कुशीनगर जिले के पड़रौना कोतवाली क्षेत्र के सिधुआँ स्थान में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला पूरी तरह तूल पकड़ गया है। मृतका सुनीता देवी की मौत से आक्रोशित मायके पक्ष ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पहले शव का पोस्टमार्टम कराया और फिर कार्रवाई की मांग को लेकर पड़रौना-दुदही मुख्य मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। हालांकि, पुलिस के समझाने-बुझाने पर सड़क से जाम तो समाप्त हो गया, लेकिन मृतका के परिजन अब भी आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार न करने की जिद पर अड़े हुए हैं। मृतका के पिता सुरेश कुशवाहा, जो घरमोड़वा भेड़ियारी (बबुईया हरपुर) के निवासी हैं, उन्होंने ससुराल पक्ष पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था, उसके साथ मारपीट होती थी और उसकी सास उसे जान से मारने की धमकी देती थी। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई है और बाद में साक्ष्य मिटाने की नियत से इसे सीढ़ी से गिरने की घटना बताने की कोशिश की गई। इस वारदात के बाद से ही ससुराल पक्ष के सभी लोग घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। इस पूरे मामले पर पड़रौना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस जांच कर विधिक कार्रवाई में जुटी है। मौत के तीसरे दिन भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है और मायके वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं, जबकि दूसरी ओर यह भी बात सामने आ रही है कि यदि मायके वाले अंतिम संस्कार नहीं करेंगे तो पुलिस सख्ती से इसे करवाएगी। इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, वहीं उसके पति राजेश कुशवाहा बाहर एक निजी कंपनी में मजदूरी का काम करते हैं।
कुशीनगर जिले के पड़रौना कोतवाली क्षेत्र के सिधुआँ स्थान में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला पूरी तरह तूल पकड़ गया है। मृतका सुनीता देवी की मौत से आक्रोशित मायके पक्ष ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पहले शव का पोस्टमार्टम कराया और फिर कार्रवाई की मांग को लेकर पड़रौना-दुदही मुख्य मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। हालांकि, पुलिस के समझाने-बुझाने पर सड़क से जाम तो समाप्त हो गया, लेकिन मृतका के परिजन अब भी आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार न करने की जिद पर अड़े हुए हैं। मृतका के पिता सुरेश कुशवाहा, जो घरमोड़वा भेड़ियारी (बबुईया हरपुर) के निवासी हैं, उन्होंने ससुराल पक्ष पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था, उसके साथ मारपीट होती थी और उसकी सास उसे जान से मारने की धमकी देती थी। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई है और बाद में साक्ष्य मिटाने की नियत से इसे सीढ़ी से गिरने की घटना बताने की कोशिश की गई। इस वारदात के बाद से ही ससुराल पक्ष के सभी लोग घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। इस पूरे मामले पर पड़रौना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस जांच कर विधिक कार्रवाई में जुटी है। मौत के तीसरे दिन भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है और मायके वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं, जबकि दूसरी ओर यह भी बात सामने आ रही है कि यदि मायके वाले अंतिम संस्कार नहीं करेंगे तो पुलिस सख्ती से इसे करवाएगी। इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, वहीं उसके पति राजेश कुशवाहा बाहर एक निजी कंपनी में मजदूरी का काम करते हैं।
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला अंतर्गत हाटा क्षेत्र के सुकरौली में एक किसान जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में मुख्य रूप से किसानों को श्री अन्न और प्रसिद्ध काला नमक धान की खेती के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही, गोष्ठी में उपस्थित लोगों को प्राकृतिक खेती अपनाने की विधियों और किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।1
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के जोगापट्टी प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ को लेकर लोगों में भारी हड़कंप मचा हुआ है और उनकी परेशानियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते स्थानीय जनता में सरकार के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों का आरोप है कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई भी सहायता या सरकारी भाटा नहीं मिल रहा है। इस संकट के समय में लोग किसी तरह नाव के सहारे अपना घर और परिवार चला रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए कि आखिर इस बाढ़ ग्रसित क्षेत्र में लोग किस प्रकार अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि जब वे सरकार चुनने के लिए वोट करते हैं, तो सरकार का भी यह कर्तव्य है कि वह केवल शहरी इलाकों पर ही ध्यान न दे। सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों और दीयरवर्ती क्षेत्रों की जनता पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि उन्हें इस विपदा से राहत मिल सके। (रिपोर्ट: नागेंद्र कुमार)1
