सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत बिरैता पाल्हीपुर गाँव निवासी अखंड प्रताप सिंह ने आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों का नाम पुनः जोड़ने के लिए सुविधा शुल्क ली गई, लेकिन कई महीनों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। अखंड प्रताप सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह, जो राजापुर, बिरैता पाल्हीपुर के निवासी हैं, के राशन कार्ड से परिवार के कुछ सदस्यों के नाम हटा दिए गए थे। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम पुनः जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और संबंधित दस्तावेज विकासखंड दोस्तपुर में राशन कार्ड का कार्य देख रहे कर्मचारी संदीप कुमार को सौंप दिए थे। पीड़ित का दावा है कि फरवरी माह में सभी दस्तावेज जमा करने के साथ-साथ कर्मचारी द्वारा माँगी गई कथित सुविधा शुल्क भी दी गई थी। सुविधा शुल्क दिए जाने के बावजूद आज तक राशन कार्ड में किसी सदस्य का नाम नहीं जोड़ा गया है। अखंड प्रताप सिंह के अनुसार, उन्होंने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनके फोन तक रिसीव नहीं किए जा रहे हैं। इस मामले से आहत होकर, अखंड प्रताप सिंह ने जिला खाद्य एवं रसद विभाग के उच्च अधिकारियों से जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और उनके परिवार के सदस्यों का नाम शीघ्र राशन कार्ड में दर्ज कराने की मांग की है।
सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत बिरैता पाल्हीपुर गाँव निवासी अखंड प्रताप सिंह ने आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों का नाम पुनः जोड़ने के लिए सुविधा शुल्क ली गई, लेकिन कई महीनों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। अखंड प्रताप सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह, जो राजापुर, बिरैता पाल्हीपुर के निवासी हैं, के राशन कार्ड से परिवार के कुछ सदस्यों के नाम हटा दिए गए थे। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम पुनः जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और संबंधित दस्तावेज विकासखंड दोस्तपुर में राशन कार्ड का कार्य देख रहे कर्मचारी संदीप कुमार को सौंप दिए थे। पीड़ित का दावा है कि फरवरी माह में सभी दस्तावेज जमा करने के साथ-साथ कर्मचारी द्वारा माँगी गई कथित सुविधा शुल्क भी दी गई थी। सुविधा शुल्क दिए जाने के बावजूद आज तक राशन कार्ड में किसी सदस्य का नाम नहीं जोड़ा गया है। अखंड प्रताप सिंह के अनुसार, उन्होंने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनके फोन तक रिसीव नहीं किए जा रहे हैं। इस मामले से आहत होकर, अखंड प्रताप सिंह ने जिला खाद्य एवं रसद विभाग के उच्च अधिकारियों से जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और उनके परिवार के सदस्यों का नाम शीघ्र राशन कार्ड में दर्ज कराने की मांग की है।
- सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत बिरैता पाल्हीपुर गाँव निवासी अखंड प्रताप सिंह ने आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों का नाम पुनः जोड़ने के लिए सुविधा शुल्क ली गई, लेकिन कई महीनों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। अखंड प्रताप सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह, जो राजापुर, बिरैता पाल्हीपुर के निवासी हैं, के राशन कार्ड से परिवार के कुछ सदस्यों के नाम हटा दिए गए थे। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम पुनः जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और संबंधित दस्तावेज विकासखंड दोस्तपुर में राशन कार्ड का कार्य देख रहे कर्मचारी संदीप कुमार को सौंप दिए थे। पीड़ित का दावा है कि फरवरी माह में सभी दस्तावेज जमा करने के साथ-साथ कर्मचारी द्वारा माँगी गई कथित सुविधा शुल्क भी दी गई थी। सुविधा शुल्क दिए जाने के बावजूद आज तक राशन कार्ड में किसी सदस्य का नाम नहीं जोड़ा गया है। अखंड प्रताप सिंह के अनुसार, उन्होंने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनके फोन तक रिसीव नहीं किए जा रहे हैं। इस मामले से आहत होकर, अखंड प्रताप सिंह ने जिला खाद्य एवं रसद विभाग के उच्च अधिकारियों से जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और उनके परिवार के सदस्यों का नाम शीघ्र राशन कार्ड में दर्ज कराने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र से एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बहू अपनी सास को सिर पर बैठाकर 84 कोस की परिक्रमा कराती नजर आ रही है। बताया गया है कि बहू ने यह अनूठा संकल्प अपनी सास की इच्छा पूरी करने के उद्देश्य से लिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा यह वीडियो रिश्तों में सेवा, समर्पण और सम्मान की एक अनोखी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।1
- बहराइच में वाहन चालकों ने आइसीपी (इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट) के नियमों में बढ़ती सख्ती पर नाराजगी व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। चालकों ने अपने वाहनों को खड़ा करके अपना विरोध जताया, साथ ही आइसीपी कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। इस घटना के विरोध में वाहन चालकों ने चेक पोस्ट पर ही हड़ताल शुरू कर दी है और अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा है।1
