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रामगढ़ में महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर भव्य आयोजन शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के संकल्प के साथ राष्ट्र नमन जैसलमेर। सीमांत क्षेत्र रामगढ़ स्थित अम्बेडकर पार्क में महान समाज सुधारक, सामाजिक क्रांति के अग्रदूत एवं समानता के प्रणेता महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों द्वारा महात्मा फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ। इसके पश्चात वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन में दिए गए ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर तगाराम चौहान, सुरेश कुमार गाड़ी तथा बाबूराम चौहान ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने सामाजिक समानता, शिक्षा के प्रसार और महिला अधिकारों के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने जातिवाद, छुआछूत, अंधविश्वास और भेदभाव के विरुद्ध निर्भीक आवाज उठाई तथा शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बताया। वक्ताओं ने कहा कि फुले ने दलितों, वंचितों और महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोलकर सामाजिक क्रांति की ऐसी नींव रखी, जिसका प्रभाव आज भी समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में महात्मा फुले के विचार और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। समाज में समानता, भाईचारे और शिक्षा के प्रसार के लिए उनके आदर्शों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे शिक्षा को अपना हथियार बनाकर सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लें और सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें। महात्मा ज्योतिराव फुले को भारतीय समाज में समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखने वाले क्रांतिसूर्य के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने अक्षरों को शस्त्र बनाकर सदियों से फैले अज्ञान, जातिगत भेदभाव और लैंगिक असमानता के अंधकार को चुनौती दी। असमानता के मूल कारण के रूप में शिक्षा की कमी को समझते हुए उन्होंने वर्ष 1848 में लड़कियों के लिए पहला विद्यालय प्रारंभ किया। उस समय महिला शिक्षा का तीव्र विरोध हुआ, लेकिन फुले दंपति ने समाज की परंपरागत सोच को चुनौती दी। सावित्रीबाई फुले ने शिक्षिका बनकर इस आंदोलन को गति दी, जो भारतीय समाज में स्त्री शिक्षा की क्रांतिकारी शुरुआत सिद्ध हुई। महात्मा फुले ने शूद्र-अतिशूद्र और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर जाति आधारित भेदभाव का विरोध किया। उनके विचारों में सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और न्याय सर्वोपरि रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब सभी वर्गों को समान अवसर मिलें। महिला सशक्तिकरण को महत्व देते हुए उन्होंने विधवाओं के लिए आश्रय गृह की स्थापना की तथा अनाथ बच्चों के पालन-पोषण की व्यवस्था भी की। उनका मानना था कि महिला सम्मान और शिक्षा के बिना समाज का विकास अधूरा है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महात्मा ज्योतिबा फुले के बताए मार्ग पर चलने, शिक्षा के प्रसार, सामाजिक समानता और सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जाति-भेद से मुक्त समाज, महिला सम्मान और समावेशी विकास की दिशा में फुले के विचार आज भी मार्गदर्शक हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं समाजहित में कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

14 hrs ago
user_Dharmendra kumar
Dharmendra kumar
जैसलमेर, जैसलमेर, राजस्थान•
14 hrs ago

