मध्य प्रदेश के शहडोल शहर में पुलिस की कथित लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक लापता युवक का शव गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद कथित तौर पर लावारिस समझकर दफना दिया गया। इस घटना से परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, और कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शकर टॉकीज के पास रहने वाले रमेश सराफ, स्वर्गीय रामकुमार सराफ के पुत्र, 6 जून से अपने घर से लापता थे। परिजनों ने उनकी गहन खोजबीन की, लेकिन पता न चलने पर 7 जून को कोतवाली थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी दिन, आरोप है कि थाना क्षेत्र के मुड़ना नदी के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला था। परिजनों का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने शव की पहचान के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए और आवश्यक सत्यापन के बिना उसे लावारिस मानकर आकाशवाणी केंद्र के पास स्थित श्मशान में दफना दिया। कई दिनों तक तलाश के बाद जब परिजनों को यह जानकारी मिली कि दफनाया गया अज्ञात शव उनके लापता सदस्य का हो सकता है, तो उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में दफनाए गए शव को जेसीबी मशीन की मदद से बाहर निकाला गया। बाद में शव की पहचान रमेश सराफ के रूप में हुई और उसे विधिवत परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना से सराफ परिवार गहरे सदमे और आक्रोश में है। परिजनों का कहना है कि यदि गुमशुदगी रिपोर्ट और बरामद शव का समय पर मिलान किया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने पुलिस की लापरवाही को अपनी अतिरिक्त मानसिक पीड़ा का कारण बताया है। स्थानीय नागरिक भी रोष में हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और यदि लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने युवक की हत्या की आशंका भी जताई है, उनका कहना है कि शरीर काला पड़ गया है, जिससे हत्या की संभावना दिख रही है। यह मामला अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग जांच के निष्कर्षों तथा प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के शहडोल शहर में पुलिस की कथित लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक लापता युवक का शव गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद कथित तौर पर लावारिस समझकर दफना दिया गया। इस घटना से परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, और कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शकर टॉकीज के पास रहने वाले रमेश सराफ, स्वर्गीय रामकुमार सराफ के पुत्र, 6 जून से अपने घर से लापता थे। परिजनों ने उनकी गहन खोजबीन की, लेकिन पता न चलने पर 7 जून को कोतवाली थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी दिन, आरोप है कि थाना क्षेत्र के मुड़ना नदी के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला था। परिजनों का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने शव की पहचान के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए और आवश्यक सत्यापन के बिना उसे लावारिस मानकर आकाशवाणी केंद्र के पास स्थित श्मशान में दफना दिया। कई दिनों तक तलाश के बाद जब परिजनों को यह जानकारी मिली कि दफनाया गया अज्ञात शव उनके लापता सदस्य का हो सकता है, तो उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में दफनाए गए शव को जेसीबी मशीन की मदद से बाहर निकाला गया। बाद में शव की पहचान रमेश सराफ के रूप में हुई और उसे विधिवत परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना से सराफ परिवार गहरे सदमे और आक्रोश में है। परिजनों का कहना है कि यदि गुमशुदगी रिपोर्ट और बरामद शव का समय पर मिलान किया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने पुलिस की लापरवाही को अपनी अतिरिक्त मानसिक पीड़ा का कारण बताया है। स्थानीय नागरिक भी रोष में हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और यदि लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने युवक की हत्या की आशंका भी जताई है, उनका कहना है कि शरीर काला पड़ गया है, जिससे हत्या की संभावना दिख रही है। यह मामला अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग जांच के निष्कर्षों तथा प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
