समस्तीपुर के राजू कुशवाहा ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में 72वीं रैंक हासिल कर और उप पुलिस अधीक्षक (DSP) पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों में पांचवां स्थान प्राप्त कर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर असंभव को संभव कर दिखाया है, जिससे वे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं। राजू कुशवाहा की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के, रेलवे में ग्रुप-डी कर्मचारी के तौर पर अपनी नौकरी करते हुए इसे हासिल किया। सीमित समय में निरंतर स्वाध्याय (सेल्फ-स्टडी) के जरिए उन्होंने बीपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाई। नौकरी की जिम्मेदारियों और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत संकल्प और कड़ी मेहनत के सामने कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता। इस उपलब्धि से उनके परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है, और उनकी सफलता युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। राजू, चर्चित पर्यावरण सेवी राजेश कुमार सुमन के छोटे भाई और पुलिस अवर निरीक्षक सह सिमुलतला थानाध्यक्ष रूबी कुमारी के देवर हैं। बीएसएस क्लब परिवार ने उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि राजू कुशवाहा ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह प्रमाणित करती है कि स्पष्ट लक्ष्य व ईमानदार मेहनत से, बिना कोचिंग व सीमित संसाधनों के भी बड़ी कामयाबी पाई जा सकती है।
समस्तीपुर के राजू कुशवाहा ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में 72वीं रैंक हासिल कर और उप पुलिस अधीक्षक (DSP) पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों में पांचवां स्थान प्राप्त कर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर असंभव को संभव कर दिखाया है, जिससे वे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं। राजू कुशवाहा की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के, रेलवे में ग्रुप-डी कर्मचारी के तौर पर अपनी नौकरी करते हुए इसे हासिल किया। सीमित समय में निरंतर स्वाध्याय (सेल्फ-स्टडी) के जरिए उन्होंने बीपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाई। नौकरी की जिम्मेदारियों और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत संकल्प और कड़ी मेहनत के सामने कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता। इस उपलब्धि से उनके परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है, और उनकी सफलता युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। राजू, चर्चित पर्यावरण सेवी राजेश कुमार सुमन के छोटे भाई और पुलिस अवर निरीक्षक सह सिमुलतला थानाध्यक्ष रूबी कुमारी के देवर हैं। बीएसएस क्लब परिवार ने उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि राजू कुशवाहा ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह प्रमाणित करती है कि स्पष्ट लक्ष्य व ईमानदार मेहनत से, बिना कोचिंग व सीमित संसाधनों के भी बड़ी कामयाबी पाई जा सकती है।
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड में शुक्रवार शाम आई भीषण आंधी ने भारी तबाही मचाई है, जिससे सैकड़ों घर, दफ्तर और दर्जनों बिजली के खंभे बर्बाद हो गए हैं। इस तूफान के कहर से गरीब और अमीर, दोनों तरह के परिवारों के सैकड़ों आशियाने बिखरकर चकनाचूर हो गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में आवागमन बाधित हो गया है। मोहनपुर प्रखंड के जलालपुर, दशहरा, जौनापुर सहित कई अन्य इलाके इस बर्बादी की चपेट में हैं। दशहरा पंचायत के वार्ड संख्या 5 स्थित डीह दशहरा गांव के सन्नी कुमार के घर का पूरा 'एलेस्टर' आंधी में उड़ गया, जिससे उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ा है। जौनापुर निवासी बाबा ईंट निर्माता अनंत कुमार सिंह के दफ्तर और घर को भी आंधी ने पूरी तरह से 'पोस्टमार्टम' कर दिया; श्री सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी तबाही कभी नहीं देखी। जलालपुर पंचायत के वार्ड संख्या 14 में भी दर्जनों बिजली के खंभे, तार, पेड़ और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित है और लोग अपने घरों में प्रवेश करने को लेकर भी सोचने पर मजबूर हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पूरे इलाके में ऐसा ही भयावह मंजर है, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। आवागमन ठप्प होने, घरों के उजड़ने और बिजली बाधित होने के कारण पीने के पानी तक की समस्या खड़ी हो गई है। लोग अभी भी डरे और सहमे हुए हैं कि अपने छोटे बच्चों को लेकर आखिर कहां जाएं। इस भारी तबाही के बाद भी सरकार की ओर से न तो कोई सुध लेने आया है और न ही कोई मदद पहुंची है, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इस 'उजड़े हुए चमन' को वापस पटरी पर कैसे लाया जाएगा।1
