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जिला बिलासपुर के अंतर्गत जबल से बागा सीमेंट उद्योग की ओर जाने वाली सड़क खस्ताहाल हो चुकी, स्थानीय लोगों ने रोष जताया जिला बिलासपुर के अंतर्गत जबल से बागा सीमेंट उद्योग की ओर जाने वाली सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। इसके लेकर स्थानीय लोगों ने रोष जताया हैं। बताया जा रहा है कि संबधित उद्योग प्रबंधन की ओर से इस सड़क में पैच वर्क कर महज औपचारिकता निभाई जाती है और इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लंबे समय से यह लोग सड़क को लोक निर्माण विभाग के तहत लाने की मांग कर रहे हैं लेकिन संबंधित विभाग और की ओर से भी कोई उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उधर मंगलवार को स्थानीय लोगों ने उद्योग प्रबंधन की ओर से किया जा रहे पेचवर्क कार्य का विरोध किया और कार्य रुकवा दिया। वहीं इस बारे में संबंधित साईं ब्राह्मण वार्ड पंच के सदस्य चंपा देवी ने बताया कि उद्योग प्रबंधन की ओर से आम जनता के हितों की अनदेखी की जा रही। है इस सड़क के समाधान को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस सड़क को लोक निर्माण विभाग के तहत किया जाए l। ताकि इस सड़क की समस्या से लोगों को राहत मिल सके।

9 hrs ago
user_Anil kumar
Anil kumar
बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
9 hrs ago

जिला बिलासपुर के अंतर्गत जबल से बागा सीमेंट उद्योग की ओर जाने वाली सड़क खस्ताहाल हो चुकी, स्थानीय लोगों ने रोष जताया जिला बिलासपुर के अंतर्गत जबल से बागा सीमेंट उद्योग की ओर जाने वाली सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। इसके लेकर स्थानीय लोगों ने रोष जताया हैं। बताया जा रहा है कि संबधित उद्योग प्रबंधन की ओर से इस सड़क में पैच वर्क कर महज औपचारिकता निभाई जाती है और इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लंबे समय से यह लोग सड़क को लोक निर्माण विभाग के तहत लाने की मांग कर रहे हैं लेकिन संबंधित विभाग और की ओर से भी कोई उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उधर मंगलवार को स्थानीय लोगों ने उद्योग प्रबंधन की ओर से किया जा रहे पेचवर्क कार्य का विरोध किया और कार्य रुकवा दिया। वहीं इस बारे में संबंधित साईं ब्राह्मण वार्ड पंच के सदस्य चंपा देवी ने बताया कि उद्योग प्रबंधन की ओर से आम जनता के हितों की अनदेखी की जा रही। है इस सड़क के समाधान को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस सड़क को लोक निर्माण विभाग के तहत किया जाए l। ताकि इस सड़क की समस्या से लोगों को राहत मिल सके।

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  • बीजेपी पर नरेश चौहान का पलटवार, कहा- राजनीति छोड़, हिमाचल हित की करें बात एंकर—- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार किया है. नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा नेता सिर्फ़ राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं. रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने से हिमाचल प्रदेश को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा कि भाजपा नेता केंद्र सरकार का बचाव करने में लगे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक विशेष दर्जा प्राप्त राज्य हैं.ऐसे में हिमाचल प्रदेश की मदद की जानी ज़रूरी है. VO—- नरेश चौहान ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के दौरान लगभग 37 हज़ार करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान दिए गए थे. उन्होंने याद दिलाया कि 14वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त होने के बाद, जब 15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत होने में देरी हुई थी, तब भी पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर 11,431 करोड़ रुपये की सहायता राज्यों को दी गई. आरडीजी की समाप्ति से हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिरता, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति और विकासात्मक निवेश गंभीर रूप से प्रभावित होंगे. उन्होंने कहा कि यह बजट जन-विरोधी, किसान-विरोधी और हिमाचल-विरोधी है. हिमाचल प्रदेश को नजरअंदाज कर देश का समावेशी विकास संभव नहीं है. बाइट—- नरेश चौहान, प्रधान मीडिया सलाहकार
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    बीजेपी पर नरेश चौहान का पलटवार, कहा- राजनीति छोड़, हिमाचल हित की करें बात
एंकर—- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार किया है. नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा नेता सिर्फ़ राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं. रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने से हिमाचल प्रदेश को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा कि भाजपा नेता केंद्र सरकार का बचाव करने में लगे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक विशेष दर्जा प्राप्त राज्य हैं.ऐसे में हिमाचल प्रदेश की मदद की जानी ज़रूरी है.
