डीग - खबर , 15 अप्रैल :- राजस्थान पुलिस के 77 में स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर हुए कई कार्यक्रम डीग भरतपुर रोड स्थित पुलिस लाइन परिसर में राजस्थान पुलिस के 77 वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशन में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए ! इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, सीओ सीताराम बैरवा, थानाधिकारी विजय मीणा, रामनरेश मीणा और यातायात प्रभारी रामभरोसी मीणा सहित पुलिस कर्मी मौजूद रहे ! इस दौरान पौधारोपण, बच्चों की दौड़, क्विज प्रश्नोत्तरी और वॉलीबॉल प्रतियोगिता सहित स्वच्छता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए जिसके बाद एसपी केएस गोपीनाथ द्वारा प्रतियोगियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किये गए ! वहीं इससे पूर्व सरमोनियल परेड सलामी भी दी गई ! राजस्थान पुलिस स्थापना की पूर्व संध्या पर पुलिस अधीक्षक केएस गोपीनाथ ने सभी पुलिसकर्मियों को बधाई और शुभकामनाएं दी ! वहीं पुलिस के 77 वें स्थापना दिवस के मौके पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस का मुख्य मोटो समाज को अपराध मुक्त बनाना वहीं अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए निष्ठा पूर्वक सेवार्थ कटिबद्धता एवं हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना है ! बाईट - कांबले शरण गोपीनाथ, एसपी - डीग
डीग - खबर , 15 अप्रैल :- राजस्थान पुलिस के 77 में स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर हुए कई कार्यक्रम डीग भरतपुर रोड स्थित पुलिस लाइन परिसर में राजस्थान पुलिस के 77 वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशन में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित
हुए ! इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, सीओ सीताराम बैरवा, थानाधिकारी विजय मीणा, रामनरेश मीणा और यातायात प्रभारी रामभरोसी मीणा सहित पुलिस कर्मी मौजूद रहे ! इस दौरान पौधारोपण, बच्चों की दौड़, क्विज प्रश्नोत्तरी और वॉलीबॉल प्रतियोगिता सहित स्वच्छता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए जिसके बाद एसपी केएस
गोपीनाथ द्वारा प्रतियोगियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किये गए ! वहीं इससे पूर्व सरमोनियल परेड सलामी भी दी गई ! राजस्थान पुलिस स्थापना की पूर्व संध्या पर पुलिस अधीक्षक केएस गोपीनाथ ने सभी पुलिसकर्मियों को बधाई और शुभकामनाएं दी ! वहीं पुलिस के 77 वें स्थापना दिवस के मौके पर
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस का मुख्य मोटो समाज को अपराध मुक्त बनाना वहीं अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए निष्ठा पूर्वक सेवार्थ कटिबद्धता एवं हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना है ! बाईट - कांबले शरण गोपीनाथ, एसपी - डीग
- Post by डीग लाइव पत्रकार1
- डीग - खबर , 15 अप्रैल :- राजस्थान पुलिस के 77 में स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर हुए कई कार्यक्रम डीग भरतपुर रोड स्थित पुलिस लाइन परिसर में राजस्थान पुलिस के 77 वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशन में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए ! इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, सीओ सीताराम बैरवा, थानाधिकारी विजय मीणा, रामनरेश मीणा और यातायात प्रभारी रामभरोसी मीणा सहित पुलिस कर्मी मौजूद रहे ! इस दौरान पौधारोपण, बच्चों की दौड़, क्विज प्रश्नोत्तरी और वॉलीबॉल प्रतियोगिता सहित स्वच्छता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए जिसके बाद एसपी केएस गोपीनाथ द्वारा प्रतियोगियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किये गए ! वहीं इससे पूर्व सरमोनियल परेड सलामी भी दी गई ! राजस्थान पुलिस स्थापना की पूर्व संध्या पर पुलिस अधीक्षक केएस गोपीनाथ ने सभी पुलिसकर्मियों को बधाई और शुभकामनाएं दी ! वहीं पुलिस के 77 वें स्थापना दिवस के मौके पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस का मुख्य मोटो समाज को अपराध मुक्त बनाना वहीं अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए निष्ठा पूर्वक सेवार्थ कटिबद्धता एवं हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना है ! बाईट - कांबले शरण गोपीनाथ, एसपी - डीग4
- साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी करने एवं ठगों को कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले कुल 55 मुल्जिमों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में पुलिस द्वारा 17 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर ठगी की कुल 91 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें करीब 3 करोड़ 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी होना सामने आया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 56 एंड्रॉइड मोबाइल, 91 सिम कार्ड, 17 एटीएम कार्ड, 11 बैंक पासबुक एवं 07 चेकबुक जब्त की हैं। इसके अलावा साइबर ठगों को कमीशन पर उपलब्ध कराए गए 27 बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के खाताधारकों की पहचान कर ली गई है तथा उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा आमजन से अपील की गई है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या लालच भरे संदेश से सतर्क रहें।1
- Post by Rajesh Kumar1
- का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल बना। इसी बेहतर सुरक्षा वातावरण ने प्रदेश में 'सुशासन' का सशक्त मॉडल स्थापित किया है। शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी की पावन तपोस्थली गोरखपुर में आज श्री गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा सुदृढ़ करने हेतु अपर पुलिस अधीक्षक व पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम तथा मेंटेनेंस वर्कशॉप की सुविधा से युक्त आधुनिक सुरक्षा भवनों का लोकार्पण किया। पुलिस विभाग से जुड़े सभी कार्मिकों को हृदय से बधाई।1
- बृजनगर(डीग) रिपोर्टर __लवेश मित्तल 9057332828 __सफाई व्यवस्था को लेकर अधिशासी अधिकारी हरिओम गुर्जर की पहल __कस्बे के मुख्य बाजार में अत्रिबको सफाई व्यवस्था कराई शुरू __कस्बे के इंदिरा सर्किल से जलेबी चौक, मेन बाजार,पुराना बाई पास रोड आदि जगहों पर रात्रि को सफाई की जाएगी __वही दुकानदारों से दुकाननपुर कचरा पात्र रखने के लिए जागरूक किया।4
- Post by Subhash Chand1
- जयपुर में पिछले 17–18 दिनों से जारी पत्रकार संगठन आईएफडब्ल्यूजे के धरने को लेकर जब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष Madan Rathore से एक वरिष्ठ पत्रकार ने सीधा सवाल किया, तो उन्होंने संतोषजनक जवाब देने के बजाय मुद्दे को टालते हुए कांग्रेस पर निशाना साध दिया। प्रदेशाध्यक्ष से उम्मीद की जा रही थी कि वे पत्रकारों के लंबे समय से चल रहे आंदोलन पर अपना स्पष्ट पक्ष रखेंगे, लेकिन उन्होंने सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पत्रकारों के दमन का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया। सवाल से बचाव, जवाब में राजनीतिक पलटवार पत्रकारों के धरने को लेकर पूछे गए सीधे सवाल पर Madan Rathore ने न तो आंदोलन के समाधान को लेकर कोई ठोस आश्वासन दिया और न ही आंदोलनरत पत्रकारों की मांगों पर स्पष्ट रुख अपनाया। इसके विपरीत उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में पत्रकारों के साथ अन्याय हुआ था। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के इस जवाब को लेकर पत्रकार जगत में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि मौजूदा मुद्दे पर जवाब देने के बजाय पुराने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को आगे बढ़ाया गया। धरने पर बैठे पत्रकारों का कहना है कि उन्हें वर्तमान सरकार से जवाब और समाधान की अपेक्षा है, न कि बीते समय की राजनीति सुनने की।1