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noni hatwari Kalash Yatra Mahashivratri ka aayojan
Deven kumar Mallick ♥️🚩
noni hatwari Kalash Yatra Mahashivratri ka aayojan
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- Post by Deven kumar Mallick ♥️🚩1
- जामताड़ा, 17 फरवरी। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा रवि आनंद ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जनता दरबार का आयोजन कर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी-अपनी शिकायतें उपायुक्त के समक्ष रखीं। इस दौरान जमीन विवाद, अवैध अतिक्रमण, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में त्रुटि, महिला कॉलेज की छात्राओं को यूजी सेमेस्टर टू की परीक्षा में शामिल नहीं किए जाने सहित कई प्रकार के मामले सामने आए। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों को त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। एक महिला ने अपने शैक्षणिक दस्तावेज में पिता के नाम की त्रुटि सुधारने की गुहार लगाई। उपायुक्त ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं एक अन्य महिला ने जमीन संबंधी विवाद का मामला रखते हुए थाना और अंचल स्तर पर समाधान नहीं होने की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी को जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जनता दरबार में प्राप्त अन्य मामलों को भी संबंधित कार्यालयों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने की बात कही गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार में अपनी समस्याएं निसंकोच प्रस्तुत करें, ताकि जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार उनका समाधान किया जा सके।4
- Post by PRESS R K PRESS R K1
- झारखंड हाईकोर्ट का फैसला, बुजुर्गों की संपत्ति पर बेटा-बहू का जबरन अधिकार नहीं। झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि बुजुर्ग माता-पिता की स्व अर्जित संपत्ति पर बेटा-बहू जबरन अधिकार नहीं जता सकते. मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना की स्थिति में उन्हें घर खाली करना होगा. कोर्ट ने रामगढ़ उपायुक्त के आदेश को रद्द करते हुए वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की. नीचे पूरी खबर पढ़ें.1
- Post by रियल मोशन न्यूज़1
- गोड्डा जिला Madhura मेला में दंगल कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित बड़े बड़े सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले पहलवान पहुंचा मधुरा मेला के धारती पर #वायरल #post1
- रेल बनाने के चक्कर में जान भी गम बैठते हैं लोग मेरे सैयां सुपरस्टार गाने पर रील बना रही थी रील पुत्री भावना, जो इतनी भावनात्मक हो गई कि गंदे नाले में बह गई थी। महिला का पैर फिसल गया और वह गंदे नाले में जा गिरी। डायल 112 के समय पर आने की वजह से वह बच गई, नहीं तो रील पुत्री की तस्वीर पर फूलों का हार चढ़ गया होता।1
- जामताड़ा। जिले के मेंझीया पंचायत अंतर्गत बिरगांव में निर्माणाधीन वीरबिंदिया पुल पर कार्य के दौरान एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। ऊंचाई से गिरने के कारण मजदूर के दोनों पैर टूट गए। घायल मजदूर मोहम्मद तारिकूल का इलाज जामताड़ा के पारस अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर दहशत में आकर काम छोड़कर अपने घर लौट गए। बताया जाता है कि वर्ष 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के हाथों बढ़ाकर नदी पर वीरबिंदिया पुल का शिलान्यास किया गया था। लगभग 263 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। उल्लेखनीय है कि बीते वर्षों में बिरबंदिया क्षेत्र में नाव हादसे में 14 लोगों की मौत के बाद इस पुल निर्माण की मांग तेज हुई थी, जिसके बाद सरकार ने पुल निर्माण की घोषणा की थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान मजदूर बिना सेफ्टी किट के ऊंचाई पर काम कर रहे थे। इसी दौरान प्लेट घसकने से मोहम्मद तारिकूल नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ काम कर रहे दिलकश, जिनकी उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए कहा कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण का उपयोग नहीं कराया जा रहा था। बिना हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट के ही कार्य कराया जा रहा था, जिसका परिणाम यह दुर्घटना है। घायल मजदूर मोहम्मद तारिकूल बिहार के कटिहार जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में श्रम अधीक्षक देव कुमार मिश्रा ने कहा कि यदि मामले में आवेदन प्राप्त होता है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुल निर्माण कार्य के प्रोजेक्ट मैनेजर जयदेव सिंह ने बताया कि मजदूरों को सेफ्टी किट उपलब्ध कराई गई है। यदि किसी मजदूर ने उसे नहीं पहना था तो इसकी जानकारी प्रबंधन को नहीं है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा निर्माण कार्य है, ऐसे में छोटी-मोटी घटनाएं हो जाती हैं। हालांकि, स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इससे पहले भी बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य कराने का विरोध किया गया था, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। ताजा घटना के बाद एक बार फिर निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1