VO—- नरेश चौहान ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के दौरान लगभग 37 हज़ार करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान दिए गए थे. उन्होंने याद दिलाया कि 14वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त होने के बाद, जब 15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत होने में देरी हुई थी, तब भी पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर 11,431 करोड़ रुपये की सहायता राज्यों को दी गई. आरडीजी की समाप्ति से हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिरता, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति और विकासात्मक निवेश गंभीर रूप से प्रभावित होंगे. उन्होंने कहा कि यह बजट जन-विरोधी, किसान-विरोधी और हिमाचल-विरोधी है. हिमाचल प्रदेश को नजरअंदाज कर देश का समावेशी विकास संभव नहीं है.
बाइट—- नरेश चौहान, प्रधान मीडिया सलाहकार
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    3 hrs ago
  • केंद्र सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं हमीरपुर सदर के विधायक जिस तरह बजट की तारीफों के पुल बाँध रहे हैं, वह हिमाचल प्रदेश की जनता की समझ का अपमान है। हम सिर्फ एक सीधा और जायज़ सवाल पूछना चाहते हैं कि जब इस बजट में हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली आरडीजी ग्रांट पूरी तरह रोक दी गई, जो अगले पाँच वर्षों में 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये के बीच बनती है, तो फिर यह बजट हिमाचल के लिए “अच्छा” कैसे हो सकता है? भाजपा नेता यह कहकर बचने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर पाई। हम उनसे पूछना चाहते हैं कि 2023 की भीषण आपदा के बाद, जब केंद्र सरकार ने स्वयं अपने सर्वेयर हिमाचल भेजे, नुकसान का आकलन किया और घाटे का अनुमान लगाया, तब भी हिमाचल को फूटी कौड़ी तक क्यों नहीं दी गई? क्या तब भी आंकड़े गलत थे या सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर हिमाचल की अनदेखी की? भाजपा के प्रवक्ता यह भी दावा कर रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बजट बहुत अच्छे से प्रस्तुत किया था , इसलिए 15वें वित्त आयोग में हिमाचल को 35,000 करोड़ रुपये एक्स्ट्रा मिलेथे। यह पूरी तरह भ्रामक बयान है। सच्चाई यह है कि यह कोई “एक्स्ट्रा राशि” नहीं थी, बल्कि आरडीजी ग्रांट थी, जिसे अब इस बजट में पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह हिमाचल प्रदेश की जनता और उसके विकास के साथ सीधा धोखा है। जय राम जी के गुणगान और खोखले दावों से हिमाचल का भला नहीं होने वाला। हिमाचल की जनता पढ़ी-लिखी और जागरूक है, उसे बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। वह अच्छी तरह जानती है कि 35,000 करोड़ रुपये क्या होते हैं और उसका प्रदेश के विकास में क्या महत्व है। सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार की हर योजना में हिमाचल प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए भाजपा अपने आंकड़े और दावे अपने पास ही रखे। हम साफ शब्दों में कहना चाहते हैं कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के लिए बेकार है और बेकार ही रहेगा, क्योंकि इसमें हिमाचल के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
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    केंद्र सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं हमीरपुर सदर के विधायक जिस तरह बजट की तारीफों के पुल बाँध रहे हैं, वह हिमाचल प्रदेश की जनता की समझ का अपमान है। हम सिर्फ एक सीधा और जायज़ सवाल पूछना चाहते हैं कि जब इस बजट में हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली आरडीजी ग्रांट पूरी तरह रोक दी गई, जो अगले पाँच वर्षों में 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये के बीच बनती है, तो फिर यह बजट हिमाचल के लिए “अच्छा” कैसे हो सकता है?