रामगढ़ में महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर भव्य आयोजन शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के संकल्प के साथ राष्ट्र नमन जैसलमेर। सीमांत क्षेत्र रामगढ़ स्थित अम्बेडकर पार्क में महान समाज सुधारक, सामाजिक क्रांति के अग्रदूत एवं समानता के प्रणेता महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों द्वारा महात्मा फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ। इसके पश्चात वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन में दिए गए ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर तगाराम चौहान, सुरेश कुमार गाड़ी तथा बाबूराम चौहान ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने सामाजिक समानता, शिक्षा के प्रसार और महिला अधिकारों के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने

जातिवाद, छुआछूत, अंधविश्वास और भेदभाव के विरुद्ध निर्भीक आवाज उठाई तथा शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बताया। वक्ताओं ने कहा कि फुले ने दलितों, वंचितों और महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोलकर सामाजिक क्रांति की ऐसी नींव रखी, जिसका प्रभाव आज भी समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में महात्मा फुले के विचार और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। समाज में समानता, भाईचारे और शिक्षा के प्रसार के लिए उनके आदर्शों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे शिक्षा को अपना हथियार बनाकर सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लें और सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें। महात्मा ज्योतिराव फुले को भारतीय समाज में समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखने वाले क्रांतिसूर्य

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के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने अक्षरों को शस्त्र बनाकर सदियों से फैले अज्ञान, जातिगत भेदभाव और लैंगिक असमानता के अंधकार को चुनौती दी। असमानता के मूल कारण के रूप में शिक्षा की कमी को समझते हुए उन्होंने वर्ष 1848 में लड़कियों के लिए पहला विद्यालय प्रारंभ किया। उस समय महिला शिक्षा का तीव्र विरोध हुआ, लेकिन फुले दंपति ने समाज की परंपरागत सोच को चुनौती दी। सावित्रीबाई फुले ने शिक्षिका बनकर इस आंदोलन को गति दी, जो भारतीय समाज में स्त्री शिक्षा की क्रांतिकारी शुरुआत सिद्ध हुई। महात्मा फुले ने शूद्र-अतिशूद्र और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर जाति आधारित भेदभाव का विरोध किया। उनके विचारों में सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और न्याय सर्वोपरि रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज का

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वास्तविक विकास तभी संभव है जब सभी वर्गों को समान अवसर मिलें। महिला सशक्तिकरण को महत्व देते हुए उन्होंने विधवाओं के लिए आश्रय गृह की स्थापना की तथा अनाथ बच्चों के पालन-पोषण की व्यवस्था भी की। उनका मानना था कि महिला सम्मान और शिक्षा के बिना समाज का विकास अधूरा है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महात्मा ज्योतिबा फुले के बताए मार्ग पर चलने, शिक्षा के प्रसार, सामाजिक समानता और सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जाति-भेद से मुक्त समाज, महिला सम्मान और समावेशी विकास की दिशा में फुले के विचार आज भी मार्गदर्शक हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं समाजहित में कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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  • पाकिस्तान में फेल हुई US-ईरान वार्ता, मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा!
