बारिश के बाद नलकूप का कुआं धंसा, मकान भी जमींदोज ढाई लाख का सामान कुएं में समाया हमीरपुर। सुमेरपुर क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बाद रविवार देर शाम मिहुना गांव में खेत पर बना नलकूप का कुआं अचानक धंस गया। कुएं के समीप बना मकान भी इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। मकान में रखा घरेलू सामान और नलकूप का उपकरण कुएं में समा जाने से किसान को करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि घटना के समय नलकूप में रहने वाले चार-पांच लोग बाहर निकल आए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मिहुना निवासी किसान बबलू यादव ने बताया कि वर्ष 1976 में उनके परिजनों ने खेत में कुआं बनवाकर नलकूप स्थापित किया था। पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से कुआं पूरी तरह पानी से भर गया था। रविवार देर शाम अचानक कुएं का एक हिस्सा धंस गया और देखते ही देखते समीप बना मकान भी धंसने लगा। मकान में रखा सामान कुएं में समा गया। किसान के अनुसार कुएं में नलकूप की दो मोटर, पंखा, बर्तन, कूलर, खाद सहित अन्य सामान चला गया है। इससे करीब ढाई लाख रुपये की क्षति हुई है। घटना की सूचना गांव के लेखपाल को देकर नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।
बारिश के बाद नलकूप का कुआं धंसा, मकान भी जमींदोज ढाई लाख का सामान कुएं में समाया हमीरपुर। सुमेरपुर क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बाद रविवार देर शाम मिहुना गांव में खेत पर बना नलकूप का कुआं अचानक धंस गया। कुएं के समीप बना मकान भी इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। मकान में रखा घरेलू सामान और नलकूप का उपकरण कुएं में समा जाने से किसान को करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि घटना के समय नलकूप में रहने वाले चार-पांच लोग बाहर निकल आए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मिहुना निवासी किसान बबलू यादव ने बताया कि वर्ष 1976 में उनके परिजनों ने खेत में कुआं बनवाकर नलकूप स्थापित किया था। पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से कुआं पूरी तरह पानी से भर गया था। रविवार देर शाम अचानक कुएं का एक हिस्सा धंस गया और देखते ही देखते समीप बना मकान भी धंसने लगा। मकान में रखा सामान कुएं में समा गया। किसान के अनुसार कुएं में नलकूप की दो मोटर, पंखा, बर्तन, कूलर, खाद सहित अन्य सामान चला गया है। इससे करीब ढाई लाख रुपये की क्षति हुई है। घटना की सूचना गांव के लेखपाल को देकर नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।
- बारिश के बाद नलकूप का कुआं धंसा, मकान भी जमींदोज ढाई लाख का सामान कुएं में समाया हमीरपुर। सुमेरपुर क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बाद रविवार देर शाम मिहुना गांव में खेत पर बना नलकूप का कुआं अचानक धंस गया। कुएं के समीप बना मकान भी इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। मकान में रखा घरेलू सामान और नलकूप का उपकरण कुएं में समा जाने से किसान को करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि घटना के समय नलकूप में रहने वाले चार-पांच लोग बाहर निकल आए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मिहुना निवासी किसान बबलू यादव ने बताया कि वर्ष 1976 में उनके परिजनों ने खेत में कुआं बनवाकर नलकूप स्थापित किया था। पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से कुआं पूरी तरह पानी से भर गया था। रविवार देर शाम अचानक कुएं का एक हिस्सा धंस गया और देखते ही देखते समीप बना मकान भी धंसने लगा। मकान में रखा सामान कुएं में समा गया। किसान के अनुसार कुएं में नलकूप की दो मोटर, पंखा, बर्तन, कूलर, खाद सहित अन्य सामान चला गया है। इससे करीब ढाई लाख रुपये की क्षति हुई है। घटना की सूचना गांव के लेखपाल को देकर नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।1
