मुस्लिम समुदाय ने हर्षोल्लास के साथ मनाया ईद मिलादुन नबी दिवस* * *रानेश्वर/निज संवाददाता।* रानेश्वर प्रखंड के मुस्लिम समुदाय के लोगो ने बुधवार को ईद मिलादुन नबी दिवस हर्षोउल्लास के साथ मनाया है। प्रखंड के लाकड़ाघाटी गांव, कुकड़ीभाषा, रंगालिया, डांगालपाड़ा, मोहलबोना, भुईकुंमड़ा, तसरकट्टा, हक़ीक़तपुर, बनियग्राम, जयतड़ा, डुमरा, बृंदाबनी, हामीदपुर, सुखजोड़ा, एकतल्ल, पाथरा आदि गांव में ईद मिलादुन नबी दिवस मनाया गया है। अक्सर गांव में जुलूस निकाला गया। जिसमें धार्मिक नारो से गांव गूंज उठा है। तत्पश्चात अपराह्न में पाथरा स्थित मदरसा अहले सुन्नत पाथरा परिसर में कई गांव के लोग जुलूस के साथ पहुचे। जहां पर मिलाद का प्रोग्राम आयोजित हुई। विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तेद थी। रानेश्वर थाना प्रभारी त्रिपुरारी कुमार ने बताया कि चौक चौराहे एवं जगह जगह पुलिस बल तैनात थी। एवं थाना प्रभारी ने भी पेट्रोलिंग कर विधि व्यवस्था का जायजा लिया है। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से ईद मिलादुन नबी दिवस प्रोग्राम का समापन हुआ है।
मुस्लिम समुदाय ने हर्षोल्लास के साथ मनाया ईद मिलादुन नबी दिवस* * *रानेश्वर/निज संवाददाता।* रानेश्वर प्रखंड के मुस्लिम समुदाय के लोगो ने बुधवार को ईद मिलादुन नबी दिवस हर्षोउल्लास के साथ मनाया है। प्रखंड के लाकड़ाघाटी गांव, कुकड़ीभाषा, रंगालिया, डांगालपाड़ा, मोहलबोना, भुईकुंमड़ा, तसरकट्टा, हक़ीक़तपुर, बनियग्राम, जयतड़ा, डुमरा, बृंदाबनी, हामीदपुर, सुखजोड़ा, एकतल्ल, पाथरा आदि गांव में ईद मिलादुन नबी दिवस मनाया गया है। अक्सर गांव में जुलूस निकाला गया। जिसमें धार्मिक नारो से गांव गूंज उठा है। तत्पश्चात अपराह्न में पाथरा स्थित मदरसा अहले सुन्नत पाथरा परिसर में कई गांव के लोग जुलूस के साथ पहुचे। जहां पर मिलाद का प्रोग्राम आयोजित हुई। विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तेद थी। रानेश्वर थाना प्रभारी त्रिपुरारी कुमार ने बताया कि चौक चौराहे एवं जगह जगह पुलिस बल तैनात थी। एवं थाना प्रभारी ने भी पेट्रोलिंग कर विधि व्यवस्था का जायजा लिया है। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से ईद मिलादुन नबी दिवस प्रोग्राम का समापन हुआ है।
- rasta600mitar bahut खरब है gara sirampur pan jhanakpur po satpahri par jarmundi जिला Dumka Jharkhand1
- जामताड़ा में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्म दिवस के मौके पर बुधवार को भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। सरखेलडीह, पाकड़ीह सहित दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए। शहर की सड़कों पर नात और नारों की गूंज सुनाई दी। जुलूस को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जश्न-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर जामताड़ा में निकाला गया जुलूस-ए-मोहम्मदी पूरे शहर में आकर्षण का केंद्र रहा। विभिन्न गांवों और मोहल्लों से निकले जुलूस एक साथ शहर पहुंचे और प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। हजारों लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में नारे लगाते हुए जुलूस में हिस्सा लिया। इस दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। राजबाड़ी कमेटी की ओर से जुलूस में शामिल लोगों के लिए खजूर और शरबत की व्यवस्था की गई थी। वहीं, प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रखंड विकास पदाधिकारी अबिश्वर मुर्मू और थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रहे। शांतिपूर्ण माहौल में जुलूस संपन्न कराने को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरती गई। जुलूस में शामिल इमाम मौलाना अख्तर राजा ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पैदाइश के दिन पूरी दुनिया के मुसलमान खुशियां मनाते हैं। इसी के तहत जामताड़ा में भी भव्य जुलूस निकाला गया। उन्होंने प्रशासन की ओर से मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। वहीं, झामुमो नेता लालू अंसारी ने कहा कि जामताड़ा हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल रहा है। उन्होंने बताया कि रात में मिलादुन्नबी का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। जसीम अंसारी ने कहा कि पैगंबर साहब की पैदाइश को लोग धूमधाम से मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद ने आपसी भाईचारा, प्रेम और एक-दूसरे के सम्मान का संदेश दिया था। इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। जुलूस-ए-मोहम्मदी शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। रात में मिलादुन्नबी के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।2
- कर्माटांड़ में गूंजा मोहम्मदी जुलूस का पैगाम, फ्लैग मार्च के बीच दिखी अमन-भाईचारे की मिसाल1
- सीसीएल अस्पताल पर भू-धंसान का कहर, दो भवन क्षतिग्रस्त—इलाके में मचा हड़कंप गिरिडीह में मंगलवार की अहले सुबह भू-धंसान की बड़ी घटना ने बनियाडीह सीसीएल गिरिडीह एरिया में हड़कंप मचा दिया। बनियाडीह सीसीएल का एरिया अस्पताल अचानक जमीन धंसने की चपेट में आ गया। भू-धंसान इतना जोरदार था कि अस्पताल की दो इमारतों का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि सड़क समेत आसपास के बड़े भू-भाग में चौड़ी-चौड़ी दरारें पड़ गईं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते अस्पताल कर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अस्पताल कर्मी दिलीप कुमार ने बताया कि सोमवार की रात उनकी ड्यूटी थी। मंगलवार सुबह करीब चार बजे अन्य कर्मियों के साथ बाहर निकलने पर जमीन और भवन में धंसान होता दिखाई दिया। इसके बाद तत्काल सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया और अधिकारियों को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल गिरिडीह एरिया के जीएम कन्हैया शंकर गैवाल, परियोजना पदाधिकारी गोपाल सिंह मीणा, चिकित्सक पदाधिकारी परिमल सिन्हा, सिविल विभाग के रामाकांत समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे अस्पताल परिसर का जायजा लिया और भू-धंसान से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर की स्थिति को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए हैं। अस्पताल के संवेदनशील हिस्से में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा के लिए सीसीएल गार्ड और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कोई व्यक्ति खतरे वाले इलाके में प्रवेश न कर सके। निरीक्षण के दौरान जीएम ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत में जीएम कन्हैया शंकर गैवाल ने कहा कि भू-धंसान की घटना की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल परिसर में अचानक हुए इस भू-धंसान के पीछे आखिर वजह क्या है और क्या आसपास का इलाका भी खतरे की जद में है। सीसीएल प्रबंधन की जांच के बाद ही इसकी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल परिसर को असुरक्षित मानते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।6
- राजद 6 साल का बच्चा को पटना SP से नहीं मिलने दे रहा पटना पुलिस और सम्राट चौधरी का पुलिस प्रशासन 6 साल के बच्चों से ढर गई जब जब मोदी ढरते है पुलिस को आगे करते हैं1
- प्रसूता की मौत पर बवाल, सरिता नर्सिंग होम में हंगामा; ताला लगाकर फरार हुआ अस्पताल प्रबंधन। मृतका के पति मुकेश हांसदा ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल को 22 हजार रुपये दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि सीजर के दौरान नस कटने के बाद सुनीता की स्थिति गंभीर हो गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।1
