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उपडाकघर में आधारकार्ड बनबाने में चल रही दलाली, जनता त्रस्त कर्मी मस्त उपडाकघर में आधारकार्ड बनबाने के लिए ली जा रही घूस दलाल सक्रिय हैं जिन लोगों के जन्म का या स्थाई निवास का बैध प्रूफ नहीं है उनके फर्जी दस्तावेज बनवा कर आधार कार्ड बनायें जा रहें हैं और उनसे ठीक-ठाक बसूली की जा रही है क्या उच्चाधिकारी ध्यान देंगे
Susheel Shrivastava
उपडाकघर में आधारकार्ड बनबाने में चल रही दलाली, जनता त्रस्त कर्मी मस्त उपडाकघर में आधारकार्ड बनबाने के लिए ली जा रही घूस दलाल सक्रिय हैं जिन लोगों के जन्म का या स्थाई निवास का बैध प्रूफ नहीं है उनके फर्जी दस्तावेज बनवा कर आधार कार्ड बनायें जा रहें हैं और उनसे ठीक-ठाक बसूली की जा रही है क्या उच्चाधिकारी ध्यान देंगे
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- उपडाकघर में आधारकार्ड बनबाने में चल रही दलाली, जनता त्रस्त कर्मी मस्त उपडाकघर में आधारकार्ड बनबाने के लिए ली जा रही घूस दलाल सक्रिय हैं जिन लोगों के जन्म का या स्थाई निवास का बैध प्रूफ नहीं है उनके फर्जी दस्तावेज बनवा कर आधार कार्ड बनायें जा रहें हैं और उनसे ठीक-ठाक बसूली की जा रही है क्या उच्चाधिकारी ध्यान देंगे1
- पांच दिन से लापता अधेड़ का मलंगा नाले में झाड़ियों में फंसा मिला शव जालौन में पांच दिन से लापता 49 वर्षीय अधेड़ का शव मलंगा नाले की झाड़ियों में फंसा मिला। शव दिखाई देने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एसडीआरएफ टीम को बुलाया, जिसके बाद टीम व स्थानीय व्यक्ति,नगर पालिका कर्मचारी ने कड़ी मशक्कत कर शव को नाले से बाहर निकाला। अधेड़ के शव की बरामदगी के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मामला कोंच कोतवाली क्षेत्र के सिंहवाहिनी मंदिर के पास स्थित मलंगा नाले का है। बताया जा रहा है कि 49 वर्षीय मंगल सिंह पिछले पांच दिनों से लापता था। परिजनों ने उसके लापता होने के बाद कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसी बीच नाले की झाड़ियों में शव फंसा दिखाई देने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एसडीआरएफ टीम को बुलाया। एसडीआरएफ की टीम ने नाले में उतरकर झाड़ियों में फंसे शव को बाहर निकाला। शव मिलने के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बाइट-ब्रजेश कुमार, BC, एसडीआरएफ टीम4
- जालौन। इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए इंसानियत ग्रुप के सदस्यों ने गंभीर रूप से घायल और बेहोश पड़े एक बंदर की जान बचाई। बताया गया कि सुबह करीब 7 बजे से एक बंदर घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा था और उसके शरीर से काफी खून निकल रहा था। शाम करीब 6 बजे प्रत्यक्ष नाम के युवक ने इंसानियत ग्रुप से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। युवक ने बताया कि बंदर की हालत बेहद गंभीर है और यदि समय रहते उसकी मदद नहीं की गई तो उसकी जान जा सकती है। सूचना मिलते ही इंसानियत ग्रुप के सदस्य ध्रुव शिवहरे ने तत्काल टीम को जानकारी दी। टीम डॉक्टर के साथ करीब 10 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच गई। घायल बंदर का उपचार किया गया और उसे भोजन-पानी भी दिया गया, जिससे उसकी हालत में सुधार हुआ। इसके बाद वन विभाग की टीम को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया और बंदर को सुरक्षित रूप से वन विभाग की टीम के सुपुर्द कर दिया गया। इंसानियत ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि इंसानियत सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बेजुबान जीवों की मदद करना भी हमारा कर्तव्य है। लोगों ने टीम के इस कार्य की सराहना की। लोगों का कहना है कि ईश्वर की कृपा और हनुमान जी के स्वरूप माने जाने वाले इस बेजुबान जीव की जान बचाकर टीम ने सराहनीय और पुण्य कार्य किया है।1
- जालौन में 11 साल पुराने मामले में न्यायालय का बड़ा फैसला आया 11 साल पुराने जमीनी विवाद में किसान के पक्ष में कोर्ट ने सुनाया फैसला, प्रतिवादी पक्ष का बैनामा निरस्त* कोर्ट ने किसान को उसकी भूमि पर कब्जा दिलाने का दिया आदेश उरई। डकोर कोतवाली क्षेत्र के डकोर गांव निवासी किसान रघुवीर यादव के करीब 11 साल पुराने जमीन विवाद में सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रत्यूष प्रकाश की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विवादित भूमि से संबंधित किए गए बैनामे को निरस्त करने तथा किसान को उसकी भूमि पर कब्जा दिलाने का आदेश दिया है। मामले के अनुसार डकोर गांव निवासी रघुवीर यादव ने 7 जुलाई 2015 को न्यायालय में वाद दायर कर बताया था कि आराजी संख्या 1935 की भूमि पर दूसरे पक्ष द्वारा उसके अधिकार वाली जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। वादी का आरोप था कि लालाराम ने अपने हिस्से से अधिक रकबा बैनामा कर दिया, जिसके चलते उसकी जमीन भी बैनामे में शामिल हो गई और संबंधित लोगों ने उस पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय में दोनों पक्षों की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। करीब 11 वर्षों तक चले ट्रायल के दौरान वादी प्रतिवादी पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए गए। न्यायालय के आदेश पर वादी को स्थगन आदेश भी प्राप्त हुआ था। आरोप है कि इसके बावजूद प्रतिवादी पक्ष ने न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया और विवादित भूमि के अतिरिक्त हिस्से पर भी कब्जा कर लिया। बुधवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रत्यूष प्रकाश की अदालत में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। न्यायालय के समक्ष साक्ष्यों और तथ्यों को रखा। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने वादी रघुवीर यादव के पक्ष में फैसला सुनाया। न्यायालय ने विवादित भूमि के संबंध में प्रतिवादी पक्ष द्वारा किए गए बैनामे को निरस्त करते हुए वादी को उसकी भूमि पर कब्जा दिलाए जाने का आदेश दिया। फैसले के बाद किसान पक्ष में खुशी का माहौल है। लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद में न्यायालय के निर्णय को किसान के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।1
- कदौरा-नाका-मरगया मार्ग बना मुसीबत का रास्ता! दैनिक भद्रावती टाइम्स यूपी हेड रानू मंसूरी रिपोर्ट विजय शर्मा सड़क जर्जर या हादसे का इंतजार? जिम्मेदारों की चुप्पी पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल कदौरा। कदौरा से नाका होकर मरगया जाने वाले मार्ग की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क लंबे समय से खराब हालत में है और जगह-जगह गड्ढों व टूटे हिस्सों के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। किया विधायक महोदय संसद महोदय खाली वोट के लिए सड़क खराब हो या आदमी चले जायेंगे बच्चों की समस्या और कोई अधिकारी जाँच करने नहीं गया बच्चों के जान के साथ हो रहा खिलवाड़ कब तक यू ही चलता रहेगा लगभग 2 साल भी नहीं हुआ और रोड की हालत खराब खाली लीपापोती कर रहे अधिकारी मरीज को लेकर जाने में बहुत दिक्कत है इसमें किया कोई अधिकारी जाँच करने नहीं जाएगा सबसे गंभीर सवाल स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठ रहा है। रोजाना इसी मार्ग से बच्चे और ग्रामीण आवागमन करते हैं। ऐसे में खराब सड़क पर किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का सीधा सवाल—आखिर कब जागेगा प्रशासन? ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति जिम्मेदार अधिकारियों की नजर से कैसे बची हुई है? यदि सड़क वास्तव में इतनी खराब है तो स्थलीय निरीक्षण कराकर मरम्मत या निर्माण की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि कदौरा से नाका होकर मरगया मार्ग का मौके पर निरीक्षण कराया जाए, सड़क की तकनीकी स्थिति की जांच हो और आवश्यकतानुसार निर्माण/मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराया जाए। बच्चों की सुरक्षा पर सबसे बड़ा सवाल ग्रामीणों का कहना है कि विकास की बात तब पूरी होगी जब गांवों को जोड़ने वाली सड़कें सुरक्षित और चलने लायक हों। सवाल यह भी है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही विभाग की नींद टूटेगी? ग्रामीणों ने चेतावनी नहीं बल्कि अपनी समस्या के समाधान की मांग करते हुए कहा कि सड़क की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और जिम्मेदार विभाग तत्काल मौके पर पहुंचे। इन ग्रामीणों ने उठाई आवाज नाका निवासी कल्लू प्रधान, लतीफ खां, रज्जाक, बाबू, हनीफ, मेंबर मुताज अली, मुबीन तथा मरगया निवासी विकास कुमार, शैलेंद्र, बृजेश, सोनू, रज्जू, विवेक, धर्मेंद्र लम्बरदार, रामकरण कुशवाहा, पंकज ठाकुर और अमित समेत अन्य ग्रामीणों ने सड़क की हालत पर चिंता जताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की। अब जवाबदेही का वक्त! क्या संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर सड़क की हकीकत देखेगा? क्या स्कूल के बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी? क्या जर्जर सड़क का स्थायी समाधान होगा? या फिर ग्रामीण इसी बदहाल रास्ते पर चलने को मजबूर रहेंगे?3
- जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पांडे का हुआ तबादला राजेश कुमार पांडे को बहराइच का डीएम बनाया गया1
- कोंच तहसील के हिडोकरा गांव में जलभराव से ग्रामीण परेशान, बंद नाली की सफाई और रास्ते की मरम्मत की मांग, एसडीएम से शिकायत जालौन के कोंच तहसील व विकासखंड नदीगांव की ग्राम सभा क्योलारी के अंतर्गत आने वाले ग्राम हिडोकरा में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में आम रास्ते और घरों के आसपास पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है और गंदगी के कारण बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीण ने इस समस्या को लेकर गुरुवार दोपहर 2:30 बजे एसडीएम कोंच अभिनव कुमार को शिकायती पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जल निकासी के लिए नाली तो बनी हुई है, लेकिन वर्तमान में वह बंद पड़ी है। नाली कच्ची होने के कारण पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पा रही है और घरों के आसपास लगातार पानी जमा हो रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बंद नाली की सफाई कराकर उसकी खुदाई एवं मरम्मत कराई जाए, ताकि जल निकासी सुचारु हो सके। ग्रामीणों के अनुसार नाली की उचित सफाई और रास्ते की व्यवस्था होने से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले का मौके पर निरीक्षण कर जल्द आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की है।1
- कोंच, पांच दिन से लापता अधेड़ का शव मलंगा नाले में मिला परिजनों ने जताई थी नाले में बहने की आशंका, एनडीआरएफ की टीम ने झाड़ियों में फंसा शव निकाला1