भाजपा नेता यह कहकर बचने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर पाई। हम उनसे पूछना चाहते हैं कि 2023 की भीषण आपदा के बाद, जब केंद्र सरकार ने स्वयं अपने सर्वेयर हिमाचल भेजे, नुकसान का आकलन किया और घाटे का अनुमान लगाया, तब भी हिमाचल को फूटी कौड़ी तक क्यों नहीं दी गई?
क्या तब भी आंकड़े गलत थे या सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर हिमाचल की अनदेखी की?
भाजपा के प्रवक्ता यह भी दावा कर रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बजट बहुत अच्छे से प्रस्तुत किया था , इसलिए 15वें वित्त आयोग में हिमाचल को 35,000 करोड़ रुपये एक्स्ट्रा मिलेथे।  यह पूरी तरह भ्रामक बयान है।
सच्चाई यह है कि यह कोई “एक्स्ट्रा राशि” नहीं थी, बल्कि आरडीजी ग्रांट थी, जिसे अब इस बजट में पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह हिमाचल प्रदेश की जनता और उसके विकास के साथ सीधा धोखा है।
जय राम जी के गुणगान और खोखले दावों से हिमाचल का भला नहीं होने वाला। हिमाचल की जनता पढ़ी-लिखी और जागरूक है, उसे बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। वह अच्छी तरह जानती है कि 35,000 करोड़ रुपये क्या होते हैं और उसका प्रदेश के विकास में क्या महत्व है।
सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार की हर योजना में हिमाचल प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए भाजपा अपने आंकड़े और दावे अपने पास ही रखे।
हम साफ शब्दों में कहना चाहते हैं कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के लिए बेकार है और बेकार ही रहेगा, क्योंकि इसमें हिमाचल के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
    user_हमीरपुरी पत्रकार
    हमीरपुरी पत्रकार
    लम्बलू, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    23 hrs ago
  • ऊना। एकल नारी कृषि सहकारी सभा घालुवाल की ओर से मंगलवार को एमसी पार्क ऊना में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संगठन की प्रधान कांता शर्मा ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आईं एकल नारियों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और अपनी सामाजिक, आर्थिक व पारिवारिक समस्याओं को लेकर खुलकर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान एकल नारियों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर पर संस्था की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में उपायुक्त ऊना जतिन लाल को एक ज्ञापन सौंपा गया। प्रधान कांता शर्मा ने कहा कि एकल नारियां समाज में अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता ही इन समस्याओं से बाहर निकलने का सशक्त माध्यम है। जीवन के लंबे अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं स्वावलंबी बनें तो कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करना आसान हो जाता है। संस्था की पदाधिकारियों ने एकमत होकर मांग उठाई कि एकल नारियों के डीसी कार्ड बनाए जाएं, ताकि जिन महिलाओं की दो बेटियां हैं उन्हें सरकारी सहायता का लाभ मिल सके। इसके साथ ही जिन पात्र महिलाओं के पास बीपीएल कार्ड नहीं हैं, लेकिन उन्हें सिलाई कढ़ाई कार्य के लिए मशीनों की आवश्यकता है, उनके लिए आय प्रमाण पत्र के आधार पर सुविधाएं प्रदान की जाएं।
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    ऊना। एकल नारी कृषि सहकारी सभा घालुवाल की ओर से मंगलवार को एमसी पार्क ऊना में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संगठन की प्रधान कांता शर्मा ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आईं एकल नारियों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और अपनी सामाजिक, आर्थिक व पारिवारिक समस्याओं को लेकर खुलकर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान एकल नारियों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर पर संस्था की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में उपायुक्त ऊना जतिन लाल को एक ज्ञापन सौंपा गया।
