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बबेरू कोतवाली क्षेत्र के ब्योजा गांव मे मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं बालिकाओं को किया गया जागरूक बबेरू कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ब्योजा गांव में बालवीर कोतवाली पुलिस के द्वारा मिशन शक्ति अभियान के तहत उप निरीक्षक निक्की पटेल हेड कांस्टेबल रजनीश कुमार पांडे के द्वारा महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक किया गया है।
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बबेरू कोतवाली क्षेत्र के ब्योजा गांव मे मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं बालिकाओं को किया गया जागरूक बबेरू कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ब्योजा गांव में बालवीर कोतवाली पुलिस के द्वारा मिशन शक्ति अभियान के तहत उप निरीक्षक निक्की पटेल हेड कांस्टेबल रजनीश कुमार पांडे के द्वारा महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक किया गया है।
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- कांग्रेस जिला कमेटी अध्यक्ष राजेश दीक्षित की अध्यक्षता में सुभाष चंद्र बोस राजगुरु भारती के लिए अपना बलिदान दिया उसी के उपलक्ष में यादगार करते हुए फूल माला से जन्म दिवस मनाया गया1
- राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एचआईवी-एड्स विषय पर आयोजित जागरूकता कार्यशाला।1
- *डीएम-एसपी ने समस्या सुन किया निस्तारण* रिपोर्ट-अल्तमश हुसैन-7054881233 बबेरू/बांदा। बबेरू तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन डीएम व एसपी की अध्यक्षता पर संपन्न हुआ। तहसील सभागार में सोमवार को तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन बांदा जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल की अध्यक्षता पर संपन्न किया गया। जिसमें तहसील क्षेत्र अंतर्गत अलग-अलग गांव से फरियादियों ने अपनी अपनी समस्याओं को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा है। जिसमें ज्यादातर प्रार्थना पत्र जमीनी विवाद पुलिस से संबंधित एवं ब्लॉक से संबंधित प्रार्थना पत्र आए हैं। जिसमें कुल 60 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिसमें 7 प्रार्थना पत्र का मौके पर निस्तारण कराया गया है, शेष प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारी को भेज कर एक सप्ताह के अंदर निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। इस तहसील संपूर्ण समाधान दिवस पर बबेरू उप जिलाधिकारी अवनीश कुमार तहसीलदार हेमराज सिंह बोनल नया तहसीलदार मनोहर सिंह, खंड विकास अधिकारी गरिमा अग्रवाल ,ओमप्रकाश द्विवेदी, सहित जिले से लेकर तहसील ब्लाक स्तर तक के अधिकारी व कर्मचारी गण मौजूद रहे।1
- बांदा रेलवे स्टेशन परिसर में हाल ही में बैनर विवाद ने समाज में नारी सुरक्षा और सम्मान पर सवाल खड़ा कर दिया है। घटना के अनुसार, आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक (एसआई) संतोष कुमार ने एक महिला पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका। इसके बाद उन्होंने महिला पत्रकार का मोबाइल छीना और ज़बरदस्ती पटक दिया। घटना का वीडियो स्वयं इस बात की पुष्टि करता है कि नारी सम्मान की अवधारणा आज भी कई जगहों पर चुनौतीपूर्ण स्थिति में है। मीडिया के स्वतंत्रता और महिला सुरक्षा के अधिकार के बीच टकराव इस मामले को और गंभीर बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ न केवल कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाती हैं, बल्कि समाज में महिला अधिकार और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ भी उत्पन्न करती हैं।1
