जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र का किया औचक निरीक्षण, 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश। 🚨 जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र का किया औचक निरीक्षण, 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश लगातार बारिश के बीच आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को परखा, संवेदनशील मार्गों पर पहले से मशीनरी तैनात करने के निर्देश चम्पावत, 06 सितम्बर 2026। जनपद में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित जिला आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं और मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, वायरलेस एवं सैटेलाइट संचार प्रणाली तथा ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। ⏰ 24 घंटे अलर्ट रहें कार्मिक जिलाधिकारी ने कहा कि कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी 24 घंटे पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहें, ताकि जिले के किसी भी क्षेत्र से आपदा या अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। 🚜 संवेदनशील मार्गों पर पहले से तैनात हो मशीनरी सड़क मार्गों को सुचारू बनाए रखने को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूस्खलन और अतिवृष्टि की दृष्टि से संवेदनशील मार्गों को पहले से चिन्हित कर वहां जेसीबी एवं आवश्यक भारी मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि मार्ग बंद होने की स्थिति में यातायात को जल्द बहाल किया जा सके। 📋 हर शिकायत और सूचना का रखा जाए रिकॉर्ड जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में आने वाली प्रत्येक सूचना, शिकायत और जनसमस्या का व्यवस्थित लॉग रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। प्राप्त सूचनाओं को तत्काल संबंधित विभाग को भेजने और उस पर हुई कार्रवाई की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा। 📡 नेटवर्क फेल होने पर भी संचार व्यवस्था रहे चालू उन्होंने सैटेलाइट फोन, वायरलेस सेट समेत अन्य संचार उपकरणों को हर समय क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मोबाइल नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में भी बैकअप संचार प्रणाली प्रभावी रहनी चाहिए, ताकि आपदा के समय त्वरित निर्णय और राहत-बचाव कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए। निरीक्षण के दौरान जिला आपदा परिचालन केंद्र के कार्मिक उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र का किया औचक निरीक्षण, 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश। 🚨 जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र का किया औचक निरीक्षण, 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश लगातार बारिश के बीच आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को परखा, संवेदनशील मार्गों पर पहले से मशीनरी तैनात करने के निर्देश चम्पावत, 06 सितम्बर 2026। जनपद में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित जिला आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं और मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों
का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, वायरलेस एवं सैटेलाइट संचार प्रणाली तथा ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। ⏰ 24 घंटे अलर्ट रहें कार्मिक जिलाधिकारी ने कहा कि कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी 24 घंटे पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहें, ताकि जिले के किसी भी क्षेत्र से आपदा या अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। 🚜 संवेदनशील मार्गों पर पहले से
तैनात हो मशीनरी सड़क मार्गों को सुचारू बनाए रखने को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूस्खलन और अतिवृष्टि की दृष्टि से संवेदनशील मार्गों को पहले से चिन्हित कर वहां जेसीबी एवं आवश्यक भारी मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि मार्ग बंद होने की स्थिति में यातायात को जल्द बहाल किया जा सके। 📋 हर शिकायत और सूचना का रखा जाए रिकॉर्ड जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में आने वाली प्रत्येक सूचना, शिकायत और जनसमस्या का व्यवस्थित लॉग रजिस्टर
तैयार करने के निर्देश दिए। प्राप्त सूचनाओं को तत्काल संबंधित विभाग को भेजने और उस पर हुई कार्रवाई की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा। 📡 नेटवर्क फेल होने पर भी संचार व्यवस्था रहे चालू उन्होंने सैटेलाइट फोन, वायरलेस सेट समेत अन्य संचार उपकरणों को हर समय क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मोबाइल नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में भी बैकअप संचार प्रणाली प्रभावी रहनी चाहिए, ताकि आपदा के समय त्वरित निर्णय और राहत-बचाव कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए। निरीक्षण के दौरान जिला आपदा परिचालन केंद्र के कार्मिक उपस्थित रहे।
- जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र का किया औचक निरीक्षण, 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश। 🚨 जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र का किया औचक निरीक्षण, 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश लगातार बारिश के बीच आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को परखा, संवेदनशील मार्गों पर पहले से मशीनरी तैनात करने के निर्देश चम्पावत, 06 सितम्बर 2026। जनपद में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित जिला आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं और मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, वायरलेस एवं सैटेलाइट संचार प्रणाली तथा ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। ⏰ 24 घंटे अलर्ट रहें कार्मिक जिलाधिकारी ने कहा कि कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी 24 घंटे पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहें, ताकि जिले के किसी भी क्षेत्र से आपदा या अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। 