर्तन से द्विज पानी पी सकता है दूसरा अछूत वर्ग जिसे छूने की भी स्पष्ट मनाही थी | उन्होंने कोर्ट को बताया की कृषक, शिल्पकार, नाइ, धोबी, तेली आदि कई व्योसाय करने बाली जातीय है जिन्हें हिन्दू धर्म ग्रंथो में शूद्र बताया गया है तथा उन्हें केवल तीन वर्णों की सेवा करने तथा दास बनाने का ग्रंथो में लेख किया गया है | इस वर्ग को हजारो वर्षो तक शिक्षा, संपत्ति तथा वैदिक धामिक अनुष्ठानो से बंचित रखा गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की ओ.बी.सी. वर्ग में होमोजीनियास को क्रमीलेयर के रूप में आरक्षण के लाभ से प्रथक कर दिया गया है | आज समय समाप्त होते ही कोर्ट ने उक्त समस्त मामलो की अगली सुनवाई कल दिनांक 4/8/26 को 2:30 से नियमित सुनवाई करेगी | प्रेस नोट • वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर ने कोर्ट को बताया की प्रदेश में सामान्य वर्ग की 12.7% अवादी जिसमे EWS 1.5% अवादी को 10% आरक्षण 51% अवादी को मात्र 14-27% सरकार की दौहरी नीती पर उठाया गंभीर सबाल | • वरिस्थ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की 8 लाख कमाने बाला ओ.बी.सी. मलाईदार परत में तथा सामान्य वर्ग का 8 लाख कमाने वाला गरीब की परिभाषा में | • ओ.बी.सी. वर्ग के आरक्षण के समर्थन में अलग-अलग याचिकाओ में स शाशंक रंत्नू एवं पी विलशन की वहस समाप्त, वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर की वहस आरंभ उन्होंने मध्य प्रदेश में ओ.बी.सी. की पहचान के फार्मूले से हाईकोर्ट को कराया अवगत | • जबलपुर 03/8/2026 : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की स्पेशन डिविजन के समक्ष आज तेरहवे दिन वहस में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शशांक रतनू तथा तमिलनाडू राज्य से राज्य सभा संसद तथा वरिष्ठ अधिवक्ता पी.विल्शन ने ओ.बी.सी. वर्ग के आरक्षण के समर्थन में पक्ष रखा तत्पश्यत खंड पीठ द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर से वहस करने का निर्देश दिया गया | वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को बताया की समस्त अधिवक्ताओ ने सर्वोच्च न्यायालय के समस्त फैसलो से माननीय हाईकोर्ट को अवगत करा दिया गया है मै सिर्फ उन मुद्दों से कोर्ट को बताउगा जिनसे कोर्ट अभी तक अवेयर नही हुई है | वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर ने कोर्ट को सर्वप्रथम बताया की मध्य प्रदेश सरकार की और से पक्ष रखने सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता के.एम नटराज को हायर किया गया जिन्होंने अपनी वहस में बतया की ओ.बी.सी की पहचान का सरकार के पास कोई उपक्रम नही है , उन्होंने कोर्ट को नही बताया की आरक्षण का प्रतिशत का निर्धारण सरकार ने कैसे किया है | वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने उक्त दोनों तर्कों का खंडन करते हुई कोर्ट को बतया की सरकार की और से समुचित पक्ष नही रखा गया है जैसे ओ.बी.सी. को सरकार से उम्मीद थी | उन्होंने सर्वप्रथम कोर्ट को बताया की प्रदेश में जुलाई 2019 के पूर्व कुल अरक्ष्ण 50% था 2 जुलाई 2019 को मध्य प्रदेश सरकार ने १०% ews को वर्टिकल रूप से लागू करके 50% की सीमा तोड़ दी गई है 14 अगस्त 2019 को ओ.बी.सी. के लिए 13% अतिरिक्त अरक्ष्ण देकर कुल आरक्षण 27% लागू किया गया | उन्होंने कोर्ट को बताया की जिस सरकार ने ओ.बी.सी. को 13% आरक्षण दिया गया था उसी सरकार ने अक्टूबर 2019 को हाईकोर्ट में 555 पेज का जबाब दाखिल करके इसे जस्टिफाई किया गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की सरकार द्वारा प्रस्तुत जनसंख्या के आकडे के मुताविक प्रदेश में एस.सी. 15.6% एस.टी. 21.14% ओ.बी.सी. 