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नागौर में दिनदहाड़े दुकान के सामने से बाइक चोरी, CCTV में कैद हुआ चोर नागौर में दिनदहाड़े दुकान के सामने से बाइक चोरी, CCTV में कैद हुआ चोर , CCTV में बाइक ले जाते हुए दिख रहा है।

3 hrs ago
user_रमेश सिंह
रमेश सिंह
Merta, Nagaur•
3 hrs ago

नागौर में दिनदहाड़े दुकान के सामने से बाइक चोरी, CCTV में कैद हुआ चोर नागौर में दिनदहाड़े दुकान के सामने से बाइक चोरी, CCTV में कैद हुआ चोर , CCTV में बाइक ले जाते हुए दिख रहा है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • रियान बड़ी क्षेत्र में मंगलवार शाम को मौसम ने करवट ली। तेज बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। शाम करीब 5 बजे आसमान में काले घने बादल छाने लगे और 6 बजे तक पूरे क्षेत्र में दिन में ही अंधेरा छा गया, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार मौसम में बदलाव के कारण उमस काफी बढ़ गई थी। गर्मी और चिपचिपाहट से लोग परेशान थे। मंगलवार शाम की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। यह बारिश किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन दिनों खरीफ फसलों की बढ़वार का समय है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय होने वाली वर्षा फसलों के विकास के लिए बेहद लाभदायक होती है। खेतों में खड़ी बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार सहित अन्य फसलों को इस बारिश से पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही, तो इस बार अच्छी पैदावार की संभावना और मजबूत होगी। तेज बारिश का असर क्षेत्र की लूणी नदी पर भी पड़ सकता है। आसपास के इलाकों में हुई वर्षा से नदी के बहाव में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे जल स्रोतों का जलस्तर भी सुधरेगा। ग्रामीणों का मानना है कि लगातार हो रही अच्छी बारिश से तालाबों, जोहड़ों और अन्य जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी, जिससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई की स्थिति बेहतर होगी। कुल मिलाकर, मंगलवार शाम हुई बारिश ने जहां लोगों को उमस से राहत दी, वहीं किसानों के लिए बेहतर फसल की उम्मीद जगाई है। रियान बड़ी क्षेत्र में मंगलवार शाम को मौसम ने करवट ली। तेज बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। शाम करीब 5 बजे आसमान में काले घने बादल छाने लगे और 6 बजे तक पूरे क्षेत्र में दिन में ही अंधेरा छा गया, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार मौसम में बदलाव के कारण उमस काफी बढ़ गई थी। गर्मी और चिपचिपाहट से लोग परेशान थे। मंगलवार शाम की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। यह बारिश किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन दिनों खरीफ फसलों की बढ़वार का समय है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय होने वाली वर्षा फसलों के विकास के लिए बेहद लाभदायक होती है। खेतों में खड़ी बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार सहित अन्य फसलों को इस बारिश से पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही, तो इस बार अच्छी पैदावार की संभावना और मजबूत होगी। तेज बारिश का असर क्षेत्र की लूणी नदी पर भी पड़ सकता है। आसपास के इलाकों में हुई वर्षा से नदी के बहाव में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे जल स्रोतों का जलस्तर भी सुधरेगा। ग्रामीणों का मानना है कि लगातार हो रही अच्छी बारिश से तालाबों, जोहड़ों और अन्य जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी, जिससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई की स्थिति बेहतर होगी। कुल मिलाकर, मंगलवार शाम हुई बारिश ने जहां लोगों को उमस से राहत दी, वहीं किसानों के लिए बेहतर फसल की उम्मीद जगाई है।
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    रियान बड़ी क्षेत्र में मंगलवार शाम को मौसम ने करवट ली। तेज बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। शाम करीब 5 बजे आसमान में काले घने बादल छाने लगे और 6 बजे तक पूरे क्षेत्र में दिन में ही अंधेरा छा गया, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई।

पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार मौसम में बदलाव के कारण उमस काफी बढ़ गई थी। गर्मी और चिपचिपाहट से लोग परेशान थे। मंगलवार शाम की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।

यह बारिश किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन दिनों खरीफ फसलों की बढ़वार का समय है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय होने वाली वर्षा फसलों के विकास के लिए बेहद लाभदायक होती है।

खेतों में खड़ी बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार सहित अन्य फसलों को इस बारिश से पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही, तो इस बार अच्छी पैदावार की संभावना और मजबूत होगी।

तेज बारिश का असर क्षेत्र की लूणी नदी पर भी पड़ सकता है। आसपास के इलाकों में हुई वर्षा से नदी के बहाव में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे जल स्रोतों का जलस्तर भी सुधरेगा।

ग्रामीणों का मानना है कि लगातार हो रही अच्छी बारिश से तालाबों, जोहड़ों और अन्य जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी, जिससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई की स्थिति बेहतर होगी।

कुल मिलाकर, मंगलवार शाम हुई बारिश ने जहां लोगों को उमस से राहत दी, वहीं किसानों के लिए बेहतर फसल की उम्मीद जगाई है।
रियान बड़ी क्षेत्र में मंगलवार शाम को मौसम ने करवट ली। तेज बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। शाम करीब 5 बजे आसमान में काले घने बादल छाने लगे और 6 बजे तक पूरे क्षेत्र में दिन में ही अंधेरा छा गया, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई।
पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार मौसम में बदलाव के कारण उमस काफी बढ़ गई थी। गर्मी और चिपचिपाहट से लोग परेशान थे। मंगलवार शाम की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।
यह बारिश किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन दिनों खरीफ फसलों की बढ़वार का समय है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय होने वाली वर्षा फसलों के विकास के लिए बेहद लाभदायक होती है।
खेतों में खड़ी बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार सहित अन्य फसलों को इस बारिश से पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही, तो इस बार अच्छी पैदावार की संभावना और मजबूत होगी।
तेज बारिश का असर क्षेत्र की लूणी नदी पर भी पड़ सकता है। आसपास के इलाकों में हुई वर्षा से नदी के बहाव में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे जल स्रोतों का जलस्तर भी सुधरेगा।
ग्रामीणों का मानना है कि लगातार हो रही अच्छी बारिश से तालाबों, जोहड़ों और अन्य जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी, जिससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई की स्थिति बेहतर होगी।
कुल मिलाकर, मंगलवार शाम हुई बारिश ने जहां लोगों को उमस से राहत दी, वहीं किसानों के लिए बेहतर फसल की उम्मीद जगाई है।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • पिसांगन थाना क्षेत्र के पिचौलिया शराब का ठेका, और नूरीयावास पिचौलिया के मध्य चलने वाली अवैध ब्रांच 24 घंटे खुली रहने का मामला आया सामने, सुबह 9:00 बजे मीडिया को मिली शराब की दुकान, पीसांगन थाना अधिकारी को भी पूरे मामले की जानकारी, राज्य सरकार के आदेशों के बावजूद भी नहीं हो रहा है नियमों का पालन पिसांगन थाना क्षेत्र के पिचौलिया शराब का ठेका, और नूरीयावास पिचौलिया के मध्य चलने वाली अवैध ब्रांच 24 घंटे खुली रहने का मामला आया सामने, सुबह 9:00 बजे मीडिया को मिली शराब की दुकान, पीसांगन थाना अधिकारी को भी पूरे मामले की जानकारी, राज्य सरकार के आदेशों के बावजूद भी नहीं हो रहा है नियमों का पालन
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    पिसांगन थाना क्षेत्र के पिचौलिया शराब का ठेका, और नूरीयावास पिचौलिया के मध्य चलने वाली अवैध ब्रांच 24 घंटे खुली रहने का मामला आया सामने, सुबह 9:00 बजे मीडिया को मिली शराब की दुकान, पीसांगन थाना अधिकारी को भी पूरे मामले की जानकारी, राज्य सरकार के आदेशों के बावजूद भी नहीं हो रहा है नियमों का पालन
पिसांगन थाना क्षेत्र के पिचौलिया शराब का ठेका, और नूरीयावास पिचौलिया के मध्य चलने वाली अवैध ब्रांच 24 घंटे खुली रहने का मामला आया सामने, सुबह 9:00 बजे मीडिया को मिली शराब की दुकान, पीसांगन थाना अधिकारी को भी पूरे मामले की जानकारी, राज्य सरकार के आदेशों के बावजूद भी नहीं हो रहा है नियमों का पालन
    user_नरेंद्र कुमार आचार्य
    नरेंद्र कुमार आचार्य
    Agricultural service पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • रात 12 बजे भोपाल की सड़कों पर डटे किसान। सीएम हाउस जाने पर अड़े... सड़क पर बनाई डाल बाटी... दिल्ली के किसान आंदोलन जैसे हालात, भोपाल के होशंगाबाद रोड पर एम्स, कटारा हिल्स, मिसरोद सहित कई इलाकों के लोग परेशान। रात 12 बजे भोपाल की सड़कों पर डटे किसान। सीएम हाउस जाने पर अड़े... सड़क पर बनाई डाल बाटी... दिल्ली के किसान आंदोलन जैसे हालात, भोपाल के होशंगाबाद रोड पर एम्स, कटारा हिल्स, मिसरोद सहित कई इलाकों के लोग परेशान।
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    रात 12 बजे भोपाल की सड़कों पर डटे किसान। सीएम हाउस जाने पर अड़े...

