खन्नौधी सेंट्रल बैंक में ‘नो कैश’ का संकट, महीनों से उपभोक्ता परेशान—मैनेजर न होने से व्यवस्था ठप.. खबर: शहडोल जिले के खन्नौधी स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा में बीते कई महीनों से कैश की किल्लत ने आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक पहुंचने पर हर बार एक ही जवाब मिलता है—“कैश नहीं है”, जिससे उन्हें बार-बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस समस्या का सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। लेन-देन प्रभावित होने से बाजार की रफ्तार धीमी पड़ गई है। बताया जा रहा है कि शाखा प्रबंधक अशुतोष सिंह के ट्रांसफर के बाद से हालात और बिगड़ गए हैं। पिछले करीब एक महीने से बैंक में कोई स्थायी मैनेजर तैनात नहीं किया गया, जिससे व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि फिलहाल बैंक की व्यवस्था बीसी पॉइंट और बैंक सखियों के सहारे चल रही है। ऐसे में यदि यह सुविधा भी बंद हो जाए, तो वृद्धा पेंशन, लाड़ली बहना योजना, किसान सम्मान निधि और अन्य सरकारी योजनाओं के छोटे-छोटे भुगतान भी अटक सकते हैं। आमजन और व्यापारियों ने आरएम और एलडीएम से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या पर ध्यान देते हुए बैंक में मैनेजर की नियुक्ति और कैश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।
खन्नौधी सेंट्रल बैंक में ‘नो कैश’ का संकट, महीनों से उपभोक्ता परेशान—मैनेजर न होने से व्यवस्था ठप.. खबर: शहडोल जिले के खन्नौधी स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा में बीते कई महीनों से कैश की किल्लत ने आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक पहुंचने पर हर बार एक ही जवाब मिलता है—“कैश नहीं है”, जिससे उन्हें बार-बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस समस्या का सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। लेन-देन प्रभावित होने से बाजार की रफ्तार धीमी पड़ गई है। बताया जा रहा है कि शाखा प्रबंधक अशुतोष सिंह के ट्रांसफर के बाद से हालात और बिगड़ गए हैं। पिछले करीब एक महीने से बैंक में कोई स्थायी मैनेजर तैनात नहीं किया गया, जिससे व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि फिलहाल बैंक की व्यवस्था बीसी पॉइंट और बैंक सखियों के सहारे चल रही है। ऐसे में यदि यह सुविधा भी बंद हो जाए, तो वृद्धा पेंशन, लाड़ली बहना योजना, किसान सम्मान निधि और अन्य सरकारी योजनाओं के छोटे-छोटे भुगतान भी अटक सकते हैं। आमजन और व्यापारियों ने आरएम और एलडीएम से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या पर ध्यान देते हुए बैंक में मैनेजर की नियुक्ति और कैश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।
- यह बात समझ में नहीं आ रही कि बीजेपी को वोट कैसे हो रहा है वादों में नही उतरी भाजपा1
- *भवानीपुर से ममता बनर्जी स्वयं चुनाव हार गई..उसके बाद वे भड़क गई और अनाप-सनाप आरोप लगाने लगी।* इस की सत्यता की पुष्टि हम किसी भी प्रकार से नहीं करते है ये सिर्फ वायरल वीडियो है1
- *बरगी डैम भीषण क्रूज हादसे के विरोध में युवक कांग्रेस द्वारा उमरिया में पर्यटन मंत्री का पुतला फूंकते वक्त यूंकाईयों और पुलिस में हुई भिड़ंत।* आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया। जबलपुर के बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे के विरोध में जिला युवक कांग्रेस द्वारा आज उमरिया के गांधी चौक में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन जिला युवक कांग्रेस के अध्यक्ष अनुराग सिंह अम्बुज के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ नेता विक्रम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें इस हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मंत्री का पुतला दहन करने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सख्त रुख अपनाया। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाने की कोशिश की, पुलिस ने तत्काल वाटर कैनन का इस्तेमाल करते हुए उन पर पानी छोड़ा, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। हालांकि भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कार्यकर्ता पुतला पूरी तरह नहीं जला पाए, जिससे उनमें और अधिक आक्रोश देखने को मिला। इसके बाद भी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक जारी रही, जिससे गांधी चौक क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। युवक कांग्रेस के ज़िलाध्यक्ष अनुराग सिंह ने आरोप लगाया कि बरगी डैम में हुआ हादसा पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के दौरान जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष शकील खान, राहुल सिंह, आयुष सिंह, हर्ष सिंह, विशाल अग्रवाल, अंबर सिंह, अंकुर सिंह, मोहम्मद समीर, पवन यादव, श्रेयांश तिवारी, कृष्णा, सागर यादव, राहुल साहू, डीप राय, दीपक, पारस नामदेव, हिमांशु यादव, आदर्श गोड, सुखलेंद्र सिंह, सौरभ सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- *बेमौसम बारिश-ओलों की मार: आम, उड़द-मूंग फसल प्रभावित* उमरिया //जिले के करकेली विकासखंड के घुलघुली क्षेत्र में बेमौसम बारिश के साथ ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। अचानक बदले मौसम ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बोई गई गर्मी की उड़द और मूंग की फसल पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। ओलावृष्टि के कारण आम के फल झड़ने लगे हैं, जिससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही सब्जियों की फसल भी प्रभावित हुई है। घुलघुली सहित 20 से अधिक गांवों में बारिश और ओले गिरने की खबर है, जबकि पूरे जिले में बादल छाए हुए हैं और मौसम अस्थिर बना हुआ है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह के अनुसार, लगातार बारिश से फसलें पहले ही प्रभावित थीं, लेकिन ओलावृष्टि ने नुकसान और बढ़ा दिया है। खासकर उड़द और मूंग की फसल को अधिक क्षति होने की संभावना है, वहीं सब्जियों पर भी इसका असर पड़ेगा। फिलहाल इस स्थिति से बचाव के प्रभावी उपाय सीमित हैं, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।2
- जिला कलेक्टर उमरिया ने जन सुनवाई में सुनी 69 आवेदकों की समस्या उमरिया बांधवगढ़ से रवि कश्यप की रिपोर्ट Umaria News 241
- Post by Shivam1
- बरगी डैम में भीषण क्रूज हादसा, विरोध में युवक कांग्रेस—पुलिस से भिड़ंत* उमरिया। जबलपुर के बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे के विरोध में जिला युवक कांग्रेस द्वारा आज उमरिया के गांधी चौक में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन जिला युवक कांग्रेस के अध्यक्ष अनुराग सिंह अम्बुज के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ नेता विक्रम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें इस हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मंत्री का पुतला दहन करने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सख्त रुख अपनाया। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाने की कोशिश की, पुलिस ने तत्काल वाटर कैनन का इस्तेमाल करते हुए उन पर पानी छोड़ा, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। हालांकि भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कार्यकर्ता पुतला पूरी तरह नहीं जला पाए, जिससे उनमें और अधिक आक्रोश देखने को मिला। इसके बाद भी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक जारी रही, जिससे गांधी चौक क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। युवक कांग्रेस के ज़िलाध्यक्ष अनुराग सिंह ने आरोप लगाया कि बरगी डैम में हुआ हादसा पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के दौरान जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष शकील खान, राहुल सिंह, आयुष सिंह, हर्ष सिंह, विशाल अग्रवाल, अंबर सिंह, अंकुर सिंह, मोहम्मद समीर, पवन यादव, श्रेयांश तिवारी, कृष्णा, सागर यादव, राहुल साहू, डीप राय, दीपक, पारस नामदेव, हिमांशु यादव, आदर्श गोड, सुखलेंद्र सिंह, सौरभ सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- प्रति. श्रीमान पेशाक मेरा पुलिए अधीरक महोदय जिला-उमरिया (म०प्र०) विषय- मुझ प्रार्थिया बुल्ली बाई