प्रधान कांता शर्मा ने कहा कि एकल नारियां समाज में अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता ही इन समस्याओं से बाहर निकलने का सशक्त माध्यम है। जीवन के लंबे अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं स्वावलंबी बनें तो कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करना आसान हो जाता है। संस्था की पदाधिकारियों ने एकमत होकर मांग उठाई कि एकल नारियों के डीसी कार्ड बनाए जाएं, ताकि जिन महिलाओं की दो बेटियां हैं उन्हें सरकारी सहायता का लाभ मिल सके। इसके साथ ही जिन पात्र महिलाओं के पास बीपीएल कार्ड नहीं हैं, लेकिन उन्हें सिलाई कढ़ाई कार्य के लिए मशीनों की आवश्यकता है, उनके लिए आय प्रमाण पत्र के आधार पर सुविधाएं प्रदान की जाएं।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए हिंदू–मुस्लिम का ज़हर घोला, और सत्ता में आते ही नीति के नाम पर सौदेबाज़ी शुरू कर दी। एक तरफ़ हज़ारों करोड़ की योजनाओं का बँटवारा, दूसरी तरफ़ सवर्ण/सामान्य समाज के बच्चों के गले में UGC Act की फाँस। ये न सुधार है, न न्याय— ये वोट लेकर भविष्य गिरवी रखने की राजनीति है। मेहनत करने वालों को कानून, और तुष्टिकरण को खज़ाना— यही है बीजेपी का दोहरा चेहरा। मोदी है तो मुमकिन है… एक ही समाज से बार-बार वोट, और उसी समाज पर बार-बार वार। अब सवाल साफ़ है— चुप रहोगे या जवाब दोगे? हिमाचल जागेगा, तभी UGC गिरेगा। — रूमीत सिंह ठाकुर अध्यक्ष, राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी #BiasThakur #UGCRollBack #HimachalPradesh #Himachal #शिक्षा_पर_वार_नहीं_सहेगा_हिमाचल #समान_नीति_समान_न्याय
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    बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए हिंदू–मुस्लिम का ज़हर घोला,
और सत्ता में आते ही नीति के नाम पर सौदेबाज़ी शुरू कर दी।
एक तरफ़ हज़ारों करोड़ की योजनाओं का बँटवारा,
दूसरी तरफ़ सवर्ण/सामान्य समाज के बच्चों के गले में UGC Act की फाँस।
ये न सुधार है, न न्याय—
ये वोट लेकर भविष्य गिरवी रखने की राजनीति है।
मेहनत करने वालों को कानून,
और तुष्टिकरण को खज़ाना—
यही है बीजेपी का दोहरा चेहरा।
मोदी है तो मुमकिन है…
एक ही समाज से बार-बार वोट,
और उसी समाज पर बार-बार वार।
अब सवाल साफ़ है—
चुप रहोगे या जवाब दोगे?
हिमाचल जागेगा, तभी UGC गिरेगा।
— रूमीत सिंह ठाकुर
अध्यक्ष, राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी
#BiasThakur
#UGCRollBack
#HimachalPradesh #Himachal
#शिक्षा_पर_वार_नहीं_सहेगा_हिमाचल
#समान_नीति_समान_न्याय
    user_Rajput Bias Thakur
    Rajput Bias Thakur
    Association or organisation धर्मपुर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सुजानपुर चौकी जमवाला में निर्माणाधीन वर्षाशालिका के कार्य में सामने आई गंभीर अनियमितताओं ने सरकारी तंत्र और ठेकेदारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। माननीय विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया, जहां गुणवत्ता में भारी कमी पाए जाने पर उनका आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ कि ठेकेदार द्वारा निर्माण में पुरानी और पहले से इस्तेमाल की जा चुकी टीन का प्रयोग किया जा रहा था, जो न केवल निर्माण मानकों का उल्लंघन है बल्कि सरकारी धन के खुलेआम दुरुपयोग का भी प्रमाण है। विधायक ने मौके पर ही अधिकारीयों से बात कर ऐसे घटिया निर्माण को तुरंत उखाड़ने के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से बनने वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या धोखाधड़ी को उनके कार्यकाल में बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। विधायक का कहना था कि वर्षाशालिका जैसी बुनियादी सुविधा ग्रामीण जनता की आवश्यकता है और इसमें गुणवत्ता से समझौता करना सीधे-सीधे जनता के अधिकारों पर हमला है। निरीक्षण के दौरान विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने कहा कि सरकारी पैसा किसी ठेकेदार की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि यह जनता की अमानत है। उन्होंने दो टूक कहा, “सरकारी धन की एक-एक