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    पाकिस्तान में फेल हुई US-ईरान वार्ता, मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा!
    user_Prem Chand Bhati
    Prem Chand Bhati
    जैसलमेर, जैसलमेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • "जब दिल जवान हो तो उम्र मायने नहीं रखती" जैसलमेर के पूर्व विधायक रूपाराम धन्दे जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं ऐसी बनाए तो
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    "जब दिल जवान हो तो उम्र मायने नहीं रखती"
जैसलमेर के पूर्व विधायक रूपाराम धन्दे जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं ऐसी बनाए तो
    user_Chandrabhan Solanki Journalist
    Chandrabhan Solanki Journalist
    Local News Reporter जैसलमेर, जैसलमेर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • ANTF के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि ANTF और NCB ने मिलकर राजस्थान में नशे के एक और बड़े प्लेटफार्म को जड़ से उखाड़ फेकने में बड़ी सफलता पायी है। श्री विकास कुमार और NCB के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी के संयुक्त प्रयासों से लगातार मिल रही बड़ी सफलताओं की लड़ी में एक और बड़ी कड़ी जुड़ गयी है जब राजसमंद के देलवारा इलाके से करीब सवा १० करोड़ की अवैध गांजे की फसल पकड़ने में कामयाबी मिली। ANTF की अवैध फसल पर पिछले 6 महीने में यह लगातार ७ वीं करवाई है और NCB के साथ मिलकर तीसरी बड़ी कार्रवाई है।* कड़ी से कड़ी पिरोयी , महीनो लगाए सुरागरसी में तब जाकर सफलता हाथ लगी। -हाल के दिनों में लगातार पकडे गए गांजे के छोटे छोटे खेपों से यह निकलकर आ रहा था कि उदयपुर के आस पास के इलाके में मेवाड़ - मारवाड़ और दूर दूर तक गांजे की थोक आपूर्ति का केंद्र बना हुआ है। -उदयपुर के इलाके में गांजार्जन ऑपरेशन की बड़ी सफलता के बाद भी यह सप्लाई लगातार होती देखकर ANTF का माथा ठनका। कई कई बार टीमें उदयपुर और आस पास के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में भटकती रहीं पर अहम् सुराग नहीं मिल पा रहा था। -हाल ही में जयपुर शहर में ANTF के द्वारा दी गयी दबिश में गांजे का एक मध्यम स्तर का बिचौलिया पकड़ में आया। उस बिचौलिए से गहनता से की गयी पूछताछ में उसने राजसमंद के देलवारा तहसील के राय पताता नाल गांव के बाहर से स्थानीय आदमी से 5 किलोग्राम गांजा खरीदना बताया। उसके अनुसार वह कई बार इसी तरीके से उसी इलाके से गांजा लाकर जयपुर शहर में आपूर्ति कर रहा था। - इस पुख्ता सूचना पर तकनीकी रूप से विकसित करने की कोशिश की गयी परन्तु सफलता नहीं हाथ आयी। -तदुपरांत ANTF और NCB ने संयुक्त रूप से इलाके का सर्वेक्षण करना शुरू किया तथा कई संदिग्धों पर निगरानी शुरू की गयी। लगातार किये गए प्रयास रंग लाये और आखिरकार कल शाम टीमों को इलाके का पूर्ण विवरण प्राप्त हो गया। टीमों ने इलाके में घूम कर तथ्यों की पुष्टि भी कर ली। चिराग तले अँधेरा :5 स्टार होटल के पड़ोस में 3 ग्रेड नशे की दूकान। - ANTF के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार और NCB के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने मिलकर योजना बनायीं और संयुक्त टीमों ने इलाके में एक साथ मिलकर जोरदार दबिश डाली। - देलवारा - कैलाशपुरी सड़क से अंदर ITC ग्रुप के 5 स्टार होटल को जाने वाली सड़क के ऊपर निजी खातेदारी जमीन पर करीब 6 बीघा खेत पर बड़े पैमाने पर गांजे की खेती पायी गयी। -वह जमीन का टुकड़ा सड़क से थोड़ी ऊंचाई पर होने के कारण नजर से दूर रहता था। वस्तुतः गेंहूं की खेती के बीच में छुपाकर यह गांजे की खेती की गयी थी परन्तु गेहूं कट जाने के कारण खुले में दिखने लगा था। पहाड़ी उबड़ खाबड़ इलाका होने के कारण ड्रोन के कैमरे में भी यह पकड़ में नहीं आ पा रहा था। - पूछताछ में पता चला कि कई बार होटल के