साहू पति स्व. मोहन साहू के साथ आये दिन गाली गलौज किये जाने एवं इज्जत से बेइज्जत किये जाने के संबंध में आवेदन पत्र। मान्यवर, निवेदन है कि प्रार्थिया बुल्ली बाई साहू पति स्व. मोहन साहू निवासी ग्राम डोगरी टोला (बडार) थाना व तहसील मानपुर जिला उमरिया म०प्र० की पुस्तैनी निवासी हूँ- 1. यह कि प्रार्थिया विधवा महिला है जो कि बालक दास साहू पिता बेलानी साहू द्वारा दिनांक 24.01.2026 को करीब 12 बजे दिन मेरे घर में आकर गाली गलौज कर रहा था तथा मुझ प्रार्थिया के साथ अवैध संबंध बनाये जाने का प्रयास कर रहा था तब प्रार्थिया हल्ला गुहार करने पर अपनी इज्जत बचाते हुये घर के अंदर घुसी रही जब दबंग घर से बाहर गया तब प्रार्थिया घर के बाहर निकलकर अपने आस-पास के लोगों को आप बीती बताई व दिनांक 25.01.2026 को लिखित सूचना थाना मानपुर में प्रस्तुत की जिसकी पावती संलग्न है। 2. यह कि प्रार्थिया के साथ दबंग आये दिन बाद-विवाद करता रहता है. व धमकी देता है, कि मैं तुम्हारे इज्जत के साथ खिलवाड कर सकता हूँ शासन प्रशासन मेरा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता है, मैं धन बल से संपन्न हूँ। 3. यह कि प्रार्थिया अनाथ महिला है, दबंग के द्वारा आये दिन जमीनी विवाद को लेकर विवाद करता रहता है, जो कि मुझ प्रार्थिया की दो पुत्रियों है, जो विवाहित है अप्रिय घटना घटित होने के संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर बच्चियों के साथ भी अवैध संबंध बनाने का बात कह रहा है. जिसकी जानकारी गाँव के प्रतिष्ठित लोगों को भी है। यह कि दबंग बालक दास पिला बेलानी साह आये दिन धमकी देता रहता है कि मे तुम्हारे साथ इज्जत का खिलवाड करते हुये मौत के घाट उत्तार दूँगा। तुम मेरा कुछ 1520ी नहीं बिगाड़ सकती हये क्योकि तुम अनाथ महिला हो तुम्हारे आगे पीछे कोई नहीं मेजो चाहेगा तुम्हारे साथ कत्य कर सकता है जो कि पार्थिया थाना मानपुर मे लिखित सूचना प्रस्तुत की है, जिसमे थाना प्रभारी मानपुर मुकेश मस्कोले के द्वारा मोटी रकम लेकर अपराधी को बढ़ावा दिया जाना आम बात है. तथा मुझ प्रार्थिया को धमकी दी जाती है. कि में थाना प्रभारी हूँ तुम्हारी इज्जत को मैं खिलवाड़ करवा सकता हूँ.1
- जैतहरी स्थित हिंदुस्तान पावर लिमिटेड (मोजर बेयर पावर प्लांट) में काम के दौरान 48 वर्षीय श्रमिक देवसरन केवट की मौत, बिना पोस्टमार्टम शव भेजने पर भड़के परिजन अनूपपुर/जैतहरी। जिले के जैतहरी स्थित हिंदुस्तान पावर लिमिटेड (पूर्व में मोजर बेयर पावर प्लांट) में कार्यरत एक श्रमिक की काम के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान देवसरन केवट (48 वर्ष), निवासी ग्राम चांदपुर, ग्राम पंचायत महुदा, जिला अनूपपुर के रूप में हुई है। घटना के बाद कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि श्रमिक की मौत के बाद कंपनी और प्रबंधन के लोग बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को आनन-फानन में घर भेजने की तैयारी कर रहे थे, जिसे लेकर मौके पर जमकर हंगामा हुआपरिजनों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश करते हुए बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के शव को सीधे घर भेजने की तैयारी शुरू कर दी। परिजनों ने जब पोस्टमार्टम और मृत्यु के वास्तविक कारण को लेकर सवाल उठाया तो मौके पर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। आक्रोशित परिजनों ने शव ले जाने से साफ इनकार कर दिया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।घटना के बाद प्लांट परिसर में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। परिजन और ग्रामीण लगातार यह मांग कर रहे हैं कि मृतक की मौत की निष्पक्ष जांच हो, पोस्टमार्टम कराया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि श्रमिक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही मृतक के आश्रित परिवार को उचित मुआवजा, नौकरी और वैधानिक सुविधाएं तत्काल प्रदान की जाएं।फिलहाल परिजनों के हंगामे के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच समझौते की कोशिशें जारी हैं, लेकिन परिजन लिखित आश्वासन, वैधानिक मुआवजा और विधिसम्मत कार्रवाई पर अड़े हुए हैं।2