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शासकीय सज्जन उत्कृष्ट विद्यालय उमरिया में आयोजित भविष्य से भेंट कार्यक्रम
RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR
शासकीय सज्जन उत्कृष्ट विद्यालय उमरिया में आयोजित भविष्य से भेंट कार्यक्रम
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- ओलावृष्टि से किसानों की खड़ी पकी फसल पूरी तरह से बर्बाद खेतों में बैठकर किसान कर रहे सर्वे करने वालों का इंतजार उमरिया मानपुर तहसील अंतर्गत राजस्व मंडल चिल्हारी के राजस्व ग्राम चिल्हारी एवं बम्हनगमा में बुधवार की रात्रि लगभग 2 बजे अचानक बेमौसम बारिश के साथ ओला एवं तूफान से किसानों की खड़ी फसल गेहूं, चना,अरहर,की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है किसान चिंतित परेशान हैं किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है ओला वृष्टि से प्रभावित क्षेत्र चिल्हारी का कुछ भाग एवं बम्हनगमा ग्राम है पीड़ित किसानों द्वारा तीन दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा फसल नुकसान का आकलन करने कोई भी प्रशासनिक राजस्व अधिकारी आज तक नहीं पहुंचे, पीड़ित किसानों द्वारा जिला कलेक्टर शासन प्रशासन से गुहार लगाई है अधिकारी खेतों में पहुंचकर खराब हुई फसलों का सर्वे करा तुरंत मुआवजा राशि प्रदान की जाए जिससे किसान वह अपना जीवकोपार्जन एवं अगली खेती कर सके l1
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- नौरोजाबाद में नल-जल योजना में बड़ा घोटाला! करोड़ों की योजना में भ्रष्टाचार का खेल, शिकायतों के बाद भी नहीं हुई जांच करोड़ों की योजना में भ्रष्टाचार का खेल जांच की मांग! नगर परिषद नौरोजाबाद में संचालित मुख्यमंत्री नल-जल योजना में भारी अनियमितताओं और संभावित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही हैं कि योजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने, सड़क खुदाई, निर्माण कार्य एवं सामग्री के उपयोग में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे शासन की करोड़ों रुपये की योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। सीएमओ, इंजीनियर और ठेकेदार पर मिलीभगत के आरोप नगरवासियों का आरोप है कि नगर परिषद नौरोजाबाद के जिम्मेदार अधिकारी, सीएमओ, इंजीनियर एवं ठेकेदार के बीच मिलीभगत के चलते कार्य मनमाने तरीके से किया जा रहा है। बिना तकनीकी मानकों और नियमों का पालन किए पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे भविष्य में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की संभावना बनी हुई है। नई और पुरानी सड़कों को खोदकर डाली जा रही पाइपलाइन, योजना पर खतरा डिंडोरी रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर पाइपलाइन डालने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, डिंडोरी रोड का निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है, लेकिन उससे पहले ही जुहिला नदी से लाई गई मुख्य सप्लाई पाइपलाइन बिछा दी गई है। ऐसे में जब सड़क का निर्माण होगा, तो पाइपलाइन को निकालना पड़ेगा या उसके क्षतिग्रस्त होने की पूरी संभावना बनी हुई है। इससे स्पष्ट है कि कार्य बिना उचित योजना और तकनीकी मानकों के किया जा रहा है, जिससे शासन की योजना को नुकसान पहुंच सकता है। शासन के पैसे खुलेआम दरुपयोग जिम्मेदार मौन नगर के अंदर भी कई स्थानों पर नई और पुरानी सड़कों को खोदकर पाइपलाइन डाली गई है और लगातार डाली जा रही है, जिससे सड़कों की स्थिति खराब हो रही है। नगर परिषद नौरोजाबाद जाने वाले मुख्य मार्ग को भी बीच सड़क से खोदकर पाइपलाइन बिछाई गई है, जो नियमों के विपरीत प्रतीत होता है। इस प्रकार के कार्यों से आम जनता को भारी परेशानी हो रही है और शासन के धन का भी दुरुपयोग हो रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा — ठेकेदार या जिम्मेदार अधिकारी? जबकि नियमानुसार पहले पाइपलाइन बिछाकर उसके बाद सड़क निर्माण होना चाहिए। इसके उलट कार्य किए जाने से सड़कों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। बिना NOC के सड़क खुदाई, नियमों की खुली अनदेखी स्थानीय निवासी देवेंद्र प्यासी का कहना है कि राज्य मार्ग (हिंडोरी रोड) पर बिना सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिए ही सड़क को जगह-जगह तोड़कर पाइपलाइन डाली जा रही है, जो नियमों के विपरीत है। इस संबंध में उनके द्वारा लिखित शिकायत भी की गई है, लेकिन अब तक न जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं इसी तरह SECL जुहिला क्षेत्र नौरोजाबाद से भी बिना कोई NOC लिए नगर परिषद नौरोजाबाद दौरा निर्माण कार्य और नल जल योजना का कम चल रहा है। शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार मौन इस पूरे मामले को लेकर संबंधित विभाग और अधिकारियों को अलग-अलग शिकायत आवेदन भी सौंपे गए हैं। पहला आवेदन नगर परिषद नौरोजाबाद के मुख्य नगर परिषद अधिकारी को दिया गया, जिसमें वर्ष 2016 से अधूरी पड़ी नल-जल योजना, गुणवत्ताहीन कार्य, बार-बार सड़कों की खुदाई, पाइपलाइन की खराब गुणवत्ता एवं आम नागरिकों को हो रही परेशानियों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। दूसरा आवेदन एम.पी.आर.डी.सी. (MPRDC) को दिया गया, जिसमें डिंडोरी राज्य मार्ग (हिंडोरी हाईवे) को बिना अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र के क्षतिग्रस्त कर पाइपलाइन बिछाने की शिकायत की गई है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि सड़क को जगह-जगह तोड़कर अव्यवस्थित तरीके से पाइपलाइन डाली जा रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। पाइप उखाड़कर ले गए कर्मचारी, पानी को तरसे लोग नगर के कृष्णा कॉलोनी एवं वार्ड क्रमांक 03 में बिछाई गई पाइपलाइन को ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा उखाड़कर ले जाने के आरोप भी सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले ही गड्ढा खोदकर पाइपलाइन कनेक्शन दिया गया था, लेकिन बाद में कर्मचारी आकर उसी पाइप को उखाड़कर ले गए।लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही ठेकेदार को खुली छूट दे रहे हैं, तो आम जनता की परेशानी स्वाभाविक है। सवाल यह भी उठता है कि जिन घरों में कनेक्शन दिया गया था, उन्हें किस आदेश और नियम के तहत हटाया गया? भीषण गर्मी में लोगों को पानी से वंचित करना बेहद गंभीर मामला है नल तो लगा हुआ है लेकिन जल के लिए तरस रहे नगरवासी जल्दी पाइप लाइन जोड़ने की मांग कर रहे है और जिम्मेदार ठेकदार और उसके कर्मचारी के ऊपर कार्यवाही की वार्ड वासी मांग कर रहा है सीएम हेल्पलाइन 181 में भी शिकायत दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों ने मध्य प्रदेश सरकार की सीएम हेल्पलाइन 181 में भी शिकायत दर्ज कराई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इन बिंदुओं पर जांच की मांग नगरवासियों ने मांग की है कि पाइपलाइन में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता जांची जाए, किस वार्ड में कितने कनेक्शन दिए गए, इसका सत्यापन किया जाए, उपयोग की गई सामग्री और खर्च की जांच हो, सड़क खुदाई एवं निर्माण कार्य की तकनीकी जांच हो, ठेकेदार के बिल भुगतान एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जाए। जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग रवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर अधिकारी, इंजीनियर एवं ठेकेदार के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में भी शिकायतें की गईं और पानी टंकी में लीकेज जैसी समस्याएं सामने आईं, लेकिन उसके बाद भी न ठेकेदार पर कोई कार्रवाई हुई और न ही उसे ब्लैकलिस्ट किया गया। इससे साफ प्रतीत होता है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीर नहीं हैं। वही लोगों ने जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश शासन द्वारा एक उच्चस्तरीय टीम गठित कर पूरे कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, जिसमें टेंडर प्रक्रिया, बिल भुगतान, पाइपलाइन बिछाने का कार्य, उपयोग की गई सामग्री एवं गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।1
- "भविष्य से भेंट" कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने शासकीय माध्यमिक विद्यालय मैकी पहुंचकर बच्चों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित किया। कलेक्टर ने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों को विलोम शब्द का पाठ पढ़ाया और सरल तरीके से समझाकर उनकी सीखने की रुचि को बढ़ाया। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सवालों के जवाब दिए। इस अवसर पर सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग श्री आनंद राय सिंहा सहित शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। #शहडोल #shahdol #स्कूल_चलें_हम1
- Post by Sumit Singh Chandel1
- शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की गोहपारू थाना पुलिस ने महिला सुरक्षा के प्रति अपनी संजीदगी दिखाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शादी का झूठा झांसा देकर वर्षों तक महिला का शारीरिक शोषण करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी पीड़िता को सालों तक दूसरे राज्य में रखकर उसका शोषण करता रहा और अंत में किसी दूसरी महिला से शादी कर उसे धोखा दे दिया। क्या है पूरा मामला? पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने गोहपारू थाने में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी रज्जन बैगा, पिता सौखी लाल बैगा (निवासी ग्राम गुढ़ा), ने वर्ष 2016 में उसे शादी का प्रलोभन दिया था। इसी झांसे में लेकर उसने पहली बार दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी उसे गुजरात के सूरत ले गया। वहां वह लगभग 7-8 वर्षों तक उसे पति-पत्नी की तरह साथ रखकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। धोखा देकर दूसरी जगह की शादी करीब एक साल पहले आरोपी पीड़िता को सूरत में ही अकेला छोड़कर चुपके से अपने गांव भाग आया। जब पीड़िता किसी तरह गांव लौटी और उस पर शादी करने का दबाव बनाया, तो आरोपी लगातार टाल-मटोल करता रहा। धोखे की हद तब पार हो गई जब आरोपी ने 24 फरवरी 2026 को किसी अन्य महिला से विवाह कर लिया। ठगा सा महसूस करने के बाद पीड़िता ने कानून का दरवाजा खटखटाया। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी पीड़िता की शिकायत पर गोहपारू थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी रज्जन बैगा (30 वर्ष) को उसके गृह ग्राम गुढ़ा से धर दबोचा। आरोपी को 03 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस टीम की भूमिका: इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक राजकुमार मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक रामेश्वर पाण्डेय, सउनि भागचन्द्र चौधरी, आरक्षक राजकुमार रघुवंशी और आरक्षक अमर सिंह की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।2
- चक्की घाट खिरहनी फाटक स्थित आसमानी माता मंदिर में पूर्णिमा को महाआरती का आयोजन किया गया जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपना अमूल्य योगदान दिया सुमित साहू द्वारा महाआरती हुई और प्रशाद वितरित किया गया आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद(पत्रकार)1
- Post by Sumit Singh Chandel1