रावतभाटा में अग्निशमन सेवा सप्ताह: होटल-रेस्टोरेंट कर्मचारियों को दिया गया अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण नगर पालिका रावतभाटा के अग्निशमन विभाग द्वारा अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत शहर के होटल एवं रेस्टोरेंट में अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव एवं नियंत्रण के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में अग्निशमन कर्मियों ने विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों के उपयोग, अलग-अलग प्रकार की आग (विशेषकर ज्वलनशील तरल पदार्थों से लगने वाली आग) को बुझाने के तरीके तथा उनके लिए उपयुक्त यंत्रों की जानकारी दी। साथ ही विद्युत संबंधी आग से बचाव और उसे नियंत्रित करने के उपाय भी समझाए गए। इस अवसर पर कार्यवाहक अग्निशमन अधिकारी राजेश जयपाल, नजीर खान, यशपाल सिंह, मोहम्मद सलीम, राजेश मीणा सहित होटल एवं रेस्टोरेंट में कार्यरत कर्मचारी उपस्थित रहे। होटल/रेस्टोरेंट में आग से बचाव के महत्वपूर्ण सुझाव रसोई में गैस पाइप और सिलेंडर की नियमित जांच कराएं। किचन में हमेशा फायर एक्सटिंग्विशर (ABC/CO₂) उपलब्ध रखें। तेल या घी में आग लगने पर पानी का उपयोग न करें, इसके बजाय ढक्कन या फायर ब्लैंकेट का उपयोग करें। बिजली के उपकरणों की समय-समय पर जांच कराएं, खराब वायरिंग तुरंत बदलें। एग्जॉस्ट और चिमनी की नियमित सफाई करें, क्योंकि इसमें जमी चिकनाई आग का कारण बन सकती है। कर्मचारियों को समय-समय पर फायर ड्रिल और प्रशिक्षण दिया जाए। इमरजेंसी एग्जिट (निकास मार्ग) हमेशा खुला और स्पष्ट रखें। गैस लीकेज की स्थिति में तुरंत मुख्य वाल्व बंद करें और बिजली के स्विच का उपयोग न करें। इस प्रकार के प्रशिक्षण और सावधानियां अपनाकर होटल एवं रेस्टोरेंट में आग की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
रावतभाटा में अग्निशमन सेवा सप्ताह: होटल-रेस्टोरेंट कर्मचारियों को दिया गया अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण नगर पालिका रावतभाटा के अग्निशमन विभाग द्वारा अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत शहर के होटल एवं रेस्टोरेंट में अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव एवं नियंत्रण के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में अग्निशमन कर्मियों ने विभिन्न प्रकार
के अग्निशामक यंत्रों के उपयोग, अलग-अलग प्रकार की आग (विशेषकर ज्वलनशील तरल पदार्थों से लगने वाली आग) को बुझाने के तरीके तथा उनके लिए उपयुक्त यंत्रों की जानकारी दी। साथ ही विद्युत संबंधी आग से बचाव और उसे नियंत्रित करने के उपाय भी समझाए गए। इस अवसर पर कार्यवाहक अग्निशमन अधिकारी राजेश जयपाल, नजीर खान, यशपाल सिंह, मोहम्मद सलीम, राजेश मीणा सहित होटल एवं रेस्टोरेंट में
कार्यरत कर्मचारी उपस्थित रहे। होटल/रेस्टोरेंट में आग से बचाव के महत्वपूर्ण सुझाव रसोई में गैस पाइप और सिलेंडर की नियमित जांच कराएं। किचन में हमेशा फायर एक्सटिंग्विशर (ABC/CO₂) उपलब्ध रखें। तेल या घी में आग लगने पर पानी का उपयोग न करें, इसके बजाय ढक्कन या फायर ब्लैंकेट का उपयोग करें। बिजली के उपकरणों की समय-समय पर जांच कराएं, खराब वायरिंग तुरंत बदलें। एग्जॉस्ट और चिमनी की नियमित सफाई करें, क्योंकि
इसमें जमी चिकनाई आग का कारण बन सकती है। कर्मचारियों को समय-समय पर फायर ड्रिल और प्रशिक्षण दिया जाए। इमरजेंसी एग्जिट (निकास मार्ग) हमेशा खुला और स्पष्ट रखें। गैस लीकेज की स्थिति में तुरंत मुख्य वाल्व बंद करें और बिजली के स्विच का उपयोग न करें। इस प्रकार के प्रशिक्षण और सावधानियां अपनाकर होटल एवं रेस्टोरेंट में आग की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
