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रात 12 बजे भोपाल की सड़कों पर डटे किसान। सीएम हाउस जाने पर अड़े... सड़क पर बनाई डाल बाटी... दिल्ली के किसान आंदोलन जैसे हालात, भोपाल के होशंगाबाद रोड पर एम्स, कटारा हिल्स, मिसरोद सहित कई इलाकों के लोग परेशान। रात 12 बजे भोपाल की सड़कों पर डटे किसान। सीएम हाउस जाने पर अड़े... सड़क पर बनाई डाल बाटी... दिल्ली के किसान आंदोलन जैसे हालात, भोपाल के होशंगाबाद रोड पर एम्स, कटारा हिल्स, मिसरोद सहित कई इलाकों के लोग परेशान।
Gordhan ram
रात 12 बजे भोपाल की सड़कों पर डटे किसान। सीएम हाउस जाने पर अड़े... सड़क पर बनाई डाल बाटी... दिल्ली के किसान आंदोलन जैसे हालात, भोपाल के होशंगाबाद रोड पर एम्स, कटारा हिल्स, मिसरोद सहित कई इलाकों के लोग परेशान। रात 12 बजे भोपाल की सड़कों पर डटे किसान। सीएम हाउस जाने पर अड़े... सड़क पर बनाई डाल बाटी... दिल्ली के किसान आंदोलन जैसे हालात, भोपाल के होशंगाबाद रोड पर एम्स, कटारा हिल्स, मिसरोद सहित कई इलाकों के लोग परेशान।
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- गौरव दवे की मृत्यु ब्रेन हैमरेज (Brain Hemorrhage) होने के कारण हुई थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रेन डेड' (Brain Dead) घोषित कर दिया था। इस गहरे दुख की घड़ी में भी गौरव के माता-पिता और परिवार ने एक बेहद हिम्मत और मानवता भरा फैसला लिया। उन्होंने गौरव के अंगों को दान करने की सहमति दी। गौरव के अंगदान से कई ज़रूरतमंद मरीजों को एक नई जिंदगी और उम्मीद मिली है: उनका दिल (Heart) अहमदाबाद के यू. एन. मेहता अस्पताल (U.N. Mehta Hospital) में एक युवक में ट्रांसप्लांट होने के लिए ले जाया गया। गौरव दवे की मृत्यु ब्रेन हैमरेज (Brain Hemorrhage) होने के कारण हुई थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रेन डेड' (Brain Dead) घोषित कर दिया था। इस गहरे दुख की घड़ी में भी गौरव के माता-पिता और परिवार ने एक बेहद हिम्मत और मानवता भरा फैसला लिया। उन्होंने गौरव के अंगों को दान करने की सहमति दी। गौरव के अंगदान से कई ज़रूरतमंद मरीजों को एक नई जिंदगी और उम्मीद मिली है: उनका दिल (Heart) अहमदाबाद के यू. एन. मेहता अस्पताल (U.N. Mehta Hospital) में एक युवक में ट्रांसप्लांट होने के लिए ले जाया गया।1
- बोरूंदा मे मुसलाधार बारीश,,,, खेतों में लहलहाती फसल से धरती पुत्रो के चेहरे पर रोनक। लाईव असलम खिलजी। जोधपुर ग्रामीण क्षेत्रों में ईन्द्र देवता मेहरबान होने से मिरगा में भायोड़ी मोती निपजे,,,, वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।1
- उपजाऊ कृषि भूमि का उचित मुआवजा मिले इसी को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन मारवाड़ मूंडवा क्षेत्र के हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित किसानों ने मंगलवार दिन में उपखंड मुख्यालय पर विरोध धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने जिला कलेक्टर के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी उपजाऊ कृषि भूमि के लिए उचित मुआवजे की मांग की। किसानों ने कंपनी पर आरोप लगाया कि ट्रांसमिशन टावरों के निर्माण और राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) कॉरिडोर के कारण उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का उपयोग सीमित हो जाएगा। इससे भूमि का बाजार मूल्य घटेगा और भविष्य में विकास तथा अन्य उपयोग भी प्रभावित होंगे। साथ ही किसानों ने कहा कि सर्किल रेट के आधार पर उन्हें मुआवजा देना गलत किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास या बिजली परियोजनाओं के विरोधी नहीं हैं। उनका कहना है कि देश के विकास और बिजली व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए किसानों की भूमि का उचित और न्यायसंगत मुआवजा सुनिश्चित किया जाना न्याय संगत है। उन्होंने बताया कि नागौर जिले में अधिकांश स्थानों पर सर्किल रेट वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम है, इसलिए केवल सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा देना न्यायोचित नहीं है। ज्ञापन में मांग की गई कि जिन मामलों में सर्किल रेट बाजार मूल्य से कम हो, वहां जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में