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यह जानकारी 'प्रार्थना ध्यान' के बारे में है।
Jagdish Chandra Sharma
यह जानकारी 'प्रार्थना ध्यान' के बारे में है।
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- यह जानकारी 'प्रार्थना ध्यान' के बारे में है।1
- छीपाबड़ौद के सेतकोलू में विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण भी किया और जनसुनवाई करके लोगों की समस्याओं को सुना।1
- छबड़ा के अमीरपुर खेड़ी स्थित अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम के संस्थापक व संचालक एस.एल. नागर ने वर्षा ऋतु के आगमन पर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे 'एक पौधा स्वयं के नाम और एक पौधा धरती माता के नाम' अवश्य लगाएं। नागर ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ रहे तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी उपायों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्षा ऋतु में कम से कम दो पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। नागर ने जानकारी दी कि अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र पिछले 36 वर्षों से पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जुड़ा हुआ है। अब इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, भुवाखेड़ी स्थित बाबा खाटूश्याम मंदिर और गोशाला परिसर की सादली की पहाड़ी पर बने परिक्रमा मार्ग और मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर पौधरोपण की विस्तृत योजना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए आते समय अपने साथ एक या दो पौधे और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड या जाली भी लेकर आएं, ताकि मंदिर परिसर या परिक्रमा मार्ग पर पौधा लगाकर वे पर्यावरण संरक्षण के इस पुनीत कार्य में भागीदार बन सकें। एस.एल. नागर ने ज़ोर देकर कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा का आधार है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए एक-एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वर्षा ऋतु पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है, इसलिए इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और 'एक पौधा स्वयं के नाम, एक पौधा धरती माता के नाम' अभियान से जुड़ें।3
- अटरू के गांदोलिया गांव से गुजरने वाले नाले पर बनी रपट प्री-मानसून की हल्की बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे गांव का आधा हिस्सा प्रभावित हुआ है और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि रपट की मरम्मत बिना सीमेंट के केवल गिट्टी डालकर की गई थी, जिसके कारण वह पहली ही बारिश में बह गई। ग्रामीणों के अनुसार, रपट के क्षतिग्रस्त होने से फोर व्हीलर और टू व्हीलर वाहनों का निकलना बेहद मुश्किल हो गया है, साथ ही राहगीरों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान कई लोग फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। देवकिशन वैष्णव, चंचल गालव, मेघराज, राकेश, धनराज समेत अन्य ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया कि यह मार्ग गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई, तो आगामी बारिश में यह मार्ग पूरी तरह बंद हो सकता है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही और आवश्यक सेवाएं बाधित होंगी। गांदोलिया के ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल रपट की मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- खानपुर उपखंड क्षेत्र के झागर गांव में अंधड़ से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुँचे तहसीलदार हेमराज कपूर को ग्रामीणों ने कई गंभीर समस्याओं से अवगत कराया। इन समस्याओं में श्मशान भूमि के रास्ते पर हो रहा अवैध अतिक्रमण प्रमुख था, जिस पर तहसीलदार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही जेसीबी बुलवाकर अतिक्रमण को हटवा दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने तहसीलदार को यह भी बताया कि गांव में पिछले तीन वर्षों से नरेगा का कार्य बंद है, पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है, शौचालय के अभाव में महिलाओं को खुले में शौच जाने की मजबूरी है, और सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी बंद पड़ी है। इन मूलभूत समस्याओं को लेकर मौके पर मौजूद कांग्रेस प्रवक्ता हनुमान रामावत ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात की और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर इन सभी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस बीच, विधायक सुरेश गुर्जर ने भी जल्द ही गांव का दौरा करने और ग्रामीणों की सभी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।3
- पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में पनवाड़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए, एक कपड़े की दुकान में लूट का प्रयास करने वाली चार महिला आरोपियों को मौके से धरदबोचा है। इस 'मिर्ची-ब्लेड गैंग' द्वारा पनवाड़ में व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा था, जिसका पुलिस ने चंद घंटों के भीतर ही पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह गैंग विरोध करने पर व्यापारियों की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर और ब्लेड से हमला कर लूटपाट करती थी। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए ब्लेड के टुकड़े और लाल मिर्ची पाउडर भी बरामद किया है। गिरफ्तार की गई महिला आरोपियों की पहचान हेमलता, रंगीली, भूली बाई और कोशना (जो जिला बारां की निवासी है) के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार महिला गैंग राजस्थान के अन्य स्थानों पर भी नकबजनी की वारदातों को अंजाम दे चुकी है। पनवाड़ थाना पुलिस की इस कार्रवाई को लूट की योजना बना रही महिला गैंग को दबोचने में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।1
- छीपाबड़ौद के स्टेडियम में कपालभाति प्राणायाम का आयोजन किया गया।1
- पनवाड़ क्षेत्र के चलेट गांव में सोमवार रात करीब 9 बजे एक बड़ा हादसा हो गया, जब आकाशीय बिजली सीधे एक ट्रांसफार्मर पर गिरी। इस कारण 11 केवी लाइन का करंट नीचे उतर आया, जिसकी चपेट में आकर कुल 16 मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में पशुपालक गिरिराज गुर्जर पुत्र रामकल्याण गुर्जर को भारी नुकसान हुआ है। करंट लगने से उनकी 6 गर्भवती भैंस, एक मुर्रा नस्ल का पाडा, लगभग एक वर्ष की एक पाडी भैंस, एक दो वर्ष का बछड़ा और 6 सांडों की मौत हो गई। वहीं, दूसरे पशुपालक रामहेतार पुत्र घनश्याम भील की भी एक दुधारू गाय ने इसी करंट की चपेट में आने से दम तोड़ दिया। इस हादसे ने गरीब पशुपालकों की रोजी-रोटी पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।2