सड़क पर बनाई डाल बाटी...

दिल्ली के किसान आंदोलन जैसे हालात, भोपाल के होशंगाबाद रोड पर एम्स, कटारा हिल्स, मिसरोद सहित कई इलाकों के लोग परेशान।
रात 12 बजे भोपाल की सड़कों पर डटे किसान। सीएम हाउस जाने पर अड़े...
सड़क पर बनाई डाल बाटी...
दिल्ली के किसान आंदोलन जैसे हालात, भोपाल के होशंगाबाद रोड पर एम्स, कटारा हिल्स, मिसरोद सहित कई इलाकों के लोग परेशान।
    user_Gordhan ram
    Gordhan ram
    भोपालगढ़, जोधपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • उपजाऊ कृषि भूमि का उचित मुआवजा मिले इसी को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन मारवाड़ मूंडवा क्षेत्र के हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित किसानों ने मंगलवार दिन में उपखंड मुख्यालय पर विरोध धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने जिला कलेक्टर के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी उपजाऊ कृषि भूमि के लिए उचित मुआवजे की मांग की। किसानों ने कंपनी पर आरोप लगाया कि ट्रांसमिशन टावरों के निर्माण और राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) कॉरिडोर के कारण उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का उपयोग सीमित हो जाएगा। इससे भूमि का बाजार मूल्य घटेगा और भविष्य में विकास तथा अन्य उपयोग भी प्रभावित होंगे। साथ ही किसानों ने कहा कि सर्किल रेट के आधार पर उन्हें मुआवजा देना गलत किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास या बिजली परियोजनाओं के विरोधी नहीं हैं। उनका कहना है कि देश के विकास और बिजली व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए किसानों की भूमि का उचित और न्यायसंगत मुआवजा सुनिश्चित किया जाना न्याय संगत है। उन्होंने बताया कि नागौर जिले में अधिकांश स्थानों पर सर्किल रेट वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम है, इसलिए केवल सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा देना न्यायोचित नहीं है। ज्ञापन में मांग की गई कि जिन मामलों में सर्किल रेट बाजार मूल्य से कम हो, वहां जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में मार्केट रेट कमेटी गठित की जाए। इसमें स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं से भूमि का वास्तविक मूल्य निर्धारित कराकर उसी आधार पर मुआवजा दिया जाए। किसानों ने प्रभावित भूमि के लिए बाजार दर से चार गुना मुआवजा देने सहित कुल 14 मांगें रखीं। किसानों ने यह भी उल्लेख किया कि एक ही ट्रांसमिशन परियोजना में अलग-अलग राज्यों में मुआवजे की दरों में भारी असमानता है, जो न्यायसंगत नहीं है। एसडीएम बोले-किसानों, व कंपनी प्रतिनिधियों के बीच होगी बातचीत इस दौरान उपखंड अधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसी की भूमि जबरन नहीं ली जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ एक वार्ता आयोजित की गई है, जिसमें सभी पक्षों से चर्चा कर उचित एवं संतोषजनक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
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    उपजाऊ कृषि भूमि का उचित मुआवजा मिले इसी को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन 
मारवाड़ मूंडवा क्षेत्र के हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित किसानों ने मंगलवार दिन में उपखंड मुख्यालय पर विरोध धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने जिला कलेक्टर के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी उपजाऊ कृषि भूमि के लिए उचित मुआवजे की मांग की।
किसानों ने कंपनी पर आरोप लगाया कि ट्रांसमिशन टावरों के निर्माण और राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) कॉरिडोर के कारण उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का उपयोग सीमित हो जाएगा। इससे भूमि का बाजार मूल्य घटेगा और भविष्य में विकास तथा अन्य उपयोग भी प्रभावित होंगे।