- रावतभाटा परमाणु बिजलीघर की आवासीय कॉलोनी में वर्षों से लगे मधुमक्खियों के छत्तों से कॉलोनीवासी परेशान थे। आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व पार्षद मनीष गिरी ने नगर पालिका रावतभाटा एवं परमाणु बिजलीघर के सिविल विभाग से समाधान की मांग उठाई। इस पर परमाणु बिजलीघर के सिविल विभाग ने समाधान खोजते हुए बताया कि ऊंचाई पर लगे छत्तों को सुरक्षित हटाने के लिए मैन लिफ्टर मशीन की आवश्यकता होगी। इस संबंध में सिविल विभाग के अधिकारियों ने मनीष गिरी से सहयोग मांगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मनीष गिरी ने नगर पालिका अधिशासी अधिकारी मुकेश नागर से कॉलोनी में मैन लिफ्टर मशीन भेजने का अनुरोध किया। इसके बाद नगर पालिका द्वारा उपलब्ध करवाई गई मैन लिफ्टर मशीन की सहायता से सिविल विभाग के कर्मचारियों ने कॉलोनी परिसर के विभिन्न स्थानों से मधुमक्खी के छत्तों को सुरक्षित रूप से हटाया। अभियान के दौरान मनीष गिरी ने लाउडस्पीकर के माध्यम से कॉलोनीवासियों को सतर्क रहने की सूचना दी। छत्ते हटाने का कार्य देर रात करीब 12:30 बजे तक जारी रहा। इस कार्य में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी मुकेश नागर, पूर्व पालिका चेयरमैन राजकुमार वाधवा, पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष भुवनेश नागर, पूर्व पार्षद मनीष गिरी, डॉ. तन्वी शर्मा, सिविल विभाग से देव तिवारी एवं इलेक्ट्रिकल विभाग का विशेष सहयोग रहा। कॉलोनीवासियों ने सभी का आभार व्यक्त किया।3
- चित्तौड़गढ़ जिले के तंबोलिया गांव के शमशान घाट की बदहाल स्थिति चित्तौड़गढ़ जिले के तंबोलिया गांव का शमशान घाट अत्यंत खराब स्थिति में है। यहां ना तो बैठने की कोई व्यवस्था है और ना ही पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शमशान स्थल पर छाया (शेड) की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे गर्मी और बारिश के समय लोगों को काफी दिक्कत होती है। इसके अलावा शमशान घाट पर साफ-सफाई की भी उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे आसपास का वातावरण अस्वच्छ बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासन की अनदेखी के कारण यह स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शमशान घाट पर शीघ्र ही शेड निर्माण, बैठने की व्यवस्था, पेयजल सुविधा एवं नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को अंतिम संस्कार के समय परेशानी न हो। यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- कोरोना के बाद एक बार फिर बड़ी संख्या में मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है, वीडियो गुजरात के सूरत स्टेशन का है जहां घर जाने के लिए भगदड़ जैसे हालात बने हुए हैं, हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है...1
- कोटा, 19 अप्रैल 2026। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीके कोमल (चीफ एडिटर, मधुबन न्यूज़) ने मीडिया जागरूकता को लेकर अपना विशेष इंटरव्यू दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण है और इसकी जिम्मेदारी केवल खबर दिखाने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने की भी है। बीके कोमल ने अपने वक्तव्य में बताया कि आज के समय में सकारात्मक और सत्य आधारित पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। मीडिया यदि जागरूक, निष्पक्ष और जिम्मेदार बने, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना संभव है। उन्होंने आगे कहा कि नकारात्मक खबरों के बीच सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है, ताकि लोगों में आशा, विश्वास और जागरूकता बनी रहे। साथ ही उन्होंने मीडिया कर्मियों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाजहित को सर्वोपरि रखें। इस विशेष इंटरव्यू के माध्यम से मीडिया की भूमिका, उसकी जिम्मेदारियों और जागरूकता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया, जिसे उपस्थित पत्रकारों ने भी सराहा। आप देख रहे हैं सूचना इंडिया टीवी न्यूज चैनल पर जेबा पटेल द्वारा स्पेशल न्यूज़ इंटरव्यू1
