सुल्तानपुर के लंभुआ तहसील क्षेत्र में समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है, जहाँ पार्टी के दो अलग-अलग गुटों ने एक ही जनहित के मुद्दों को लेकर भिन्न-भिन्न तिथियों पर धरना-प्रदर्शन किया। हाल ही में, मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष सत्यपाल यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने लंभुआ में प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी प्रीति जैन को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव और पूर्व विधायक संतोष पांडेय सहित अन्य नेताओं के साथ तहसील मुख्यालय तक मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पेपर लीक, महंगाई, बिजली कटौती, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसमें सरकार की नीतियों पर पुनर्विचार और विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक संतोष पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव, जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव, जिला सचिव हरकेश यादव, अतेन्द्र जायसवाल समेत कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इससे पहले, 30 मई को पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र वर्मा उर्फ बाजीगर वर्मा के नेतृत्व में पार्टी के दूसरे गुट ने भी इन्हीं मुद्दों पर प्रदर्शन किया था। मंगलवार के कार्यक्रम से पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं वरिष्ठ नेता परमात्मा यादव, जिला महासचिव सलाउद्दीन सिद्दीकी, जिला उपाध्यक्ष अशोक वर्मा, हाल ही में पार्टी में शामिल हुए श्यामलाल निषाद 'गुरुजी', भजन सिंह यादव तथा हरीश यादव सहित कई प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एक ही मुद्दे पर अलग-अलग गुटों द्वारा पृथक प्रदर्शन किए जाने और कई वरिष्ठ नेताओं की कार्यक्रम से दूरी ने लंभुआ क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की आंतरिक खींचतान को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है। उनके अनुसार, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
सुल्तानपुर के लंभुआ तहसील क्षेत्र में समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है, जहाँ पार्टी के दो अलग-अलग गुटों ने एक ही जनहित के मुद्दों को लेकर भिन्न-भिन्न तिथियों पर धरना-प्रदर्शन किया। हाल ही में, मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष सत्यपाल यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने लंभुआ में प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी प्रीति जैन को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष रघुवीर
यादव और पूर्व विधायक संतोष पांडेय सहित अन्य नेताओं के साथ तहसील मुख्यालय तक मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पेपर लीक, महंगाई, बिजली कटौती, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसमें सरकार की नीतियों पर पुनर्विचार और विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक संतोष पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव, जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव, जिला सचिव
हरकेश यादव, अतेन्द्र जायसवाल समेत कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इससे पहले, 30 मई को पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र वर्मा उर्फ बाजीगर वर्मा के नेतृत्व में पार्टी के दूसरे गुट ने भी इन्हीं मुद्दों पर प्रदर्शन किया था। मंगलवार के कार्यक्रम से पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं वरिष्ठ नेता परमात्मा यादव, जिला महासचिव सलाउद्दीन सिद्दीकी, जिला उपाध्यक्ष अशोक वर्मा, हाल ही में पार्टी में शामिल हुए श्यामलाल निषाद 'गुरुजी', भजन सिंह यादव तथा हरीश
यादव सहित कई प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एक ही मुद्दे पर अलग-अलग गुटों द्वारा पृथक प्रदर्शन किए जाने और कई वरिष्ठ नेताओं की कार्यक्रम से दूरी ने लंभुआ क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की आंतरिक खींचतान को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है। उनके अनुसार, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
- सुलतानपुर के लम्भुआ में मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने महंगाई, बेरोजगारी और बिजली संकट के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। विधानसभा अध्यक्ष सत्यपाल यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मेला वाली बाग में इकट्ठा हुए और सरकार विरोधी धरना दिया। धरना स्थल पर पूर्व विधायक संतोष पांडेय ने प्रदेश सरकार पर कड़ा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, पेपर लीक की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, और बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। धरने के बाद, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेला वाली बाग से तहसील मुख्यालय तक एक मार्च निकाला। इस दौरान, कार्यकर्ता हाथों में झंडे लिए हुए थे और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए अपनी मांगों को जोर-शोर से उठा रहे थे। तहसील पहुँचकर, पार्टी के नेताओं ने उपजिलाधिकारी प्रीति जैन को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें महंगाई पर नियंत्रण, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, बिजली संकट का समाधान करने और जनहित के अन्य मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। इस प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोग इसे जनता की वास्तविक आवाज मान रहे हैं, वहीं कुछ अन्य इसे आगामी चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी की राजनीतिक सक्रियता के रूप में देख रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार विपक्ष के इन आरोपों और मांगों पर क्या रुख अपनाती है।1
