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बालाघाट जिले में कोसुंबा-बांडारेव सड़क मार्ग की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। इस मार्ग की बदहाली के कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
Dev Anand
बालाघाट जिले में कोसुंबा-बांडारेव सड़क मार्ग की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। इस मार्ग की बदहाली के कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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- हट्टा पुलिस ने हट्टा बावली के पास हुए अंधे हत्याकांड का खुलासा कर दिया है और इस मामले में मृतक कुलदीप उदयपुरे के छोटे भाई कृष्णकिशोर उदयपुरे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कृष्णकिशोर ने अपने बड़े भाई कुलदीप की हत्या 15-16 जून की दरम्यानी रात शराब के नशे में सोए हुए गला घोंटकर की थी। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि बड़े भाई कुलदीप द्वारा आए दिन काम न करने और उधारी को लेकर छोटे भाई कृष्णकिशोर से विवाद और गाली-गलौज की जाती थी। रोज-रोज के इस क्लेश से परेशान होकर कृष्णकिशोर ने नारियल की रस्सी से अपने भाई का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हट्टा पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम की मदद ली, जिसके बाद आरोपी की निशानदेही पर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान, कृष्णकिशोर उदयपुरे ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उसने ही अपने भाई की हत्या की थी। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई रस्सी जब्त कर ली है। हट्टा पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड का खुलासा 72 घंटे के भीतर कर दिया और आरोपी कृष्णकिशोर उदयपुरे को आज शाम 05 बजे जेल भेज दिया गया। यह घटना आपसी वाद-विवाद का परिणाम थी।1
- बालाघाट जिले के वारासिवनी स्थित मुरझड़ फार्म में प्राकृतिक खेती को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, किसानों और कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम में भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती कल्पना मर्सकोले, भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष यशवंत लिल्हारे, वारासिवनी के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल, कटंगी विधायक गौरव पारधी और वारासिवनी विधायक विक्की पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, भाजपा जिला उपाध्यक्ष किशोर अमूले, जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र मोहारे, वरिष्ठ भाजपा नेता शैलेश सेट्टी, जिला पंचायत सदस्य झामसिंह नागेश्वर, श्री मर्सकोले, महेश शरणागत, वेद सिंह ठाकुर, वेदराम राहंगडाले, जुगराज पतले, राजकुमार लिल्हारे, भुनेश्वरी शरणागत, डेलीराम नागपुरे, तथा सफल कृषक अर्जुन ठकरेले, राजकुमार चौधरी, रामचंद्र सिहोरे और धरम लिल्हारे सहित सैकड़ों मातृ शक्ति की उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का सफल संचालन अजय ठाकुर द्वारा किया गया। कृषि विभाग से कृषि उपसंचालक फूलसिंह मालवीय, प्रतिभा टेंभरे तथा उनकी पूरी टीम कार्यशाला में उपस्थित रही। उत्तम बिसेन, अमूले और अन्य कृषि वैज्ञानिक भी इस महत्वपूर्ण आयोजन में शामिल हुए।4
- कंकर मुंजारे के समर्थकों ने कोतवाली का घेराव किया। इस दौरान, उन्होंने विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की। समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्यवाही नहीं की गई, तो वे आगे आंदोलन करेंगे।1
- दिल्ली के एक ज्वेलर को सिवनी के एक मोबाइल नंबर से ₹2 करोड़ की फिरौती के लिए धमकी दी गई है। इस मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने इस धमकी की जांच शुरू कर दी है।1
- मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के एक व्यवसायी ने अपनी ईमानदारी का परिचय दिया है। उन्होंने सरकार को ₹2.64 करोड़ रुपये की राशि वापस की है।1
- मध्य प्रदेश के बिछुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम हो गई है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला कई घंटों तक ऑक्सीजन के बिना साँसों के लिए तड़पती रही। अस्पताल में न तो रात के समय ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध था, न ही डॉक्टर और स्टाफ मौजूद थे, और एंबुलेंस का भी कोई अता-पता नहीं था। मजबूरन परिजनों को बाहर से निजी ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाना पड़ा और निजी वाहन से मरीज को छिंदवाड़ा रेफर करना पड़ा, जिससे उनकी जान बच सकी। यह घटना बिछुआ अस्पताल की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ मरीजों को इलाज की बजाय मौत का इंतजार करना पड़ता है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बिछुआ अस्पताल में रात होते ही स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर चली जाती है। एक गंभीर मरीज 3 घंटे से अधिक समय तक बिस्तर पर तड़पता रहा, जबकि हाथ में कैनुला लगा था और ऑक्सीजन मास्क की सख्त जरूरत थी। आश्चर्यजनक रूप से, अस्पताल में एक भी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं था, और सरकारी ऑक्सीजन प्लांट महज एक शोपीस बनकर रह गया है, जिसके सिलेंडर खाली पड़े हैं। सबसे शर्मनाक बात यह है कि रात के समय अस्पताल में कोई जिम्मेदार स्टाफ — न डॉक्टर, न नर्स, न वार्ड बॉय — मौजूद नहीं था, जिससे परिजनों को मदद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा और चिल्लाना पड़ा। