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सेकंड हैंड मोबाइल खरीदने-बेचने में सख्ती, कांकेर पुलिस ने जारी किए नए निर्देश कांकेर पुलिस ने मोबाइल कारोबार में बढ़ते अपराधों को देखते हुए सख्त कदम उठाए हैं। क्या अब बिना पहचान और दस्तावेज के मोबाइल खरीदना-बेचना संभव होगा? पुलिस द्वारा आयोजित बैठक में मोबाइल दुकानदारों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। दुकानदारों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि पुराने मोबाइल खरीदते समय विक्रेता का ID प्रूफ लेना और उसका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। बिना बिल के किसी भी मोबाइल को अनलॉक करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके साथ ही चोरी के मोबाइल की खरीद-फरोख्त करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बैठक में CCTV कैमरे लगाने, ग्राहकों का विवरण दर्ज करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश भी दिए गए। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘अभिव्यक्ति एप’ के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। क्या इन नियमों के पालन से साइबर अपराधों में कमी आएगी? पुलिस ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

2 hrs ago
user_Raj Namdev (UNA)
Raj Namdev (UNA)
Local News Reporter Kawardha, Kabirdham•
2 hrs ago

सेकंड हैंड मोबाइल खरीदने-बेचने में सख्ती, कांकेर पुलिस ने जारी किए नए निर्देश कांकेर पुलिस ने मोबाइल कारोबार में बढ़ते अपराधों को देखते हुए सख्त कदम उठाए हैं। क्या अब बिना पहचान और दस्तावेज के मोबाइल खरीदना-बेचना संभव होगा? पुलिस द्वारा आयोजित बैठक में मोबाइल दुकानदारों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। दुकानदारों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि पुराने मोबाइल खरीदते समय विक्रेता का ID प्रूफ लेना और उसका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। बिना बिल के किसी भी मोबाइल को अनलॉक करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके साथ ही चोरी के मोबाइल की खरीद-फरोख्त करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बैठक में CCTV कैमरे लगाने, ग्राहकों का विवरण दर्ज करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश भी दिए गए। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘अभिव्यक्ति एप’ के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। क्या इन नियमों के पालन से साइबर अपराधों में कमी आएगी? पुलिस ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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  • कांकेर पुलिस ने मोबाइल कारोबार में बढ़ते अपराधों को देखते हुए सख्त कदम उठाए हैं। क्या अब बिना पहचान और दस्तावेज के मोबाइल खरीदना-बेचना संभव होगा? पुलिस द्वारा आयोजित बैठक में मोबाइल दुकानदारों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। दुकानदारों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि पुराने मोबाइल खरीदते समय विक्रेता का ID प्रूफ लेना और उसका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। बिना बिल के किसी भी मोबाइल को अनलॉक करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके साथ ही चोरी के मोबाइल की खरीद-फरोख्त करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बैठक में CCTV कैमरे लगाने, ग्राहकों का विवरण दर्ज करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश भी दिए गए। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘अभिव्यक्ति एप’ के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। क्या इन नियमों के पालन से साइबर अपराधों में कमी आएगी? पुलिस ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    कांकेर पुलिस ने मोबाइल कारोबार में बढ़ते अपराधों को देखते हुए सख्त कदम उठाए हैं। क्या अब बिना पहचान और दस्तावेज के मोबाइल खरीदना-बेचना संभव होगा? पुलिस द्वारा आयोजित बैठक में मोबाइल दुकानदारों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
दुकानदारों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि पुराने मोबाइल खरीदते समय विक्रेता का ID प्रूफ लेना और उसका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। बिना बिल के किसी भी मोबाइल को अनलॉक करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके साथ ही चोरी के मोबाइल की खरीद-फरोख्त करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बैठक में CCTV कैमरे लगाने, ग्राहकों का विवरण दर्ज करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश भी दिए गए। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘अभिव्यक्ति एप’ के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
