Shuru
Apke Nagar Ki App…
छीपाबड़ौद के सेतकोलू में विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण भी किया और जनसुनवाई करके लोगों की समस्याओं को सुना।
छीपाबड़ौद न्यूज 🗞️
छीपाबड़ौद के सेतकोलू में विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण भी किया और जनसुनवाई करके लोगों की समस्याओं को सुना।
More news from राजस्थान and nearby areas
- अटरू कस्बे में ऐतिहासिक गढ़गच मंदिर तक जाने वाली सीसी सड़क की खराब स्थिति के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पुरातत्वविद एवं इतिहासकार राकेश शर्मा, किसान संघ के परमेश्वर शर्मा, पूर्व उप सरपंच चंपालाल नागर और काका शोभाराम नागर ने इस संबंध में चिंता व्यक्त की है। इन प्रमुख हस्तियों ने बताया कि गढ़गच मंदिर अटरू की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है, लेकिन इस मंदिर तक पहुँचने वाली सड़क की ओर प्रशासन बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। सड़क पर जगह-जगह टूट-फूट होने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस समस्या की ओर संबंधित अधिकारियों का ध्यान कई बार आकर्षित किया गया है, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। विशेषकर बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि गढ़गच मंदिर मार्ग की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और क्षेत्र की इस ऐतिहासिक धरोहर तक पहुँच आसान हो सके।1
- राजस्थान में यदि कोई व्यक्ति व्हाट्सएप ग्रुप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से झूठी या मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करता है, तो उसके विरुद्ध साइबर अपराध और मानहानि से संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह चेतावनी ऐसे कृत्यों की गंभीरता को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में पीड़ित को सबसे पहले डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना चाहिए। इसमें मानहानिकारक संदेशों के स्क्रीनशॉट लेना शामिल है, जिनमें भेजने वाले का नाम या मोबाइल नंबर, तारीख और समय स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। साथ ही, मूल चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखने चाहिए, क्योंकि कानूनी प्रक्रिया का पालन होने पर इन्हें न्यायालय में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। कानूनी सहायता के लिए, पीड़ित व्यक्ति राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा, साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करके भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर, संबंधित पुलिस थाने या साइबर पुलिस स्टेशन में भी शिकायत अथवा एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।3
- इस्कॉन गुना द्वारा 29 जून, रविवार को गुना के मानस भवन में भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य स्नान यात्रा महोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। यह दिव्य कार्यक्रम श्री गिर्राज अग्रवाल जी, श्रीमान ऋषभानंद प्रभु और श्रीमान नित्यानंद प्रभु के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में 2000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलदेव और सुभद्रा मैया के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में श्रीमान ऋषभानंद प्रभु ने एक विशेष कथा प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने बताया कि स्नान यात्रा का पावन दिवस ही भगवान श्री जगन्नाथ जी, भगवान बलदेव जी और सुभद्रा मैया का प्राकट्य उत्सव भी है। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ जी का भव्य गज वेश श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन कर भक्तों ने भावपूर्वक आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन, भक्तों का नृत्य और भक्ति भाव से ओत-प्रोत वातावरण मुख्य आकर्षण रहे, जिससे भक्तों ने आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।1
- सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश के 49 वर्षीय एक हिंदू पुजारी ने दिव्य शक्ति से आसमान में उड़ने की बात कहते हुए पहाड़ से छलांग लगा दी, जिसके बाद मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों और तथ्य-जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि यह दावा पूरी तरह से गलत है। यह वीडियो वर्ष 2021 का है और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से संबंधित बताया गया है। वास्तविक घटना यह थी कि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के दौरान पुजारी का संतुलन बिगड़ गया था, जिससे उनका पैर फिसल गया और वे गहरी खाई में जा गिरे, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई। जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि पुजारी ने उड़ने का दावा किया था या जानबूझकर छलांग लगाई थी।1
