इस्कॉन गुना द्वारा 29 जून, रविवार को गुना के मानस भवन में भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य स्नान यात्रा महोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। यह दिव्य कार्यक्रम श्री गिर्राज अग्रवाल जी, श्रीमान ऋषभानंद प्रभु और श्रीमान नित्यानंद प्रभु के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में 2000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलदेव और सुभद्रा मैया के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में श्रीमान ऋषभानंद प्रभु ने एक विशेष कथा प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने बताया कि स्नान यात्रा का पावन दिवस ही भगवान श्री जगन्नाथ जी, भगवान बलदेव जी और सुभद्रा मैया का प्राकट्य उत्सव भी है। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ जी का भव्य गज वेश श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन कर भक्तों ने भावपूर्वक आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन, भक्तों का नृत्य और भक्ति भाव से ओत-प्रोत वातावरण मुख्य आकर्षण रहे, जिससे भक्तों ने आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।
इस्कॉन गुना द्वारा 29 जून, रविवार को गुना के मानस भवन में भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य स्नान यात्रा महोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। यह दिव्य कार्यक्रम श्री गिर्राज अग्रवाल जी, श्रीमान ऋषभानंद प्रभु और श्रीमान नित्यानंद प्रभु के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में 2000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलदेव और सुभद्रा मैया के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में श्रीमान ऋषभानंद प्रभु ने एक विशेष कथा प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने बताया कि स्नान यात्रा का पावन दिवस ही भगवान श्री जगन्नाथ जी, भगवान बलदेव जी और सुभद्रा मैया का प्राकट्य उत्सव भी है। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ जी का भव्य गज वेश श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन कर भक्तों ने भावपूर्वक आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन, भक्तों का नृत्य और भक्ति भाव से ओत-प्रोत वातावरण मुख्य आकर्षण रहे, जिससे भक्तों ने आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।
- गुना जिले के ग्राम टकोदिया में शराब बेचने के विवाद को लेकर एक हिंसक घटना सामने आई है। फरियादी लक्ष्मीनारायण धाकड़ की शिकायत पर पुलिस ने राजस्थान के छतरपुरा गांव से आए पांच लोगों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। घटना की शुरुआत तब हुई जब ग्राम टकोदिया निवासी लक्ष्मीनारायण धाकड़ के 48 वर्षीय बेटे सुनील धाकड़ ने 30 जून 2026 को शिवचरण उर्फ शिब्बू गुर्जर को फोन किया। शिवचरण, जो राजस्थान के बारा जिले के जैपला थाना क्षेत्र के छतरपुरा गांव का निवासी है और अवैध शराब बेचता है, से सुनील ने पूछा था कि क्या वह उसकी "हारी शराब उधार" लेने आया था। इसी बात पर शिवचरण भड़क गया और उसने फोन पर ही सुनील को गाली-गलौज करते हुए धमकाना शुरू कर दिया। शिकायत के अनुसार, उसी दिन दोपहर करीब 2 बजे, शिवचरण उर्फ शिब्बू गुर्जर अपने साथियों कजोड़ गुर्जर, धनराज गुर्जर, विजय सिंह गुर्जर और अनिल गुर्जर के साथ एक राय होकर लाठी और फरसा लेकर लक्ष्मीनारायण धाकड़ के घर पहुंच गया। आरोप है कि इन आरोपियों ने घर के बाहर महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और फिर घर में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। आरोपियों ने एमपी-08-सीए-2893 नंबर की बोलेरो कार, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, एक पंखा, एक कूलर और अन्य घरेलू सामान को तोड़कर नुकसान पहुंचाया। इसके बाद, आरोपी थोड़ी दूरी पर स्थित आनंदप्रकाश धाकड़ के घर जा पहुंचे और वहां आनंदप्रकाश धाकड़ के साथ लाठियों से मारपीट की, जिससे उसके दाहिने हाथ की अंगुली, दाहिनी कलाई, दाहिने पैर के घुटने के नीचे, बाएं घुटने, पीठ और जांघ में चोटें आईं। आरोपियों ने आनंदप्रकाश की मोटरसाइकिल में भी तोड़फोड़ की और वह मोबाइल फोन छीनकर अपने साथ ले गए जिससे घटना का वीडियो बनाया जा रहा था। उन्होंने घर में कई अन्य जगहों और सामानों की भी तोड़फोड़ की। एफआईआर में उल्लेख है कि प्रेमनारायण धाकड़, हुकुमचंद धाकड़ और आनंदप्रकाश के पुत्र सुनील धाकड़ ने मौके पर यह पूरी घटना देखी। जाते-जाते, आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को धमकी दी कि यदि कोई मिला तो उसे जान से खत्म कर देंगे। पुलिस ने पांचों नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मामले की विवेचना जारी है।1