मार्केट रेट कमेटी गठित की जाए। इसमें स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं से भूमि का वास्तविक मूल्य निर्धारित कराकर उसी आधार पर मुआवजा दिया जाए। किसानों ने प्रभावित भूमि के लिए बाजार दर से चार गुना मुआवजा देने सहित कुल 14 मांगें रखीं। किसानों ने यह भी उल्लेख किया कि एक ही ट्रांसमिशन परियोजना में अलग-अलग राज्यों में मुआवजे की दरों में भारी असमानता है, जो न्यायसंगत नहीं है। एसडीएम बोले-किसानों, व कंपनी प्रतिनिधियों के बीच होगी बातचीत इस दौरान उपखंड अधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसी की भूमि जबरन नहीं ली जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ एक वार्ता आयोजित की गई है, जिसमें सभी पक्षों से चर्चा कर उचित एवं संतोषजनक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।1
- पिपलिया खुर्द में विकास कार्यों की खुली पोल, खस्ताहाल सड़क में फंसी बच्चों से भरी स्कूल बस। बड़ा हादसा हो जाएगा तो इसका कौन जिम्मेदार होगा जैतारण । ग्राम पंचायत पिपलिया खुर्द में विकास कार्यों की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब बच्चों से भरी एक स्कूल बस खस्ताहाल सड़क में फंस गई। बस को काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर की सहायता से बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के विकास के लिए हर वर्ष लाखों रुपये स्वीकृत होते हैं, लेकिन धरातल पर सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती गई है, जिसका खामियाजा आम जनता और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- झमाझम बरसे मेघ, खरीफ फसलों में लौटी जान झमाझम बारिश ने लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। वहीं, लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। पादूकलां,,पादूकलां में आखिरकार मानसून मेहरबान हो गया है। मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। वहीं, लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। पादूकलां क्षेत्र में मंगलवार सुबह से ही आसमान पर काले घने बादलों का डेरा रहा। ठंडी हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश करीब एक घंटे से अधिक समय तक रुक-रुक कर होती रही, जबकि कई स्थानों पर तेज बारिश भी दर्ज की गई। समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के चलते कस्बे की मुख्य सड़कों और गलियों में पानी बहता नजर आया। लंबे समय बाद हुई अच्छी बारिश से मौसम पूरी तरह बदल गया। ठंडी हवाएं चलने से उमस, तपन और भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली और पूरे क्षेत्र में मौसम सुहावना हो गया। इस बारिश से सबसे अधिक खुशी किसानों में देखने को मिली। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से बाजरा, मूंग, ग्वार, तिल और मूंगफली जैसी खरीफ फसलों को नया जीवन मिला है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से फसलों की बढ़वार बेहतर होने और अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है।किसानों का कहना है कि कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण फसलों को लेकर चिंता बढ़ रही थी, लेकिन मंगलवार की झमाझम बारिश ने उनकी चिंता काफी हद तक दूर कर दी है। यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही तो इस बार खरीफ सीजन बेहतर रहने की पूरी संभावना है।फिलहाल पादूकलां क्षेत्र में मानसून की इस जोरदार दस्तक ने किसानों के साथ-साथ आमजन को भी बड़ी राहत दी है। अब सभी की निगाहें आने वाले दिनों की बारिश पर टिकी हैं।2
- रात 12 बजे भोपाल की सड़कों पर डटे किसान। सीएम हाउस जाने पर अड़े... सड़क पर बनाई डाल बाटी... दिल्ली के किसान आंदोलन जैसे हालात, भोपाल के होशंगाबाद रोड पर एम्स, कटारा हिल्स, मिसरोद सहित कई इलाकों के लोग परेशान। रात 12 बजे भोपाल की सड़कों पर डटे किसान। सीएम हाउस जाने पर अड़े... सड़क पर बनाई डाल बाटी... दिल्ली के किसान आंदोलन जैसे हालात, भोपाल के होशंगाबाद रोड पर एम्स, कटारा हिल्स, मिसरोद सहित कई इलाकों के लोग परेशान।1
- नागौर में दिनदहाड़े दुकान के सामने से बाइक चोरी, CCTV में कैद हुआ चोर नागौर में दिनदहाड़े दुकान के सामने से बाइक चोरी, CCTV में कैद हुआ चोर , CCTV में बाइक ले जाते हुए दिख रहा है।1