- बिहार में गंडक नदी का जलस्तर अब तेजी से घटने के कगार पर पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम और नदी के जलस्तर की वर्तमान स्थिति को करीब से देखने और समझने के लिए लोगों से वीडियो देखने के लिए कहा गया है।2
- देवरिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भलुअनी में शनिवार देर रात लगभग 11 बजे जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने औचक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों के उपचार, दवाओं की उपलब्धता और प्रसव केंद्र की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से प्रसव केंद्र का जायजा लिया और प्रसव पंजिका का बारीकी से अवलोकन करते हुए प्रत्येक प्रसव मामले की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित और व्यवस्थित प्रसव कराया जाए। इसी निरीक्षण के दौरान जब एक गर्भवती महिला प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची, तो जिलाधिकारी ने तुरंत ड्यूटी पर मौजूद एएनएम और स्टाफ नर्स को उसका सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव कराने पर बल दिया ताकि प्रसव सेवाएं सुगम और सुरक्षित ढंग से मिल सकें। डीएम मधुसूदन हुल्गी ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत दी ताकि मरीज संतुष्ट होकर लौटें। इसके साथ ही उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने को कहा। निरीक्षण के समय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के बारे में जानकारी लेने पर बताया गया कि वे दिन की ड्यूटी पूरी कर चुके थे, जबकि मौके पर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार पांडेय सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद पाए गए।4
- बिहार के बांकीपुर की जनता के दिलों में अब सिर्फ प्रशांत किशोर ही बसे हैं और हर तरफ 'अबकी बार प्रशांत किशोर विधायक' का शोर गूंज रहा है। गांव, नगर और गली-गली में केवल प्रशांत किशोर की ही चर्चा है और इस माहौल के पीछे खुद प्रशांत किशोर ही हैं। जनता के इस स्पष्ट ओपिनियन को देखते हुए अब सूबे में बीजेपी और आरजेडी का खत्म होना पूरी तरह से तय माना जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया में 'जय जगन्नाथ' के उद्घोष से पूरा शहर गूंज उठा है। यहाँ आयोजित हुई भव्य रथ यात्रा के साक्षी हजारों श्रद्धालु बने हैं।1
- उत्तर प्रदेश में सांसद विजय दुबे से जुड़े एक 17 साल पुराने मामले में सुनवाई हुई है। इस मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।1
- पश्चिम चंपारण के योगापट्टी अंतर्गत भवानीपुर पंचायत में बारिश की कामना को लेकर कई स्थानों पर ब्रह्म भोज का आयोजन किया गया। भवानीपुर ब्रह्मस्थान पर आयोजित इस विशेष ब्रह्म भोज में भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। यहाँ पीपल के पेड़ के नीचे भगवान ब्रह्म की पूजा-अर्चना की गई और बारिश के लिए भगवान से गुहार लगाई गई। इस धार्मिक आयोजन के दौरान खीर और लिट्टी के प्रसाद का विशेष प्रबंध किया गया और ग्रामीणों के बीच इसका वितरण हुआ। इस अनुष्ठान में गाँव के बड़ी संख्या में युवक भी शामिल हुए और सभी लोगों ने भगवान पर अटूट विश्वास जताते हुए श्रद्धापूर्वक पूजा-पाठ किया।1
- देवरिया जिले के विकासखंड रुद्रपुर के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और उनके प्रभावी संचालन को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। सीडीओ ने सर्वप्रथम ग्राम सभा गोनहा सुरतपुरा में पहुंचकर 'हर घर जल योजना' के कार्यों का जायजा लिया। मौके पर बताया गया कि यह पूरी पेयजल परियोजना पूर्ण रूप से सौर ऊर्जा पर आधारित है, जिसके तहत एक नलकूप और 125 किलोलीटर क्षमता की पानी की टंकी का निर्माण किया गया है। इस योजना के अंतर्गत ग्राम सभा में 4.3 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है, जिससे अब तक कुल 280 घरों को पेयजल योजना से लाभान्वित किया जा चुका है। इसके बाद उन्होंने ग्राम सभा पिंडरा में '2100 नवीन राजकीय नलकूप योजना' के अंतर्गत राजकीय नलकूप संख्या-38 आईजी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस सिंचाई परियोजना के तहत 1.2 किलोमीटर भूमिगत पीवीसी पाइपलाइन बिछाई गई है और 10 कुलाबा (आउटलेट) बनाए गए हैं, जिससे क्षेत्र के लगभग 35 किसान लाभ उठा रहे हैं। अपने दौरे के अगले चरण में मुख्य विकास अधिकारी ने राजकीय हाई स्कूल, गोनहा सुरतपुरा का औचक निरीक्षण किया और वहां की सभी शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस पूरे निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिशासी अभियंता संजय कुमार सहित संबंधित विभागों के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे।1