- इस्कॉन गुना द्वारा 29 जून, रविवार को गुना के मानस भवन में भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य स्नान यात्रा महोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। यह दिव्य कार्यक्रम श्री गिर्राज अग्रवाल जी, श्रीमान ऋषभानंद प्रभु और श्रीमान नित्यानंद प्रभु के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में 2000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलदेव और सुभद्रा मैया के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में श्रीमान ऋषभानंद प्रभु ने एक विशेष कथा प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने बताया कि स्नान यात्रा का पावन दिवस ही भगवान श्री जगन्नाथ जी, भगवान बलदेव जी और सुभद्रा मैया का प्राकट्य उत्सव भी है। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ जी का भव्य गज वेश श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन कर भक्तों ने भावपूर्वक आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन, भक्तों का नृत्य और भक्ति भाव से ओत-प्रोत वातावरण मुख्य आकर्षण रहे, जिससे भक्तों ने आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।1
- शिवपुरी जिले के लुकबासा में स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर, जिसे लुकबासा धाम के नाम से जाना जाता है, आस्था, विश्वास और भक्ति का एक अद्भुत संगम है। यहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से जो भी भक्त बाबा के चरणों में अपनी प्रार्थना रखता है, उसकी मनोकामनाएँ अवश्य पूर्ण होती हैं। भक्तों में यह गहरा विश्वास है कि बाबा श्याम हारे के सहारे हैं। जो भी बाबा श्याम पर अटूट विश्वास रखते हैं, उनसे 'जय श्री श्याम' कमेंट करने का आग्रह किया गया है।1
- छबड़ा के अमीरपुर खेड़ी स्थित अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम के संस्थापक व संचालक एस.एल. नागर ने वर्षा ऋतु के आगमन पर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे 'एक पौधा स्वयं के नाम और एक पौधा धरती माता के नाम' अवश्य लगाएं। नागर ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ रहे तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी उपायों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्षा ऋतु में कम से कम दो पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। नागर ने जानकारी दी कि अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र पिछले 36 वर्षों से पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जुड़ा हुआ है। अब इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, भुवाखेड़ी स्थित बाबा खाटूश्याम मंदिर और गोशाला परिसर की सादली की पहाड़ी पर बने परिक्रमा मार्ग और मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर पौधरोपण की विस्तृत योजना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए आते समय अपने साथ एक या दो पौधे और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड या जाली भी लेकर आएं, ताकि मंदिर परिसर या परिक्रमा मार्ग पर पौधा लगाकर वे पर्यावरण संरक्षण के इस पुनीत कार्य में भागीदार बन सकें। एस.एल. नागर ने ज़ोर देकर कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा का आधार है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए एक-एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वर्षा ऋतु पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है, इसलिए इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और 'एक पौधा स्वयं के नाम, एक पौधा धरती माता के नाम' अभियान से जुड़ें।3
- श्री अमरनाथ जी की वार्षिक यात्रा के लिए तैयारियां चल रही हैं।1
- यह जानकारी 'प्रार्थना ध्यान' के बारे में है।1
- छीपाबड़ौद के सेतकोलू में विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण भी किया और जनसुनवाई करके लोगों की समस्याओं को सुना।1
- सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश के 49 वर्षीय एक हिंदू पुजारी ने दिव्य शक्ति से आसमान में उड़ने की बात कहते हुए पहाड़ से छलांग लगा दी, जिसके बाद मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों और तथ्य-जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि यह दावा पूरी तरह से गलत है। यह वीडियो वर्ष 2021 का है और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से संबंधित बताया गया है। वास्तविक घटना यह थी कि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के दौरान पुजारी का संतुलन बिगड़ गया था, जिससे उनका पैर फिसल गया और वे गहरी खाई में जा गिरे, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई। जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि पुजारी ने उड़ने का दावा किया था या जानबूझकर छलांग लगाई थी।1