- सोमवार को झालावाड़ शहर में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ सुबह से ही तीखी धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा था। दोपहर करीब 3 बजे आसमान में काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई, जिसके बाद हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। हालांकि, इस बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर नालियों का पानी बह निकला। दरअसल, शनिवार को हुई बारिश के बाद से ही शहर में लगातार उमस बनी हुई थी। सोमवार सुबह तेज धूप के कारण तापमान और उमस दोनों बढ़ गए थे, जिससे लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। दोपहर बाद मौसम में अचानक आए इस बदलाव और तेज बारिश ने दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को बीच रास्ते में ही दुकानों, छज्जों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने पर मजबूर कर दिया। कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने के कारण यातायात भी कुछ समय के लिए धीमा पड़ गया। इस बारिश से किसानों और आमजन के चेहरों पर खुशी लौट आई, और सुहावने मौसम से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस थोड़ी देर की बारिश ने शहर में जल निकासी की व्यवस्था की पोल भी खोल दी, क्योंकि कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई थी।2
- गुना जिले के फतेहगढ़-कोहन मार्ग पर वर्षों से हादसों का कारण बन रही एक जर्जर पुलिया की आखिरकार मरम्मत और मजबूती का काम शुरू हो गया है। लंबे समय से खराब हालत में पड़ी यह पुलिया राहगीरों और ग्रामीणों के लिए भारी परेशानी का सबब बनी हुई थी, खासकर बरसात के दिनों में जलभराव के कारण दोपहिया, चारपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था, जिससे कई छोटे-बड़े हादसे भी हुए थे। इस गंभीर समस्या को दैनिक भास्कर ने 28 अप्रैल को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसमें पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्से और उससे संभावित बड़े हादसे के खतरे को उजागर किया गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) हरकत में आया। विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और पुलिया पर रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (RCC) निर्माण कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की। विभाग द्वारा अब पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्से को RCC तकनीक से मजबूत किया जा रहा है, जिससे इसकी मजबूती और आयु में वृद्धि होगी। ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से इस पुलिया की मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। मीडिया द्वारा लगातार मुद्दा उठाए जाने के बाद ही प्रशासन सक्रिय हुआ। निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में राहत और खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने दैनिक भास्कर और संबंधित विभाग का आभार व्यक्त करते हुए मांग की है कि यह निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ और तय समय सीमा में पूरा किया जाए।4
- छिपाबड़ौद स्टेडियम में नए सीखने वाले साधकों ने भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया। यह प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता और कार्यप्रणाली के लिए सबसे उत्तम प्राणायामों में से एक माना जाता है।2
- सोमवार शाम अटरू क्षेत्र के मोठपुर इलाके में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इसी दौरान हाथी-दिलोद मार्ग पर तेज हवाओं के चलते एक बड़ा बबूल का पेड़ जड़ सहित उखड़कर सड़क पर गिर गया, जिसके कारण मार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया। हाथी दिलोद निवासी दीपक पारेता और सोनू मीणा ने बताया कि अचानक आई तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिसके फलस्वरूप सड़क किनारे खड़ा बबूल का पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस घटना के समय मार्ग से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की कोई सूचना नहीं मिली है। पेड़ गिरने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर, स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने पेड़ को हटाने के प्रयास शुरू कर दिए। क्षेत्र के अन्य स्थानों से भी तेज आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मार्ग को सुचारु करवाने और बारिश के मौसम में ऐसी संभावित खतरों से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग की है।1
- रायपुर में भारतीय किसान संघ की तहसील बैठक का आयोजन किया गया, जहाँ संभागीय संरक्षक सीताराम ने आगामी योजनाओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। बैठक में नागर ने बताया कि 1 जनवरी को प्रत्येक गाँव में एक दिवसीय सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, और उन्होंने किसानों से प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने के लिए पौधारोपण का भी अनुरोध किया। तहसील मंत्री लोकेश देदीया ने किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने माँग की कि जंगली जानवरों को खेतों से दूर जंगलों में छोड़ा जाए। इसके अतिरिक्त, देदीया ने बारिश के दौरान किसानों को खेतों तक जाने वाले रास्तों पर होने वाली समस्याओं का जिक्र करते हुए इन रास्तों पर ग्रेवल डलवाने की भी मांग की। इस बैठक में जिला उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी शर्मा, पुरुषोत्तम त्रिगुणायत, जगदीश शर्मा, जिला विधि प्रमुख मनीष श्रृंगी, नंद लाल चौधरी, रामप्रसाद नागर, किसन गोपाल सहित कई किसान उपस्थित रहे।2