भितरवार में विकास के दावों के बीच जर्जर सड़कों की बदहाली अब मासूम स्कूली बच्चों की जान पर भारी पड़ने लगी है। बुधवार सुबह संदीपनी सीएम राइज स्कूल जा रहे छात्र-छात्राओं से भरी एक टमटम (ई-रिक्शा) सड़क के गहरे गड्ढों के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में चालक समेत आधा दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए। गनीमत रही कि टमटम की रफ्तार कम थी, जिससे एक बहुत बड़ा और भयावह हादसा होने से टल गया। दुर्घटना होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और आस-पास के राहगीरों व स्थानीय लोगों ने तुरंत दौड़कर बच्चों को बाहर निकाला। इस हादसे में चालक और आधा दर्जन छात्र-छात्राओं को अंदरूनी व बाहरी चोटें आई हैं, और पलटने के कारण बच्चों के स्कूल बैग तथा कीमती किताबें तक फट गईं। डरे-सहमे बच्चे सड़क पर रोते हुए नजर आए। इस हादसे को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर बारिश के कारण जगह-जगह गहरे गड्ढे और मिट्टी का कटाव हो चुका है, जिससे आए दिन दोपहिया और तिपहिया वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के पालक और संदीपनी सीएम राइज स्कूल की प्राचार्य जयमन्ती मिंज ने गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की है। पालकों और प्राचार्य ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पक्की सड़क बनने में जो समय लगेगा, तब तक बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और सड़क के जानलेवा गड्ढों को मुरम डालकर तुरंत समतल किया जाए। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल ने विभागीय इंजीनियरों के साथ इस जर्जर सड़क का मौका मुआयना किया था और जल्द ही नई तथा पक्की सड़क बनवाने का भरोसा दिया था। लेकिन धरातल की हकीकत यह है कि अध्यक्ष के आश्वासन के बाद भी तात्कालिक रूप से सड़क को सुधारने का कोई प्रयास नहीं किया गया, जिसका खामियाजा आज इन मासूम बच्चों को भुगतना पड़ा। अभिभावकों का कहना है कि पक्की सड़क जब बनेगी तब बनेगी, लेकिन तब तक बच्चों को इस खतरे से बचाने के लिए प्रशासन को तुरंत कदम उठाने होंगे।
भितरवार में विकास के दावों के बीच जर्जर सड़कों की बदहाली अब मासूम स्कूली बच्चों की जान पर भारी पड़ने लगी है। बुधवार सुबह संदीपनी सीएम राइज स्कूल जा रहे छात्र-छात्राओं से भरी एक टमटम (ई-रिक्शा) सड़क के गहरे गड्ढों के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में चालक समेत आधा दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए। गनीमत रही कि टमटम की रफ्तार कम थी, जिससे एक बहुत बड़ा और भयावह हादसा होने से टल गया। दुर्घटना होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और आस-पास के राहगीरों व स्थानीय लोगों ने तुरंत दौड़कर बच्चों को बाहर निकाला। इस हादसे में चालक और आधा दर्जन छात्र-छात्राओं को अंदरूनी व बाहरी चोटें आई हैं, और पलटने के कारण बच्चों के स्कूल बैग तथा कीमती किताबें तक फट गईं। डरे-सहमे बच्चे सड़क पर रोते हुए नजर आए। इस हादसे को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर बारिश के कारण जगह-जगह गहरे गड्ढे और मिट्टी का कटाव हो चुका है, जिससे आए दिन दोपहिया और तिपहिया वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के पालक और संदीपनी सीएम राइज स्कूल की प्राचार्य जयमन्ती मिंज ने गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की है। पालकों और प्राचार्य ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पक्की सड़क बनने में जो समय लगेगा, तब तक बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और सड़क के जानलेवा गड्ढों को मुरम डालकर तुरंत समतल किया जाए। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल ने विभागीय इंजीनियरों के साथ इस जर्जर सड़क का मौका मुआयना किया था और जल्द ही नई तथा पक्की सड़क बनवाने का भरोसा दिया था। लेकिन धरातल की हकीकत यह है कि अध्यक्ष के आश्वासन के बाद भी तात्कालिक रूप से सड़क को सुधारने का कोई प्रयास नहीं किया गया, जिसका खामियाजा आज इन मासूम बच्चों को भुगतना पड़ा। अभिभावकों का कहना है कि पक्की सड़क जब बनेगी तब बनेगी, लेकिन तब तक बच्चों को इस खतरे से बचाने के लिए प्रशासन को तुरंत कदम उठाने होंगे।
- ग्वालियर के भितरवार क्षेत्र में अवैध रेत माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने ग्राम लोडी स्थित पार्वती नदी में चल रहे अवैध रेत खनन पर शिकंजा कसते हुए माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया। एसडीएम राजीव समाधिया और नायब तहसीलदार हरनाम सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान, नदी से अवैध रूप से रेत निकालने के लिए लगाई गई पनडुब्बी मशीन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही, रेत के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले डंपरों और अन्य वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए नदी तक पहुंचने वाले मार्ग को जेसीबी की मदद से काटकर पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले में अवैध रेत उत्खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बरसात के मौसम में नदियों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन के इस कदम को माफियाओं के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, हालांकि अब यह देखना होगा कि इस अभियान का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई देता है।2
