Shuru
Apke Nagar Ki App…
जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पांडे का हुआ तबादला राजेश कुमार पांडे को बहराइच का डीएम बनाया गया
Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पांडे का हुआ तबादला राजेश कुमार पांडे को बहराइच का डीएम बनाया गया
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पांडे का हुआ तबादला राजेश कुमार पांडे को बहराइच का डीएम बनाया गया1
- उरई का होप हॉस्पिटल या मौत का कुआँ'? पेट की नसें काटीं, ₹20 हजार में सौदा और जबरन लगवाया अंगूठा उरई का होप हॉस्पिटल या मौत का कुआँ'? पेट की नसें काटीं, ₹20 हजार में सौदा और जबरन लगवाया अंगूठा—पढ़िए इस अस्पताल की खौफनाक काली करतूत की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट! उरई शहर में कालपी रोड पर संचालित होप हॉस्पिटल का नाम अब इलाज नहीं, बल्कि इंसानी जिंदगियों से खिलवाड़ का दूसरा नाम बन चुका है। मध्य प्रदेश के भिंड से उरई पहुँची एक बेहद गरीब और बेबस महिला शिव कुमारी के साथ जो हुआ, उसने उरई के प्राइवेट मेडिकल सिंडिकेट की सबसे बदसूरत और खौफनाक तस्वीर पेश कर दी है। आरोप हैं कि डॉक्टर आदिल अंसारी ने ऑपरेशन के दौरान लापरवाही की सारी सीमाएं लांघते हुए महिला की पेशाब की थैली और नसों को बुरी तरह काट डाला—और जब मामला हाथ से निकलने लगा, तो उसे दबाने के लिए खेला गया प्रशासनिक व वित्तीय साजिश का घिनौना खेल! 1. सर्जिकल ब्लेड का कहर: बच्चेदानी के नाम पर शरीर को कर दिया छलनी पीड़िता शिव कुमारी ने गत 4 जुलाई 2026 को होप हॉस्पिटल में बच्चेदानी (Hysterectomy) का ऑपरेशन करवाया था। लापरवाही की इंतहा: आरोप है कि डॉ. आदिल अंसारी ने घोर लापरवाही में सर्जिकल ब्लेड से पीड़िता के यूरेन ब्लेडर (Pessab Ki Thaili) और उससे जुड़ी संवेदनशील नसों में दो गंभीर कट लगा दिए। इन्फेक्शन और रिसाव: ऑपरेशन के तुरंत बाद से ही महिला का अपने पेशाब पर नियंत्रण खत्म हो गया। शरीर के भीतर लगातार एसिडिक रिसाव होने से पेट के अंदर भयंकर इन्फेक्शन फैल गया और मरीज तड़पने के लिए मजबूर हो गई। 2. ₹20 हजार का लालच, गुर्गों की धमकी और सहमति पत्र का मास्टरमाइंड जाल जब 2 अगस्त 2026 को मरीज की स्थिति जीवन और मौत के बीच झूलने लगी, तो परिजन बदहवास होकर डॉक्टर के पास पहुंचे। यहाँ शुरू हुआ असली कातिलाना खेल: ₹20 हजार में जिंदगी का सौदा: आरोप है कि डॉ. आदिल अंसारी ने अपनी गलती छुपाने के लिए परिजनों के हाथ में ₹20,000 थमाए और मामले को वहीं दफन करने की कोशिश की। गुर्गों से घेरकर लगवाया अंगूठा: मरीज मध्य प्रदेश का था और आर्थिक व सामाजिक रूप से बेहद कमजोर (धोबी समाज) था। आरोप है कि डॉक्टर ने अपने गुर्गों को बुलाकर परिजनों को डरा-धमकाकर और घेरकर जबरन राजीनामे के कागजों पर अंगूठा व हस्ताक्षर करवा लिए। प्री-प्रिंटेड लीगल जाल: अस्पताल प्रशासन ने पहले ही एक ऐसा कंसेंट फॉर्म (सहमति पत्र) छपवा रखा था, जिसमें पहले से लिखा होता है कि ऑपरेशन के दौरान नली/थैली कटने या इन्फेक्शन होने की जिम्मेदारी स्वयं मरीज की होगी। यह साबित करता है कि अस्पताल कानूनी शिकंजे से बचने का पूरा प्लान पहले से बनाकर मरीजों को टेबल पर लिटाता है। 3. ग्वालियर के डॉक्टरों के उड़े होश: 6 घंटे का जटिल ऑपरेशन ही बचा सकता है जान उरई से निराश होकर जब परिजन महिला को ग्वालियर के अपोलो और सिंह हॉस्पिटल ले गए, तो वहां के विशेषज्ञ डॉक्टरों की रिपोर्ट ने सबको सन्न कर दिया। 