- मध्य प्रदेश के शहडोल शहर में पुलिस की कथित लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक लापता युवक का शव गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद कथित तौर पर लावारिस समझकर दफना दिया गया। इस घटना से परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, और कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शकर टॉकीज के पास रहने वाले रमेश सराफ, स्वर्गीय रामकुमार सराफ के पुत्र, 6 जून से अपने घर से लापता थे। परिजनों ने उनकी गहन खोजबीन की, लेकिन पता न चलने पर 7 जून को कोतवाली थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी दिन, आरोप है कि थाना क्षेत्र के मुड़ना नदी के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला था। परिजनों का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने शव की पहचान के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए और आवश्यक सत्यापन के बिना उसे लावारिस मानकर आकाशवाणी केंद्र के पास स्थित श्मशान में दफना दिया। कई दिनों तक तलाश के बाद जब परिजनों को यह जानकारी मिली कि दफनाया गया अज्ञात शव उनके लापता सदस्य का हो सकता है, तो उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में दफनाए गए शव को जेसीबी मशीन की मदद से बाहर निकाला गया। बाद में शव की पहचान रमेश सराफ के रूप में हुई और उसे विधिवत परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना से सराफ परिवार गहरे सदमे और आक्रोश में है। परिजनों का कहना है कि यदि गुमशुदगी रिपोर्ट और बरामद शव का समय पर मिलान किया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने पुलिस की लापरवाही को अपनी अतिरिक्त मानसिक पीड़ा का कारण बताया है। स्थानीय नागरिक भी रोष में हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और यदि लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने युवक की हत्या की आशंका भी जताई है, उनका कहना है कि शरीर काला पड़ गया है, जिससे हत्या की संभावना दिख रही है। यह मामला अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग जांच के निष्कर्षों तथा प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।1
- शहडोल जिले में हल्की बारिश के बाद ही सड़कों का बुरा हाल हो गया है, जिससे सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। मोहन राम तालाब के पास का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सड़कों पर पानी भरा दिखाई दे रहा है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से इस समस्या पर ध्यान देने की अपील की है।1
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासनी स्टेडियम में जिला प्रशासन उमरिया, पुलिस और युवा टीम उमरिया द्वारा आयोजित निःशुल्क ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2026 का आज समापन हो गया। इस शिविर में बच्चों को योगा, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट, वॉलीबॉल जैसे खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक नृत्य, गीत, हस्तकला और चित्रकला का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। समापन समारोह में सभी बच्चों को प्रमाण पत्र, पुरस्कार और मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में थाना पाली के श्री राजेश मिश्रा जी, दिलीप पांडेय जी, दिलीप विश्वकर्मा जी, नीरज राय सहित अनेक अभिभावक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।4
- मध्य प्रदेश के शाहडोल जिले के जयसिंहनगर क्षेत्र में एक पानी की टंकी का निर्माण किया गया है, लेकिन वह अभी तक चालू नहीं हो पाई है। बताया गया है कि यह पानी की टंकी बनकर तैयार है, परंतु इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। इसी वजह से निर्माण के बावजूद यह सुविधा अप्रयुक्त पड़ी है।1
- शहडोल जिले के अमलाई स्थित ओरिएंट पेपर मिल के प्रशासक श्री अजय न्यूडिंग (आरएम/आरएमडी) की सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों ने एक भावभीनी विदाई और सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने श्री न्यूडिंग के साथ बिताए गए कार्यकाल की यादें साझा कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कर्मचारियों ने श्री अजय न्यूडिंग को पिता तुल्य बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उनके हितों का ध्यान रखा और अपने सरल, सौम्य तथा प्रेरणादायी नेतृत्व से सभी का विश्वास जीता। वक्ताओं ने उनके मार्गदर्शन में कार्य करने के अनुभव को सदैव प्रेरणादायक बताया। यह भी उल्लेख किया गया कि श्री न्यूडिंग के नेतृत्व में ओरिएंट पेपर मिल ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएं हासिल कीं। उनकी दूरदर्शी सोच और कार्यकुशलता के कारण मानसून सत्र के दौरान एक करोड़ पौधों के रोपण जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे ओपीएम ने पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी स्थान बनाए रखा। समारोह के अंत में कर्मचारियों ने उन्हें स्मृति-चिह्न और शुभकामनाएँ भेंट कीं। इस दौरान श्री अविनाश झा सीनियर मैनेजर आरएमडी, आरएम डॉ. बी.एम. ओझा सीनियर पर्यावरण अधिकारी, मैनेजर प्लांटेशन प्रेम सिंह, श्री गणेश शिप्पी मैनेजर, यार्ड इंचार्ज एसपी सिंह सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मृगेन्द्र सिंह ने किया।1
- hamare yahan yahi hota hai yah Jo bolate Hain sach hi bolate Hain1