- #Apkiawajdigital गोरखपुर | सोमवार, 23 मार्च 2026 भूमिका: उत्तर प्रदेश की सियासत में कल एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने समर्थकों को हैरान और विरोधियों को हमलावर कर दिया है। मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में, जहाँ 'सुशासन' का डंका बजता है, वहाँ कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद भरे मंच पर बच्चों की तरह फूट-फूटकर रो पड़े। उनके शब्द और उनके आंसू सीधे तौर पर व्यवस्था की विफलता की ओर इशारा कर रहे थे। मंच पर छलका दर्द: रविवार की दोपहर जब जनसभा को संबोधित करने की बारी आई, तो मंत्री जी का गला रुंध गया। उन्होंने भरी महफ़िल में कहा— "हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है, हमारे लोगों का वोट छीना जा रहा है।" एक कैबिनेट मंत्री का यह बयान केवल एक भावुक भाषण नहीं, बल्कि अपनी ही सरकार के तंत्र पर एक 'अविश्वास प्रस्ताव' जैसा प्रतीत हुआ। जनता का सवाल: संवेदना या असक्षमता? एक तरफ जहाँ निषाद समाज के लोग अपने नेता के आंसुओं से आहत हैं, वहीं दूसरी ओर जागरूक जनता और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। सवाल यह उठ रहा है कि: "अगर सरकार का एक कैबिनेट मंत्री, जिसके पास शक्ति और संसाधन हैं, वह न्याय के लिए रोएगा, तो आम जनता किसके पास जाएगी? यदि आप व्यवस्था सुधारने में असक्षम हैं, तो मंच पर रोने के बजाय 'इस्तीफा' देकर संघर्ष की राह क्यों नहीं चुनते?" निष्कर्ष: मंत्री के आंसुओं ने जनता को 'हतोत्साहित' किया है। सत्ता की कुर्सी पर बैठकर रोना सहानुभूति तो दिला सकता है, लेकिन समाधान नहीं। अब देखना यह है कि इन आंसुओं के बाद व्यवस्था में कोई बदलाव आता है या यह केवल चुनावी राजनीति का एक और भावुक अध्याय बनकर रह जाएगा।1
- Post by Mamta chaurasiya1
- बबेरू तहसील परिसर मे आज सोमवार को तहसील सभागार में जिलाधिकारी जे रिभा व पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल की अध्यक्षता में तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा था ,तभी बबेरू ग्रामीण के 15 ग्राम पंचायत सदस्यों में कुल 13 सदस्यों ने शपथ पत्र के साथ तहसील सभागार में पहुंचे और ग्राम प्रधान श्रीमती कंचन वर्मा व पूर्व में रहे सचिव अरविंद यादव के खिलाफ शिकायत किया है।और कहा कि ग्राम प्रधान के द्वारा अभी तक कोई भी बैठक नहीं कराई गई, समितियों का गठन सिर्फ कागजों में ही है,जो भी विकास कार्यों के अनुमोदन है उसमें सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर है,फर्जी कार्यवाही रजिस्टर बनाकर फर्जी भुगतान कर करोड़ों रुपए का ग्राम प्रधान श्रीमती कंचन वर्मा व सचिव अरविंद यादव ने गबन कर लिया है। लाइट के नाम पर लाखों रुपए का भुगतान किया गया,लेकिन लाइट कही नहीं लगाई गई, वही सदस्यों ने जिलाधिकारी से समिति बनाकर ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ जांच कर कार्यवाही की मांग किया है। वही मौजूद 13 ग्राम पंचायत सदस्य शिवविलास शर्मा ,सुधीर अग्रहरि, राकेश पटेल, रामलखन धुरिया,अजय कुमार महेश वर्मा,बृजेश कुमार, मनोज कुमार, दीपा ,प्रीति अभिलाषा, मुन्नी ऊषा, सभी लोगों शपथ पत्र देकर स्वीकार करने की मांग किया है।1
- कालिंजर ग्राम वासियों ने देसी शराब को बस्ती से हटवाने के लिए जिला अधिकारी को दिया शिकायत पत्र कि वहां पर कुछ लोग मंदिर में आने जाने में शराब को लेकर आक्रोशित होकर वहां से हटाया जाए रोजाना शराब पीकर गाली गलौज का माहौल बना रहता है आपसे अनुरोध है कि बच्चे आने-जाने में बहुत परेशानी हो रही है1
- क्रिकेट टूर्नामेंट में खेल भावना ही असली जीत है : श्याम मोहन धुरिया ।1