- शिवपुरी जिले के नरवर में स्थित सामुदायिक अंबेडकर भवन में जन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें करैरा विधायक रमेश खटीक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी और जनपद पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जन चौपाल के दौरान विधायक ने क्षेत्रवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को उनका शीघ्र व प्रभावी निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र हितग्राही तक पहुंचाने की बात पर भी विशेष जोर दिया।1
- मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनावी माहौल अब और भी दिलचस्प हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमशक्ल के रूप में पहचान रखने वाले काशी निवासी अभिनंदन पाठक दतिया पहुंच चुके हैं। उन्होंने वहां भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है और चुनावी सरगर्मियों के बीच वे घर-घर जाकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ जनसंपर्क करते हुए अभिनंदन पाठक ने मतदाताओं से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। अभिनंदन पाठक का कहना है कि यह उपचुनाव भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनकी लोकप्रियता के नाम पर लड़ा और जीता जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में उपचुनाव के चलते पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है। आगामी उपचुनाव को देखते हुए दतिया पुलिस चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही है। इसी सतर्कता के चलते दतिया पुलिस ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च भी निकाला है ताकि हर जगह पुलिस की नजर बनी रहे।1
- भोपाल में एक जनजातीय छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म और मारपीट के मामले को लेकर मध्य प्रदेश के डबरा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं का भारी आक्रोश देखने को मिला। डबरा के अग्रसेन चौराहे पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए ABVP कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन करते हुए NSUI के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध स्वरूप उनका पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पीड़िता के लिए न्याय और दोषियों को कठोर सजा देने की पुरजोर मांग की। विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो विद्यार्थी परिषद पूरे प्रदेश में चरणबद्ध और उग्र आंदोलन करेगी और पीड़िता को न्याय मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा।1
- मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनावी सरगर्मियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमशक्ल के रूप में चर्चित काशी निवासी अभिनंदन पाठक की एंट्री से माहौल बेहद रोचक हो गया है। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे दतिया पहुंचे अभिनंदन पाठक ने पत्रकारों से बातचीत की। वह यहां भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार करने पहुंचे हैं। उनके आगमन की खबर मिलते ही उन्हें देखने और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पत्रकारों से चर्चा के दौरान अभिनंदन पाठक ने कहा कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी नीतियों और विकास कार्यों से बेहद प्रभावित है, जिसके चलते भाजपा के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने पूरा भरोसा जताते हुए दावा किया कि दतिया विधानसभा का यह उपचुनाव भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और विकास के मुद्दों पर पूरी तरह भाजपा के पक्ष में जाएगा।1
- भितरवार में विकास के दावों के बीच जर्जर सड़कों की बदहाली अब मासूम स्कूली बच्चों की जान पर भारी पड़ने लगी है। बुधवार सुबह संदीपनी सीएम राइज स्कूल जा रहे छात्र-छात्राओं से भरी एक टमटम (ई-रिक्शा) सड़क के गहरे गड्ढों के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में चालक समेत आधा दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए। गनीमत रही कि टमटम की रफ्तार कम थी, जिससे एक बहुत बड़ा और भयावह हादसा होने से टल गया। दुर्घटना होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और आस-पास के राहगीरों व स्थानीय लोगों ने तुरंत दौड़कर बच्चों को बाहर निकाला। इस हादसे में चालक और आधा दर्जन छात्र-छात्राओं को अंदरूनी व बाहरी चोटें आई हैं, और पलटने के कारण बच्चों के स्कूल बैग तथा कीमती किताबें तक फट गईं। डरे-सहमे बच्चे सड़क पर रोते हुए नजर आए। इस हादसे को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर बारिश के कारण जगह-जगह गहरे गड्ढे और मिट्टी का कटाव हो चुका है, जिससे आए दिन दोपहिया और तिपहिया वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के पालक और संदीपनी सीएम राइज स्कूल की प्राचार्य जयमन्ती मिंज ने गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की है। पालकों और प्राचार्य ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पक्की सड़क बनने में जो समय लगेगा, तब तक बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और सड़क के जानलेवा गड्ढों को मुरम डालकर तुरंत समतल किया जाए। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल ने विभागीय इंजीनियरों के साथ इस जर्जर सड़क का मौका मुआयना किया था और जल्द ही नई तथा पक्की सड़क बनवाने का भरोसा दिया था। लेकिन धरातल की हकीकत यह है कि अध्यक्ष के आश्वासन के बाद भी तात्कालिक रूप से सड़क को सुधारने का कोई प्रयास नहीं किया गया, जिसका खामियाजा आज इन मासूम बच्चों को भुगतना पड़ा। अभिभावकों का कहना है कि पक्की सड़क जब बनेगी तब बनेगी, लेकिन तब तक बच्चों को इस खतरे से बचाने के लिए प्रशासन को तुरंत कदम उठाने होंगे।1