क्या इन नियमों के पालन से साइबर अपराधों में कमी आएगी? पुलिस ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Raj Namdev (UNA)
    Raj Namdev (UNA)
    Local News Reporter Kawardha, Kabirdham•
    2 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस सवाल के पीछे एक लड़की नहीं, बल्कि एक बड़ा सवाल छुपा है: क्या आज आम आदमी खुलकर अपनी राजनीतिक राय रख पाता है? *1. डर का मनोविज्ञान* कैमरे के सामने आते ही बहुत से लोग असहज हो जाते हैं। ऊपर से सवाल अगर सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा हो, तो डर दोगुना हो जाता है। ये डर सिर्फ पश्चिम बंगाल या TMC का नहीं है। हर राज्य में, हर पार्टी के शासन में आम लोग कैमरे पर बोलने से कतराते हैं। कारण? - *ट्रोलिंग का डर*: सोशल मीडिया पर एक बयान से रातों-रात विलेन बन सकते हैं। - *स्थानीय दबाव*: मोहल्ले-गांव में राजनीतिक पहचान बन जाती है, जिससे रोजमर्रा के काम अटक सकते हैं। - *कानूनी पचड़े*: मानहानि, FIR, या पुलिस पूछताछ का डर भी लोगों को चुप करा देता है। *2. कैमरा बनाम असली राय* 99 Khabar जैसे चैनल अक्सर "पब्लिक रिएक्शन" लेते हैं। पर कैमरा देखते ही 90% लोग डिप्लोमेटिक हो जाते हैं। जो लड़की मुस्कुरा रही है, हो सकता है वो वाकई डरी हो, या हो सकता है वो राजनीति पर बोलना ही न चाहती हो, या हो सकता है एडिटिंग से संदर्भ बदला गया हो। एक 15 सेकंड की क्लिप से पूरी "सच्चाई" जानना मुश्किल है। *3. असली मुद्दा क्या है?* मुद्दा TMC या ममता बनर्जी का नहीं है। मुद्दा है कि क्या हमने ऐसा माहौल बनाया है जहां असहमति सामान्य बात हो? लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ बोलना अपराध नहीं, अधिकार है। पर अधिकार और हकीकत में फर्क तब आता है जब बोलने की कीमत चुकानी पड़े। चाहे BJP हो, कांग्रेस हो, TMC हो या कोई और - अगर आम नागरिक सवाल पूछने से डर रहा है, तो खामी नेता में नहीं, सिस्टम में है। और सिस्टम हम सब से बनता है। निष्कर्ष किसी एक लड़की की "सच्चाई" से ज्यादा जरूरी है ये समझना कि वो डर क्यों पैदा हुआ। जवाबदेही सिर्फ नेता की नहीं, हमारी भी है। जब तक हम सुनने का माद्दा नहीं रखेंगे, तब तक लोग बोलने की हिम्मत नहीं करेंगे। कैमरे के सामने मुस्कुराती लड़की डरी हुई भी हो सकती है, और नहीं भी। पर एक समाज के तौर पर हमें खुद से पूछना चाहिए - क्या हमने बोलने की आजादी को सिर्फ संविधान की किताब तक सीमित कर दिया है?
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    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस सवाल के पीछे एक लड़की नहीं, बल्कि एक बड़ा सवाल छुपा है: क्या आज आम आदमी खुलकर अपनी राजनीतिक राय रख पाता है?
*1. डर का मनोविज्ञान* 
कैमरे के सामने आते ही बहुत से लोग असहज हो जाते हैं। ऊपर से सवाल अगर सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा हो, तो डर दोगुना हो जाता है। ये डर सिर्फ पश्चिम बंगाल या TMC का नहीं है। हर राज्य में, हर पार्टी के शासन में आम लोग कैमरे पर बोलने से कतराते हैं। कारण?
- *ट्रोलिंग का डर*: सोशल मीडिया पर एक बयान से रातों-रात विलेन बन सकते हैं।
- *स्थानीय दबाव*: मोहल्ले-गांव में राजनीतिक पहचान बन जाती है, जिससे रोजमर्रा के काम अटक सकते हैं।
- *कानूनी पचड़े*: मानहानि, FIR, या पुलिस पूछताछ का डर भी लोगों को चुप करा देता है।
*2. कैमरा बनाम असली राय* 
99 Khabar जैसे चैनल अक्सर "पब्लिक रिएक्शन" लेते हैं। पर कैमरा देखते ही 90% लोग डिप्लोमेटिक हो जाते हैं। जो लड़की मुस्कुरा रही है, हो सकता है वो वाकई डरी हो, या हो सकता है वो राजनीति पर बोलना ही न चाहती हो, या हो सकता है एडिटिंग से संदर्भ बदला गया हो। एक 15 सेकंड की क्लिप से पूरी "सच्चाई" जानना मुश्किल है।
*3. असली मुद्दा क्या है?* 
मुद्दा TMC या ममता बनर्जी का नहीं है। मुद्दा है कि क्या हमने ऐसा माहौल बनाया है जहां असहमति सामान्य बात हो? लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ बोलना अपराध नहीं, अधिकार है। पर अधिकार और हकीकत में फर्क तब आता है जब बोलने की कीमत चुकानी पड़े।
चाहे BJP हो, कांग्रेस हो, TMC हो या कोई और - अगर आम नागरिक सवाल पूछने से डर रहा है, तो खामी नेता में नहीं, सिस्टम में है। और सिस्टम हम सब से बनता है।
निष्कर्ष
किसी एक लड़की की "सच्चाई" से ज्यादा जरूरी है ये समझना कि वो डर क्यों पैदा हुआ। जवाबदेही सिर्फ नेता की नहीं, हमारी भी है। जब तक हम सुनने का माद्दा नहीं रखेंगे, तब तक लोग बोलने की हिम्मत नहीं करेंगे।
कैमरे के सामने मुस्कुराती लड़की डरी हुई भी हो सकती है, और नहीं भी। पर एक समाज के तौर पर हमें खुद से पूछना चाहिए - क्या हमने बोलने की आजादी को सिर्फ संविधान की किताब तक सीमित कर दिया है?
