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शहडोल जिले में हल्की बारिश के बाद ही सड़कों का बुरा हाल हो गया है, जिससे सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। मोहन राम तालाब के पास का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सड़कों पर पानी भरा दिखाई दे रहा है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से इस समस्या पर ध्यान देने की अपील की है।
Shahdol news
शहडोल जिले में हल्की बारिश के बाद ही सड़कों का बुरा हाल हो गया है, जिससे सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। मोहन राम तालाब के पास का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सड़कों पर पानी भरा दिखाई दे रहा है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से इस समस्या पर ध्यान देने की अपील की है।
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- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति का मध्यप्रदेश की पावन धरती और मां अहिल्या की नगरी में आगमन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसीराम सिलावट तथा अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति का यह दौरा प्रदेशवासियों में उत्साह और उमंग का संचार करेगा। राष्ट्रपति मुर्मू अपने प्रवास के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगी। वे कूनो क्षेत्र में चीता प्रोजेक्ट का अवलोकन करेंगी और सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए संचालित कार्यक्रमों में भी शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त, वे ईश्वरीय प्रजापति ब्रह्मकुमारी संस्था के कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगी, जिससे स्वयंसेवी एवं आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर विकास एवं जनकल्याण के कार्यों को गति प्रदान कर रही है। डॉ. यादव ने प्रदेश के विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त की है, और बालाघाट, मंडला व डिंडोरी जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं प्रगति का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े लगभग 40 वर्ष पुराने यूनियन कार्बाइड कचरे के सुरक्षित निस्तारण को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। साथ ही, नदी जोड़ो अभियान और चीता प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन की भी चर्चा की, जिससे मध्यप्रदेश ने विश्व स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने धार स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी पर शांतिपूर्ण पूजा और नमाज की व्यवस्था को 700 वर्ष पुराने विवाद के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अनेक मेडिकल कॉलेज, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और उच्च शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र की नई संस्थाओं की स्थापना की गई है। मध्यप्रदेश देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि विगत ढाई वर्षों में प्रदेश ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। सरकार ने आगामी ढाई वर्षों में सिंचित क्षेत्र को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में सरकार बनने से पूर्व प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर 1 लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है, और अमृतकाल 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इसे लगभग 22.50 लाख रुपये वार्षिक तक पहुंचाने के सुनियोजित प्रयास किए जाएंगे।1
- उमरिया जिले के अमिलिया ग्राम में आयोजित जन कल्याण शिविर में तीसरे दिन भी अपेक्षित संख्या में हितग्राही नहीं पहुंचे। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति तो थी, लेकिन हितग्राहियों की संख्या काफी कम रही।4
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति के आगमन को मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया और विश्वास जताया कि उनका दौरा प्रदेशवासियों में उत्साह और उमंग का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के कार्यों को गति दे रही है। राष्ट्रपति अपने प्रवास के दौरान कूनो क्षेत्र में चीता प्रोजेक्ट का अवलोकन करेंगी और सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए संचालित कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी। इसके अतिरिक्त, वे ईश्वरीय प्रजापति ब्रह्मकुमारी संस्था के कार्यक्रम में भी शामिल होंगी, जिससे स्वयंसेवी और आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य सरकार की कुछ प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त की है, और बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं शांति का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े लगभग 40 वर्ष पुराने यूनियन कार्बाइड कचरे के सुरक्षित निस्तारण को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही, नदी जोड़ो अभियान और चीता प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन जैसी पहलों को देश-दुनिया के लिए आश्चर्य एवं प्रेरणा का विषय बताया। भोजशाला से जुड़े 700 वर्ष पुराने विवाद के समाधान की दिशा में वसंत पंचमी पर शांतिपूर्ण पूजा एवं नमाज की व्यवस्था को ऐतिहासिक निर्णय बताया गया। डॉ. यादव ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रदेश की प्रगति पर प्रकाश डाला, जिसमें अनेक मेडिकल कॉलेज, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और नई संस्थाओं की स्थापना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में मध्य प्रदेश अग्रणी है। विगत ढाई वर्षों में प्रदेश ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी ढाई वर्षों में सिंचित क्षेत्र को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकार बनने से पहले प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो बढ़कर 1 लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है, और अमृतकाल 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इसे लगभग 22.50 लाख रुपये वार्षिक तक पहुँचाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जाएंगे।1
- मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनता की समस्याओं को उनके गाँव और घर पर ही सुनकर सरकार की योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाना है। इसी क्रम में उमरिया जिले के समस्त विकासखंडों, खंड स्तरीय, नगर निगम और नगर परिषदों में भी ये शिविर लगाए जा रहे हैं। मंगलवार को अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री और उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान एक दिवसीय दौरे पर जिले में थे। उन्होंने विकासखंड पाली के ग्राम अमिलिहा में आयोजित जन कल्याण शिविर में पहुँचकर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, खाद और बीज, लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं की सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित किए, जिससे उपस्थित ग्रामीणों को लाभ मिला। प्रभारी मंत्री ने बताया कि इन शिविरों का मुख्य फोकस केंद्र सरकार की योजनाओं पर रहेगा, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा योजना और जनधन योजना शामिल हैं। इन योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और पात्र हितग्राहियों को इनसे जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही, शिविरों में मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी और लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार निरंतर जनकल्याण के लिए कार्य कर रही है। इन शिविरों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे, जिससे नागरिकों की शिकायतों, समस्याओं और योजनाओं से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जा सके। जिन नागरिकों को किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनके आवेदन स्वीकार कर उन्हें संबंधित योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि ये शिविर सरकार और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने क्षेत्रवासियों से 16, 17 और 18 जून को आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इसके अतिरिक्त, प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने पाली जनपद के ग्राम भिम्माडोंगरी पहुँचकर नल-जल योजना का निरीक्षण भी किया, जहाँ विभाग के अधिकारी एच.एस. धुर्वे और सब इंजीनियर हिमांशु जायसवाल ने उन्हें निरीक्षण कराया। इस दौरान उन्होंने पाया कि गाँव के लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिल रहा है, और अधिकारी लगातार भ्रमण कर उन्हें जल्द से जल्द जल उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं।2
- अनूपपुर के नेशनल हाईवे-43 पर स्थित सांडा मोड़ पर एक आइसक्रीम विक्रेता अपनी व्यस्तताओं के बावजूद मानवता और जीव प्रेम की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। यह युवक भीषण गर्मी में प्रतिदिन बंदरों की प्यास बुझाने का काम कर रहा है, जिसकी स्थानीय लोग भी सराहना कर रहे हैं। सांडा मोड़ के पास सरई के घने पेड़ों में बड़ी संख्या में बंदर रहते हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी के स्रोत कम होने लगते हैं, जिससे इन वन्य जीवों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे मुश्किल समय में यह आइसक्रीम विक्रेता अपनी आजीविका चलाने के साथ-साथ बेजुबान जीवों की सेवा को भी अपना दायित्व मान रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह अपनी दुकान पर ग्राहकों को आइसक्रीम बेचने के बीच-बीच में पास के हैंडपंप तक जाता है, उसे चलाकर पानी निकालता है, और जैसे ही पानी बहता है, पेड़ों पर बैठे बंदरों का झुंड अपनी प्यास बुझाने के लिए वहां पहुंच जाता है। बंदरों के पानी पी लेने के बाद युवक अपनी दुकान पर लौट आता है और दिन भर कई बार इस प्रक्रिया को दोहराता है ताकि कोई भी जीव प्यासा न रहे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब लोग अपने स्वार्थ में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में एक सामान्य आइसक्रीम विक्रेता द्वारा वन्य जीवों के प्रति दिखाई जा रही यह संवेदनशीलता समाज के लिए प्रेरणादायक है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि गर्मी में पक्षियों और वन्य जीवों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक बड़ा पुण्य का कार्य है, क्योंकि पानी की कमी से जीव गंभीर संकट में पड़ सकते हैं। इस आइसक्रीम विक्रेता का सेवा कार्य किसी प्रचार के लिए नहीं, बल्कि जीवों के प्रति उसकी सहज संवेदना का परिणाम है। उसका यह प्रयास यह संदेश देता है कि मानवता केवल इंसानों की सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति और उसमें रहने वाले प्रत्येक जीव के प्रति दया और जिम्मेदारी निभाने में भी है। उसका यह निस्वार्थ कार्य साबित करता है कि दूसरों के लिए किया गया छोटा सा प्रयास भी किसी बड़े पुण्य और तीर्थ यात्रा से कम नहीं होता।1
