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बक्सर पाण्डेय पट्टी का वीडियो है यहाँ का पुलिस पैसा पर काम करती है जो गरीब है इसी लिए जान देदेता है देखो पूरा वीडियो 🙏🙏🙏 हेलो दोस्तों ये वीडियो बक्सर पाण्डेय पट्टी वाड - नम्बर -11 का है जो की जमीन के लिए झगड़ा कर रहा है लोग इन लोग ने जबरदस्ती झगड़ा कर रहा है कोई कागज के मधेयम से नहीं लड़ रहा है मेरे दोनों भाई के घेर के सब लोग ने मिल कर मर रहा है और तो और काटा लेकर घूम रहा है रंजीत नाम का लड़का है जो काटा लेके आरहा है यहाँ का पुलिस सब घुस खोर हो गई है यहाँ का सरकार आँधा हो गई है
Sonu kumar
बक्सर पाण्डेय पट्टी का वीडियो है यहाँ का पुलिस पैसा पर काम करती है जो गरीब है इसी लिए जान देदेता है देखो पूरा वीडियो 🙏🙏🙏 हेलो दोस्तों ये वीडियो बक्सर पाण्डेय पट्टी वाड - नम्बर -11 का है जो की जमीन के लिए झगड़ा कर रहा है लोग इन लोग ने जबरदस्ती झगड़ा कर रहा है कोई कागज के मधेयम से नहीं लड़ रहा है मेरे दोनों भाई के घेर के सब लोग ने मिल कर मर रहा है और तो और काटा लेकर घूम रहा है रंजीत नाम का लड़का है जो काटा लेके आरहा है यहाँ का पुलिस सब घुस खोर हो गई है यहाँ का सरकार आँधा हो गई है
- Sonu kumarबक्सर, बक्सर, बिहारइस वीडियो को ज्यादा ज्यादा सैर करिये प्लीज 🙏🙏🙏 जो की ये वीडियो सरकार के पास पहुंच जाये यहाँ के पुलिस कुछ नहीं सुनती है5 hrs ago
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- ⚡ एचटी लाइन टूटने से गड़वार उपकेंद्र की बिजली 30 घंटे गुल, 50 से अधिक गांवों में हाहाकार 🥵 भीषण गर्मी-उमस में लोगों की कटी जागकर रात, इन्वर्टर जवाब दे गए और पेयजल संकट ने बढ़ाई परेशानी गड़वार (बलिया)। दुमदुमा गांव के पास एचटी लाइन टूटने का खामियाजा गड़वार विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 50 हजार लोगों को भुगतना पड़ा। मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे बाधित हुई बिजली बुधवार शाम तक बहाल नहीं हो सकी। लगभग 30 घंटे तक 50 से अधिक गांव अंधेरे में डूबे रहे, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। लंबे समय तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों की रात आंखों-आंखों में कट गई। इन्वर्टर जवाब दे गए, घरों में पेयजल संकट खड़ा हो गया और खेतों से लेकर बाजार तक लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली न होने से घरेलू कामकाज के साथ-साथ दुकानदारों और किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गईं। 🔧 रात में नहीं हो सकी मरम्मत एचटी लाइन में फाल्ट की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम रात में मौके पर पहुंची, लेकिन अंधेरा और तकनीकी बाधाओं के कारण मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका। बुधवार सुबह दोबारा मरम्मत कार्य शुरू किया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद टूटे तार को जोड़ दिया गया, लेकिन इसी बीच बलिया की 132 केवी लाइन में फाल्ट आने से गड़वार विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। ✊ उपकेंद्र पहुंचे प्रधान प्रतिनिधि व समर्थक बुधवार दोपहर गड़वार ग्रामसभा के प्रधान प्रतिनिधि दीपक कन्नौजिया अपने दर्जनों समर्थकों के साथ विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और अवर अभियंता को बुलाने की मांग पर अड़ गए। उनका आरोप था कि अवर अभियंता का मोबाइल अक्सर बंद रहता है और उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारी भी फोन नहीं उठाते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो जाती, तब तक वे लोग उपकेंद्र परिसर में ही डटे रहेंगे। 📞 क्या बोले प्रभारी उपखंड अधिकारी? इस संबंध में प्रभारी उपखंड अधिकारी दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि करीब दो बजे 33 हजार केवी का फाल्ट ठीक कर लिया गया था। हालांकि, 132 केवी लाइन में फाल्ट आने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित है। वहां मरम्मत कार्य चल रहा है और दो-तीन घंटे में विद्युत आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। 📢 क्या आपके गांव में भी लंबे समय से बिजली गुल है? बिजली विभाग की व्यवस्था पर आपकी क्या राय है? कमेंट कर अपनी बात जरूर बताएं। #गड़वार #बिजली_संकट #बलिया_समाचार #विद्युत_उपकेंद्र #एचटी_लाइन2
- कराटेमैन #का सर फोड़ दिया #comedy #funny #trending #viral #funnymoment #funnyreel #memes #fun #entertainment #followme #sethji5g1
- 5 August San 2026 janeshwar Mishra s*** s*** Naman sapa Karyalay Lucknow जनेश्वर को क्यों कहते हैं छोटे लोहिया 5 अगस्त 1933 को बलिया के शुभ नाथहि गांव में पैदा हुए जनेश्वर मिश्रा समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया के बड़े अनुयायियों में गिने जाते हैं। छात्र जीवन में ही उनके ऊपर लोहिया के विचारों का प्रभाव पड़ गया था। समाजवादी युवजन सभा जॉइन करने के बाद मिश्रा पहली❤️ बार राम मनोहर लोहिया के संपर्क में आए। यूपी के पूर्व मंत्री नारद राय की मानें तो मिश्रा ने राम मनोहर लोहिया के साथ लंबे समय तक काम किया था। इस दौरान उन्होंने लोहिया के विचारों और उनके काम करने के तरीकों को ऐसे अपना लिया था, जैसे वह उनकी परछाईं हों। यही कारण था कि एक बार इलाहाबाद में आयोजित जनसभा में समाजवादी नेता छुन्नू ने कहा था कि जनेश्वर मिश्र के अंदर