51% इस प्रकार कुल आवादी 87.7% आरक्षित वर्ग की शेष आवादी 12.3% सामान्य वर्ग की आवादी है | उन्होंने कोर्ट को बताया की संविधान के अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) में ews के लिए अधिकतम १०% आरक्षण की व्यवस्था की गई है जिसे मध्य प्रदेश सरकार ने बिना किसी डेटा कलेक्ट किए १०% लागू कर दिया तथा एस.सी. एस.ती. एवं ओ.बी.सी. को ews से प्रथक कर दिया गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की 8 लाख कमाने बाला ओ.बी.सी. मलाईदार परत में माना जाता है जिसे ओ.बी.सी. का लाभ नहीं मिलता वही दूसरी ओर 8 लाख कमाने वाला सामान्य वर्ग का गरीब माना जाता है | उन्होंने कोर्ट को बताया की 12.3% अवादी में से अधिकतम 1.5% आवादी है जो ews की परिधि में आता है जिसे सरकार ने १०% अरक्ष लागू कर दिया गया है | उन्होंने कोर्ट को बताया की ews आरक्षण लागू करने के संवंध में इसी हाईकोर्ट का फैसला है जिसमे स्पष्ट किया गया है की अनारक्षित पदों में से १०% पद ews को दिए जाना चाहिए लेकिन सरकार कुल पदों में से ews को १०% पद आरक्षित कर रही है जिसके कारण प्रत्येक वर्ग को १०% पदों की क्षति हो रही है | उन्होंने कोर्ट को बताया की अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) रीड करने से स्पष्ट है की ews का लाभ सभी वर्गों को मिलना चाहिए लेकिन सरकार इसका त्रुटिपूर्ण रूप से लागू कर रही है | • वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को बताया की प्रदेश में जितनी भी ओ.बी.सी. की जातिया अधोसूचित है वो सभी जातिया हिन्दू धार्मिक ग्रंथो में शूद्र वर्ण में समाहित की गई है उन्होंने मनु सहिता , भरगु सहिता, व्यास स्मृति, पंतांजलि, महाभारत, रामायण आदि का हवाला दिया उन्होंने कोर्ट को स्पष्ट रूप से बताया की महाजन आयोग ने समस्त दर्मिक ग्रंथो का अबलोकन करके प्रदेश में 92 जातियों को ओ.बी.सी. की लिस्ट में जोड़ा गया है उन्होंने बताया की शूद्र में भी दो प्रकार है एक छूने योग्य अर्थात जिनके वर्तन से द्विज पानी पी सकता है दूसरा अछूत वर्ग जिसे छूने की भी स्पष्ट मनाही थी | उन्होंने कोर्ट को बताया की कृषक, शिल्पकार, नाइ, धोबी, तेली आदि कई व्योसाय करने बाली जातीय है जिन्हें हिन्दू धर्म ग्रंथो में शूद्र बताया गया है तथा उन्हें केवल तीन वर्णों की सेवा करने तथा दास बनाने का ग्रंथो में लेख किया गया है | इस वर्ग को हजारो वर्षो तक शिक्षा, संपत्ति तथा वैदिक धामिक अनुष्ठानो से बंचित रखा गया है | वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की ओ.बी.सी. वर्ग में होमोजीनियास को क्रमीलेयर के रूप में आरक्षण के लाभ से प्रथक कर दिया गया है | आज समय समाप्त होते ही कोर्ट ने उक्त समस्त मामलो की अगली सुनवाई कल दिनांक 4/8/26 को 2:30 से नियमित सुनवाई करेगी |1
- सतरिया में शराबी युवक पर दहशत फैलाने का आरोप,वातावरण के बीच कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शराब के नशे में उत्पात मचाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अंजू पांडे उर्फ अनुज पांडे आए दिन सतरिया में शराबी युवक पर दहशत फैलाने का आरोप दमोह जिले की ग्राम पंचायत सतरिया में नशामुक्त वातावरण के बीच कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शराब के नशे में उत्पात मचाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अंजू पांडे उर्फ अनुज पांडे आए दिन शराब पीकर लोगों के साथ गाली-गलौज करता है और नाम लेकर जान से मारने की खुलेआम धमकी देता है। इससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।1
- दतिया चुनाव पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रतिक्रिया...1
- दमोह हटा sdm राकेश मरकाम और sdop कृष्णपाल सिंह ने अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से हटा मंडी का निरीक्षण किया..1