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खगड़िया जिला के गोगरी मे होली पर्व को लेकर क्षेत्र मे शान्ति व विधि वयवस्था बनाए रखने को लेकर गोगरी थाना परिसर मे शांति समिति की एक बैठक की गई। अधिकारी पुलिस पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक कर सभी को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी परशुराम सिंह ने किया मौके पर मौजूद रहे अंचल अधिकारी दीपक कुमार, नगर अध्यक्ष रंजीता कुमारी निषाद।
Press Reporter
खगड़िया जिला के गोगरी मे होली पर्व को लेकर क्षेत्र मे शान्ति व विधि वयवस्था बनाए रखने को लेकर गोगरी थाना परिसर मे शांति समिति की एक बैठक की गई। अधिकारी पुलिस पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक कर सभी को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी परशुराम सिंह ने किया मौके पर मौजूद रहे अंचल अधिकारी दीपक कुमार, नगर अध्यक्ष रंजीता कुमारी निषाद।
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- खगड़िया जिला के गोगरी अनुमंडल के भगवान हाई स्कूल के मैदान में श्री विद्यासागर निषाद जी मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट कप सीजन 1 के आठवां लीग मैच में Nycc छोटी चक के तरफ से बल्लेबाजी करने के दरमियान आयोजक के द्वारा प्रत्येक चौका और छक्के पर मेरे लिए ₹700 का पारितोषिक इनाम रखा गया था । अपने टीम के लिए हमने एक चौके लगाए और टीम आयोजको के सौजन्य से मुझे पुरस्कार प्राप्त हुआ। बहुत ही अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि मेरा टीम पराजित हो गया यह हमारे लिए एवं मेरे टीम के लिए काफी दुखद पल रहा । नगर परिषद गोगरी जमालपुर की सभापति श्रीमती रंजीता कुमारी निषाद के हाथों से मुझे नगद ₹700 पारितोषिक इनाम मिला इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद श्रीमती रंजीता कुमारी निषाद नगर सभापति एवं आयोजक शौर्य सागर निषाद जी को।1
- खगड़िया जिला के गोगरी मे होली पर्व को लेकर क्षेत्र मे शान्ति व विधि वयवस्था बनाए रखने को लेकर गोगरी थाना परिसर मे शांति समिति की एक बैठक की गई। अधिकारी पुलिस पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक कर सभी को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी परशुराम सिंह ने किया मौके पर मौजूद रहे अंचल अधिकारी दीपक कुमार, नगर अध्यक्ष रंजीता कुमारी निषाद।1
- वित्त रहित कर्मियों ने एकदिवसीय उपवास के तहत उठाई अपनी मांग अनुदान के बदले नियमित वेतनमान, पेंशन व सेवानिवृत्ति लाभ को लेकर किया आवाज बुलंद जमालपुर। बिहार में वित्तरहित शिक्षकों की समस्या को लेकर राज्य भर के सभी जिलों में शिक्षकों का एकदिवसीय उपवास सह सत्याग्रह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वित्तरहित शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारी संयुक्त मोर्चा बिहार प्रदेश इकाई के आह्वान पर बिहार प्रदेश माध्यमिक शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ मुंगेर जिला इकाई के तत्वावधान में बुधवार को डॉक्टर यू पी वर्मा अच्छुराम हरिलाल बालिका उच्च विद्यालय जमालपुर में वित्तरहित कर्मियों ने अपने मांगों के समर्थन में जोरदार ढंग से आवाज उठाया। सत्याग्रह कार्यक्रम का नेतृत्व जिला सचिव उदय चंद्र ने किया। इस दौरान वित्तरहित शिक्षकों ने वित्तरहित अनुदानित शिक्षकों तथा कर्मचारियों को अनुदान के बदले वेतन देने, सेवानिवृत्ति लाभ व पेंशन देने, 7 वर्षों के बकाया अनुदान का भुगतान तथा माध्यमिक विद्यालय की मान्यता बहाल रखने की मांग को अपने प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाया। सचिव उदय चंद्र ने अपने बयान में कहा कि बिहार सरकार की उपेक्षा के कारण वित्तरहित शिक्षा कर्मियों को भुखमरी का शिकार होना पड़ रहा है। शिक्षक नेताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि राहत के रूप में मिलने वाला अनुदान भी पिछले 7 वर्षों से बकाया है। वेतन एवं अनुदान की आस लगाए वित्त रहित शिक्षाकर्मी लगातार सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं। शिक्षकों की सभा के माध्यम से राज्य सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि इस गंभीर संकट का हल जल्द नहीं निकला गया तो बिहार के वित्त रहित शिक्षक व कर्मचारी निर्णायक संघर्ष के लिए बाध्य होंगे। सत्याग्रह सह उपवास कार्यक्रम के समापन में वितरण कर्मियों ने एक दूसरे को फल खिलाकर उपवास खत्म कराया। इस अवसर पर सहायक शिक्षक पंकज कुमार राय, रविंद्र कुमार, शंभू शरण पंकज, अनिल कुमार सिंह, संजय सिंह सहित अन्य वित्तरहित कर्मी मौजूद थे।1
- Post by Kumar Mithun1
- Post by Anshu Raj1
- Post by किरण देव यादव1
- सुल्तानगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 21 स्थित गंगापुर से संपर्क नारायणपुर रोड के पूरबी हिस्से में दशकों से पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो पाने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 1992 से यह सड़क दुधैला, मुंशीपट्टी, बैकुंठपुर, फुलवरिया और विष्णु टोला समेत लगभग 10 हजार की आबादी के लिए रेलवे स्टेशन और सुल्तानगंज बाजार आने-जाने का मुख्य मार्ग है। सड़क निर्माण व्यक्तिगत विरोध और आपसी जमीन विवाद के कारण अधर में लटका हुआ है। बरसात के दिनों में जलजमाव और कीचड़ के कारण स्थिति और भी बदतर हो जाती है। स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में कठिनाई होती है, वहीं बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, एक पक्ष के राकेश कुमार रंजन ने सड़क निर्माण के लिए अपनी चार फीट निजी जमीन देने की सहमति दी थी। लेकिन आनंदी दास और उनके पुत्र वीरेंद्र प्रताप द्वारा इसका विरोध किया गया और मामला न्यायालय तक पहुंच गया। वर्ष 2013 में सीडब्ल्यूजेसी केश संख्या 1091 पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीसीएलआर द्वारा मामला खारिज कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने आपसी चंदा कर सड़क निर्माण कार्य शुरू किया, लेकिन विरोध के कारण बार-बार काम रुकता रहा। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर सड़क बन रही है, वहां 16 धूर बिहार सरकार के सिंचाई विभाग की जमीन भी उपलब्ध है, साथ ही निजी जमीन भी दी जा चुकी है। इसके बावजूद निर्माण कार्य बाधित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह सड़क बन जाती है तो हजारों लोगों को रेलवे स्टेशन और बाजार तक पहुंचने में बड़ी सहूलियत होगी। वर्षों से लंबित यह समस्या अब भी समाधान की प्रतीक्षा में है।1
- Post by Kumar Mithun1