पाई का सही उपयोग होना चाहिए। जो भी व्यक्ति या ठेकेदार इस धन का दुरुपयोग करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।” विधायक के इस बयान से यह साफ हो गया कि अब ठेकेदारी व्यवस्था में मनमानी और मिलीभगत को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विधायक ने यह भी कहा कि पूर्व में सत्ता के संरक्षण में कई ठेकेदार घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सरकारी धन की लूट करते रहे हैं, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। जनता ने उन्हें सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही के लिए सौंपी है, न कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई ठेकेदार पुराने ढर्रे पर काम करने की कोशिश करेगा तो उसे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। इस दौरान विधायक ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। विधायक ने कहा कि केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय जनता ने विधायक के इस सख्त और आक्रामक रुख का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय बाद किसी जनप्रतिनिधि ने मौके पर आकर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति देखी और घटिया काम के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। लोगों में इस बात को लेकर संतोष है कि अब विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनकी गुणवत्ता पर भी सख्त नजर रखी जाएगी। विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने अंत में दोहराया कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि होगी। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से समझौता करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। चाहे सड़क हो, पुल हो, वर्षाशालिका हो या कोई अन्य विकास कार्य—हर परियोजना में तय मानकों का पालन अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और जनता को मजबूत, टिकाऊ व गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।
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    सुजानपुर
चौकी जमवाला में निर्माणाधीन वर्षाशालिका के कार्य में सामने आई गंभीर अनियमितताओं ने सरकारी तंत्र और ठेकेदारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। माननीय विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया, जहां गुणवत्ता में भारी कमी पाए जाने पर उनका आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ कि ठेकेदार द्वारा निर्माण में पुरानी और पहले से इस्तेमाल की जा चुकी टीन का प्रयोग किया जा रहा था, जो न केवल निर्माण मानकों का उल्लंघन है बल्कि सरकारी धन के खुलेआम दुरुपयोग का भी प्रमाण है।
विधायक ने मौके पर ही अधिकारीयों से बात कर ऐसे घटिया निर्माण को तुरंत उखाड़ने के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से बनने वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या धोखाधड़ी को उनके कार्यकाल में बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। विधायक का कहना था कि वर्षाशालिका जैसी बुनियादी सुविधा ग्रामीण जनता की आवश्यकता है और इसमें गुणवत्ता से समझौता करना सीधे-सीधे जनता के अधिकारों पर हमला है।
निरीक्षण के दौरान विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने कहा कि सरकारी पैसा किसी ठेकेदार की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि यह जनता की अमानत है। उन्होंने दो टूक कहा, “सरकारी धन की एक-एक पाई का सही उपयोग होना चाहिए। जो भी व्यक्ति या ठेकेदार इस धन का दुरुपयोग करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।” विधायक के इस बयान से यह साफ हो गया कि अब ठेकेदारी व्यवस्था में मनमानी और मिलीभगत को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