- कोटा, 19 अप्रैल 2026 (रविवार): प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा कोटा के लैंडमार्क सिटी स्थित सविता सरोवर में “राजयोग एवं सकारात्मक चिंतन” विषय पर विशेष संवाद एवं शुभकामना मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार एवं मीडिया कर्मी उपस्थित होकर सकारात्मक जीवनशैली और आध्यात्मिक मूल्यों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच, मानसिक शांति और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में राजयोग ध्यान व्यक्ति को तनावमुक्त करने और आत्मिक शांति प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं आयोजक बी.के. उर्मिला दीदी (कोटा संभाग प्रभारी) ने मीडिया बंधुओं का स्वागत करते हुए कहा कि समाज को जागरूक करने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सकारात्मक समाचार और विचार समाज में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। इस दौरान उपस्थित मीडिया कर्मियों को राजयोग ध्यान की विधि, सकारात्मक चिंतन के लाभ एवं जीवन में आध्यात्मिकता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम में संवाद, अनुभव साझा करने और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान भी किया जा रहा है। कार्यक्रम में कोटा शहर के विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है, जिससे आयोजन और भी सार्थक बन गया है।1
- Post by Mahendar.merotha1
- Post by Sadbhavna sandesh news1
- नगर पालिका रावतभाटा के अग्निशमन विभाग द्वारा अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत शहर के होटल एवं रेस्टोरेंट में अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव एवं नियंत्रण के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में अग्निशमन कर्मियों ने विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों के उपयोग, अलग-अलग प्रकार की आग (विशेषकर ज्वलनशील तरल पदार्थों से लगने वाली आग) को बुझाने के तरीके तथा उनके लिए उपयुक्त यंत्रों की जानकारी दी। साथ ही विद्युत संबंधी आग से बचाव और उसे नियंत्रित करने के उपाय भी समझाए गए। इस अवसर पर कार्यवाहक अग्निशमन अधिकारी राजेश जयपाल, नजीर खान, यशपाल सिंह, मोहम्मद सलीम, राजेश मीणा सहित होटल एवं रेस्टोरेंट में कार्यरत कर्मचारी उपस्थित रहे। होटल/रेस्टोरेंट में आग से बचाव के महत्वपूर्ण सुझाव रसोई में गैस पाइप और सिलेंडर की नियमित जांच कराएं। किचन में हमेशा फायर एक्सटिंग्विशर (ABC/CO₂) उपलब्ध रखें। तेल या घी में आग लगने पर पानी का उपयोग न करें, इसके बजाय ढक्कन या फायर ब्लैंकेट का उपयोग करें। बिजली के उपकरणों की समय-समय पर जांच कराएं, खराब वायरिंग तुरंत बदलें। एग्जॉस्ट और चिमनी की नियमित सफाई करें, क्योंकि इसमें जमी चिकनाई आग का कारण बन सकती है। कर्मचारियों को समय-समय पर फायर ड्रिल और प्रशिक्षण दिया जाए। इमरजेंसी एग्जिट (निकास मार्ग) हमेशा खुला और स्पष्ट रखें। गैस लीकेज की स्थिति में तुरंत मुख्य वाल्व बंद करें और बिजली के स्विच का उपयोग न करें। इस प्रकार के प्रशिक्षण और सावधानियां अपनाकर होटल एवं रेस्टोरेंट में आग की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।4