- सुल्तानपुर के लंभुआ तहसील क्षेत्र में समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है, जहाँ पार्टी के दो अलग-अलग गुटों ने एक ही जनहित के मुद्दों को लेकर भिन्न-भिन्न तिथियों पर धरना-प्रदर्शन किया। हाल ही में, मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष सत्यपाल यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने लंभुआ में प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी प्रीति जैन को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव और पूर्व विधायक संतोष पांडेय सहित अन्य नेताओं के साथ तहसील मुख्यालय तक मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पेपर लीक, महंगाई, बिजली कटौती, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसमें सरकार की नीतियों पर पुनर्विचार और विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक संतोष पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव, जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव, जिला सचिव हरकेश यादव, अतेन्द्र जायसवाल समेत कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इससे पहले, 30 मई को पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र वर्मा उर्फ बाजीगर वर्मा के नेतृत्व में पार्टी के दूसरे गुट ने भी इन्हीं मुद्दों पर प्रदर्शन किया था। मंगलवार के कार्यक्रम से पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं वरिष्ठ नेता परमात्मा यादव, जिला महासचिव सलाउद्दीन सिद्दीकी, जिला उपाध्यक्ष अशोक वर्मा, हाल ही में पार्टी में शामिल हुए श्यामलाल निषाद 'गुरुजी', भजन सिंह यादव तथा हरीश यादव सहित कई प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एक ही मुद्दे पर अलग-अलग गुटों द्वारा पृथक प्रदर्शन किए जाने और कई वरिष्ठ नेताओं की कार्यक्रम से दूरी ने लंभुआ क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की आंतरिक खींचतान को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है। उनके अनुसार, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।4
- सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत बिरैता पाल्हीपुर गाँव निवासी अखंड प्रताप सिंह ने आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों का नाम पुनः जोड़ने के लिए सुविधा शुल्क ली गई, लेकिन कई महीनों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। अखंड प्रताप सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह, जो राजापुर, बिरैता पाल्हीपुर के निवासी हैं, के राशन कार्ड से परिवार के कुछ सदस्यों के नाम हटा दिए गए थे। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम पुनः जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और संबंधित दस्तावेज विकासखंड दोस्तपुर में राशन कार्ड का कार्य देख रहे कर्मचारी संदीप कुमार को सौंप दिए थे। पीड़ित का दावा है कि फरवरी माह में सभी दस्तावेज जमा करने के साथ-साथ कर्मचारी द्वारा माँगी गई कथित सुविधा शुल्क भी दी गई थी। सुविधा शुल्क दिए जाने के बावजूद आज तक राशन कार्ड में किसी सदस्य का नाम नहीं जोड़ा गया है। अखंड प्रताप सिंह के अनुसार, उन्होंने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनके फोन तक रिसीव नहीं किए जा रहे हैं। इस मामले से आहत होकर, अखंड प्रताप सिंह ने जिला खाद्य एवं रसद विभाग के उच्च अधिकारियों से जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और उनके परिवार के सदस्यों का नाम शीघ्र राशन कार्ड में दर्ज कराने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र से एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बहू अपनी सास को सिर पर बैठाकर 84 कोस की परिक्रमा कराती नजर आ रही है। बताया गया है कि बहू ने यह अनूठा संकल्प अपनी सास की इच्छा पूरी करने के उद्देश्य से लिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा यह वीडियो रिश्तों में सेवा, समर्पण और सम्मान की एक अनोखी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।1
- प्रतापगढ़ पुलिस ने एक प्रभावी अभियान के तहत गुम और खोए हुए कुल 170 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद फोनों की अनुमानित कीमत लगभग ₹33,15,000/- (तैंतीस लाख पंद्रह हजार रुपये) बताई गई है। यह उल्लेखनीय सफलता जनपद प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर और अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार भाटी के निर्देशन में प्रभारी सर्विलांस टीम और जनपद पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। जनपद के समस्त थानों की साइबर टीमों और सर्विलांस सेल की तकनीकी सहायता, विशेषकर CEIR पोर्टल की मदद से, इन मोबाइलों को बरामद किया गया। आज, 2 जून 2026 को पुलिस लाइन प्रतापगढ़ स्थित साईं कॉम्प्लेक्स में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर और अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार भाटी ने स्वयं इन मोबाइल फोनों को उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किया। अपने गुम हुए मोबाइल फोन वापस पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने प्रतापगढ़ पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की भरपूर सराहना की। लाभार्थियों ने पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर, अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार भाटी और पूरी पुलिस टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।4
- सुल्तानपुर के लम्भुआ में समाजवादी पार्टी (सपा) ने 2 जून को तहसील पर प्रस्तावित एक “विशाल प्रदर्शन” के लिए नया पोस्टर जारी किया है। यह कदम तब उठाया गया जब पहले जारी किए गए पोस्टर से जिला महासचिव सलाउद्दीन सिद्दीकी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य परमात्मा यादव, राममूर्ति चौरसिया, और राजबली यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें गायब होने की खबर सामने आई थी, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी। नए पोस्टर में अब परमात्मा यादव के साथ अतेन्द्र जायसवाल, ई. राममूर्ति चौरसिया, राजबली यादव उर्फ काका, सत्यपाल यादव और संतोष पांडेय प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर के निचले हिस्से में कई अन्य कार्यकर्ताओं के नाम और फोटो भी शामिल किए गए हैं, लेकिन जिला महासचिव सलाउद्दीन सिद्दीकी की तस्वीर अभी भी इस नए पोस्टर से नदारद है। सूत्रों के अनुसार, पहले पोस्टर से इन नेताओं के गायब होने को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष था, और इस घटना को पार्टी के भीतर की गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा था। विवाद बढ़ने के बाद, देर रात आनन-फानन में प्रिंटिंग प्रेस पर नया पोस्टर छपवाकर इस असंतोष को दूर करने का प्रयास किया गया है। इस पूरी घटना से लम्भुआ विधानसभा सीट के लिए विभिन्न दावेदारों के बीच चल रही होड़ और उनके आपसी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।4
- सुल्तानपुर जिले के धनपतगंज थाना क्षेत्र के हरौरा बाजार में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस हिंसक झड़प में एक PAC जवान सहित कुल 7 लोग घायल हो गए। इलाज के लिए CHC धनपतगंज पहुंचे घायलों ने अस्पताल के भीतर भी आपस में मारपीट शुरू कर दी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने इस पूरे मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच जारी है।1