आस पास ड्रोन उड़ाए जाने पर भी यह इलाका नज़र से दूर ही रहता था और इसी कारण इसे मुफीद मानकर यहाँ गांजे की इतना बड़े स्टार पर खेती की गयी थी। शायद इसी कारण इलाके में पूर्व में ANTF टीम के द्वारा किया गए सर्वेक्षण में भीं यह निगाह में नहीं आ पाया था। -मौके पर दी गयी दबिश में कई कट्टों में छुपाकर रखा हुआ सूखा और बिक्री हेतु पूर्णतः तैयार गांजा और कई बीघों में छुपाकर रोपी गयी गांजे की फसल सामने आ गयी। अंजुली में विषकुंभ की स्थापना - मौके की कार्रवाई से हथेली में धरे कटोरे के आकार की 6 बीघा जमीन में 10 करोड़ के जहर की फसल लहलहाती मिली। - कल शाम से आज दोपहर तक लगातार चली कार्रवाई के उपरान्त मौके से 12 किलोग्राम पूर्णतया तैयार गांजा जब्त किया गया और अवैध रूप से उपजाई फसल के नष्टीकरण के दौरान गांजे के 5860 पौधे बरामद हुए। बरामद तैयार गांजा 1 और सवा किलो की थैलियों में पैक करके ग्राहकों को सप्लाई करने के लिए तैयार हालत में मिला। - NCB टीम के द्वारा जब्त पौधों की की गयी गणना के आधार पर इस पकड़ी गयी फसल से 2051 किलोग्राम गांजा तैयार होने वाला था जो कि एक बहुत बड़ी मात्रा होना प्रकाश में आया है । - सूत्रों के अनुसार इस गांजे का बाज़ार मूल्य मानकों के अनुसार सवा 10 करोड़ है तथा इसकी गुणवत्ता भी बड़े उच्च स्तर की है। नाथू का बाड़ा : एक अनार 19 बीमार - मौके से एक आरोपी नाथू पकड़ा गया जिसके कब्जे से तैयार गांजा बरामद हुआ। नाथू गंजे के छोटे छोटे पैकेट लेकर मौके पर ही ग्राहकों के इंतज़ार में बैठा था और दिनभर में काफी माल बेच भी चुका था। - मौके पर ही प्रशासन की टीम बुलाकर जमीन की गहनता से जांच कराई गयी जिसमे यह निजी खातेदारी की जमीन पायी गयी। अभी तक मिली रिपोर्ट के अनुसार इस जमीन के 19 खातेदार बताये जाते हैं। - पकड़ा गया आरोपी नाथू भी इस निजी जमीन के खातेदारों में से एक है। 6 महीने में नशे की सत्ते पर पुलिस का सत्ता - लगातार सातवां प्रहार -नशे की अवैध फसल के विरुद्ध ANTF की 6 महीने के भीतर यह सातवीं कार्रवाई है। इन सात कार्रवाइयों में से तीन कार्रवाइयां ANTF और NCB ने साथ मिलकर की हैं। - इन कार्रवाइयों से यह तथ्य उजागर होता है कि नशे के सौदागरों ने विगत समय में राजस्थान के उदयपुर के आस पास के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में नशे की फसल का साम्राज्य स्थापित करने का कुत्सित प्रयास किया था जो ANTF और NCB के संयुक्त प्रयासों से नेस्तनाबूत हो रहा है और तस्करों की मंशा धूल -धूसरित हो रही है। अभियान का नामकरण - -जिस जमीन पर गांजे की फसल उगाई गयी थी उस जमीन का आकार ऐसा था मानो दोनों हथेलियों को जोड़कर उसमे एक कटोरा रखा गया हो। उस आकर के आधार पर और गांजे की फसल होने के कारण गांजा और अंजुली जिसका मतलब होता है हथेली में भरकर को मिलाकर ऑपरेशन का नाम गांजाजुली रखा गया।
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    ANTF के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि ANTF  और NCB  ने मिलकर राजस्थान में नशे के एक और बड़े प्लेटफार्म को जड़ से उखाड़ फेकने में बड़ी सफलता पायी है।  श्री विकास कुमार और NCB  के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी के संयुक्त प्रयासों से लगातार मिल  रही बड़ी सफलताओं की लड़ी में एक और बड़ी कड़ी जुड़ गयी है जब राजसमंद के देलवारा इलाके से करीब सवा १० करोड़ की अवैध गांजे की फसल पकड़ने में कामयाबी मिली। ANTF की अवैध फसल पर पिछले 6 महीने में यह लगातार ७ वीं  करवाई है और NCB के साथ मिलकर तीसरी बड़ी कार्रवाई है।* 
कड़ी से कड़ी पिरोयी , महीनो लगाए सुरागरसी में तब जाकर सफलता  हाथ लगी। 
-हाल के दिनों में लगातार पकडे गए गांजे के छोटे छोटे खेपों से यह निकलकर आ रहा था कि उदयपुर के आस पास के इलाके में  मेवाड़ - मारवाड़ और दूर दूर तक गांजे की थोक आपूर्ति का केंद्र बना हुआ है। 