विधायक ने यह भी कहा कि पूर्व में सत्ता के संरक्षण में कई ठेकेदार घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सरकारी धन की लूट करते रहे हैं, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। जनता ने उन्हें सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही के लिए सौंपी है, न कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई ठेकेदार पुराने ढर्रे पर काम करने की कोशिश करेगा तो उसे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
इस दौरान विधायक ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। विधायक ने कहा कि केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय जनता ने विधायक के इस सख्त और आक्रामक रुख का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय बाद किसी जनप्रतिनिधि ने मौके पर आकर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति देखी और घटिया काम के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। लोगों में इस बात को लेकर संतोष है कि अब विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनकी गुणवत्ता पर भी सख्त नजर रखी जाएगी।
विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने अंत में दोहराया कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि होगी। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से समझौता करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। चाहे सड़क हो, पुल हो, वर्षाशालिका हो या कोई अन्य विकास कार्य—हर परियोजना में तय मानकों का पालन अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और जनता को मजबूत, टिकाऊ व गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • ऊपरी शिमला ठियोग कुफरी में बर्फबारी के बाद सुंदर नज़ारा ,पर्यटकों खूब ले रहे बरबरी का आनंद
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    ऊपरी शिमला ठियोग कुफरी में बर्फबारी के बाद सुंदर नज़ारा ,पर्यटकों खूब ले रहे बरबरी का आनंद
    user_Vikas sharma
    Vikas sharma
    ठियोग, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • कीरतपुर नेरचौक फोरलेन को लेकर जानकारी देते रीजनल ऑफिसर एनएचएआई हिमाचल प्रदेश कर्नल अजय बरगोटी व प्रोजेक्ट डायरेक्टर, पीआईयू मंडी, एनएचएआई वरुण चारी
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    कीरतपुर नेरचौक फोरलेन को लेकर जानकारी देते रीजनल ऑफिसर एनएचएआई हिमाचल प्रदेश कर्नल अजय बरगोटी व प्रोजेक्ट डायरेक्टर, पीआईयू मंडी, एनएचएआई वरुण चारी
    user_Anil kumar
    Anil kumar
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • टैक्स डेवोल्यूशन में ₹14 हजार करोड़, रेलवे विस्तार को ₹3 हजार करोड़, फोरलेन व सड़क परियोजनाओं में ऐतिहासिक निवेश : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रीगण केंद्रीय बजट को लेकर हिमाचल की जनता के समक्ष गलत आंकड़े प्रस्तुत कर उन्हें बरगलाने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए बेहतरीन प्रावधान किए हैं और प्रदेश को लगातार बढ़ती सहायता प्रदान की जा रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल को टैक्स डेवोल्यूशन के तहत लगभग ₹14 हजार करोड़ की राशि दी गई है, जो पिछले बजट की तुलना में लगभग ₹2500 करोड़ अधिक है। यह हिमाचल की जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने हेतु लगभग ₹3 हजार करोड़ रेलवे विस्तार के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में 2700 किलोमीटर फोरलेन हाईवे का निर्माण केंद्रीय बजट के माध्यम से किया जा रहा है, जिस पर लगभग ₹40 हजार करोड़ का कार्य चल रहा है। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीआरएफ और बीआरओ द्वारा बनाई जा रही सड़कों के लिए अलग से लगभग ₹10 हजार करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के लिए भी अलग बजट सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2020 से 2026 तक हिमाचल को लगभग ₹8 हजार करोड़ की विशेष सहायता दी गई, जिसमें से ₹1200 करोड़ गत वर्ष उपलब्ध करवाए गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले सवा तीन–साढ़े तीन वर्षों से कार्य रोक कर बैठी है और अपनी नाकामियों का दोष केंद्र सरकार पर डालने में जुटी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अब नया नेरेटिव गढ़ना