- रानीश्वर के सालतोला पंचायत के चोकपोलसा गांव में बुधवार सुबह तालाब में नवजात मिलने से सनसनी फैल गई रानीश्वर के सालतोला पंचायत के चोकपोलसा गांव में बुधवार सुबह तालाब में नवजात मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार नवजात दो दिन का है। तालाब में बच्चा देख भीड़ जुट गई। सूचना रानीश्वर थाना को दी गई। खबर लिखे जाने तक पुलिस नहीं पहुंची थी। बच्चा तालाब में कैसे पहुंचा स्पष्ट नहीं, गांव में अफवाहों का बाजार गर्म है।1
- पाकुड़: सामूहिक दुष्कर्म मामले में 9 दोषियों को अंतिम सांस तक उम्रकैद, 50-50 हजार का जुर्माना पाकुड़:जिले की एक अदालत ने हिरणपुर थाना क्षेत्र में हुए एक खौफनाक सामूहिक दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम , पाकुड़, कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए 9 दोषियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376-D के तहत अंतिम सांस तक (प्राकृतिक जीवन के शेष रहने तक) कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पति को बंधक बनाकर दिया था वारदात को अंजाम प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना 1 जून 2024 की शाम लगभग 6:30 बजे की है। पीड़िता (19 वर्ष) अपने पति के साथ हिरणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सहरपुर स्थित काजू बागान में टहलने गई थी। इसी दौरान अचानक कुछ युवक वहां पहुंचे और उन्होंने पीड़िता के पति को पकड़कर बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती की, उसके कपड़े फाड़ दिए और झाड़ियों में ले जाकर बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इस मामले में हिरणपुर थाना में कांड संख्या 35/2024, दिनांक 02.06.2024 दर्ज किया गया था। अदालत में पेश हुए 6 अहम गवाह सत्र वाद संख्या 143/2024 के तहत चली इस सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 6 गवाह अदालत में पेश किए गए। न्यायालय ने अपराध को माना मानवता के खिलाफ अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि इस घटना ने न केवल पीड़िता को गहरी पीड़ा दी है, बल्कि मानवता और सामाजिक मान्यताओं की नींव को भी हिलाकर रख दिया है। बचाव पक्ष द्वारा दोषियों की कम उम्र का हवाला देकर नरमी बरतने की अपील को अदालत ने खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि एक सभ्य समाज में महिलाओं की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और ऐसे जघन्य अपराधों में कड़ी सजा भविष्य के लिए एक नजीर बननी चाहिए। मानवेन मरांडी (28) चंदन सोरेन उर्फ चांद सोरेन (29) विवेक सोरेन (22) लखीराम मृधा उर्फ बाबूलाल मरांडी (22)जेने हांसदा (27)विश्वनाथ हेम्ब्रम (24)पांडु हेम्ब्रम (30)मिस्त्री हेम्ब्रम (30)सकल हांसदा (34) अदालत ने उक्त 9 अभियुक्तों (सभी निवासी- ग्राम कस्तूरी, थाना हिरणपुर, पाकुड़) को दोषी करार दिया है। जुर्माने की राशि पीड़िता को देने का निर्देश अदालत ने भा०द०वि की धारा 376- डी के तहत सभी 9 दोषियों को प्राकृतिक जीवन के अंत तक कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा, प्रत्येक दोषी पर 50,000 रुपये (पचास हजार रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। न्यायाधीश ने निर्देश दिया है कि जुर्माने से प्राप्त शत-प्रतिशत राशि पीड़िता को उसकी मानसिक और शारीरिक पीड़ा के मुआवजे के रूप में दी जाए। साथ ही, अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) पाकुड़ को 'विक्टिम कंपनसेशन स्कीम' के तहत पीड़िता के लिए अतिरिक्त उचित मुआवजे का निर्धारण करने का भी आदेश दिया है।1