-उदयपुर के इलाके में गांजार्जन ऑपरेशन की बड़ी सफलता के बाद भी यह सप्लाई लगातार होती देखकर ANTF का माथा ठनका।  कई कई बार टीमें उदयपुर और आस पास के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में भटकती रहीं पर अहम् सुराग नहीं मिल पा रहा था। 
-हाल ही में जयपुर शहर में ANTF के द्वारा दी गयी दबिश में गांजे का एक मध्यम स्तर का बिचौलिया पकड़ में आया।  उस बिचौलिए से गहनता से की गयी पूछताछ में उसने राजसमंद के देलवारा तहसील के राय पताता  नाल गांव के बाहर से स्थानीय आदमी से 5 किलोग्राम गांजा खरीदना बताया।  उसके अनुसार वह कई बार इसी तरीके से उसी इलाके से गांजा लाकर जयपुर शहर में आपूर्ति कर रहा था। 
- इस पुख्ता सूचना पर तकनीकी रूप से विकसित करने की कोशिश की गयी परन्तु सफलता नहीं हाथ आयी। 
-तदुपरांत ANTF और NCB ने संयुक्त रूप से इलाके का सर्वेक्षण करना शुरू किया तथा कई संदिग्धों पर निगरानी शुरू की गयी।  लगातार किये गए प्रयास रंग लाये और आखिरकार कल शाम टीमों को इलाके का पूर्ण विवरण प्राप्त हो गया।  टीमों ने इलाके में घूम कर तथ्यों की पुष्टि भी कर ली। 
चिराग तले अँधेरा :5 स्टार होटल के पड़ोस में 3 ग्रेड नशे की दूकान। 
- ANTF के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार और NCB के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने मिलकर योजना  बनायीं और संयुक्त टीमों ने इलाके में एक साथ मिलकर जोरदार दबिश डाली। 
- देलवारा - कैलाशपुरी सड़क से अंदर ITC ग्रुप के 5 स्टार होटल को जाने वाली सड़क के ऊपर निजी खातेदारी जमीन पर करीब 6 बीघा खेत पर बड़े पैमाने पर गांजे की खेती पायी गयी।  
-वह जमीन का टुकड़ा सड़क से थोड़ी ऊंचाई पर होने के कारण नजर से दूर रहता था। वस्तुतः गेंहूं की खेती के बीच में छुपाकर यह गांजे की खेती की गयी थी परन्तु गेहूं कट जाने के कारण खुले में दिखने लगा था।  पहाड़ी उबड़ खाबड़ इलाका होने के कारण ड्रोन के कैमरे में भी यह पकड़ में नहीं आ पा रहा था। 
- पूछताछ में पता चला कि कई बार होटल के आस पास ड्रोन उड़ाए जाने पर भी यह इलाका नज़र से दूर ही रहता था और इसी कारण इसे मुफीद मानकर यहाँ गांजे की इतना बड़े स्टार पर खेती की गयी थी।  शायद इसी कारण इलाके में पूर्व में ANTF टीम के द्वारा किया गए सर्वेक्षण में भीं यह निगाह में नहीं आ पाया था। 
-मौके पर दी गयी दबिश में कई कट्टों में छुपाकर रखा हुआ सूखा और बिक्री हेतु पूर्णतः तैयार गांजा और कई बीघों में छुपाकर रोपी गयी गांजे की फसल सामने आ गयी। 
अंजुली में विषकुंभ की स्थापना 
- मौके की कार्रवाई से हथेली में धरे कटोरे के आकार की 6 बीघा जमीन में 10 करोड़ के जहर की फसल लहलहाती मिली। 
- कल शाम से आज दोपहर तक लगातार चली कार्रवाई के उपरान्त  मौके से 12 किलोग्राम पूर्णतया तैयार गांजा जब्त किया गया और अवैध रूप से उपजाई फसल के नष्टीकरण के दौरान गांजे के 5860  पौधे बरामद हुए। बरामद तैयार गांजा 1  और सवा किलो की थैलियों में पैक करके ग्राहकों को सप्लाई करने के लिए तैयार हालत में मिला। 
- NCB टीम के द्वारा जब्त पौधों की की गयी गणना के आधार पर इस पकड़ी गयी फसल से 2051  किलोग्राम गांजा तैयार होने वाला था जो कि एक बहुत बड़ी मात्रा होना प्रकाश में आया है । 
- सूत्रों के अनुसार इस गांजे का बाज़ार मूल्य मानकों के अनुसार सवा 10 करोड़ है तथा इसकी गुणवत्ता भी बड़े उच्च स्तर की है। 
नाथू का बाड़ा : एक अनार 19 बीमार 
- मौके से एक आरोपी नाथू पकड़ा गया जिसके कब्जे से तैयार गांजा बरामद हुआ। नाथू गंजे के छोटे छोटे पैकेट लेकर मौके पर ही ग्राहकों के इंतज़ार में बैठा था और दिनभर में काफी माल बेच भी चुका था।  
- मौके पर ही प्रशासन की टीम बुलाकर जमीन की गहनता से जांच कराई गयी जिसमे यह निजी खातेदारी की जमीन पायी गयी। अभी तक मिली रिपोर्ट के अनुसार इस जमीन के 19 खातेदार बताये जाते हैं। 
