जंगली सुअर से टकराकर बाइक सवार घायल, एक गंभीर रेफर तीन घायल बनखेड़ी। शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार चार युवक घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब वे शादी समारोह में शामिल होकर पीपरपानी से बनखेड़ी लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे रास्ते में अचानक जंगली सुअर आ जाने से उनकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में सक्षम पिता सुनील कुशवाहा (13) निवासी सोहागपुर को कमर में गंभीर चोट आई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल नर्मदापुरम रेफर किया गया है। वहीं अन्य घायलों में अभय पिता अर्जुन पटेल (20) निवासी साईंखेड़ा, अनुराग पिता मुकेश कुशवाहा (15) निवासी बनखेड़ी तथा अरुण पिता प्रकाश कुशवाहा (21) निवासी अन्हाई शामिल हैं, जिन्हें हाथ-पैर और सिर में चोटें आई हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जंगली सुअर से टकराकर बाइक सवार घायल, एक गंभीर रेफर तीन घायल बनखेड़ी। शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार चार युवक घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब वे शादी समारोह में शामिल होकर पीपरपानी से बनखेड़ी लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे रास्ते में अचानक जंगली सुअर आ जाने से उनकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में सक्षम पिता सुनील कुशवाहा (13) निवासी सोहागपुर को कमर में गंभीर चोट आई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल नर्मदापुरम रेफर किया गया है। वहीं अन्य घायलों में अभय पिता अर्जुन पटेल (20) निवासी साईंखेड़ा, अनुराग पिता मुकेश कुशवाहा (15) निवासी बनखेड़ी तथा अरुण पिता प्रकाश कुशवाहा (21) निवासी अन्हाई शामिल हैं, जिन्हें हाथ-पैर और सिर में चोटें आई हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
- केरल से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें छत की सफाई के दौरान एक युवक अचानक फिसल जाता है। लेकिन नीचे मौजूद उसके साथी ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए उसे समय रहते पकड़ लिया और बड़ी अनहोनी टल गई। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।1
- बनखेड़ी। शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार चार युवक घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब वे शादी समारोह में शामिल होकर पीपरपानी से बनखेड़ी लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे रास्ते में अचानक जंगली सुअर आ जाने से उनकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में सक्षम पिता सुनील कुशवाहा (13) निवासी सोहागपुर को कमर में गंभीर चोट आई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल नर्मदापुरम रेफर किया गया है। वहीं अन्य घायलों में अभय पिता अर्जुन पटेल (20) निवासी साईंखेड़ा, अनुराग पिता मुकेश कुशवाहा (15) निवासी बनखेड़ी तथा अरुण पिता प्रकाश कुशवाहा (21) निवासी अन्हाई शामिल हैं, जिन्हें हाथ-पैर और सिर में चोटें आई हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- सोहागपुर में भाजपा की जीत का कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न, निकला भव्य जुलूस सोहागपुर में पश्चिम बंगाल, असम और पांडिचेरी में भाजपा की जीत के उपलक्ष्य में सोमवार शाम 6:00 बजे भव्य विजय उत्सव मनाया गया। इस दौरान नगर में विशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। जुलूस मुख्य मार्गों से गुजरा, जहां नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यकर्ता नाचते-गाते नजर आए और देशभक्ति के नारे गूंजते रहे। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने जीत को जनता के विश्वास और विकास की नीतियों की जीत बताया। अंत में कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।1
- सिवनी मालवा तहसील के ग्राम मुंडिया खेड़ी में बिजली तार पेड़ों से टकराने के कारण आग लग गई। इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। देखिए पूरी रिपोर्ट…1
- मानदेय के लिए सड़कों पर उतरीं आशा-उषा कार्यकर्ता, 4 दिनों से जारी धरना, जिलाध्यक्ष बोली अधिकारी दे रहे उड़ाने की धमकी सिवनी मालवा तहसील कार्यालय के सामने स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा, उषा एवं आशा पर्यवेक्षक कार्यकर्ता अपने हक की लड़ाई के लिए पिछले 4 दिनों से धरने पर बैठी हैं। जिला अध्यक्ष नर्मदापुरम बबीता चौबे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता चिलचिलाती धूप में प्रदर्शन कर रही हैं। धरने पर बैठी कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे पिछले 8 महीनों से लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि के भुगतान का इंतजार कर रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें उनका हक नहीं मिला। इस कारण उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है। बबीता चौबे ने कहा कि आशा, उषा और पर्यवेक्षक कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम कड़ी हैं, फिर भी उन्हें समय पर मेहनताना नहीं दिया जा रहा है। इसी के चलते 7 दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और धमकियां तक दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि “हमें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगे।” जिलाध्यक्ष ने यह भी बताया कि इससे पहले कई बार शासन और विभागीय अधिकारियों को आवेदन एवं चर्चाओं के माध्यम से समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं: 1. 8 माह से लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का तत्काल भुगतान 2. केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा घोषित मानदेय वृद्धि को लागू करना 3. मासिक मानदेय का समय पर नियमित भुगतान 4. स्वास्थ्य सुविधाओं एवं विभागीय संसाधनों में सुधार 5. सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना1
- प्रताप सिंह कांग्रेस मीडिया प्रभारी भरकच ब्लॉक बरेली में कांग्रेस का धरना1
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- बाँसखापा में बिजली को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के कार्यालय में किया प्रदर्शन सोहागपुर ब्लॉक के ग्राम बाँसखापा में बिजली व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। खेती के लिए लगाए गए तीन ट्रांसफॉर्मरों को 24 घंटे वाली लाइन से जोड़ने पर अन्य ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सोमवार को दो दर्जन से अधिक ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, बिजली कार्यालय पहुंचे और धरना देकर विरोध जताया। इस दौरान अधिकारियों से उनकी तीखी बहस भी हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के तीनों ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए थे, जिन्हें बकाया राशि के चलते विभाग ने ठीक नहीं कराया। वहीं कुछ लोगों ने निजी ट्रांसफॉर्मर लगवाकर उन्हें 24 घंटे वाली डीएलएफ लाइन से जोड़ लिया, जिससे अन्य लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोग तेज आवाज में डीजे बजाकर उन्हें परेशान कर रहे हैं, साथ ही बिजली विभाग पर पैसे लेकर काम करने के आरोप भी लगाए। धरने में हरिशंकर पटेल, वीरेन्द्र पटेल, संतोष पटेल, ललन पटेल, विक्रम पटेल, सुनील कुशवाहा, रज्जो बाई, चंदा बाई, कपिल पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।1