साथ ही किसानों ने कहा कि सर्किल रेट के आधार पर उन्हें मुआवजा देना गलत
किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास या बिजली परियोजनाओं के विरोधी नहीं हैं। उनका कहना है कि देश के विकास और बिजली व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए किसानों की भूमि का उचित और न्यायसंगत मुआवजा सुनिश्चित किया जाना न्याय संगत है। उन्होंने बताया कि नागौर जिले में अधिकांश स्थानों पर सर्किल रेट वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम है, इसलिए केवल सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा देना न्यायोचित नहीं है।
ज्ञापन में मांग की गई कि जिन मामलों में सर्किल रेट बाजार मूल्य से कम हो, वहां जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में मार्केट रेट कमेटी गठित की जाए। इसमें स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं से भूमि का वास्तविक मूल्य निर्धारित कराकर उसी आधार पर मुआवजा दिया जाए। किसानों ने प्रभावित भूमि के लिए बाजार दर से चार गुना मुआवजा देने सहित कुल 14 मांगें रखीं। किसानों ने यह भी उल्लेख किया कि एक ही ट्रांसमिशन परियोजना में अलग-अलग राज्यों में मुआवजे की दरों में भारी असमानता है, जो न्यायसंगत नहीं है।
एसडीएम बोले-किसानों, व कंपनी प्रतिनिधियों के बीच होगी बातचीत
इस दौरान उपखंड अधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसी की भूमि जबरन नहीं ली जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ एक वार्ता आयोजित की गई है, जिसमें सभी पक्षों से चर्चा कर उचित एवं संतोषजनक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
    user_Nl Kadel
    Nl Kadel
    TV News Anchor मुंडवा, नागौर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • गुरु पूर्णिमा पर कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने साधु संतों का किया सम्मान गुरु पूर्णिमा पर कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने साधु-संतों का किया सम्मान अजमेर/पुष्कर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर साधु-संतों का सम्मान किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही ज्ञान, संस्कार और सही मार्गदर्शन का स्रोत हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए समाज में आध्यात्मिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान साधु-संतों का पुष्पमाला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
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    गुरु पूर्णिमा पर कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने साधु संतों का किया सम्मान
गुरु पूर्णिमा पर कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने साधु-संतों का किया सम्मान
अजमेर/पुष्कर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर साधु-संतों का सम्मान किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही ज्ञान, संस्कार और सही मार्गदर्शन का स्रोत हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए समाज में आध्यात्मिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान साधु-संतों का पुष्पमाला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
    user_GUMAN SINGH RAWAAT LADPURA
    GUMAN SINGH RAWAAT LADPURA
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    53 min ago
  • नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है। पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है। स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है। नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है। पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है। स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है।
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    नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है।

यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है।

पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है।

स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है।
नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है।
पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है।
स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • मांगलियावास हाईवे अर्जुनपुरा खालसा के पास हाईवे अथॉरिटी के सामने किसान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अजमेर के आदेश लिए मिन्नते करता रहा, हाईवे अथॉरिटी अधिकारियों ने नहीं माने अतिरिक्त जिला कलेक्टर के आदेश, किसान ने दी न्यायालय की शरण में जाने और पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाने की चेतावनी मांगलियावास हाईवे अर्जुनपुरा खालसा के पास हाईवे अथॉरिटी के सामने किसान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अजमेर के आदेश लिए मिन्नते करता रहा, हाईवे अथॉरिटी अधिकारियों ने नहीं माने अतिरिक्त जिला कलेक्टर के आदेश, किसान ने दी न्यायालय की शरण में जाने और पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाने की चेतावनी
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    मांगलियावास हाईवे अर्जुनपुरा खालसा के पास हाईवे अथॉरिटी के सामने किसान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अजमेर के आदेश लिए मिन्नते करता रहा, हाईवे अथॉरिटी अधिकारियों ने नहीं माने अतिरिक्त जिला कलेक्टर के आदेश, किसान ने दी न्यायालय की शरण में जाने और पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाने की चेतावनी
मांगलियावास हाईवे अर्जुनपुरा खालसा के पास हाईवे अथॉरिटी के सामने किसान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अजमेर के आदेश लिए मिन्नते करता रहा, हाईवे अथॉरिटी अधिकारियों ने नहीं माने अतिरिक्त जिला कलेक्टर के आदेश, किसान ने दी न्यायालय की शरण में जाने और पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाने की चेतावनी
    user_नरेंद्र कुमार आचार्य
    नरेंद्र कुमार आचार्य
    Agricultural service पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • अजमेर के काजीपुरा गांव में पैंथर की दस्तक, ग्रामीणों में दहशत। भेरू मंदिर मार्ग पर पैंथर ने गाय के बछड़े पर किया हमला। अजमेर से खबर अजमेर के काजीपुरा गांव में पैंथर की दस्तक, ग्रामीणों में दहशत। भेरू मंदिर मार्ग पर पैंथर ने गाय के बछड़े पर किया हमला। मंदिर के पुजारी ने शोर मचाकर लोगों को किया सतर्क।ग्रामीणों की आवाज सुनते ही जंगल की ओर भागा पैंथर। घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घायल बछड़े को कब्जे में लेकर शुरू की गई कार्रवाई। आबादी क्षेत्र में पैंथर की मौजूदगी से लोगों में डर का माहौल।ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग उठाई।इलाके में नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग तेज।काजीपुरा में पैंथर की दस्तक ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल।
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    अजमेर के काजीपुरा गांव में पैंथर की दस्तक, ग्रामीणों में दहशत। भेरू मंदिर मार्ग पर पैंथर ने गाय के बछड़े पर किया हमला।
अजमेर से खबर 
अजमेर के काजीपुरा गांव में पैंथर की दस्तक, ग्रामीणों में दहशत। भेरू मंदिर मार्ग पर पैंथर ने गाय के बछड़े पर किया हमला। मंदिर के पुजारी ने शोर मचाकर लोगों को किया सतर्क।ग्रामीणों की आवाज सुनते ही जंगल की ओर भागा पैंथर। घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घायल बछड़े को कब्जे में लेकर शुरू की गई कार्रवाई।
आबादी क्षेत्र में पैंथर की मौजूदगी से लोगों में डर का माहौल।ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग उठाई।इलाके में नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग तेज।काजीपुरा में पैंथर की दस्तक ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल।
    user_Shahid hussain
    Shahid hussain
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    3 hrs ago
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