- पकड़ा गया आरोपी नाथू भी इस निजी जमीन के खातेदारों में से एक है। 
6 महीने में नशे की सत्ते पर पुलिस का सत्ता - लगातार सातवां प्रहार 
-नशे की  अवैध फसल के विरुद्ध ANTF की 6 महीने के भीतर यह सातवीं कार्रवाई है।  इन सात कार्रवाइयों में से तीन कार्रवाइयां ANTF और NCB ने साथ मिलकर की हैं। 
- इन कार्रवाइयों से यह तथ्य उजागर होता है कि नशे के सौदागरों ने विगत समय में राजस्थान के उदयपुर के आस पास के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में नशे की फसल का साम्राज्य स्थापित करने का कुत्सित प्रयास किया था जो ANTF और NCB के संयुक्त प्रयासों से नेस्तनाबूत हो रहा है और तस्करों की मंशा धूल -धूसरित हो रही है। 
अभियान का नामकरण 
- -जिस जमीन पर गांजे की फसल उगाई गयी थी उस जमीन का आकार ऐसा था मानो दोनों हथेलियों को जोड़कर उसमे एक कटोरा रखा गया हो।  उस आकर के आधार पर और गांजे की फसल होने के कारण  गांजा और अंजुली जिसका मतलब होता है हथेली में भरकर को मिलाकर ऑपरेशन का नाम गांजाजुली  रखा गया।
    user_Dharmendra kumar
    Dharmendra kumar
    जैसलमेर, जैसलमेर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • बाड़मेर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा ने आशापूर्णा क्राउन प्लाजा नवले की चक्की के पास जनता दरबार लगाया। बड़ी संख्या में बाड़मेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से ग्रामीणजन अपनी परिवेदनाएं लेकर बाड़मेर भाजपा के पूर्व जिला ध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा के पास में पहुंचे। स्वरूप सिंह खारा ने सभी की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना और समस्याओं के प्रभावी एवं त्वरित निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों से बात की। बाड़मेर भाजपा के पूर्व जिला ध्यक्ष और बाड़मेर भाजपा के पावर सेंटर कहे जाने वाले स्वरूप सिंह जी ने सभी की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का आश्वासन दिया।
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    बाड़मेर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा ने आशापूर्णा क्राउन प्लाजा नवले की चक्की के पास जनता दरबार लगाया। बड़ी संख्या में बाड़मेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से ग्रामीणजन अपनी परिवेदनाएं लेकर बाड़मेर भाजपा के पूर्व जिला ध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा के पास में पहुंचे। स्वरूप सिंह खारा ने सभी की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना और समस्याओं के प्रभावी एवं त्वरित निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों से बात की। बाड़मेर भाजपा के पूर्व जिला ध्यक्ष और बाड़मेर भाजपा के पावर सेंटर कहे जाने वाले स्वरूप सिंह जी ने सभी की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का आश्वासन दिया।
    user_Jitesh
    Jitesh
    Local News Reporter बाड़मेर, बाड़मेर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • Post by Pukhraj soni
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    Post by Pukhraj soni
    user_Pukhraj soni
    Pukhraj soni
    पत्रकार पचपदरा, बाड़मेर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • *IRAN*🚨 US नेवी के फाइटर जेट्स आज रात के हमले के लिए गोला बारूद लोड करते हुये... आज की रात.. इरान पर भारी पड़ने वाली है 🔥 *Note -* सुनो बुल्लों.... तुम तब तक़ अमेरिका इजराइल की तबाही का गुड़गान करना जबतक इरान वीरान न हो जाये ✍️
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    *IRAN*🚨
US नेवी के फाइटर जेट्स आज रात
के हमले के लिए गोला बारूद लोड करते हुये...
