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नरसिंहपुर जिले में सोयाबीन की फसल पर इन दिनों पीला मोजेक समेत दूसरे रोगों का असर दिख रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में लहलहाती हुई सोयाबीन की फसल अचानक पीली पड़कर सूखने लगी है। *तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर से रामकिशन कुशवाहा की रिपोर्ट*
Ramkishan Kuswaha
नरसिंहपुर जिले में सोयाबीन की फसल पर इन दिनों पीला मोजेक समेत दूसरे रोगों का असर दिख रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में लहलहाती हुई सोयाबीन की फसल अचानक पीली पड़कर सूखने लगी है। *तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर से रामकिशन कुशवाहा की रिपोर्ट*
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- नरसिंहपुर जिले में सोयाबीन की फसल पर इन दिनों पीला मोजेक समेत दूसरे रोगों का असर दिख रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में लहलहाती हुई सोयाबीन की फसल अचानक पीली पड़कर सूखने लगी है। *तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर से रामकिशन कुशवाहा की रिपोर्ट*1
- *नरसिंहपुर में सुअरों का आतंक! मक्का-गन्ने की फसल बर्बाद, अतिवृष्टि से सोयाबीन-उड़द भी प्रभावित | किसानों ने मांगा मुआवजा!* नरसिंहपुर। 7 सितंबर 2026 जिले में किसानों की फसलों को सुअरों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने की शिकायत सामने आई है। किसानों का कहना है कि खेतों में सुअरों के झुंड पहुंचकर मक्का, गन्ना सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, इस वर्ष हुई अधिक बारिश के कारण भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों के अनुसार अतिवृष्टि के चलते खेतों में जलभराव और फसलों में जड़ गलन एवं पीला मोजेक जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इसका असर सोयाबीन, उड़द सहित अन्य फसलों पर पड़ रहा है। फसल नुकसान को लेकर किसानों ने कलेक्टर नरसिंहपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर स्थिति का उचित सर्वे कराने की मांग की है। किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और पात्र किसानों को नियमानुसार उचित क्षतिपूर्ति एवं मुआवजा दिलाया जाए। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक परिस्थितियों और जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान के कारण खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जल्द सर्वे कराकर राहत उपलब्ध कराना किसानों के लिए महत्वपूर्ण होगा।1
- नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट। स्काई इंडिया टीवी चैनल। नर्मदा का जलस्तर बढ़ा, ब्रह्मांड घाट पर आवागमन बंद प्रशासन ने नाव संचालन पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध एंकर...नरसिंहपुर में मां नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ने से ब्रह्मांड घाट पर हालात गंभीर बने हुए हैं। रेत घाट पर बना पुल पानी में डूब गया है, जिसके चलते लोगों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर घाट के दोनों ओर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और करीब 10 जवानों को तैनात किया गया है, वहीं पंचायत सचिव भी मौके पर मौजूद रहकर लोगों को नदी और घाट की ओर नहीं जाने की समझाइश दे रहे हैं। दरअसल, क्षेत्र में रिमझिम बारिश का दौर जारी है, जबकि बरगी बांध के पिछले करीब तीन दिनों से 13 गेट खुले हुए हैं। इसके चलते मां नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने आज से नाव संचालन पर भी पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है। वाइट...असलम कुरैशी,sderf जवान वाइट...अरुण शर्मा,पंचायत सचिव1
- दमोह -अवैध शराब पर बड़ा प्रहार1
- नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन पर मनाया गया 'अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस', वायु प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता का संदेश नरसिंहपुर: अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस (नीले आसमान के लिए स्वच्छ वायु का अंतर्राष्ट्रीय दिवस) के अवसर पर सोमवार, 7 सितंबर 2026 को नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर अनाउंसमेंट के माध्यम से यात्रियों और नागरिकों को वायु प्रदूषण के प्रति जागरूक किया गया। 1
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- *चारा लेने गए 20 वर्षीय युवक की करंट से मौत, खेत में बिछे तार को लेकर परिजनों ने सतीश पर लगाए गंभीर आरोप!* *देखिए पोलखोल न्यूज़ की खास रिपोर्ट, मृतक युवक के परिजनों ने क्या लगाए आरोप?* नरसिंहपुर! 7 सितंबर 2026 (म.प्र.)। महाकौशल शुगर एंड पावर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ब्चई फैक्ट्री में कर्मचारियों ने वेतन, ओवरटाइम और मजदूरी भुगतान को लेकर गंभीर शिकायतें सामने रखी हैं। कर्मचारियों की ओर से दिए गए शिकायत-पत्र में आरोप लगाया गया है कि कई कर्मचारियों को पिछले चार-पांच महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। शिकायत में कर्मचारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन और एचआर विभाग से जुड़े अधिकारियों पर वेतन की मांग करने पर कथित रूप से डराने-धमकाने तथा दबाव में काम करवाने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों में बकाया वेतन का पूरा भुगतान करने, शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी दर के अनुसार वेतन देने और ओवरटाइम का नियमानुसार भुगतान करने की मांग की है। इसके साथ ही कर्मचारियों का बीमा कराने की भी मांग रखी गई है। शिकायत में बोनस को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पूरे महीने के बजाय आधे महीने का बोनस दिया जाता है, जबकि रिकॉर्ड में पूरे महीने की एंट्री किए जाने की बात कही गई है। कर्मचारियों ने प्रत्येक माह वेतन भुगतान की निश्चित तारीख तय कर उसी दिन भुगतान किए जाने की मांग भी रखी है। शिकायतकर्ताओं ने फैक्ट्री संचालक एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही श्रमिकों से जुड़े कार्यालय के एक अधिकारी के संबंध में भी जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई है। कर्मचारियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर बकाया वेतन एवं अन्य वैधानिक देयकों का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि शिकायत पर श्रम विभाग और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।1
- EXPRESS MP CG News1