- Post by Azzibulhaq Shaikh2
- शुक्रवार, 19 जून 2026 को पटना जिले के बख्तियारपुर थाना में खुशी का माहौल रहा, जब वहां पदस्थापित दारोगा कृष्णा कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर डीएसपी पद के लिए चयन होकर जिले का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस महकमे में खासा उत्साह देखा गया। सफलता की खबर मिलते ही थाना परिसर में सहकर्मियों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा और एसडीपीओ-1 आयुष श्रीवास्तव ने भी कृष्णा कुमारी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। मूल रूप से मधुबनी जिले के एक साधारण किसान परिवार से आने वाली कृष्णा कुमारी अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दरभंगा जिले में पूरी की और वर्ष 2018 में स्नातक की पढ़ाई संपन्न की। इसके बाद, 2019 में उन्होंने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की दारोगा भर्ती परीक्षा का फॉर्म भरा और वर्ष 2022 में चयनित होकर धनरूआ थाना में पहली नियुक्ति पाई। करीब दो वर्षों तक धनरूआ थाना में सेवा देने के उपरांत, वह पिछले एक वर्ष से बख्तियारपुर थाना में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। नौकरी के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए, कृष्णा कुमारी ने जनवरी 2026 में आयोजित 70वीं बीपीएससी परीक्षा में भी शानदार सफलता हासिल की। इस तरह, उन्होंने महज चार वर्षों में दारोगा से डीएसपी तक का सफर तय कर लिया। कृष्णा कुमारी ने अपनी इस सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।1
- समस्तीपुर जिले में पुलिस ने गणेश सहनी हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।1
- बाढ़ अनुमंडल के एनटीपीसी थाना क्षेत्र में बिजली के कटे हुए तार की चपेट में आने से एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान धनामा गांव निवासी तथा वर्तमान में गौरक्षणी में रह रहे विभु राम के रूप में हुई है। वह ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर अपने चार बच्चों का भरण-पोषण करते थे। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को कुछ देर के लिए जाम कर दिया। बताया गया कि विभु राम अपने मवेशियों के लिए घास काटने एनटीपीसी के समीप गए थे, तभी वह बिजली के कटे हुए तार की चपेट में आ गए और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए NH-31 पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर बाढ़-1 के एसडीपीओ रामकृष्ण, एनटीपीसी थाना के सब-इंस्पेक्टर दुर्गा सिन्हा, एसआई ज्ञान प्रकाश तथा विनीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मुआवजे का आश्वासन मिलने के बाद जाम हटवाया। इसके उपरांत, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- वैशाली के चेहराकलां प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन के प्रांगण में शनिवार को 'प्रधानमंत्री - किसान उत्सव' मनाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संध्या 3.00 बजे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई, जिसका सीधा प्रसारण कार्यक्रम स्थल पर दिखाया गया। यह राशि शारदीय खरीफ महाभियान 0.26 में किसानों को खरीफ फसलों की खेती करने में सहायक सिद्ध हो रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) शशि प्रकाश ने अपने संबोधन में फसल चक्र के साथ जैविक खाद से खेती करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में केवल उन्हीं किसानों को डीएपी और यूरिया मिलेगा जिनके नाम पर जमीन होगी, और इसके लिए कृषि विभाग द्वारा एक विशेष ऐप भी जारी किया गया है। इस मौके पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधक मो शरीफ ने मिट्टी जांच के बाद ही खेती करने पर बल दिया, ताकि खेतों में आवश्यक खनिज पदार्थों की सही जानकारी मिल सके। प्रधानमंत्री - किसान सम्मान निधि योजना को उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन बजे यह राशि जारी की गई।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर स्थित डूबाहा पंचायत के डूबाहा मस्जिद रोड पर हमेशा पानी भरा रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि कोई भी नेता इस सड़क की मरम्मत पर ध्यान नहीं देना चाहता। इस स्थिति के पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि यह कमी खुद डूबाहा के मोहल्ले में है, जिसके चलते जनप्रतिनिधि इसकी उपेक्षा कर रहे हैं।1
- भोजपुर जिले में भरत तिवारी से जुड़ी एक घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यह एक वास्तविक एनकाउंटर था, या फिर इसे एक फर्जी हत्या के रूप में अंजाम दिया गया है।1