    user_देहाती टेलीविजन
    देहाती टेलीविजन
    Voice of people Saja, Bemetara•
    4 hrs ago
  • बेमेतरा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बुधवार को 10वीं और 12वीं बोर्ड के नतीजे जारी कर दिए। जारी नतीजों के मुताबिक, बेमेतरा की बेटी ओमनी वर्मा ने 12वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश की मेरिट लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल किया है। ओमनी वर्मा के पिता राइस मिल में मजदूरी का काम करते हैं। घर पर जश्न का माहौल, पिता गए थे मजदूरी करने परिणामों की घोषणा के बाद ओमनी के घर में जश्न का माहौल है। टॉपर बिटिया ओमनी वर्मा के पिता राइस मिल में मजदूरी का काम करते हैं। ओमनी वर्मा हरिभूमि डाट काम से चर्चा करते हुए बताया कि, वह पिता के सपनों को पूरा करना चाहती है।
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    बेमेतरा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बुधवार को 10वीं और 12वीं बोर्ड के नतीजे जारी कर दिए। जारी नतीजों के मुताबिक, बेमेतरा की बेटी ओमनी वर्मा ने 12वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश की मेरिट लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल किया है। ओमनी वर्मा के पिता राइस मिल में मजदूरी का काम करते हैं।
घर पर जश्न का माहौल, पिता गए थे मजदूरी करने
परिणामों की घोषणा के बाद ओमनी के घर में जश्न का माहौल है। टॉपर बिटिया ओमनी वर्मा के पिता राइस मिल में मजदूरी का काम करते हैं। ओमनी वर्मा हरिभूमि डाट काम से चर्चा करते हुए बताया कि, वह पिता के सपनों को पूरा करना चाहती है।
    user_Rameshwar sahu
    Rameshwar sahu
    रिपोर्टर Bemetara, Chhattisgarh•
    19 hrs ago
  • मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र में राहगीरों को चाकू दिखाकर डराने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विजय साहू के कब्जे से धारदार चाकू और मोटरसाइकिल जब्त की गई। एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में सरगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। #MungeliPolice #SargaonPolice #ArmsAct #MungeliNews #ChhattisgarhNews #PoliceAction #BreakingNews
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    मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र में राहगीरों को चाकू दिखाकर डराने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विजय साहू के कब्जे से धारदार चाकू और मोटरसाइकिल जब्त की गई। एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में सरगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
#MungeliPolice #SargaonPolice #ArmsAct #MungeliNews #ChhattisgarhNews #PoliceAction #BreakingNews
    user_CG RIGHT TIMES NEWS
    CG RIGHT TIMES NEWS
    पत्रकार Pathariya, Mungeli•
    8 hrs ago
  • खैरागढ़ थाना क्षेत्र में उपद्रव करने वाला युवक गिरफ्तार, न्यायालय के आदेश पर भेजा गया जेल, 30 अप्रैल गुरुवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार थाना खैरागढ़ पुलिस ने खैरागढ़ शहर के वार्ड क्रमांक 6 बरेठपारा में शांतिभंग करने वाले आरोपी अमन रजक उर्फ फनिष (19 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी नशे की हालत में गाली गलौज, धमकी देने के साथ एक किराना दुकान में तोड़फोड़ कर रहा था। आशा पाल की शिकायत पर पुलिस ने जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तारी की गई। साथ ही इस्तगाशा क्रमांक 22/139/2026 के तहत धारा 170/126, 135(3) के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे एसडीएम न्यायालय खैरागढ़ में पेश किया गया, जहां से उसे 29 अप्रैल को जेल भेज दिया गया। पुलिस द्वारा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।
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    खैरागढ़ थाना क्षेत्र में उपद्रव करने वाला युवक गिरफ्तार, न्यायालय के आदेश पर भेजा गया जेल,
30 अप्रैल गुरुवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार 
