गया जिले के खिजरसराय में पार्किंग की सुविधा न होने पर स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि जब उन्होंने इस समस्या को लेकर 112 नंबर की पुलिस गाड़ी से बातचीत की, तो गाड़ी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि एक दिन सभी गाड़ियां थाने में चली जाएंगी तो सब ठीक हो जाएगा। इस पर नागरिक ने पलटकर जवाब दिया कि यदि पार्किंग की सुविधा होती तो सड़क पर कोई भी गाड़ी खड़ी नहीं होती। पुलिस की गाड़ी में मौजूद एक मैम ने तब दावा किया कि बाजार में पार्किंग की सुविधा है। इस पर नागरिक ने सीधे तौर पर सवाल किया है कि आखिर यह पार्किंग कहां पर उपलब्ध है, क्योंकि खिजरसराय में पार्किंग का कोई प्रावधान नहीं है। यह पूरा संवाद संवाद संदेश न्यूज़ द्वारा सामने लाया गया है, जिसमें खिजरसराय के SDM, BDO, SHO और अन्य अधिकारियों से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण और समाधान की मांग की गई है।
गया जिले के खिजरसराय में पार्किंग की सुविधा न होने पर स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि जब उन्होंने इस समस्या को लेकर 112 नंबर की पुलिस गाड़ी से बातचीत की, तो गाड़ी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि एक दिन सभी गाड़ियां थाने में चली जाएंगी तो सब ठीक हो जाएगा। इस पर नागरिक ने पलटकर जवाब दिया कि यदि पार्किंग की सुविधा होती तो सड़क पर कोई भी गाड़ी खड़ी नहीं होती। पुलिस की गाड़ी में मौजूद एक मैम ने तब दावा किया कि बाजार में पार्किंग की सुविधा है। इस पर नागरिक ने सीधे तौर पर सवाल किया है कि आखिर यह पार्किंग कहां पर उपलब्ध है, क्योंकि खिजरसराय में पार्किंग का कोई प्रावधान नहीं है। यह पूरा संवाद संवाद संदेश न्यूज़ द्वारा सामने लाया गया है, जिसमें खिजरसराय के SDM, BDO, SHO और अन्य अधिकारियों से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण और समाधान की मांग की गई है।
- नीमचक बथानी प्रखंड की बथानी पंचायत के ओढंपुरा गांव में आंधी-पानी के कारण एक बिजली का पोल गिर जाने से पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया है। इस जनसमस्या को देखते हुए, माननीय जिला परिषद सदस्य गुलिस्ता खातून ने तत्काल पहल की है, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीणों को टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। गुलिस्ता खातून ने इस बात पर जोर दिया है कि जनसेवा ही उनकी प्राथमिकता है।2
- जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड स्थित मीरा बीघा (हाल्ट) गांव में शनिवार दोपहर 2 बजे अखिल भारतीय किसान सभा का जिला स्तरीय सम्मेलन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन की शुरुआत किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड अवधेश कुमार ने संगठन का झंडोत्तोलन कर और शहीद बेदी पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड दिलीप कुमार और शत्रुघ्न प्रसाद ने की, जहाँ संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया गया। अपने संबोधन में कामरेड अवधेश कुमार ने पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि महंगाई, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य न मिलना, कृषि लागत में वृद्धि और बढ़ते अपराधों के कारण आम जनता बेहद परेशान है। सम्मेलन में किसानों के लिए उनकी लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य लागू करने और एकमुश्त ऋण माफी की भी पुरजोर मांग की गई। सम्मेलन के दौरान जिला मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने राजनीतिक और संगठनात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। अंत में, 15 सदस्यीय एक नई जिला कमेटी का गठन किया गया, जिसमें ओमप्रकाश सिंह को जिला अध्यक्ष, दिलीप कुमार को जिला सचिव, शत्रुघ्न कुमार को संयुक्त सचिव, जगदीश प्रसाद को उपाध्यक्ष और मिथिलेश कुमार को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अतिरिक्त, राज्य सम्मेलन के लिए चार प्रतिनिधियों का भी सर्वसम्मति से चयन किया गया।1
- गया स्थित विष्णुपद मंदिर परिसर में राजमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती के अवसर पर भाजपा नेताओं द्वारा उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा सहित कई नेताओं ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर को भारतीय इतिहास की एक महान विभूति बताया, जिन्होंने अपने शासनकाल में जनकल्याण, धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि राजमाता ने देशभर में अनेक मंदिरों, धर्मशालाओं, घाटों और तीर्थस्थलों का निर्माण व जीर्णोद्धार कराया, जिनमें काशी विश्वनाथ मंदिर, विष्णुपद मंदिर और केदारनाथ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। डॉ. मिश्रा के अनुसार, इन स्थलों के संरक्षण एवं विकास में उनका अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने आगे कहा कि समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और धार्मिक चेतना के क्षेत्र में राजमाता के कार्य आज भी प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने अपना जीवन जनता की सेवा और राष्ट्र के सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया था। उनकी दूरदर्शिता, न्यायप्रियता और जनसेवा की भावना के कारण उन्हें भारतीय इतिहास की सर्वश्रेष्ठ शासिकाओं में से एक गिना जाता है। डॉ. मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि आज राजमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को आत्मसात कर समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की सेवा के लिए आगे आने की आवश्यकता है, और उनके द्वारा स्थापित मानवीय मूल्यों एवं सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेश कार्य समिति के सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता और संतोष ठाकुर ने भी राजमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इसके अतिरिक्त, भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष दीपक पांडे, गोपाल प्रसाद यादव, हीरा यादव, अभिषेक कुमार राणा, रणजीत सिंह, कमल बारिक, प्रेमनाथ टैया, सुनील रविदास, दीपक कुमार, ऋषिकेश गुड़ा सहित दर्जनों अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।1