- सुलतानपुर के लम्भुआ में मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने महंगाई, बेरोजगारी और बिजली संकट के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। विधानसभा अध्यक्ष सत्यपाल यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मेला वाली बाग में इकट्ठा हुए और सरकार विरोधी धरना दिया। धरना स्थल पर पूर्व विधायक संतोष पांडेय ने प्रदेश सरकार पर कड़ा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, पेपर लीक की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, और बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। धरने के बाद, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेला वाली बाग से तहसील मुख्यालय तक एक मार्च निकाला। इस दौरान, कार्यकर्ता हाथों में झंडे लिए हुए थे और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए अपनी मांगों को जोर-शोर से उठा रहे थे। तहसील पहुँचकर, पार्टी के नेताओं ने उपजिलाधिकारी प्रीति जैन को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें महंगाई पर नियंत्रण, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, बिजली संकट का समाधान करने और जनहित के अन्य मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। इस प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोग इसे जनता की वास्तविक आवाज मान रहे हैं, वहीं कुछ अन्य इसे आगामी चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी की राजनीतिक सक्रियता के रूप में देख रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार विपक्ष के इन आरोपों और मांगों पर क्या रुख अपनाती है।1
- सुल्तानपुर के लंभुआ तहसील क्षेत्र में समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है, जहाँ पार्टी के दो अलग-अलग गुटों ने एक ही जनहित के मुद्दों को लेकर भिन्न-भिन्न तिथियों पर धरना-प्रदर्शन किया। हाल ही में, मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष सत्यपाल यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने लंभुआ में प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी प्रीति जैन को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव और पूर्व विधायक संतोष पांडेय सहित अन्य नेताओं के साथ तहसील मुख्यालय तक मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पेपर लीक, महंगाई, बिजली कटौती, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसमें सरकार की नीतियों पर पुनर्विचार और विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक संतोष पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव, जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव, जिला सचिव हरकेश यादव, अतेन्द्र जायसवाल समेत कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इससे पहले, 30 मई को पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र वर्मा उर्फ बाजीगर वर्मा के नेतृत्व में पार्टी के दूसरे गुट ने भी इन्हीं मुद्दों पर प्रदर्शन किया था। मंगलवार के कार्यक्रम से पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं वरिष्ठ नेता परमात्मा यादव, जिला महासचिव सलाउद्दीन सिद्दीकी, जिला उपाध्यक्ष अशोक वर्मा, हाल ही में पार्टी में शामिल हुए श्यामलाल निषाद 'गुरुजी', भजन सिंह यादव तथा हरीश यादव सहित कई प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एक ही मुद्दे पर अलग-अलग गुटों द्वारा पृथक प्रदर्शन किए जाने और कई वरिष्ठ नेताओं की कार्यक्रम से दूरी ने लंभुआ क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की आंतरिक खींचतान को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है। उनके अनुसार, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।4
- सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत गोशैसिंहपुर बाजार में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार के अवसर पर धार्मिक उत्साह का माहौल देखा गया। बाजार स्थित प्रसिद्ध प्रतिष्ठान 'पंकज वस्त्रालय' के मालिक बसंतलाल अग्रहरि ने भव्य रूप से एक प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर, प्रतिष्ठान की ओर से स्थानीय राहगीरों, ग्राहकों और श्रद्धालुओं को बड़े ही सेवा भाव के साथ नुक्ति (बूंदी) और छोले का प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से ही हनुमान जी के जयकारों के बीच प्रसाद ग्रहण करने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी रही, जिससे भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को इस भंडारे से काफी राहत मिली। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रतिष्ठान के स्टाफ और स्थानीय युवाओं ने सराहनीय सहयोग दिया, जिसकी क्षेत्र के नागरिकों ने बसंतलाल अग्रहरि के इस धार्मिक और सामाजिक कार्य की जमकर प्रशंसा की।2
- सुल्तानपुर के हरौरा बाजार में सोमवार को पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जो देखते ही देखते एक हिंसक झड़प में बदल गई। इस घटना में एक पीएसी जवान समेत कुल सात लोग घायल हो गए, जिससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। यह विवाद पीएसी में तैनात अमित अग्रहरी, जो इन दिनों मेडिकल अवकाश पर घर आए हुए हैं, और बाजार के गौतम अग्रहरी के बीच किसी बात को लेकर बढ़ गया था। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडों और हाथापाई में भिड़ गए, जिससे दोनों ओर से कई लोग जख्मी हुए। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनपतगंज पहुंचाया। हालांकि, यह मामला अस्पताल परिसर तक भी पहुंच गया, जहाँ मेडिकल परीक्षण के दौरान दोनों पक्ष फिर से आपस में भिड़ गए, जिससे अस्पताल में भी हड़कंप मच गया। स्थिति बिगड़ती देख, थाना प्रभारी अंजू मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचीं और हालात को नियंत्रित किया। इस मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए बिनोद, अमित और संतोष को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी बल्दीराय आशुतोष कुमार भी मौके पर पहुंचे।1