आज की रात.. इरान पर भारी पड़ने वाली है 🔥
*Note -*
सुनो बुल्लों.... 
तुम तब तक़ अमेरिका इजराइल की तबाही का गुड़गान करना जबतक इरान वीरान न हो जाये ✍️
    user_Balotra news Bhomesh Kumar
    Balotra news Bhomesh Kumar
    Taxi Driver पचपदरा, बाड़मेर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • लालूजी बेंदा की ढाणी फतेह नगर सुवाप आऊ में पिछले 7 साल से बंद पड़ा नलकूप। नलकूप बंद होने से ग्रामीणों को पानी की बहुत बड़ी समस्या हो रही हैं। अतः आपसे निवेदन है कि उच्च अधिकारियों से बात करके तुरन्त नलकूप को चालू करवाया जाए..
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    लालूजी बेंदा की ढाणी फतेह नगर सुवाप आऊ में पिछले 7 साल से बंद पड़ा नलकूप।
नलकूप बंद होने से ग्रामीणों को पानी की बहुत बड़ी समस्या हो रही हैं।
अतः आपसे निवेदन है कि उच्च अधिकारियों से बात करके तुरन्त नलकूप को चालू करवाया जाए..
    user_MBS MEDIA (Suwap)
    MBS MEDIA (Suwap)
    आऊ, जोधपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • जैसलमेर। सीमांत क्षेत्र रामगढ़ स्थित अम्बेडकर पार्क में महान समाज सुधारक, सामाजिक क्रांति के अग्रदूत एवं समानता के प्रणेता महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों द्वारा महात्मा फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ। इसके पश्चात वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन में दिए गए ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर तगाराम चौहान, सुरेश कुमार गाड़ी तथा बाबूराम चौहान ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने सामाजिक समानता, शिक्षा के प्रसार और महिला अधिकारों के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने जातिवाद, छुआछूत, अंधविश्वास और भेदभाव के विरुद्ध निर्भीक आवाज उठाई तथा शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बताया। वक्ताओं ने कहा कि फुले ने दलितों, वंचितों और महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोलकर सामाजिक क्रांति की ऐसी नींव रखी, जिसका प्रभाव आज भी समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में महात्मा फुले के विचार और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। समाज में समानता, भाईचारे और शिक्षा के प्रसार के लिए उनके आदर्शों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे शिक्षा को अपना हथियार बनाकर सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लें और सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें। महात्मा ज्योतिराव फुले को भारतीय समाज में समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखने वाले क्रांतिसूर्य के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने अक्षरों को शस्त्र बनाकर सदियों से फैले अज्ञान, जातिगत भेदभाव और लैंगिक असमानता के अंधकार को चुनौती दी। असमानता के मूल कारण के रूप में शिक्षा की कमी को समझते हुए उन्होंने वर्ष 1848 में लड़कियों के लिए पहला विद्यालय प्रारंभ किया। उस समय महिला शिक्षा का तीव्र विरोध हुआ, लेकिन फुले दंपति ने समाज की परंपरागत सोच को चुनौती दी। सावित्रीबाई फुले ने शिक्षिका बनकर इस आंदोलन को गति दी, जो भारतीय समाज में स्त्री शिक्षा की क्रांतिकारी शुरुआत सिद्ध हुई। महात्मा फुले ने शूद्र-अतिशूद्र और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर जाति आधारित भेदभाव का विरोध किया। उनके विचारों में सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और न्याय सर्वोपरि रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब सभी वर्गों को समान अवसर मिलें। महिला सशक्तिकरण को महत्व देते हुए उन्होंने विधवाओं के लिए आश्रय गृह की स्थापना की तथा अनाथ बच्चों के पालन-पोषण की व्यवस्था भी की। उनका मानना था कि महिला सम्मान और शिक्षा के बिना समाज का विकास अधूरा है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महात्मा ज्योतिबा फुले के बताए मार्ग पर चलने, शिक्षा के प्रसार, सामाजिक समानता और सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जाति-भेद से मुक्त समाज, महिला सम्मान और समावेशी विकास की दिशा में फुले के विचार आज भी मार्गदर्शक हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं समाजहित में कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
