पन्ना जिले के पवई नगर में एक कपड़ा व्यापारी के 20 वर्षीय पुत्र के कथित अपहरण और ₹10 लाख की फिरौती मांगने के मामले में पवई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस का कहना है कि युवक से पूछताछ में सामने आया घटनाक्रम संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 8 बजे पवई पुलिस को सूचना मिली कि झंडा बाजार निवासी कपड़ा व्यापारी राजेश कुमार डेंगरे के 20 वर्षीय पुत्र अंशुल उर्फ कान्हा को अज्ञात लोगों ने अगवा कर लिया है और उसकी रिहाई के बदले ₹10 लाख की फिरौती मांगी जा रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान और एसडीओपी भावना दांगी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने देर रात तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद बारिश और अंधेरे के बावजूद कई किलोमीटर पैदल तलाश कर युवक को सकुशल बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, युवक के बयान में सामने आया घटनाक्रम संदिग्ध है। मामले में सभी संदिग्ध तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है, और घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलों को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है, और पुलिस पूरे मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना, युवक की सुरक्षा को देखते हुए, आरोपियों द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर ₹1 लाख 48 हज़ार की राशि भेज दी थी। पुलिस को जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी ने तत्काल क्यूआर कोड से जुड़े मोबाइल नंबर और खाता क्रमांक पर रोक लगवा दी, ताकि राशि आरोपियों तक न पहुंचे। साजिश रचने वाले आरोपी युवकों में एक सहपाठी और दो अन्य शामिल हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार, प्रधान आरक्षक बुद्धसिंह यादव, प्रधान आरक्षक नीरज रैकवार, आरक्षक रमाकांत कुर्मी, प्रधान आरक्षक आशीष अवस्थी और साइबर सेल पन्ना की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पन्ना जिले के पवई नगर में एक कपड़ा व्यापारी के 20 वर्षीय पुत्र के कथित अपहरण और ₹10 लाख की फिरौती मांगने के मामले में पवई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस का कहना है कि युवक से पूछताछ में सामने आया घटनाक्रम संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 8 बजे पवई पुलिस को सूचना मिली कि झंडा बाजार निवासी कपड़ा व्यापारी राजेश कुमार डेंगरे के 20 वर्षीय पुत्र अंशुल उर्फ कान्हा को अज्ञात लोगों ने अगवा कर लिया है और उसकी रिहाई के बदले ₹10 लाख की फिरौती मांगी जा रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान और एसडीओपी भावना दांगी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने देर रात तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद बारिश और अंधेरे के बावजूद कई किलोमीटर पैदल तलाश कर युवक को सकुशल बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, युवक के बयान में सामने आया घटनाक्रम संदिग्ध है। मामले में सभी संदिग्ध तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है, और घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलों को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है, और पुलिस पूरे मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना, युवक की सुरक्षा को देखते हुए, आरोपियों द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर ₹1 लाख 48 हज़ार की राशि भेज दी थी। पुलिस को जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी ने तत्काल क्यूआर कोड से जुड़े मोबाइल नंबर और खाता क्रमांक पर रोक लगवा दी, ताकि राशि आरोपियों तक न पहुंचे। साजिश रचने वाले आरोपी युवकों में एक सहपाठी और दो अन्य शामिल हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार, प्रधान आरक्षक बुद्धसिंह यादव, प्रधान आरक्षक नीरज रैकवार, आरक्षक रमाकांत कुर्मी, प्रधान आरक्षक आशीष अवस्थी और साइबर सेल पन्ना की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- सतना जिले में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे किसानों और आम जनता को बड़ी राहत मिली है। इस बारिश से भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को तत्काल राहत मिली है, वहीं खरीफ फसलों की बुवाई के लिए इसे बेहद लाभकारी माना जा रहा है, जिससे किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने भी क्षेत्र में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। बारिश की इन फुहारों से मौसम सुहाना हो गया है और किसानों में उम्मीद की नई मुस्कान लौट आई है।2
- देश में लगातार बढ़ रहे इलेक्ट्रॉनिक कचरे की समस्या को देखते हुए, अब ई-वेस्ट के संग्रह और रीसाइक्लिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुराने मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सुरक्षित निपटान पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जिस पर सरकार और विशेषज्ञ दोनों ही जोर दे रहे हैं। इसी कड़ी में, देशभर में ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग अभियान को और तेज कर दिया गया है। विशेषज्ञ लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने पुराने मोबाइल और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित और उचित निपटान के लिए केवल अधिकृत ई-वेस्ट संग्रह केंद्रों का ही उपयोग करें।1
- चित्रकूट में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत योग प्रशिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इन प्रशिक्षकों ने 'पेट की भूख बनाम योग' के नारे के साथ, अपनी आजीविका से संबंधित समस्याओं और कार्य की चुनौतियों को उजागर करते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।2
- ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, मैहर जिला प्रशासन ने आम जनता को 'फ्रॉड कॉल' और ऑनलाइन ठगी के प्रति सतर्क करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण 'जन-जागरूकता अभियान' शुरू किया है। इस व्यापक पहल के तहत 'ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0' नामक अभियान की शुरुआत की गई है, जिसे मैहर विधायक द्वारा 'जागरूकता रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान 8 जुलाई तक जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य जागरूकता का संदेश हर गांव और हर घर तक पहुंचाना है। इस 'जागरूकता रथ' के माध्यम से प्रशासन लोगों को यह सिखाएगा कि ऑनलाइन ठगी से खुद को कैसे सुरक्षित रखा जाए और फ्रॉड कॉल आने पर क्या कदम उठाने चाहिए। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी का शिकार न बनें और साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहें।1
- पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशों पर चलाए जा रहे "ऑपरेशन ईगल" के तहत बाँदा की कमासिन पुलिस को नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 1 किलो 300 ग्राम अवैध सूखे गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 28 और 29 जून की देर रात को हुई, जब थाना कमासिन पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि राजापुर-बबेरु मार्ग पर इटर्रा बढ़ौनी तिराहे के पास एक संदिग्ध युवक गांजा लेकर खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर रिशु पुत्र शिवशंकर को मौके से दबोच लिया, जो ग्राम लोहरा, थाना कमासिन का निवासी है। अभियुक्त की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से कुल 1 किलो 300 ग्राम अवैध सूखा गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजे को तुरंत कब्जे में लेकर आरोपी रिशु के खिलाफ थाना कमासिन में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने स्पष्ट कहा है कि जनपद को नशामुक्त बनाने के लिए "ऑपरेशन ईगल" लगातार जारी रहेगा और नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।1
- सतना के उचेहरा क्षेत्र में स्थित सिद्धेश्वरनाथ मंदिर को अज्ञात चोरों ने शनिवार-रविवार की रात निशाना बनाया और दो भारी-भरकम पीतल के घंटे चोरी कर ले गए। गोबरांवकला के समीप पहाड़ी पर बने इस मंदिर में चोरी की जानकारी रविवार सुबह तब हुई, जब पूजा के लिए पहुंचे पुजारी और ग्रामीणों ने घटना देखी। इस वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। यह घटना महज 9 दिन के भीतर मंदिरों में चोरी की दूसरी वारदात है। इससे पहले, रामपुर पाठा स्थित भगवान नीलकंठ आश्रम एवं मंदिर से चांदी की बांसुरी, सिक्के और अन्य कीमती सामान चोरी हुए थे। लगातार हो रही इन वारदातों के बाद, मंदिरों को निशाना बनाने वाले एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने पर, पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में मंदिरों को निशाना बनाने वाले बदमाश लगातार सक्रिय बने हुए हैं, जिससे चिंता बढ़ गई है।1
- पन्ना जिले के पवई नगर में एक कपड़ा व्यापारी के 20 वर्षीय पुत्र के कथित अपहरण और ₹10 लाख की फिरौती मांगने के मामले में पवई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस का कहना है कि युवक से पूछताछ में सामने आया घटनाक्रम संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 8 बजे पवई पुलिस को सूचना मिली कि झंडा बाजार निवासी कपड़ा व्यापारी राजेश कुमार डेंगरे के 20 वर्षीय पुत्र अंशुल उर्फ कान्हा को अज्ञात लोगों ने अगवा कर लिया है और उसकी रिहाई के बदले ₹10 लाख की फिरौती मांगी जा रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान और एसडीओपी भावना दांगी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने देर रात तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद बारिश और अंधेरे के बावजूद कई किलोमीटर पैदल तलाश कर युवक को सकुशल बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, युवक के बयान में सामने आया घटनाक्रम संदिग्ध है। मामले में सभी संदिग्ध तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है, और घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलों को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है, और पुलिस पूरे मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना, युवक की सुरक्षा को देखते हुए, आरोपियों द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर ₹1 लाख 48 हज़ार की राशि भेज दी थी। पुलिस को जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी ने तत्काल क्यूआर कोड से जुड़े मोबाइल नंबर और खाता क्रमांक पर रोक लगवा दी, ताकि राशि आरोपियों तक न पहुंचे। साजिश रचने वाले आरोपी युवकों में एक सहपाठी और दो अन्य शामिल हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार, प्रधान आरक्षक बुद्धसिंह यादव, प्रधान आरक्षक नीरज रैकवार, आरक्षक रमाकांत कुर्मी, प्रधान आरक्षक आशीष अवस्थी और साइबर सेल पन्ना की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- बांदा जनपद को नशा मुक्त बनाने और अपराधों पर नियंत्रण के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'ऑपरेशन ईगल' अभियान के तहत कमासिन थाना पुलिस ने एक अभियुक्त को 1.3 किलोग्राम अवैध सूखे गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में की गई है। दिनांक 28/29.06.2026 की देर रात, गश्त और चेकिंग के दौरान कमासिन पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर अभियुक्त रिशु पुत्र शिवशंकर, निवासी ग्राम लोहरा, थाना कमासिन, जनपद बांदा को राजापुर बबेरु मार्ग पर स्थित इटर्रा बढौनी तिराहे से दबोचा गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से कुल 1 किलो 300 ग्राम अवैध सूखा गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने बरामद अवैध सूखे गांजे को कब्जे में लेकर अभियुक्त के विरुद्ध थाना स्थानीय पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है। गिरफ्तार अभियुक्त को इसके बाद मा0 न्यायालय में पेश किया गया।3
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा में स्थित शराब दुकानों पर नियमों का उल्लंघन कर ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, शराब की बोतलें उनके निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि ग्राहक से एमआरपी से ज़्यादा पैसे लिए जा रहे हैं; उदाहरण के लिए, एक बोतल पर 230 रुपये एमआरपी अंकित होने के बावजूद, उससे अधिक राशि वसूली जा रही है। इन दुकानों पर अनिवार्य आधिकारिक रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं की गई है, जो सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि इस शराब कंपनी से जुड़े लोग उचेहरा के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से शराब की 'पैकरी' (बिक्री) भी करवा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग द्वारा कभी-कभार की गई कार्रवाई का कोई स्थायी असर नहीं दिख रहा है, जिससे प्रशासनिक उदासीनता साफ झलकती है। जनता ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से इस मामले की तत्काल जांच करने की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित ठेकेदार और प्रबंधन के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम उपभोक्ताओं को हो रहे आर्थिक शोषण से बचाया जा सके।1