राम मनोहर लोहिया के सारे गुण हैं और इसलिए वे एक तरह से 'छोटे लोहिया' हैं। इसके बाद से ही जनेश्वर मिश्र का नाम छोटे लोहिया मशहूर हो गया। फूलपुर से बने सांसद छोटे लोहिया ने साल 1967 में अपने करियर का पहला संसदीय चुनाव लड़ा था। पहले ही चुनाव में उनकी प्रतिद्वंदी जवाहर लाल नेहरू की बहन और कांग्रेस नेता विजयलक्ष्मी पंडित थीं। इलाहाबाद की मशहूर फूलपुर लोकसभा सीट थी। यह चुनौती छोटे लोहिया के लिए बहुत मुश्किल थी और वह इसमें विफल भी हो गए लेकिन साल 1968 में विजयलक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र चली गईं। इसके बाद फूलपुर में उपचुनाव हुआ और इस बार मिश्र ने बाजी मार ली। उन्होंने कांग्रेस के केडी मालवीय को हराकर चुनाव जीत लिया और पहली बार लोकसभा पहुंचे। फूलपुर सीट से चुनाव जीतने वाले मिश्र पहले गैर-कांग्रेसी नेता थे।1
- जॉब पाने के लिए पुरे देश के लोग बिहार में आए ऐसा बिहार बनाना है "मेरा सपना मुख्यमंत्री बनना नहीं है। मेरा सपना है कि अपने जीवनकाल में ऐसा बिहार बने, जहाँ हरियाणा, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र से लोग नौकरी और रोजगार के लिए बिहार आएँ। तभी मानूँगा कि बिहार का विकास हुआ है।"1
- For more than three decades, Bankipur was considered one of BJP's strongest political bastions. Since 1995, the seat had remained firmly in the party's hands, making it one of its safest constituencies in Bihar. But the latest election has turned that long-standing narrative on its head. As counting progresses, Prashant Kishor has taken the lead, signaling a dramatic shift in one of the state's most closely watched contests. Whether this lead translates into a victory or not, the result has already made Bankipur one of the biggest talking points of the election. A constituency once seen as nearly impossible for BJP to lose is now witnessing one of its toughest political battles in over 30 years. The final outcome will determine whether this is just a temporary scare or the beginning of a new political chapter for Bankipur. [Bankipur, Bihar Election, Prashant Kishor, Jan Suraaj, BJP, Election Results, Bihar For more than three decades, Bankipur was considered one of BJP's strongest political bastions. Since 1995, the seat had remained firmly in the party's hands, making it one of its safest constituencies in Bihar. But the latest election has turned that long-standing narrative on its head. As counting progresses, Prashant Kishor has taken the lead, signaling a dramatic shift in one of the state's most closely watched contests. Whether this lead translates into a victory or not, the result has already made Bankipur one of the biggest talking points of the election. A constituency once seen as nearly impossible for BJP to lose is now witnessing one of its toughest political battles in over 30 years. The final outcome will determine whether this is just a temporary scare or the beginning of a new political chapter for Bankipur. [Bankipur, Bihar Election, Prashant Kishor, Jan Suraaj, BJP, Election Results, Bihar Politics, Bankipur Seat, Political News, India1
- सपा कार्यालय में मनाई गई छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की जयंती, समाजवादी विचारों पर चलने का लिया संकल्प बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बुधवार को समाजवादी चिंतक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रद्धेय जनेश्वर मिश्र (छोटे लोहिया) की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए समाजवादी सिद्धांतों और जनसेवा के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जनेश्वर मिश्र का पूरा जीवन गरीबों, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्ग के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सादगी, ईमानदारी और समाजवादी मूल्यों की राजनीति को नई पहचान दी। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। नेताओं ने कहा कि छोटे लोहिया ने हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य किया। वर्तमान समय में उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने, आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और समाजवादी विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के जिला पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। सभी ने जनेश्वर मिश्र के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- बक्सर पाण्डेय पट्टी का वीडियो है यहाँ का पुलिस पैसा पर काम करती है जो गरीब है इसी लिए जान देदेता है देखो पूरा वीडियो 🙏🙏🙏 हेलो दोस्तों ये वीडियो बक्सर पाण्डेय पट्टी वाड - नम्बर -11 का है जो की जमीन के लिए झगड़ा कर रहा है लोग इन लोग ने जबरदस्ती झगड़ा कर रहा है कोई कागज के मधेयम से नहीं लड़ रहा है मेरे दोनों भाई के घेर के सब लोग ने मिल कर मर रहा है और तो और काटा लेकर घूम रहा है रंजीत नाम का लड़का है जो काटा लेके आरहा है यहाँ का पुलिस सब घुस खोर हो गई है यहाँ का सरकार आँधा हो गई है1