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बिहार में गंडक नदी का जलस्तर अब तेजी से घटने के कगार पर पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम और नदी के जलस्तर की वर्तमान स्थिति को करीब से देखने और समझने के लिए लोगों से वीडियो देखने के लिए कहा गया है।
Santosh Kumar
बिहार में गंडक नदी का जलस्तर अब तेजी से घटने के कगार पर पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम और नदी के जलस्तर की वर्तमान स्थिति को करीब से देखने और समझने के लिए लोगों से वीडियो देखने के लिए कहा गया है।
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- बिहार में गंडक नदी का जलस्तर अब तेजी से घटने के कगार पर पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम और नदी के जलस्तर की वर्तमान स्थिति को करीब से देखने और समझने के लिए लोगों से वीडियो देखने के लिए कहा गया है।2
- बिहार के बांकीपुर की जनता के दिलों में अब सिर्फ प्रशांत किशोर ही बसे हैं और हर तरफ 'अबकी बार प्रशांत किशोर विधायक' का शोर गूंज रहा है। गांव, नगर और गली-गली में केवल प्रशांत किशोर की ही चर्चा है और इस माहौल के पीछे खुद प्रशांत किशोर ही हैं। जनता के इस स्पष्ट ओपिनियन को देखते हुए अब सूबे में बीजेपी और आरजेडी का खत्म होना पूरी तरह से तय माना जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से सांसद विजय दुबे एमपी, एमएलए कोर्ट में पेश हुए हैं। सांसद विजय दुबे के खिलाफ साल 2009 में गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर हुए एक प्रदर्शन के दौरान मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में उनके खिलाफ खड्डा और रामकोला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। आज कोर्ट में हुई पेशी के बाद अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अगली सुनवाई या अगली तारीख पर कोर्ट इस मामले में अपना फैसला सुना सकती है।2
- कुशीनगर जिले के सदर तहसील पड़रौना में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा नजारा देखने को मिला। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में शुरू हुए इस आयोजन में अधिकारियों ने शुरुआत में तो लोगों की शिकायतें सुनीं, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही दोनों बड़े अधिकारियों के रवाना होते ही वहां की व्यवस्था पूरी तरह ढीली पड़ गई। कई विभागों के अधिकारी अपनी कुर्सियां खाली कर मौके से चले गए, जिससे अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए पहुंचे फरियादियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। मौके पर मौजूद कुछ अधिकारी अपने मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। बाद में मुख्य रूप से केवल तहसीलदार और लेखपाल ही मौके पर लोगों की शिकायतें सुनते रहे। इस समाधान दिवस में कुल 31 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण नहीं हो सका। राजस्व विभाग की आईं 16 शिकायतों में से सिर्फ 5 का मौके पर निस्तारण हुआ और 11 मामले लंबित रहे, जबकि पुलिस विभाग की 9 और विकास विभाग की 4 शिकायतों में से एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। यद्यपि अधिकारियों ने संबंधित विभागों को मौके पर पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति ने पूरी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके साथ ही, सदर तहसील परिसर में फरियादियों के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और वाहन स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी भी सामने आई, जिससे लोगों को काफी असुविधा उठानी पड़ी। समाधान दिवस में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे बलुचहा निवासी गोपाल प्रसाद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि वह कई वर्षों से अपनी भूमि विवाद के समाधान के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने उनकी सहमति के बिना उनकी जमीन पर मिट्टी डलवा दी, पेड़ कटवा दिए और अवैध कब्जा कर लिया, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है। त्वरित निस्तारण के दावों के बीच अधिकारियों की अनुपस्थिति और लंबित मामलों ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।3
- कुशीनगर के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के दुदही कस्बा स्थित 'टीपू इन्फॉर्मेशन एंव ऑनलाईन सेन्टर' नामक टूर एन्ड ट्रेवल्स एजेंसी पर एसडीएम ने अचानक छापेमारी की, जिससे वहां हड़कंप मच गया। कागजी हेरफेर के मामले को लेकर की गई इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम ने लगभग 2 घंटे तक गहन जाँच की और पूछताछ की प्रक्रिया को अंजाम दिया। इस जाँच के दौरान एजेंसी में संदिग्ध चीजें मिलने पर एसडीएम वहां से लैपटॉप और सीपीयू अपने साथ लेकर चली गईं। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई को लेकर जब मीडिया ने उनसे बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने मीडिया के कैमरे पर कुछ भी बोलने से पूरी तरह इनकार कर दिया।1
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के जोगापट्टी प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ को लेकर लोगों में भारी हड़कंप मचा हुआ है और उनकी परेशानियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते स्थानीय जनता में सरकार के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों का आरोप है कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई भी सहायता या सरकारी भाटा नहीं मिल रहा है। इस संकट के समय में लोग किसी तरह नाव के सहारे अपना घर और परिवार चला रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए कि आखिर इस बाढ़ ग्रसित क्षेत्र में लोग किस प्रकार अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि जब वे सरकार चुनने के लिए वोट करते हैं, तो सरकार का भी यह कर्तव्य है कि वह केवल शहरी इलाकों पर ही ध्यान न दे। सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों और दीयरवर्ती क्षेत्रों की जनता पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि उन्हें इस विपदा से राहत मिल सके। (रिपोर्ट: नागेंद्र कुमार)1
- महराजगंज के निचलौल तहसील में पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन की इकाई का गठन किया गया है। इस नवगठित इकाई में गजेंद्र गुप्ता को एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर की काफी चर्चा है और यह तेजी से #वायरल हो रही है।1
- पश्चिम चंपारण के पटजीरवा में बाढ़ के मुद्दे पर सवाल पूछने पर जल संसाधन विभाग के कर्मी और चौकीदार द्वारा धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। पटजीरवा में कार्यरत इन कर्मियों पर गुंडों की तरह व्यवहार करने का आरोप लगा है, जो सवाल पूछे जाने पर सीधे धमकी दे रहे हैं। यह विवाद तब हुआ जब यह सवाल उठाया गया कि जब एसडीओ साहब बोल रहे थे कि सरकार के पास पैसा नहीं है, तो फिर इन लोगों को सरकार वेतन कहां से दे रही है? इसके साथ ही यह भी सवाल किया गया कि जब बोरी भरी हुई है, तो आखिर उसे सुरक्षित कौन रखेगा? इन जायज सवालों का जवाब देने के बजाय वहां तैनात कर्मियों और चौकीदार द्वारा सीधे तौर पर धमकी दी गई।1