थाना खैरागढ़ पुलिस ने खैरागढ़ शहर के वार्ड क्रमांक 6 बरेठपारा में शांतिभंग करने वाले आरोपी अमन रजक उर्फ फनिष (19 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी नशे की हालत में गाली गलौज, धमकी देने के साथ एक किराना दुकान में तोड़फोड़ कर रहा था।
आशा पाल की शिकायत पर पुलिस ने जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तारी की गई। साथ ही इस्तगाशा क्रमांक 22/139/2026 के तहत धारा 170/126, 135(3) के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे एसडीएम न्यायालय खैरागढ़ में पेश किया गया, जहां से उसे 29 अप्रैल को जेल भेज दिया गया।
पुलिस द्वारा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • परसेल रै. टिकरा टोला में पानी की भारी समस्या। जल जीवन मिशन के तहत। लगभग 2 साल हो चुका है पानी की टंकी बना दिया गया और पाइप लाइन का कार्य हो गया है उसके बाद पूरी तरह से कार्य बंद कर दिया गया ग्रामीणों के द्वारा जानकारी मिला है की एक बूँद भी पानी अभी तक मिला नहीं। लाइट कनेक्शन भी नहीं हुआ है कार्य अभी तक अधूरा है तथा लाइट, पानी की बिल भी आ चुका है पंचायत में ऐसा जानकारी मिला है ये जाँच का विषय है ग्रामीणों के द्वारा मांग है कि शासन इस विषय पर जाँच कर समस्या का निराकरण कराने की कष्ट करें। गर्मी का समय है पानी की बहुत समस्या है
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    परसेल रै. टिकरा टोला में पानी की भारी समस्या। जल जीवन मिशन के तहत। लगभग 2 साल हो चुका है पानी की टंकी बना दिया गया और पाइप लाइन का कार्य हो गया है उसके बाद पूरी तरह से कार्य बंद कर दिया गया ग्रामीणों के द्वारा जानकारी मिला है की एक बूँद भी पानी अभी तक मिला नहीं। लाइट कनेक्शन भी नहीं हुआ है कार्य अभी तक अधूरा है तथा लाइट, पानी की बिल भी आ चुका है पंचायत में ऐसा जानकारी मिला है ये जाँच का विषय है ग्रामीणों के द्वारा मांग है कि शासन इस विषय पर जाँच कर समस्या का निराकरण कराने की कष्ट करें। गर्मी का समय है पानी की बहुत समस्या है
    user_राजेश कुमार मरावी
    राजेश कुमार मरावी
    Voice of people बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • 6 साल की बच्ची के साथ हैवानियत तिल्दा नेवरा- क्षेत्र में एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति ने 6 साल की मासूम बच्ची के साथ बर्बरता की तमाम हदें पार कर दीं. इस दरिंदगी ने पूरे इलाके को 6 साल की मासूम झकझोर कर रख दिया है और लोगों में गहरी चिंता व गुस्सा फैल गया है. यह मामला सिर्फ एक घटना ही नहीं, बल्कि समाज में बच्चों की सुरक्षा और संवेदनशीलता की गंभीर कमी को उजागर करता है छत्तीसगढ़ के एक दिल दहला देने वाली घटना ने रायपुर जिले के तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र में झकझोर कर रख दिया है। यहां के गांव में एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ अनाचार का गंभीर मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि 32 वर्षीय राज कुमार पडोस का रहने वाला है, पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह दर्दनाक घटना मासूम बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा पर गम्भीर सवाल उठाती है. क्या हमारे समाज और पुलिस व्यवस्था में इतनी खामियां रह जाएंगी कि मासूमों की जान लगातार खतरे में रहे? हर दिन कोई न कोई बच्ची, महिला सुरक्षा की गुहार लगाती नजर आती है.सरकार, समाज और हर नागरिक को मिलकर इन कायर अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए सतर्क और संवेदनशील रहना होगा. बच्ची के अहित से हमारा समाज कलंकित होता है, जिसे दूर करना हम सबकी जिम्मेदारी है. न्याय तो दिलाना ही होगा, ताकि बहन, बेटी सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सकें ।
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    6  साल की बच्ची के साथ हैवानियत
तिल्दा नेवरा-  क्षेत्र  में एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां  एक व्यक्ति ने 6 साल की मासूम बच्ची के साथ बर्बरता की तमाम हदें पार कर दीं. इस दरिंदगी ने पूरे इलाके को 6 साल की मासूम झकझोर कर रख दिया है और लोगों में गहरी चिंता व गुस्सा फैल गया है.