2 जगहों से पूरी तरह कटी नसें: Scans और इन्फेक्शन जांच से खुलासा हुआ कि यूरेन ब्लेडर की नसें दो जगहों से बुरी तरह कटी हुई हैं। जिंदगी और मौत की जंग: ग्वालियर के डॉक्टरों के अनुसार अब महिला को 6 घंटे लंबे एक अति-जटिल और जोखिम भरे ऑपरेशन से गुजरना होगा। गरीब परिवार अब तक ₹2 लाख से ज्यादा लुटा चुका है और कर्ज के बोझ तले पूरी तरह टूट चुका है। 4. सरकारी की आड़ में प्राइवेट लूट': जानिए डॉ. आदिल अंसारी का पूरा इतिहास सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार, डॉ. आदिल अंसारी और उनकी पत्नी डॉ. फातिमा अंसारी का यह पहला कारनामा नहीं है: सरकारी अस्पताल से प्राइवेट का रैकेट: ये दोनों पहले उरई के जिला सरकारी अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज में पदस्थ थे। आरोप है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले भोले-भाले गरीब मरीजों को फुसलाकर अपने प्राइवेट होप हॉस्पिटल लाया जाता था और उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। पुरानी आदत: लगभग एक साल पहले पिपराया निवासी एक मरीज के साथ भी ऐसा ही हुआ था—मोटी रकम ऐंठने के बाद जब केस बिगड़ गया तो मरीज को तुरंत रेफर कर पल्ला झाड़ लिया गया। धर्म देखकर इलाज और पैसों का रसूख: सूत्रों का यह भी दावा है कि अस्पताल में मरीजों से धर्म देखकर व्यवहार और इलाज किया जाता है। दर्जनों मरीजों की जिंदगी से खेलना इनका पुराना खेल है, लेकिन पैसों की चमक और चंद दलालों की बदौलत यह डॉक्टर हर बार बच निकलता रहा। जल्द होगा अगला बड़ा पर्दाफाश! अधिनियम और कानून को जेब में लेकर घूमने वाले ऐसे डॉक्टरों और अस्पतालों की उल्टी गिनती अब शुरू हो चुकी है। गलत काम करने वाले चाहे जितनी पैंतरेबाजी कर लें, कर्मों का हिसाब एक न एक दिन भुगतना ही पड़ता है। आपकी क्या राय है? क्या ऐसे गैर-जिम्मेदार अस्पतालों पर बुलडोजर चलना चाहिए या इनका लाइसेंस तुरंत रद्द होना चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि कोई और गरीब इस जाल में न फंसे! वैधानिक चेतावनी / अस्वीकरण (Disclaimer) यह विस्तृत समाचार रिपोर्ट पीड़ित परिवार द्वारा जालौन के जिलाधिकारी (DM) को दिए गए लिखित शिकायती पत्र, पीड़िता के पति अशोक कुमार के दूरभाषीय बयानों एवं स्थानीय सूत्रों/प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें लगाए गए सभी आरोप प्राथमिक शिकायत पर आधारित हैं। मामले की निष्पक्ष सत्यता, डॉक्टरी लापरवाही के तकनीकी पहलुओं और वैधानिक स्थिति की पुष्टि शासन-प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सिद्ध हो सकेगी। #HopeHospitalOrai #DrAdilAnsari #MedicalNegligence #JusticeForShivKumari #OraiNews #JalaunNews #UPHealthScam #DMJalaun #JalaunPolice #MedicalMalpractice1
- 2027 की जीत की हैट्रिक के लिए तैयार सीएम योगी, 44 जिलों का दौरा पूरा लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री अब तक प्रदेश के 44 जिलों का दौरा कर चुके हैं। इन दौरों के दौरान जहां उन्होंने करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, वहीं जनसभाओं और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जनता से सीधा संवाद भी स्थापित किया। मुख्यमंत्री के जिलावार दौरों में विकास, कानून-व्यवस्था, रोजगार, निवेश और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विशेष फोकस दिखाई दे रहा है। सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ ही स्थानीय स्तर की समस्याओं और विकास कार्यों की प्रगति पर भी नजर रखी जा रही है। राजनीतिक तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लगातार जिलों के दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को आधार बनाकर जनता के बीच संपर्क बढ़ाने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के दौरों में बड़ी परियोजनाओं की सौगात के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम जनता से संवाद का सिलसिला भी जारी है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में प्रदेश के अन्य जिलों में भी मुख्यमंत्री के दौरे और जनसंपर्क कार्यक्रम तेज हो सकते हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता ने प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों को भी तेज कर दिया है।1
- उरई में PDA कार्यकर्ता सम्मेलन में सपा प्रदेश अध्यक्ष ने क्या कहा सुनिए। जालौन में PDA कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। साथ प्रदेश अध्यक्ष ने मौजूदा सरकार जमकर निशाना साधा।1
- प्याज के गोदाम में निकला काला सर्प, रेस्क्यू कर सुरक्षित छोड़ा जालौन। ग्राम भेड़ में प्याज के गोदाम में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां एक काला सर्प दिखाई दिया। सांप को देखकर गोदाम में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर चंदन सांप वाले मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक सर्प का रेस्क्यू किया। इसके बाद सर्प को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने सर्प को नुकसान पहुंचाने के बजाय सुरक्षित रेस्क्यू कराने की पहल की सराहना की।1
- उपडाकघर में आधारकार्ड बनबाने में चल रही दलाली, जनता त्रस्त कर्मी मस्त उपडाकघर में आधारकार्ड बनबाने के लिए ली जा रही घूस दलाल सक्रिय हैं जिन लोगों के जन्म का या स्थाई निवास का बैध प्रूफ नहीं है उनके फर्जी दस्तावेज बनवा कर आधार कार्ड बनायें जा रहें हैं और उनसे ठीक-ठाक बसूली की जा रही है क्या उच्चाधिकारी ध्यान देंगे1
- कोंच तहसील के हिडोकरा गांव में जलभराव से ग्रामीण परेशान, बंद नाली की सफाई और रास्ते की मरम्मत की मांग, एसडीएम से शिकायत जालौन के कोंच तहसील व विकासखंड नदीगांव की ग्राम सभा क्योलारी के अंतर्गत आने वाले ग्राम हिडोकरा में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में आम रास्ते और घरों के आसपास पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है और गंदगी के कारण बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीण ने इस समस्या को लेकर गुरुवार दोपहर 2:30 बजे एसडीएम कोंच अभिनव कुमार को शिकायती पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जल निकासी के लिए नाली तो बनी हुई है, लेकिन वर्तमान में वह बंद पड़ी है। नाली कच्ची होने के कारण पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पा रही है और घरों के आसपास लगातार पानी जमा हो रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बंद नाली की सफाई कराकर उसकी खुदाई एवं मरम्मत कराई जाए, ताकि जल निकासी सुचारु हो सके। ग्रामीणों के अनुसार नाली की उचित सफाई और रास्ते की व्यवस्था होने से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले का मौके पर निरीक्षण कर जल्द आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की है।1
- धारदार हथियार से मारकर घायल करने और इसके बाद फायर करने मामले में dm से की शिकायत!! जालौन : आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन तीन दिन पूर्व युवक को धारदार हथियार से वार कर मारी थी गोली, मामले में नामजद व अज्ञात लोगों पर है मामला दर्ज,परिजनों ने आरोपियों पर लगाया धमकाने का आरोप उरई के क़लक्ट्रेट में की शिकायत,1