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    जैसलमेर। सीमांत क्षेत्र रामगढ़ स्थित अम्बेडकर पार्क में महान समाज सुधारक, सामाजिक क्रांति के अग्रदूत एवं समानता के प्रणेता महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों द्वारा महात्मा फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ। इसके पश्चात वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन में दिए गए ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर तगाराम चौहान, सुरेश कुमार गाड़ी तथा बाबूराम चौहान ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने सामाजिक समानता, शिक्षा के प्रसार और महिला अधिकारों के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने जातिवाद, छुआछूत, अंधविश्वास और भेदभाव के विरुद्ध निर्भीक आवाज उठाई तथा शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बताया। वक्ताओं ने कहा कि फुले ने दलितों, वंचितों और महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोलकर सामाजिक क्रांति की ऐसी नींव रखी, जिसका प्रभाव आज भी समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में महात्मा फुले के विचार और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। समाज में समानता, भाईचारे और शिक्षा के प्रसार के लिए उनके आदर्शों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे शिक्षा को अपना हथियार बनाकर सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लें और सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।
महात्मा ज्योतिराव फुले को भारतीय समाज में समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखने वाले क्रांतिसूर्य के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने अक्षरों को शस्त्र बनाकर सदियों से फैले अज्ञान, जातिगत भेदभाव और लैंगिक असमानता के अंधकार को चुनौती दी। असमानता के मूल कारण के रूप में शिक्षा की कमी को समझते हुए उन्होंने वर्ष 1848 में लड़कियों के लिए पहला विद्यालय प्रारंभ किया। उस समय महिला शिक्षा का तीव्र विरोध हुआ, लेकिन फुले दंपति ने समाज की परंपरागत सोच को चुनौती दी। सावित्रीबाई फुले ने शिक्षिका बनकर इस आंदोलन को गति दी, जो भारतीय समाज में स्त्री शिक्षा की क्रांतिकारी शुरुआत सिद्ध हुई।
महात्मा फुले ने शूद्र-अतिशूद्र और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर जाति आधारित भेदभाव का विरोध किया। उनके विचारों में सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और न्याय सर्वोपरि रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब सभी वर्गों को समान अवसर मिलें। महिला सशक्तिकरण को महत्व देते हुए उन्होंने विधवाओं के लिए आश्रय गृह की स्थापना की तथा अनाथ बच्चों के पालन-पोषण की व्यवस्था भी की। उनका मानना था कि महिला सम्मान और शिक्षा के बिना समाज का विकास अधूरा है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महात्मा ज्योतिबा फुले के बताए मार्ग पर चलने, शिक्षा के प्रसार, सामाजिक समानता और सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जाति-भेद से मुक्त समाज, महिला सम्मान और समावेशी विकास की दिशा में फुले के विचार आज भी मार्गदर्शक हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं समाजहित में कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
    user_Dharmendra kumar
    Dharmendra kumar
    जैसलमेर, जैसलमेर, राजस्थान•
    14 hrs ago
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