यह मामला सिर्फ एक घटना ही नहीं, बल्कि समाज में बच्चों की सुरक्षा और संवेदनशीलता की गंभीर कमी को उजागर करता है
छत्तीसगढ़ के एक दिल दहला देने वाली घटना ने रायपुर  जिले के तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र में झकझोर कर रख दिया है। यहां के गांव में एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ अनाचार का गंभीर मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि 32 वर्षीय राज कुमार पडोस का  रहने  वाला है, पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 
यह दर्दनाक घटना मासूम बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा पर गम्भीर सवाल उठाती है. क्या हमारे समाज और पुलिस व्यवस्था में इतनी खामियां रह जाएंगी कि मासूमों की जान लगातार खतरे में रहे? हर दिन कोई न कोई बच्ची, महिला सुरक्षा की गुहार लगाती नजर आती है.सरकार, समाज और हर नागरिक को मिलकर इन कायर अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए सतर्क और संवेदनशील रहना होगा. बच्ची के अहित से हमारा समाज कलंकित होता है, जिसे दूर करना हम सबकी जिम्मेदारी है. न्याय तो दिलाना ही होगा, ताकि बहन, बेटी सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सकें ।
    user_Pavan Baghel
    Pavan Baghel
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • राजधानी रायपुर के पुराना विधानसभा रोड स्थित प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भीषण आग की घटना के दौरान मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोकने और उनके साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना अत्यंत निंदनीय एवं लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात है। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जिसका कार्य जनता तक सच्चाई पहुंचाना है। ऐसी गंभीर घटना के दौरान जब पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाने मौके पर पहुंचे, तब उन्हें रोकना, उनके साथ अभद्रता करना और कवरेज में बाधा डालना न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह कई गंभीर सवाल भी खड़े करता है। आखिर फैक्ट्री प्रबंधन क्या छिपाना चाहता है? अगर सब कुछ पारदर्शी है तो मीडिया से दूरी क्यों बनाई जा रही है? हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस प्रकार की हरकतें न केवल प्रेस की स्वतंत्रता का उल्लंघन हैं, बल्कि कानून व्यवस्था की भी अवहेलना है। किसी भी निजी संस्था या व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन से रोके या उनके साथ दुर्व्यवहार करे। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि— इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। मीडिया कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही, यह भी आवश्यक है कि फैक्ट्री में लगी आग के कारणों, सुरक्षा मानकों और संभावित लापरवाही की भी गहन जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मीडिया की आवाज को दबाने की हर कोशिश का हम पुरजोर विरोध करते हैं और उम्मीद करते हैं कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्याय सुनिश्चित करेगा।
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    राजधानी रायपुर के पुराना विधानसभा रोड स्थित प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भीषण आग की घटना के दौरान मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोकने और उनके साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना अत्यंत निंदनीय एवं लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात है।
मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जिसका कार्य जनता तक सच्चाई पहुंचाना है। ऐसी गंभीर घटना के दौरान जब पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाने मौके पर पहुंचे, तब उन्हें रोकना, उनके साथ अभद्रता करना और कवरेज में बाधा डालना न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह कई गंभीर सवाल भी खड़े करता है। आखिर फैक्ट्री प्रबंधन क्या छिपाना चाहता है? अगर सब कुछ पारदर्शी है तो मीडिया से दूरी क्यों बनाई जा रही है?
हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस प्रकार की हरकतें न केवल प्रेस की स्वतंत्रता का उल्लंघन हैं, बल्कि कानून व्यवस्था की भी अवहेलना है। किसी भी निजी संस्था या व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन से रोके या उनके साथ दुर्व्यवहार करे।
हम प्रशासन से मांग करते हैं कि—
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
मीडिया कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
साथ ही, यह भी आवश्यक है कि फैक्ट्री में लगी आग के कारणों, सुरक्षा मानकों और संभावित लापरवाही की भी गहन जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
मीडिया की आवाज को दबाने की हर कोशिश का हम पुरजोर विरोध करते हैं और उम्मीद करते हैं कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्याय सुनिश्चित करेगा।
    user_Raj Namdev (UNA)
    Raj Namdev (UNA)
    Local News Reporter Kawardha, Kabirdham•
    13 hrs ago
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