शुरू कर दिया है—“रात को सपना आता है और सुबह ₹50 हजार करोड़ की मांग खड़ी हो जाती है।” डॉ. बिंदल ने सवाल किया कि आपदा के समय प्रदेश सरकार को लगभग ₹6 हजार करोड़ मिले, वह कहां गया? एक लाख के लगभग पक्के मकान मिले, उसमें बंदरबांट हुई—प्रदेश की जनता इसका जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि क्या प्रदेश सरकार धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने के लिए सत्ता में बैठी है? उन्होंने बताया कि वबी-जीराम जी योजना में ₹95 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा के प्रावधान से लगभग ₹15 हजार करोड़ अधिक है। मनरेगा की पिछली देनदारियों के लिए ₹30 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, लेकिन प्रदेश सरकार मनरेगा कार्यों पर कुंडली मारकर बैठी है और अपना हिस्सा नहीं दे रही। डॉ. बिंदल ने कहा कि ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शहरी विकास के लिए केंद्रीय बजट में अलग से धन का व्यापक प्रावधान है, इसके बावजूद प्रदेश सरकार केवल यही कहकर पल्ला झाड़ रही है कि केंद्र ने पैसा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में केंद्र सरकार ने हिमाचल को फार्मा हब बनाने की घोषणा की है, जो रोजगार और उद्योग के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन प्रदेश सरकार इसका स्वागत करने की बजाय नकारात्मक रवैया अपना रही है। बल्क ड्रग पार्क मोदी सरकार ने दिया, कांग्रेस सरकार ने उसे ठुकराया। डॉ. बिंदल ने कहा कि केवल नकारात्मक दृष्टिकोण से प्रदेश का हित नहीं होने वाला। प्रदेश सरकार को समझना चाहिए कि केंद्र सरकार हिमाचल को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सहायता प्रदान कर रही है और जनता को गुमराह करना कांग्रेस की विफल राजनीति है।
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    टैक्स डेवोल्यूशन में ₹14 हजार करोड़, रेलवे विस्तार को ₹3 हजार करोड़, फोरलेन व सड़क परियोजनाओं में ऐतिहासिक निवेश : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रीगण केंद्रीय बजट को लेकर हिमाचल की जनता के समक्ष गलत आंकड़े प्रस्तुत कर उन्हें बरगलाने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए बेहतरीन प्रावधान किए हैं और प्रदेश को लगातार बढ़ती सहायता प्रदान की जा रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल को टैक्स डेवोल्यूशन के तहत लगभग ₹14 हजार करोड़ की राशि दी गई है, जो पिछले बजट की तुलना में लगभग ₹2500 करोड़ अधिक है। यह हिमाचल की जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाला कदम है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने हेतु लगभग ₹3 हजार करोड़ रेलवे विस्तार के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में 2700 किलोमीटर फोरलेन हाईवे का निर्माण केंद्रीय बजट के माध्यम से किया जा रहा है, जिस पर लगभग ₹40 हजार करोड़ का कार्य चल रहा है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीआरएफ और बीआरओ द्वारा बनाई जा रही सड़कों के लिए अलग से लगभग ₹10 हजार करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के लिए भी अलग बजट सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2020 से 2026 तक हिमाचल को लगभग ₹8 हजार करोड़ की विशेष सहायता दी गई, जिसमें से ₹1200 करोड़ गत वर्ष उपलब्ध करवाए गए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले सवा तीन–साढ़े तीन वर्षों से कार्य रोक कर बैठी है और अपनी नाकामियों का दोष केंद्र सरकार पर डालने में जुटी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अब नया नेरेटिव गढ़ना शुरू कर दिया है—“रात को सपना आता है और सुबह ₹50 हजार करोड़ की मांग खड़ी हो जाती है।”
डॉ. बिंदल ने सवाल किया कि आपदा के समय प्रदेश सरकार को लगभग ₹6 हजार करोड़ मिले, वह कहां गया? एक लाख के लगभग पक्के मकान मिले, उसमें बंदरबांट हुई—प्रदेश की जनता इसका जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि क्या प्रदेश सरकार धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने के लिए सत्ता में बैठी है?