- गया शहर के ब्रह्मसत सरोवर में मलमास मास के दौरान स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसी मान्यता है कि मलमास के समय 23 करोड़ देवी-देवता पृथ्वी पर वास करते हैं, और ब्रह्म कुंड में एक डुबकी लगाने मात्र से सभी तीर्थों के दर्शन और स्नान के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। यह पूरा मास भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए इस अवधि में स्नान, दान और जप करने से पापों का नाश होता है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।1
- पूरे देश में प्रतिष्ठित NEET परीक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया गया है, जिसमें पूछा गया है कि क्या यह सिर्फ एक 'व्यावसायिक धंधा' बनकर रह गई है।1
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड स्थित भीखनपुरा प्राथमिक विद्यालय में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) के कारण विद्यालय के शिक्षक सुनील कुमार सिंह, जिनकी उम्र 43 वर्ष थी, की घटनास्थल पर ही दुःखद मृत्यु हो गई।1
- बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों ने सम्राट चौधरी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राज्य में जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को 'सैटेलाइट टाउनशिप' और 'ग्रीन फील्ड' के नाम पर बंद करके तथा अब अंचल की भूमिका शामिल करके इसे और अधिक जटिल बना रही है, जिससे यह 'घूस का घोंसला' बन जाएगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार ने पहले राज्य के दर्जनों जिलों के सैकड़ों गांवों और नगर निकाय के वार्डों में जमीन रजिस्ट्री को एक साल के लिए रोक दिया था, और अब संपूर्ण बिहार में रजिस्ट्री विभाग के साथ-साथ अंचल को भी जमीन रजिस्ट्रीकरण पद्धति में शामिल करके बिहारवासियों को बड़े संकट में डाल दिया है। नेताओं के अनुसार, 'ग्रीन लैंड सैटेलाइट टाउनशिप' के अंतर्गत आने वाले गांवों और वार्डों के गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार पहले से ही अपनी बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई या गंभीर बीमारियों जैसे आवश्यक कार्यों के लिए जमीन बेचने में असमर्थ होने के कारण परेशान थे। अब रजिस्ट्री ऑफिस के साथ-साथ अंचल अधिकारी और उनके कार्यालय को जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में शामिल करने और उनसे रिपोर्ट लेने की पद्धति से लोगों को और अधिक संकट, देरी और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम किसान-मजदूरों और आमजनों को परेशान करने वाला है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जमीन रजिस्ट्री, जिसे 'विक्रय मनोबंध पत्र' कहा जाता है, वह जमीन का 'हकियत' (वास्तविक मालिकाना हक) नहीं है, न ही अंचल या म्युनिसिपल रसीदें हकियत दर्शाती हैं। ये सभी केवल रजिस्ट्रेशन और टैक्स संबंधी कागज़ात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन कागज़ातों का 'हौआ' बनाकर किसान-मजदूरों और आमजनों को तंग और तबाह करना चाहती है। नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को और जटिल बनाने के बजाय उसे आसान किया जाए, ताकि आम जनता को जमीन रजिस्ट्री के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें और पहले की तरह आसानी से कार्य संपन्न हो सकें। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार जल्द से जल्द जमीन खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर लगी रोक को हटाती नहीं है और अंचल की भूमिका समाप्त नहीं करती है, तो पार्टी बाध्य होकर जिला रजिस्ट्रार (जिलाधिकारी कार्यालय) और उप-रजिस्ट्रार (रजिस्ट्री ऑफिस कार्यालय) का घेराव करेगी। यह बात बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, विशाल कुमार, मोहम्मद शामिम आलम, और मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने कही।1
- हिंदी प्रेस दिवस के शुभ अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकार साथियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। इस मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आयोजन की शोभा बढ़ाई। इस सम्मान समारोह में सुजीत कुमार (हिंदुस्तान), नीरज कुमार (प्रभात खबर), दीपक कुमार (दैनिक भास्कर) और सुभाष कुमार (दैनिक जागरण) जैसे पत्रकार शामिल थे, जिन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने पत्रकारों को लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ बताते हुए कहा कि समाज को जागरूक बनाने, जनहित के मुद्दों को उठाने और सरकार तथा जनता के बीच संवाद स्थापित करने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने ऐसे लोकतंत्र के पहरेदारों को सम्मानित करने का अवसर मिलने पर गर्व व्यक्त किया और जोर दिया कि पत्रकारों की निष्पक्ष व निर्भीक लेखनी समाज को सही दिशा देती है तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करती है। डॉ. मिश्रा ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास और उसके योगदान का भी उल्लेख किया, सभी पत्रकारों को हिंदी प्रेस दिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने मीडिया को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि पत्रकारों के अथक प्रयासों से ही आम लोगों की समस्याएं शासन-प्रशासन तक पहुँच पाती हैं। सम्मान प्राप्त करने वाले पत्रकारों ने डॉ. मनीष पंकज मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें समय-समय पर सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के सम्मान से पत्रकारों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ करने की प्रेरणा मिलती है।1