कुमाऊं के पिथौरागढ़ में इस बार बारिश के बाद भूस्खलन की कुछ ज्यादा ही घटनाएं हुई, अभी भी 6 मार्ग बंद पिथौरागढ़। सीमांत जिले में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद भूस्खलन और पहाड़ियों से मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहा। कई प्रमुख और ग्रामीण मार्गों पर मलबा व बोल्डर आने से यातायात बाधित हुआ। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग भी घाट बैंड के पास मलबा आने से प्रभावित हुआ, जबकि तवाघाट-गुंजी और तवाघाट-सोबला मार्ग पर भी आवाजाही बाधित रही। आदि कैलाश मार्ग पर कुलागाड़, ऐलागाड़ और मलघाट क्षेत्रों में मलबा आने से दारमा, चौदास और व्यास घाटियों का संपर्क प्रभावित हुआ। कुछ ग्रामीण मोटर मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद रहे। बारिश थमने के बाद भी कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण सड़क खोलने में दिक्कत आई। प्रशासन और संबंधित विभागों की मशीनें मार्गों से मलबा हटाने में जुटी रहीं। लगातार बारिश को देखते हुए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
कुमाऊं के पिथौरागढ़ में इस बार बारिश के बाद भूस्खलन की कुछ ज्यादा ही घटनाएं हुई, अभी भी 6 मार्ग बंद पिथौरागढ़। सीमांत जिले में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद भूस्खलन और पहाड़ियों से मलबा गिरने का सिलसिला
जारी रहा। कई प्रमुख और ग्रामीण मार्गों पर मलबा व बोल्डर आने से यातायात बाधित हुआ। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग भी घाट बैंड के पास मलबा आने से प्रभावित हुआ, जबकि तवाघाट-गुंजी और तवाघाट-सोबला मार्ग पर भी आवाजाही बाधित रही। आदि कैलाश
मार्ग पर कुलागाड़, ऐलागाड़ और मलघाट क्षेत्रों में मलबा आने से दारमा, चौदास और व्यास घाटियों का संपर्क प्रभावित हुआ। कुछ ग्रामीण मोटर मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद रहे। बारिश थमने के बाद भी कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा
गिरने के कारण सड़क खोलने में दिक्कत आई। प्रशासन और संबंधित विभागों की मशीनें मार्गों से मलबा हटाने में जुटी रहीं। लगातार बारिश को देखते हुए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
- Dr, dr Dr, drओखलकांडा, नैनीताल, उत्तराखंडपहाड़ों मार्ग पर वारिस में सतर्कता बरतें2 hrs ago
- कुमाऊं के पिथौरागढ़ में इस बार बारिश के बाद भूस्खलन की कुछ ज्यादा ही घटनाएं हुई, अभी भी 6 मार्ग बंद पिथौरागढ़। सीमांत जिले में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद भूस्खलन और पहाड़ियों से मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहा। कई प्रमुख और ग्रामीण मार्गों पर मलबा व बोल्डर आने से यातायात बाधित हुआ। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग भी घाट बैंड के पास मलबा आने से प्रभावित हुआ, जबकि तवाघाट-गुंजी और तवाघाट-सोबला मार्ग पर भी आवाजाही बाधित रही। आदि कैलाश मार्ग पर कुलागाड़, ऐलागाड़ और मलघाट क्षेत्रों में मलबा आने से दारमा, चौदास और व्यास घाटियों का संपर्क प्रभावित हुआ। कुछ ग्रामीण मोटर मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद रहे। बारिश थमने के बाद भी कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण सड़क खोलने में दिक्कत आई। प्रशासन और संबंधित विभागों की मशीनें मार्गों से मलबा हटाने में जुटी रहीं। लगातार बारिश को देखते हुए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।4
- आशा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा: मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी नैनीताल। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन' (सम्बद्ध: ऐक्टू) की प्रांतीय उपाध्यक्ष कमला कुंजवाल के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अपनी भड़ास निकाली है। कमला कुंजवाल का कहना है कि सरकार उनके श्रम का लगातार शोषण कर रही है। विधायकों के वेतन-भत्ते तो बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन दिन-रात काम करने वाली आशा वर्कर्स को दैनिक मजदूर से भी कम पैसा मिल रहा है।ज्ञापन में याद दिलाया गया कि 31 अगस्त 2021 को खटीमा में मुख्यमंत्री ने मासिक मानदेय बढ़ाकर 11,500 रुपये करने का जो वादा किया था, वह 5 साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है। कमला कुंजवाल और अन्य कार्यकर्ताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मानदेय वृद्धि, सरकारी कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम वेतन और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि व पेंशन जैसी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए मजबूर होंगी।1