उन्होंने बताया कि वबी-जीराम जी योजना में ₹95 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा के प्रावधान से लगभग ₹15 हजार करोड़ अधिक है। मनरेगा की पिछली देनदारियों के लिए ₹30 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, लेकिन प्रदेश सरकार मनरेगा कार्यों पर कुंडली मारकर बैठी है और अपना हिस्सा नहीं दे रही।
डॉ. बिंदल ने कहा कि ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शहरी विकास के लिए केंद्रीय बजट में अलग से धन का व्यापक प्रावधान है, इसके बावजूद प्रदेश सरकार केवल यही कहकर पल्ला झाड़ रही है कि केंद्र ने पैसा नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि इस बजट में केंद्र सरकार ने हिमाचल को फार्मा हब बनाने की घोषणा की है, जो रोजगार और उद्योग के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन प्रदेश सरकार इसका स्वागत करने की बजाय नकारात्मक रवैया अपना रही है। बल्क ड्रग पार्क मोदी सरकार ने दिया, कांग्रेस सरकार ने उसे ठुकराया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि केवल नकारात्मक दृष्टिकोण से प्रदेश का हित नहीं होने वाला। प्रदेश सरकार को समझना चाहिए कि केंद्र सरकार हिमाचल को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सहायता प्रदान कर रही है और जनता को गुमराह करना कांग्रेस की विफल राजनीति है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    5 hrs ago
  • ऊना। जिले में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर और स्थायी दिव्यांगता के मामलों को कम करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में रोड सेफ्टी एवं ट्रॉमा केयर विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. संजीव कुमार वर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 50 मेडिकल ऑफिसर्स, स्टाफ नर्सों तथा पैरामेडिकल कर्मियों ने भाग लेकर आपातकालीन उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला के दौरान सड़क दुर्घटना पीड़ितों के त्वरित उपचार, गोल्डन आवर मैनेजमेंट और ट्रॉमा केयर के मानक उपचार प्रोटोकॉल पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे गोल्डन आवर कहा जाता है, जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान घायल को सही प्राथमिक उपचार और शीघ्र अस्पताल सुविधा मिल जाए तो मृत्यु की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है। प्रशिक्षण सत्र में रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉक्टर नितिन वर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनीत बंसल, डॉ. राहुल टंडन और जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह सिद्धू ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने हेड इंजरी, चेस्ट इंजरी, फ्रैक्चर, एब्डोमिनल और लंग्स इंजरी के त्वरित प्रबंधन के साथ-साथ सीपीआर और हेड इंजरी मैनेजमेंट का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। जनरल सर्जरी और ऑर्थोपेडिक विभाग के चिकित्सकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीके बताए। कार्यशाला के दूसरे सत्र में आरटीओ ऊना अशोक कलसी ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों, दुर्घटना रोकथाम उपायों तथा आपातकालीन सेवाओं के प्रभावी उपयोग पर जानकारी दी। आयोजकों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे ताकि ट्रॉमा केयर सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने कहा कि सड़क हादसों में होने वाली अधिकांश मौतें समय पर उपचार से रोकी जा सकती हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
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    ऊना।  जिले में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर और स्थायी दिव्यांगता के मामलों को कम करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में रोड सेफ्टी एवं ट्रॉमा केयर विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. संजीव कुमार वर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 50 मेडिकल ऑफिसर्स, स्टाफ नर्सों तथा पैरामेडिकल कर्मियों ने भाग लेकर आपातकालीन उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला के दौरान सड़क दुर्घटना पीड़ितों के त्वरित उपचार, गोल्डन आवर मैनेजमेंट और ट्रॉमा केयर के मानक उपचार प्रोटोकॉल पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे गोल्डन आवर कहा जाता है, जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान घायल को सही प्राथमिक उपचार और शीघ्र अस्पताल सुविधा मिल जाए तो मृत्यु की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है। प्रशिक्षण सत्र में रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉक्टर नितिन वर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनीत बंसल, डॉ. राहुल टंडन और जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह सिद्धू ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने हेड इंजरी, चेस्ट इंजरी, फ्रैक्चर, एब्डोमिनल और लंग्स इंजरी के त्वरित प्रबंधन के साथ-साथ सीपीआर और हेड इंजरी मैनेजमेंट का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। जनरल सर्जरी और ऑर्थोपेडिक विभाग के चिकित्सकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीके बताए। कार्यशाला के दूसरे सत्र में आरटीओ ऊना अशोक कलसी ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों, दुर्घटना रोकथाम उपायों तथा आपातकालीन सेवाओं के प्रभावी उपयोग पर जानकारी दी। आयोजकों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे ताकि ट्रॉमा केयर सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने कहा कि सड़क हादसों में होने वाली अधिकांश मौतें समय पर उपचार से रोकी जा सकती हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
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