- हमीरपुर - वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस का हल्लाबोल प्रदर्शन, जिला कांग्रेस कमेटी ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर किया विरोध प्रदर्शन ।। हमीरपुर - वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस का हल्लाबोल प्रदर्शन, जिला कांग्रेस कमेटी ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर किया विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोविंद अहिरवार के नेतृत्व में किया गया प्रदर्शन, कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े मुद्दे पर हल्लाबोल प्रदर्शन कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराया विरोध, प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर की नारेबाजी, मामले की जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई की मांग को लेकर उठाई आवाज, कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर जताया अपना विरोध,वीडियो हुई वायरल, बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन में हुए शामिल, कांग्रेस ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की भी करी मांग, जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से ज्ञापन सौंपे जाने की भी कही गई बात, कांग्रेस ने मामले को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही,4
- Post by Manoj Kumar1
- *स्कूल के लिए निकली दो छात्राएं अचानक हुई थी गायब,भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने परिजनों से की मुलाकात* पुलिस के हाथ अभी भी खाली,परिजनों को सता रही है बड़ी अनहोनी की चिंता घाटमपुर। क्षेत्र के जहांगीराबाद गांव में सुबह करीब 7 बजे स्कूल के लिए निकली 22 सितंबर मंगलवार को दो नाबालिक छात्राएं अचानक रास्ते से गायब हो गई थी। परिजनों द्वारा गांव व रिश्तेदारी में खोजबीन के बाद दूसरे दिन पुलिस से लिखित शिकायत की गई थी।परंतु पुलिस के हाथ अभी भी खाली है। जिसे लेकर ग्रामीणों में भी काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों को कहना है कि पुलिस के डीले रवैये से छात्रों के साथ कोई बड़ी अनहोनी ना हो जाए। परिजनों ने बताया कि साक्षी पुत्री सुनील उम्र करीब 14 वर्ष जो कि कक्षा 10 की छात्रा है और काजल पुत्री दिवारी लाल उम्र करीब 12 वर्ष जो कि कक्षा 9 की छात्रा है। दोनों ही छात्राएं नाबालिक हैं। जब से दोनों छात्राएं गायब हुई हैं तब से परिजनों की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। परिजनों का कहना है कि पुत्रियों के गायब हुए करीब 6 दिनों से ज्यादा बीत चुके हैं परंतु अभी तक उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस बार-बार बस यही कहती है की किशोरियों की तलाश चल रही है। उन्हें वहां से भी कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा है। किशोरियों की अचानक गायब होने की सूचना पर रविवार 27 सितंबर को पहुंची भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने परिवारजनों से मुलाकात की और जानकारी ली है। फिलहाल इस संबंध में घाटमपुर कोतवाल मनोज सिंह भदोरिया का कहना है कि तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।2
- हमीरपुर :तीन दिन की बारिश के बाद मिली राहत, श्याम नाला का जलस्तर घटा कपसा मार्ग पर आवागमन बहाल, दर्जनों गांवों का टूटा संपर्क फिर जुड़ा मौदहा (हमीरपुर)। मौदहा तहसील क्षेत्र में लगातार तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। कई स्थानों पर जलभराव और नदी-नालों के उफान के चलते ग्रामीणों का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया था। हालांकि रविवार से आसमान साफ होने और बारिश थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। लगातार बारिश के चलते श्याम नाला उफान पर आ गया था। कपसा मार्ग पर नाले का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने से आवागमन बाधित हो गया था। इस दौरान सड़क पर एक ट्रक भी फंस गया था, जिसे प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हटवा