बांसवाड़ा के महावीर समवशरण मंदिर में 1008 भगवान महावीर समवशरण मंदिर के पंच कल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव का वार्षिक उत्सव परम पूज्य आचार्य गुरुवर विभव सागर जी महाराज की शिष्या आयिका सिद्ध श्री मति माताजी के सानिध्य में भव्यता से मनाया गया। इस अवसर पर विशेष शांतिधारा एवं अभिषेक का आयोजन किया गया, जिसमें अभिषेक का प्रथम सौभाग्य गांधी अति वीर वपंचोरी मनोज सागरमल को प्राप्त हुआ। माताजी के उच्चारण के साथ मानस्थान स्थित 16 प्रतिमाओं का अभिषेक श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। अभिषेक के पश्चात, समवशरण परिवार की ओर से विधान आचार्य रमेश चंद्र गांधी और समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली का सम्मान किया गया, साथ ही माताजी को श्रीफल भेंट किया गया। माताजी ने धर्म वृद्धि के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया और आदिनाथ मंदिरजी में संरक्षित हस्तलिखित शास्त्रों के संरक्षण एवं लेमिनेशन हेतु समाजजनों से सहयोग का आह्वान किया। उनके इस आह्वान पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने तुरंत मुक्तहस्त से राशि की घोषणा की, जिससे शास्त्र संरक्षण के प्रति गहरी आस्था और सहयोग की भावना प्रदर्शित हुई। कार्यक्रम में आगे भगवान महावीर स्वामी की पूजन वीणा दीदी एवं ममता दीदी के सानिध्य में वाद्य यंत्रों की मधुर स्वर लहरियों के बीच संपन्न हुई। महिला मंडल द्वारा शांति विधान के 64 अर्घ्य चढ़ाए गए। इस वार्षिक उत्सव को सफल बनाने में समवशरण परिवार के ट्रस्टी राजेंद्र गांधी, दिलीप गांधी, सुरेश गांधी, मनीष गांधी एवं आदित्य गांधी ने आभार व्यक्त किया। यह जानकारी जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी द्वारा दी गई।
बांसवाड़ा के महावीर समवशरण मंदिर में 1008 भगवान महावीर समवशरण मंदिर के पंच कल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव का वार्षिक उत्सव परम पूज्य आचार्य गुरुवर विभव सागर जी महाराज की शिष्या आयिका सिद्ध श्री मति माताजी के सानिध्य में भव्यता से मनाया गया। इस अवसर पर विशेष शांतिधारा एवं अभिषेक का आयोजन किया गया, जिसमें अभिषेक का प्रथम सौभाग्य गांधी अति वीर वपंचोरी मनोज सागरमल को प्राप्त हुआ। माताजी के उच्चारण के साथ मानस्थान स्थित 16 प्रतिमाओं का अभिषेक श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। अभिषेक के पश्चात, समवशरण परिवार की ओर से विधान आचार्य रमेश चंद्र गांधी और समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली का सम्मान किया गया, साथ ही माताजी को श्रीफल भेंट किया गया। माताजी ने धर्म वृद्धि के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया और आदिनाथ मंदिरजी में संरक्षित हस्तलिखित शास्त्रों के संरक्षण एवं लेमिनेशन हेतु समाजजनों से सहयोग का आह्वान किया। उनके इस आह्वान पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने तुरंत मुक्तहस्त से राशि की घोषणा की, जिससे शास्त्र संरक्षण के प्रति गहरी आस्था और सहयोग की भावना प्रदर्शित हुई। कार्यक्रम में आगे भगवान महावीर स्वामी की पूजन वीणा दीदी एवं ममता दीदी के सानिध्य में वाद्य यंत्रों की मधुर स्वर लहरियों के बीच संपन्न हुई। महिला मंडल द्वारा शांति विधान के 64 अर्घ्य चढ़ाए गए। इस वार्षिक उत्सव को सफल बनाने में समवशरण परिवार के ट्रस्टी राजेंद्र गांधी, दिलीप गांधी, सुरेश गांधी, मनीष गांधी एवं आदित्य गांधी ने आभार व्यक्त किया। यह जानकारी जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी द्वारा दी गई।
- डूंगरपुर जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन स्वच्छता' अभियान के तहत बिछीवाड़ा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रतनपुर बॉर्डर पर कार्रवाई करते हुए चावल की बोरियों की आड़ में गुजरात ले जाई जा रही करीब 90 लाख रुपये की अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद की है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश और सीमलवाड़ा वृत्ताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के मार्गदर्शन में थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी के नेतृत्व में रतनपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अब्दुल मुनाफ और उनकी टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, बुधवार को रतनपुर चौकी के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर नाकाबंदी के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि उदयपुर की ओर से गुजरात जा रहे टाटा ओपन बॉडी ट्रक (संख्या GJ-10-TT-9477) में अवैध शराब छिपाकर ले जाई जा रही है। सूचना पर पुलिस ने ट्रक को रुकवाकर जांच की। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने ट्रक में चावल की बोरियां होने की बात कही, लेकिन गहन जांच में तिरपाल के नीचे चावल की बोरियों के नीचे विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब के कार्टन छिपाए हुए पाए गए। पुलिस ने कुल 846 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की, जिन पर 'For Sale Only in Chandigarh' अंकित था। पुलिस ने शराब की खेप और तस्करी में प्रयुक्त ट्रक को जब्त कर लिया, साथ ही चालक योगेश कोडियातर (42), निवासी पोरबंदर, गुजरात को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस अवैध शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क, सप्लायर और अन्य आरोपियों के संबंध में आगे की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- बुधवार शाम सीमलवाड़ा क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ दिनभर की भीषण गर्मी और उमस के बाद तेज हवाओं से राहत मिली। हालांकि, कुछ ही देर बाद शुरू हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र के कई स्थानों पर भारी नुकसान की खबरें सामने आईं। शाम होते ही आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं, जिसके तुरंत बाद भारी बारिश और कई क्षेत्रों में ओले गिरने लगे। इससे सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन बाधित हुआ और लोगों को काफी परेशानी हुई। बाजारों में मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, वहीं दोपहिया वाहन चालक भी बारिश से बचने के लिए इधर-उधर शरण लेते दिखाई दिए। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरे, जिससे कुछ मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़े। बांसिया सागवाड़ा मार्ग पर भी बड़े-बड़े पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा। लोक निर्माण विभाग खंड सीमलवाड़ा के सहायक अभियंता शैलेश रोत ने तत्काल जेसीबी की व्यवस्था कर पेड़ों को हटवाया और आवाजाही सुचारू करवाई। ग्रामीण क्षेत्रों सहित विभिन्न गांवों और कस्बों में कई मकानों को नुकसान पहुँचा। कई घरों के टीन शेड उखड़ गए और कुछ स्थानों पर मकानों की छतों को भी क्षति पहुँची। चाड़ोली गाँव में विजय कलाल के घर के आँगन में खड़ी कार पर ईंटें गिरने से कार क्षतिग्रस्त हो गई, और कई विद्युत पोल भी उखड़ गए। चाड़ोली के सरपंच रमेश भगोरा ने बताया कि इस आंधी-बारिश से क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है, जिसमें कई मकानों से केलू (छत के टाइल्स) गिर गए। धंबोला कस्बे में सीमलवाड़ा मार्ग पर मुख्य सड़क पर बारिश का पानी जमा होने से सड़क तालाब में तब्दील हो गई, क्योंकि दोनों ओर पानी की निकासी नहीं हो पा रही थी। देर शाम तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली थी, लेकिन व्यापक रूप से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश और ओलावृष्टि शुरू होते ही कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे लोगों को अंधेरे और गर्मी दोनों की समस्या झेलनी पड़ी। विद्युत विभाग की टीमों ने आपूर्ति बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। अचानक हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन तेज हवाओं, ओलावृष्टि और बारिश के कारण किसानों और आमजन की चिंताएं बढ़ गई हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों से खेतों में खड़ी फसलों और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी मौसम में बदलाव की संभावना व्यक्त की है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, पेड़ों और जर्जर भवनों के पास खड़े नहीं होने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।1
- उपलब्ध जानकारी के अनुसार, टिकिया, फलाकमलाकुडी और खूंगट पंचायत का उल्लेख किया गया है।1
- धरियावद में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने बुधवार को गृहमंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समुदाय को 'वनवासी' कहने के विरोध में एक ज़ोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने अमित शाह का पुतला दहन किया और राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन भी सौंपा। भारत आदिवासी पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष शंकरलाल बरगोट ने बताया कि गृहमंत्री के इस संबोधन से आदिवासी समुदाय में गहरी पीड़ा, असंतोष और आक्रोश उत्पन्न हुआ है। बरगोट के अनुसार, 'वनवासी' शब्द आदिवासी समाज की वास्तविक ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। उन्होंने यह भी बताया कि संविधान निर्माताओं ने किसी भी स्थान पर आदिवासी समुदाय के लिए 'वनवासी' शब्द का प्रयोग नहीं किया है। संविधान की भावना, सामाजिक न्याय की अवधारणा और आदिवासी समुदाय के ऐतिहासिक संघर्षों को देखते हुए यह आवश्यक है कि आदिवासी समाज को उसकी स्वीकृत एवं सम्मानजनक पहचान से ही संबोधित किया जाए। ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने मांग की है कि गृहमंत्री द्वारा आदिवासी समाज के लिए प्रयुक्त 'वनवासी' शब्द पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए और आदिवासी समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए खेद व्यक्त किया जाए। साथ ही, केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी विभागों, संस्थाओं एवं जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया जाए कि वे केवल 'आदिवासी' शब्द का ही प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त, आदिवासी समाज की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं संवैधानिक पहचान की रक्षा हेतु स्पष्ट राष्ट्रीय नीति बनाए जाने और किसी भी प्रकार की भ्रामक, अपमानजनक अथवा पहचान को विकृत करने वाली शब्दावली के प्रयोग को हतोत्साहित करने की भी मांग की गई। पार्टी ने संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 29, 46, 244 व पंचम तथा षष्टम अनुसूची की भावना के अनुरूप आदिवासी समुदाय की गरिमा, पहचान व अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। इस प्रदर्शन में भारत आदिवासी पार्टी के सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।2
- राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'वन्दे गंगाजल' अभियान के तहत धम्बोला कस्बे में तालाब की पाल पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्धन का संदेश देना और इसमें जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर जिला कलक्टर देशपाल, उपखण्ड अधिकारी संजय चरपोटा, विकास अधिकारी ललित पंड्या, भाजपा प्रत्याशी करीलाल ननोमा, सिमलवाड़ा मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में तालाब किनारे विधिवत पूजा-अर्चना कर जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया गया। इसके पश्चात, जिला कलक्टर देशपाल सहित अन्य अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से श्रमदान करते हुए तालाब की साफ-सफाई और संरक्षण कार्यों में अपना योगदान दिया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने जोर देते हुए कहा कि जल ही जीवन का आधार है और जल स्रोतों का संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि जल संरक्षण के प्रयास केवल जनसहभागिता से ही सफल हो सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को वर्षा जल संचयन, जल बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया गया। अभियान के तहत क्षेत्र के जल स्रोतों को स्वच्छ एवं संरक्षित रखने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।2
- पवन गुरु श्री भूरालाल जी डामोर ने अब तक ढाई लाख से भी अधिक लोगों का सामाजिक सुधार किया है। गुरु भूरालाल जी मेवाड़ के जब्बा थाना क्षेत्र और मध्य प्रदेश में भक्ति की धारा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ पवन दल को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। धार्मिक समाज को सुधारने का यह कार्यक्रम एक गुरु के माध्यम से लगातार जारी है।1
- डूंगरपुर जिले के चौरासी विधानसभा क्षेत्र के धंबोला स्थित ऐतिहासिक खेमसागर तालाब पर राजस्थान सरकार के 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर जल संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान गंगा पूजन, कलश यात्रा, वृक्षारोपण और श्रमदान जैसे कई आयोजन भी किए गए। इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिसमें चौरासी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी कारी लाल ननोमा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला कलक्टर देशलदान, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीनदयाल सिंह चौहान, जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना, जिला उपाध्यक्ष हंसमुख पंड्या, एसडीएम संजय चरपोटा, विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता फूलसिंह मीणा, अधिशाषी अभियंता अश्विनी अहारी और तहसीलदार राजेश मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिए जाने की बात कही, और बताया कि 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर देशलदान ने उपस्थित सभी लोगों को जल संरक्षण की सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने जल की हर बूंद को बचाने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और जल स्रोतों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया। वन विभाग द्वारा खेमसागर तालाब की पाल पर वृक्षारोपण भी किया गया, जिसमें जिला कलक्टर देशलदान और कारी लाल ननोमा सहित अन्य अतिथियों ने पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण गंगा पूजन और भव्य कलश यात्रा रही, जहाँ महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर 'हर-हर गंगे' और 'जय माँ गंगे' के जयकारों के साथ यात्रा निकाली, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। अभियान के तहत जिला कलक्टर, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने खेमसागर तालाब परिसर में श्रमदान कर सफाई अभियान भी चलाया, जिससे जल स्रोतों को स्वच्छ और संरक्षित रखने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर स्थानीय मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, झोथरी मंडल अध्यक्ष महावीर ननोमा, गुजरेश्वर मंडल अध्यक्ष महेश डामोर, कुंआ मंडल अध्यक्ष मगनलाल डामोर, मंडल महामंत्री जगदीश पंड्या, सतीश लबाना और सुखलाल पाटीदार सहित अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश पंड्या ने किया, जबकि अंत में जिला उपाध्यक्ष हंसमुख पंड्या ने आभार व्यक्त किया। जल संरक्षण का संदेश देते हुए कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि "पानी है तो कल है, पानी है तो जीवन है"। उन्होंने जोर दिया कि जल की एक-एक बूंद बचाना ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।1
- आज सुराता में कुदरत का कहर बरपा है, जिसके कारण क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है।1
- डूंगरपुर जिले के छाणी मगरी क्षेत्र में आए तेज आंधी तूफान के कारण व्यापक नुकसान हुआ है। इस तूफान से कई घरों की केलू और टिन शेड की छतें उड़ गईं। बड़े-बड़े आम के पेड़ भी गिर गए, जिससे सड़क पर आवागमन में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। छाणी मगरी धाम के आसपास के इलाकों में भी आंधी तूफान ने भारी क्षति पहुंचाई है।1