मूसलाधार बारिश से गरीब का कच्चा मकान ढहा, छह जिंदगियां बाल-बाल बचीं जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली टांडाकला क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश गरीब परिवारों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। लगातार बारिश के चलते स्थानीय ग्राम सभा निवासी सुनील सोनकर का कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के दौरान परिवार के छह सदस्य बाल-बाल बच गए। सुनील सोनकर ने बताया कि देर रात तेज बारिश के दौरान मकान में पानी टपकने लगा और दीवारों में सीलन के कारण वे कमजोर हो गई थीं। खतरे को देखते हुए वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ मकान से निकलकर पास स्थित टीन शेड में चले गए। इसके कुछ ही देर बाद उनका पूरा कच्चा मकान ढह गया। मकान के मलबे में दबने से घर में रखा राशन, बर्तन और गृहस्थी का अन्य जरूरी सामान नष्ट हो गया। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित सुनील सोनकर ने शासन-प्रशासन से आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाने की मांग की है।
मूसलाधार बारिश से गरीब का कच्चा मकान ढहा, छह जिंदगियां बाल-बाल बचीं जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली टांडाकला क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश गरीब परिवारों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। लगातार बारिश के चलते स्थानीय ग्राम सभा निवासी सुनील सोनकर का कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के दौरान परिवार के छह सदस्य बाल-बाल बच गए। सुनील सोनकर ने बताया कि देर रात तेज बारिश के दौरान मकान में पानी टपकने लगा और दीवारों में सीलन के कारण वे कमजोर हो गई थीं। खतरे को देखते हुए वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ मकान से निकलकर पास स्थित टीन शेड में चले गए। इसके कुछ ही देर बाद उनका पूरा कच्चा मकान ढह गया। मकान के मलबे में दबने से घर में रखा राशन, बर्तन और गृहस्थी का अन्य जरूरी सामान नष्ट हो गया। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित सुनील सोनकर ने शासन-प्रशासन से आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाने की मांग की है।
- वाराणसी में गंगा ने पार किया चेतावनी निशान, NDRF हाई अलर्ट पर न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी। गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 11वीं वाहिनी NDRF ने कमर कस ली है। NDRF के कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट के नेतृत्व में आज बाढ़ संभावित और संवेदनशील इलाकों में रेक्की की गई। टीम ने तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण कर बचाव और राहत की तैयारियों का जायजा लिया। वर्तमान में गंगा का जलस्तर 70.61 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है। NDRF की टीमें लगातार जल गश्त कर रही हैं और जिला प्रशासन, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल व जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के साथ समन्वय बनाए हुए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF पूरी तरह तैयार है।1
- मूसलाधार बारिश से गरीब का कच्चा मकान ढहा, छह जिंदगियां बाल-बाल बचीं जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली टांडाकला क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश गरीब परिवारों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। लगातार बारिश के चलते स्थानीय ग्राम सभा निवासी सुनील सोनकर का कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के दौरान परिवार के छह सदस्य बाल-बाल बच गए। सुनील सोनकर ने बताया कि देर रात तेज बारिश के दौरान मकान में पानी टपकने लगा और दीवारों में सीलन के कारण वे कमजोर हो गई थीं। खतरे को देखते हुए वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ मकान से निकलकर पास स्थित टीन शेड में चले गए। इसके कुछ ही देर बाद उनका पूरा कच्चा मकान ढह गया। मकान के मलबे में दबने से घर में रखा राशन, बर्तन और गृहस्थी का अन्य जरूरी सामान नष्ट हो गया। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित सुनील सोनकर ने शासन-प्रशासन से आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाने की मांग की है।1
- विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (जग्गी वासुदेव) का जन्मदिवस हर साल 3 सितंबर को मनाया जाता है,पूरी जीवनगाथा केशव की जुबानी में देखे विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (जग्गी वासुदेव) का जन्मदिवस हर साल 3 सितंबर को मनाया जाता है, जो जीवन को पूरी जागरूकता और तीव्रता से जीने का संदेश देता है।उनके जीवन, दर्शन और जन्मदिवस से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:जन्म और प्रारंभिक जीवन: उनका जन्म 3 सितंबर 1957 को मैसूर, कर्नाटक में एक तेलुगु परिवार में हुआ था। उनका वास्तविक नाम जगदीश "जग्गी" वासुदेव है।आध्यात्मिक जागृति: मात्र 11 वर्ष की आयु से उन्होंने योग सीखना शुरू किया। इसके बाद 25 वर्ष की आयु में चामुंडी पहाड़ी पर उन्हें एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति हुई, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।ईशा फाउंडेशन की स्थापना: उन्होंने साल 1992 में कोयंबटूर में विकिपीडिया के अनुसार ईशा फाउंडेशन की स्थापना की। यह संस्था दुनिया भर में योग कार्यक्रमों और सामाजिक सुधार कार्यों का संचालन करती है।1
- थाना प्रभारी अनिल शर्मा का सख्त रुख, अवैध खनन में पांच पर केस1
- पकड़ी महुअरीया गाँव में मार्ग पर घुसा पानी फोटो नंबर -पकड़ी महुअरीया गांव के लोग बाढ़ के पानी से आते जाते न्यूज टू इंडिया से संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता जिला चीफ ब्यूरो की खास रिपोर्ट चन्दौली क्षेत्र चहनिया पकड़ी महुअरियां गांव में मार्ग पर बाढ़ का पानी घुसने से लोगो को दुश्वारियों का दंश झेलना पड़ रहा हैं l इस गांव को जाने वाला एक मात्र मुख्य मार्ग अत्यन्त जर्जर और बदहाल स्थिति में हैं ऊपर से बाढ़ का पानी घुस गया हैं पकड़ी महुअरियां ग्राम सभा हैं l दोनों गांवों के बीच में एक नाला है जिससे क्षेत्र के कई गांवों के बरसात का अतिरिक्त पानी बाढ़ आ जाने से इसी नाले के माध्यम से गंगा नदी तक जाता है। लेकिन जब गंगा नदी में बाढ़ की स्थिति बनती है तब पानी ओवर फ्लो होकर नाले में भर जाता है जिससे पकड़ी गांव को जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह पानी में डूब जाता है। जिससे पकड़ी गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट जाता है। ग्रामीणों को आने जाने के लिए शासन द्वारा नाव की व्यवस्था किया जाता है। ग्रामीण रामदयाल निषाद, मंटू यादव, संजय निषाद आदि लोग ने बताया कि नाले में पानी भर जाने के बाद 100 मीटर की दूरी के लिए हम लोगों को 5 किलोमीटर कांवर पक्खोपुर से घूम कर आना जाना पड़ता है। बच्चों का विद्यालय आना जाना बंद हो जाता है। कोई बीमार हो गया तो उसको खटिया के सहारे हम लोग अस्पताल तक ले जाते हैं। इसलिए हम लोग सरकार और क्षेत्रीय सांसद, विधायक और अधिकारीयो से इस रोड पर टूटे हुए पुल का पुनर्निर्माण कराते हुए रोड को और ऊंचा बनवाने की मांग करते हैं। किन्तु कोई सुनवाई नहीं होती हैं l1
- बृजनंदनी ग्रुप ऑफ स्कूल्स में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली चहनिया (चंदौली)। बृजनंदनी ग्रुप ऑफ स्कूल्स, चहनिया में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भव्य जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी सजाई गई। नन्हे-मुन्ने बच्चे अपने माता-पिता के साथ उत्साह और श्रद्धा से कार्यक्रम में शामिल हुए। बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण, राधा, गोप-गोपियों एवं ग्वाल-बालों का मनमोहक रूप धारण कर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, गोकुल की झलक और राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों की आकर्षक झांकियों और रंग-बिरंगे परिधानों ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर मौजूद अतिथि एवं अभिभावक भाव-विभोर हो गए। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डा. अखिलेश अग्रहरि ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के अनमोल विचार और उपदेश जीवन को सही दिशा में जीने, कर्म करने और शांति प्राप्त करने की प्रेरणा देते हैं। भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से बच्चों को जोड़ना शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास और संस्कारों का विकास करते हैं। कार्यक्रम में संस्थापक प्रबंधक बिरजू प्रसाद अग्रहरि, प्रधानाचार्य अरुण राय, दिपानीता चक्रवर्ती, डा. आशुतोष त्रिपाठी, नमीता श्रीवास्तव, संध्या रानी, विधु मिश्रा, रंजना यादव, सृष्टि सिंह, अनिल कुमार राय, राजीव सिंह, अनिल श्रीवास्तव, सुजीत पाठक, विवेक पाठक सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- वाराणसी व्यूरो रिपोर्ट बारिश का कहर नदियां उफान पर घरों में घुसा पानी1
- महाराष्ट्र मे यूपी की बेटी को उसी के पति के द्वारा किए गए मारपीट महाराष्ट्र में यूपी की बेटी के साथ उसी के पति के द्वारा किए गए और लगातार प्रताड़ित किए जाने का मामला सामने आने के बाद भी महाराष्ट्र पुलिस नॉर्मल धाराओं से फिर विपक्षी को बढ़ाने की कर रही प्रयास लगातार सोशल मीडिया के द्वारा खबर और ट्विटर हैंडल के द्वारा ट्वीट करने के बाद भी महाराष्ट्र सरकार और प्रशासन के लोग नहीं ले रहे हैं इस मामले को संज्ञान में आखिर क्यों आखिर कब तक बहन बेटियां रहेंगे लाचार और बेबस एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी जी का नारा है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एक तरफ अत्याचारों और भ्रष्टाचारों का हो रहा कहर आखिर क्यों1