दिया। पानी अधिक होने के कारण दर्जनों गांवों का मौदहा तहसील मुख्यालय से संपर्क प्रभावित रहा। बीते दो दिनों से बारिश न होने के कारण श्याम नाला का जलस्तर तेजी से घटा है। सड़क से पानी उतरने के बाद कपसा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बहाल हो गया है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों ने राहत की सांस ली है। हालांकि लगातार बारिश से हुए नुकसान के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में हालात सामान्य होने में अभी समय लगने की बात कही जा रही है।2
- मौदहा नगर सहित अगल-बगल के जिलों में हुई मूसलाधार बारिश से बिगड़े हालात 📍 40 घंटे की लगातार बारिश से दर्जनों गांवों का संपर्क कटा 📍 मौदहा-कपसा मार्ग के उरदना में सड़क पर करीब 2 मीटर पानी 📍 सिजवाही-टिकरी मार्ग पर भी आवागमन पूरी तरह ठप 📍 पानी में फंसे ट्रक को पुलिस ने क्रेन की मदद से निकलवाया 📍 50 से अधिक कच्चे मकान ढहे, कई घरों में घुसा पानी 📍 इलाही तालाब ओवरफ्लो, पढ़ोरी रपटा पूरी तरह डूबा 📍 चंद्रावल नदी समेत कई नाले उफान पर 📍 प्रशासन और राजस्व टीमें नुकसान का कर रही आकलन1
- ब्रेकिंग जालौन जालौन में शातिर चोर ने पंचमुखी हनुमान मंदिर को बनाया निशाना, मंदिर में माथा टेकने के बाद चोर ने दान पात्र में लगे ताले को तोड़कर की चोरी, मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई चोरी की वारदात, चोर ने मंदिर के बगल की दुकान के ताले तोड़ने का भी किया प्रयास, साफ-सफाई के लिए पहुंचे पुजारी ने ताले टूटे देख पुलिस को दी सूचना, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी, जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के पंचमुखी हनुमान मंदिर का मामला। बाइट:- संदीप दुबे--पुजारी4
- रेलवे अंडरब्रिज बने तालाब, आधा दर्जन गांवों का संपर्क ठप जलभराव से जनजीवन बेहाल हमीरपुर। कानपुर-बांदा रेल मार्ग पर स्थित सुमेरपुर क्षेत्र के इंगोहटा गांव में दो दिन पूर्व हुई मूसलाधार बारिश के बाद जलभराव की समस्या विकराल हो गई है। रेलवे ट्रैक के नीचे बने अंडरब्रिज पानी से लबालब भरे होने के कारण तालाब में तब्दील हो गए हैं। गेट संख्या 26 पर चालू अंडरब्रिज और गेट संख्या 25 पर निर्माणाधीन अंडरब्रिज में कई-कई फीट पानी भरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। अरतरा समेत आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित होने के साथ किसानों के सामने रबी की बुवाई का संकट खड़ा हो गया है। अंडरब्रिज में भारी जलभराव के चलते ग्रामीणों का खेतों और खलिहानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहनों का निकलना तो दूर, मवेशियों के लिए भी रास्ता बंद हो गया है। ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, पहले बारिश का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे प्राकृतिक ढलान से बहकर नाले में चला जाता था। क्षेत्र में सीमेंट फैक्ट्री की स्थापना और निर्माण कार्य के बाद पानी की पुरानी निकासी बाधित हो गई। इसके चलते आसपास के सैकड़ों बीघा खेतों का पानी रेलवे लाइन के पार स्थित नाले तक पहुंचने के लिए अंडरब्रिज की ओर बहने लगा। ग्रामीणों का आरोप है कि निकासी का समुचित प्रबंध नहीं होने से अंडरब्रिज जलभराव के बड़े केंद्र बन गए हैं। लगातार जलभराव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खरीफ की फसल पहले ही बारिश के पानी में डूबकर नुकसान झेल चुकी है। अब खेतों में पानी भरा होने और जमीन के जल्द सूखने की संभावना कम होने से गेहूं, चना, मटर और सरसों की बुवाई पिछड़ने का खतरा पैदा हो गया है। समय पर खेत तैयार नहीं हुए तो किसानों को दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन और रेलवे अधिकारियों से अंडरब्रिज में पंप सेट लगाकर तत्काल पानी निकलवाने तथा क्षेत्र में स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जलभराव से कब राहत मिलेगी और खेतों में रबी की बुवाई समय पर कैसे हो सकेगी।1