🚜 संवेदनशील मार्गों पर पहले से तैनात हो मशीनरी सड़क मार्गों को सुचारू बनाए रखने को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूस्खलन और अतिवृष्टि की दृष्टि से संवेदनशील मार्गों को पहले से चिन्हित कर वहां जेसीबी एवं आवश्यक भारी मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि मार्ग बंद होने की स्थिति में यातायात को जल्द बहाल किया जा सके। 📋 हर शिकायत और सूचना का रखा जाए रिकॉर्ड जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में आने वाली प्रत्येक सूचना, शिकायत और जनसमस्या का व्यवस्थित लॉग रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। प्राप्त सूचनाओं को तत्काल संबंधित विभाग को भेजने और उस पर हुई कार्रवाई की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा। 📡 नेटवर्क फेल होने पर भी संचार व्यवस्था रहे चालू उन्होंने सैटेलाइट फोन, वायरलेस सेट समेत अन्य संचार उपकरणों को हर समय क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मोबाइल नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में भी बैकअप संचार प्रणाली प्रभावी रहनी चाहिए, ताकि आपदा के समय त्वरित निर्णय और राहत-बचाव कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए। निरीक्षण के दौरान जिला आपदा परिचालन केंद्र के कार्मिक उपस्थित रहे।4
- चंपावत :में 10 सितंबर को भव्य रूप से मनाई जाएगी भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती, तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न* चंपावत :में 10 सितंबर को भव्य रूप से मनाई जाएगी भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती, तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न*1
- नैनीताल आज 6 सितंबर 2026, सुबह से हो रही बारिश। मानसून का अदभुत सौंदर्य। नैनीताल आज 6 सितंबर 2026, सुबह से हो रही बारिश। मानसून का अदभुत सौंदर्य।1
- सहारनपुर में आधी रात बड़ा एक्शन! इकरा हसन को पुलिस ने रोका, बुलडोजर कार्रवाई पर गरमाई सियासत सहारनपुर में बुलडोजर कार्रवाई के बाद देर रात ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने के लिए निकलीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उनके आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई और देर रात तक पुलिस व सांसद के बीच बातचीत चलती रही। इस वीडियो में हम पूरे घटनाक्रम को क्रमवार समझा रहे हैं—आखिर बुलडोजर कार्रवाई के बाद हालात कैसे बदले, प्रशासन ने क्या वजह बताई, इकरा हसन ने क्या आरोप लगाए और इस पूरे मामले का राजनीतिक असर क्या हो सकता है। अगर आप बिना अफवाह, सिर्फ़ अहम तथ्यों और तेज़ अपडेट के साथ उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें देखना चाहते हैं, तो G Express को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन ज़रूर दबाएं। #Saharanpur #IqraHasan #UPNews #BreakingNews #HindiNews #SamajwadiParty #Politics #LatestNews #GExpress1
- 30 लोग वर्षों से माइंस के बीच जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं बागेश्वर के कांडा क्षेत्र के बखेत गांव में करीब 30 लोग वर्षों से माइंस के बीच जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं। बारिश होते ही इन परिवारों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। घरों के अंदर पानी भरने के साथ ही लगातार खिसकती जमीन और कमजोर हो चुकी दीवारें हादसे की आशंका बढ़ा रही हैं। वीओ 1 - ग्रामीणों के मुताबिक, बखेत में आबादी के दोनों ओर माइंस होने के कारण जमीन लगातार अस्थिर हो रही है। हल्की बारिश में भी घरों के भीतर पानी घुस जाता है। कई मकानों की छतें टपक रही हैं और परिवार बर्तनों में पानी जमा कर रात गुजारने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ घर के भीतर से पानी आता है तो दूसरी तरफ छत से पानी टपकता है। वीओ 2- सबसे ज्यादा चिंता मंजू देवी के परिवार को लेकर है। उनके घर में पांच बच्चे हैं। मकान की दीवारों से पत्थर गिरने लगे हैं, जबकि आंगन की स्थिति भी बेहद खराब है। परिवार के लिए शौचालय की सुविधा तक पर्याप्त नहीं है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजन हर समय चिंतित रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन खिसकने की समस्या नई नहीं है। दशकों से वे सुरक्षित स्थान पर विस्थापन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि बरसात के दौरान हर दिन किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। वीओ 3- ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) में करोड़ों रुपये उपलब्ध हैं, तो खनन प्रभावित और जोखिम वाले क्षेत्र में रहने वाले इन परिवारों के पुनर्वास के लिए फंड का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है। उनकी मांग है कि प्रशासन मौके का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द से जल्द उन्हें सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कर.. जिलाधिकारी अपूर्वा पांडेय ने कहा कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में टीम भेजकर स्थिति की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- देहरादून के जैंतनवाला क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद नून नदी अचानक उफान पर आ गई। नदी में आए पानी के इस रौद्र रूप और बेहद तेज बहाव के बीच एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी देखते ही देखते तिनके की तरह पानी में बह गई, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा... #Uttarakhand #Dehradun #UttarakhandRain #NoonRiver1
- 🚨 किच्छा: आदित्य चौक पर गोमांस पकड़े जाने की सूचना, जांच में जुटी पुलिस 🚨 किच्छा: आदित्य चौक पर गोमांस पकड़े जाने की सूचना, जांच में जुटी पुलिस1
- चम्पावत :में अवैध भांग की खेती पर पुलिस का शिकंजा, 4 नाली फसल नष्ट चम्पावत :में अवैध भांग की खेती पर पुलिस का शिकंजा, 4 नाली फसल नष्ट1