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि BMO (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) की गैर-जिम्मेदारी ही इस बदहाली की जड़ है। BMO कथित तौर पर रोज़ाना सुबह हाजिरी लगाकर शाम होते ही अपने घर चले जाते हैं, जिससे रात में अस्पताल भगवान भरोसे रहता है। शासन के नियमों के अनुसार BMO को 24x7 अस्पताल में मौजूद रहना चाहिए और आपात स्थिति में रात में भी ड्यूटी देनी चाहिए, लेकिन बिछुआ में ये नियम ताक पर रख दिए गए हैं। ग्रामीण इसे BMO की लापरवाही का नतीजा मान रहे हैं, जिसने बिछुआ अस्पताल को मरीजों के लिए 'मौत का फरमान' बना दिया है। इस गंभीर लापरवाही के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। वे सवाल उठा रहे हैं कि 3 घंटे तक मरीज के तड़पने के दौरान अस्पताल का इंचार्ज कहाँ था, ऑक्सीजन सिलेंडर क्यों नहीं था, और सरकारी एंबुलेंस क्यों नदारद थी। स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों से तुरंत बिछुआ अस्पताल का रात में औचक निरीक्षण करने, दोषी BMO और लापरवाह स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई करने, 24 घंटे डॉक्टर-स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित करने और ऑक्सीजन प्लांट को तुरंत चालू करने की मांग की गई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो अगली खबर किसी मरीज की लाश की होगी, और उसके लिए सीधे तौर पर BMO की 'डेली अप-डाउन' वाली लापरवाही ही जिम्मेदार होगी।1
- बालाघाट जिले के हटटा थाना क्षेत्र में 16 जून की सुबह पुलिस को सेनानी चौक स्थित एक घर के आँगन में कुलदीप उदयपुरे के मृत पाए जाने की सूचना मिली। मृतक दरी पर लेटा था और उसकी गर्दन पर तार या रस्सी कसने के निशान थे। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री निहित उपाध्याय और अनुविभागीय अधिकारी (लांजी) श्रीमती प्रतिष्ठा राठौर को मामले का तत्काल खुलासा करने के निर्देश दिए। हटटा पुलिस ने श्री निहित उपाध्याय और श्रीमती प्रतिष्ठा राठौर के मार्गदर्शन में मृतक के भाई-बहनों, भांजी और पड़ोसियों से गहन पूछताछ की। इस दौरान मृतक कुलदीप उदयपुरे और उसके छोटे भाई के बीच छोटी-छोटी बातों पर लगातार होने वाले विवादों का खुलासा हुआ। गहन पूछताछ और भावनात्मक तरीके से विश्वास में लेने पर, मृतक की बहन और भांजी ने बताया कि छोटे भाई ने ही बड़े भाई की हत्या की है। आरोपी छोटे भाई को गिरफ्तार कर विस्तृत पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह बड़े भाई द्वारा रोज-रोज विवाद करने, गाली-गलौज करने, उधार लेने और काम न करने से परेशान होकर गुस्से में था। उसने 15 जून/16 जून, 2026 की दरम्यानी रात में शराब के नशे में सो रहे कुलदीप उदयपुरे का नारियल की रस्सी से गला घोंटकर हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त नारियल की रस्सी उसके घर से जब्त कर ली है। प्रार्थी सुशील पिता स्व. गेंदलाल सोनी की सूचना पर थाना हटटा में मर्ग क्रमांक 13/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के बाद हत्या प्रमाणित होने पर थाना हटटा में अपराध क्रमांक 73/26 धारा 103(2), 238(b) बीएनएस के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया गया। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी हटटा उप निरीक्षक अविनाश राठौड़, कार्यस. उनि विजय कुमार पटले, प्र. आर. 774 निखिलेश अग्रिहोत्री, प्र.आर. 06 सतीश पारधी, प्र.आर. 242 नंदकिशोर ठाकुर, प्र.आर. 1035 राजेश पटले, आर. 1527 गितेश परदेशी, आर. 890 श्याम रावेट, आर. 58 विष्णु प्रताप, आर. 111 संतोष ठाकरे, आर. 1512 अभिषेक, आर. 1444 किशन यादव, आर. 1567 आभाष नागेश्वर और म.आर. 601 कविता खोब्रागड़े का सराहनीय योगदान रहा।3
- जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभिषेक सराफ और जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके परिणामस्वरूप बैठक में जमकर हंगामा देखा गया। इस विवाद के बाद, जनप्रतिनिधियों ने सीईओ अभिषेक सराफ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 7 दिनों के भीतर इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे एक उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।1
- सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र में एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। बताया गया है कि उसे जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।1