- गणेश चतुर्थी के अवसर पर कालाढूंगी में गणेश जी की भव्य कलश यात्रा के साथ गणेश महोत्सव का शुभारंभ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कालाढूंगी में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर श्री गणेश महोत्सव सेवा समिति द्वारा गाजे बाजे के साथ नगर में श्री गणेश जी की प्रतिमा के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा हनुमान मंदिर कालाढूंगी से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई शिव मंदिर कालाढूंगी पहुची। जहां श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमा की स्थापना शिव मंदिर पर निर्मित पांडाल में की और प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा पूरे विधि विधान के साथ की गई। वही समिति के महासचिव दीपक बनोला ने बताया कालाढूंगी में यह 17 वां गणेश महोत्सव मनाया जा रहा है। कुमाऊं में सबसे पहले गणेश महोत्सव कालाढूंगी में मनाया गया था। समिति अध्यक्ष ललित मोहन कांडपाल ने बताया आज से 6 दिनों तक लगातार भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाएंगे व 20 सितंबर को मूर्ति विसर्जन के साथ भंडारा कर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।4
- रामनगर के यूट्यूबर बिरजू मयाल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ब्लॉक प्रमुख बैठे कोतवाली धरने पर, बिरजू की गिरफ्तारी की मांग।1
- नंदादेवी मेले के शुभारंभ पर निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी उत्तराखंड की संस्कृति अल्मोड़ा। ऐतिहासिक नंदादेवी मेले के शुभारंभ के अवसर पर मंगलवार को नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जीजीआईसी ड्योढ़ीपोखर से शुरू हुई शोभायात्रा पल्टन बाजार होते हुए नगर की बाजार का भ्रमण कर नंदादेवी मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को जीवंत किया। शोभायात्रा में बच्चों ने नंदा राजजात का भी प्रदर्शन किया। नंदा राजजात की झांकी में उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और लोक परंपरा की झलक देखने को मिली। पारंपरिक परिधानों और विभिन्न वेशभूषाओं में सजे बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति को प्रदर्शित किया। शोभायात्रा में शामिल अन्य लोगों ने भी पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। शोभायात्रा के दौरान पूरा नगर मां नंदा के जयकारों से गूंजता रहा। बच्चे और शोभायात्रा में शामिल लोग जयकारे लगाते हुए नगर के बाजारों से आगे बढ़े। रास्ते में लोगों ने शोभायात्रा को देखने के लिए जगह-जगह रुककर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। इससे नगर का माहौल भक्तिमय और उत्सवमय बना रहा। शोभायात्रा के बाजार में पहुँचने पर लोगों ने शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा की। ऐतिहासिक नंदादेवी मेले में शुभारंभ के अवसर पर निकलने वाली यह शोभायात्रा नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यालयों के बच्चों की भागीदारी ने इस आयोजन में खास रंग भर दिया और नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ने का संदेश भी दिया। नंदादेवी मंदिर पहुंचने पर शोभायात्रा में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालयों की घोषणा की गई। निर्णायक की भूमिका आशीष वर्मा, दीप जोशी और भूपेन्द्र बिष्ट ने निभाई। प्रतियोगिता में जीजीआईसी अल्मोड़ा ने प्रथम, ग्रीन फील्ड ने द्वितीय और जीआईसी अल्मोड़ा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।शोभायात्रा में विधायक मनोज तिवारी, मेयर अजय वर्मा, दर्जा राज्यमंत्री गोविंद पिल्खवाल, मुख्य मेला संयोजक तारा चंद्र जोशी, मेला सचिव मनोज सनवाल, मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन बिष्ट चीमा, राजेंद्र बिष्ट, जगत तिवारी, कैलाश गुरुरानी, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।1
- जनपद टिहरी के पीएम श्री स्कूल ढुंगीधार में आधुनिक शिक्षा के साथ निखर रही बच्चों की प्रतिभा, स्मार्ट कक्षाओं, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों को मिल रहा सीखने का बेहतर माहौल जनपद टिहरी के पीएम श्री स्कूल ढुंगीधार में आधुनिक शिक्षा के साथ निखर रही बच्चों की प्रतिभा, स्मार्ट कक्षाओं, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों को मिल रहा सीखने का बेहतर माहौल1
- रामगढ़ क्षेत्र में धारी संकुल प्रमुख का भ्रमण 16 सितंबर को धारी (नैनीताल) धारी के संकुल प्रमुख श्री विरेंद्र सिंह बिष्ट जी का आज रामगढ़ क्षेत्र के शिशु मंदिर और विद्या मंदिर का 16 सितंबर को भ्रमण कार्यक्रम है वह वहां जाकर शिक्षण विधि की नई नई तकनीक और आयाम की गतिविधियों का अवलोकन कर धारी संकुल के समस्त विद्यालयों में नई तकनीक को लागू करेंगे।1
- नंदा देवी महोत्सव की तैयारियां तेज: नगर पालिका ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारियां, दीपेंद्र बमोला बने नोडल अधिकारी नैनीताल: 16 सितंबर से शुरू होने जा रहे ऐतिहासिक 124वें नंदा देवी महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर पालिका ने मेले के सफल संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। कर एवं राजस्व अधीक्षक दीपेंद्र बमोला को मेले का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारी सुनील कुमार खोलिया सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। ये दोनों अधिकारी मेला अवधि के दौरान पालिका स्तर पर होने वाले सभी कार्यों का रोज निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा विपिन चंद्र, शिवराज सिंह नेगी, अमित कुमार, आकाश कुमार, भरत प्रकाश और सीमा पांडे सहित कई अन्य कर्मचारियों को भी अलग-अलग व्यवस्थाएं संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।1