- अनूपपुर जिले के कोतमा में गढ़ी लामा टोला में प्रस्तावित अडानी कोल परियोजना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का विरोध और उनकी मांगों का सिलसिला तेज हो गया है। हाल ही में आयोजित जनसुनवाई में परियोजना से प्रभावित किसानों और युवाओं ने भूमि अधिग्रहण, मुआवजे और रोजगार के संबंध में एक स्पष्ट नीति की मांग की है। किसानों ने अपनी भूमि के उचित मूल्य पर चिंता व्यक्त की है, जबकि युवाओं ने अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए स्थायी रोजगार की गारंटी मांगी है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान और जिला पंचायत सदस्य रिंकू मिश्रा ने ग्रामीणों के साथ एकजुटता दिखाते हुए उनके अधिकारों की वकालत की। अब यह देखना होगा कि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन इन जायज मांगों पर क्या ठोस निर्णय लेते हैं।1
- उमरिया में जन कल्याण शिविर के दौरान, प्रभारी मंत्री ने अमिलिया गाँव का दौरा किया और वहाँ की जनता की समस्याओं को सुना। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भीम्मदोगरी गाँव में शासन द्वारा चलाई जा रही नल-जल योजना का निरीक्षण भी किया, जिसका उद्देश्य ग्रामवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। इस निरीक्षण के दौरान, विभाग से एच.एस. धुर्वे और सब इंजीनियर हिमांशु जायसवाल भी उपस्थित रहे।1
- उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने मंगलवार को जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहते हुए विकासखंड पाली के ग्राम अमिलिहा में आयोजित जन कल्याण शिविर में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, खाद व बीज, लाडली लक्ष्मी योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं की सामग्री व प्रमाण पत्र वितरित किए। इस शिविर का आयोजन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है, ताकि जनता की समस्याओं का उनके गाँव और घर पर ही समाधान हो सके तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उमरिया जिले के सभी विकासखंडों, खंड स्तरीय, नगर निगमों और नगर परिषदों में ऐसे शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने जोर दिया कि इन जनकल्याण शिविरों का मुख्य फोकस केंद्र सरकार की योजनाओं पर रहेगा। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा योजना और जनधन योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं, जिनसे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से इन योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाएगी और पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं से जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। नागर सिंह चौहान ने यह भी बताया कि शिविरों में मध्यप्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन सभी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को शिविरों में लाभ दिलाने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को सीधा फायदा मिलेगा। शिविरों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे, जिससे नागरिकों की शिकायतें, समस्याएँ और योजनाओं से संबंधित आवेदन मौके पर ही निपटाए जा सकेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक मामलों का समाधान मौके पर ही हो और जिन नागरिकों को किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनके आवेदन स्वीकार कर उन्हें संबंधित योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सके, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनकल्याण शिविर शासन और जनता के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गाँव-गाँव और वार्ड-वार्ड जाकर शिविरों की जानकारी पहुंचाने और पात्र लोगों को प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने क्षेत्रवासियों से 16, 17 और 18 जून को आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर योजनाओं का लाभ लेने और समस्याओं का त्वरित समाधान कराने की अपील की। जनकल्याण शिविरों को सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और सुशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसी दौरे के दौरान, प्रभारी मंत्री ने पाली जनपद के ग्राम भिम्माडोंगरी में नल जल योजना का भी निरीक्षण किया, जहाँ विभाग के अधिकारी एच.एस. धुर्वे और सब इंजीनियर हिमांशु जायसवाल ने उन्हें निरीक्षण कराया। उन्होंने पाया कि इस गाँव के लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिल रहा है और विभाग के अधिकारी शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।3
- उमरिया नगर के जय स्तंभ चौक और गांधी चौक पर महाराणा प्रताप सिंह जी की जयंती के अवसर पर निकाली गई भव्य जुलूस यात्रा का हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। मंच के सदस्यों ने जुलूस में शामिल लोगों का माल्यार्पण कर, पुष्पवर्षा कर और उन्हें सम्मानित कर स्वागत किया। इस दौरान महाराणा प्रताप के साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक समाज या वर्ग के नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें संघर्ष, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है। मो. असलम शेर के अनुसार, समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सम्मान की भावना को मजबूत करना ही महाराणा प्रताप को सच्ची श्रद्धांजलि है। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी इस अवसर पर कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं तथा सभी समुदायों को मिलकर महापुरुषों के आदर्शों को आगे बढ़ाना चाहिए। इस अवसर पर मंच के पदाधिकारी मो. अल्ताफ, अब्दुल साबित, सचिन गुप्ता, मो. मंसूर, कृष्ण कांत तिवारी सहित कई नगरवासी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारा और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना था।4