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आज गोविन्दपुरी कालका जी मे एक गाय ने दिया एक साथ दो बच्चों का जन्म अपनी जिंदगी में मैंने पहली बार देखा अद्भुत....

13 hrs ago
user_PUBLIC MEDIA NEWS
PUBLIC MEDIA NEWS
Local News Reporter South Delhi, Delhi•
13 hrs ago

आज गोविन्दपुरी कालका जी मे एक गाय ने दिया एक साथ दो बच्चों का जन्म अपनी जिंदगी में मैंने पहली बार देखा अद्भुत....

More news from दिल्ली and nearby areas
  • ट्रेन में हुआ कीनन के साथ हाथ भाई मामला सामने आया ₹10 का ₹10 के पीछे हो रही थी 🤣
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    ट्रेन में हुआ कीनन के साथ हाथ भाई मामला सामने आया ₹10 का ₹10 के पीछे हो रही थी 🤣
    user_Aasha Lodhi
    Aasha Lodhi
    साकेत, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    54 min ago
  • आज गोविन्दपुरी कालका जी मे एक गाय ने दिया एक साथ दो बच्चों का जन्म अपनी जिंदगी में मैंने पहली बार देखा अद्भुत....
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    आज गोविन्दपुरी कालका जी मे एक गाय ने दिया एक साथ दो बच्चों का जन्म अपनी जिंदगी में मैंने पहली बार देखा अद्भुत....
    user_PUBLIC MEDIA NEWS
    PUBLIC MEDIA NEWS
    Local News Reporter South Delhi, Delhi•
    13 hrs ago
  • गुरुग्राम में मामूली विवाद के चलते आरोपी ने की पत्नी की हत्या लीव-इन पार्टनर के साथ मारपीट करके हत्या करने वाला आरोपी गिरफ्तार। गुरुग्राम, गौरव गर्ग, 23 सितंबर । 22 सितंबर को थाना पालम विहार, गुरुग्राम की पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि धर्म कॉलोनी, गुरुग्राम स्थित एक किराए के मकान में एक महिला घायल अवस्था में पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर एक महिला खून से लथपथ एवं गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। पुलिस टीम द्वारा महिला को एम्बुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा सीन-ऑफ-क्राइम एवं फिंगरप्रिंट टीमों को मौके पर बुलाकर घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण करवाया तथा आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए। उपरोक्त सम्बन्ध में मकान मालिक द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में बताया गया कि इसने अपना मकान किराए पर दिया हुआ है। 22 सितंबर को गली में शोर सुनाई देने पर जब यह बाहर आया तो इसने देखा कि इसका किराएदार आकाश अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर रहा था। आकाश ने अपनी पत्नी के सिर पर चोट मारी और वहां से भाग गया। गंभीर चोट लगने के कारण आकाश की पत्नी की मृत्यु हो गई। मकान मालिक की शिकायत के आधार पर थाना पालम विहार, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया। थाना पालम विहार, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उपरोक्त अभियोग में आरोपी आकाश, उम्र 33 वर्ष, निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवासी धर्म कॉलोनी, गुरुग्राम को 22 सितंबर को धर्म कॉलोनी, गुरुग्राम से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी गुरुग्राम में बस चालक के रूप में कार्य करता है तथा मृतका उसकी पत्नी नहीं थी। आरोपी वर्ष-2020 से मृतका के साथ लीव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। आरोपी से पुलिस पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि 22 सितंबर को किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद आरोपी ने महिला के साथ डंडे, पाइप एवं बेलन से मारपीट की। मारपीट के दौरान महिला को गंभीर चोटें आईं, जिनके कारण उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल से हत्या करने की वारदात को अंजाम देने में प्रयोग किए गए डंडा, पाइप तथा बेलन को बरामद किए गए । पुलिस टीम द्वारा मामले से संबंधित अन्य तथ्यों एवं साक्ष्यों की भी गहनता से जांच की जा रही है। आरोपी को आगामी कार्यवाही के लिए माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। अभियोग का अनुसंधान जारी है।
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    गुरुग्राम में मामूली विवाद के चलते आरोपी ने की पत्नी की हत्या
लीव-इन पार्टनर के साथ मारपीट करके हत्या करने वाला आरोपी गिरफ्तार।
गुरुग्राम, गौरव गर्ग, 23 सितंबर ।  22 सितंबर को थाना पालम विहार, गुरुग्राम की पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि धर्म कॉलोनी, गुरुग्राम स्थित एक किराए के मकान में एक महिला घायल अवस्था में पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर एक महिला खून से लथपथ एवं गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। पुलिस टीम द्वारा महिला को एम्बुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा सीन-ऑफ-क्राइम एवं फिंगरप्रिंट टीमों को मौके पर बुलाकर घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण करवाया तथा आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए।
उपरोक्त सम्बन्ध में मकान मालिक द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में बताया गया कि इसने अपना मकान किराए पर दिया हुआ है। 22 सितंबर को गली में शोर सुनाई देने पर जब यह बाहर आया तो इसने देखा कि इसका किराएदार आकाश अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर रहा था। आकाश ने अपनी पत्नी के सिर पर चोट मारी और वहां से भाग गया। गंभीर चोट लगने के कारण आकाश की पत्नी की मृत्यु हो गई। मकान मालिक की शिकायत के आधार पर थाना पालम विहार, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया।
थाना पालम विहार, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उपरोक्त अभियोग में आरोपी आकाश, उम्र 33 वर्ष, निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवासी धर्म कॉलोनी, गुरुग्राम  को 22 सितंबर को धर्म कॉलोनी, गुरुग्राम से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी गुरुग्राम में बस चालक के रूप में कार्य करता है तथा मृतका उसकी पत्नी नहीं थी। आरोपी वर्ष-2020 से मृतका के साथ लीव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। आरोपी से पुलिस पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि 22 सितंबर को किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद आरोपी ने महिला के साथ डंडे, पाइप एवं बेलन से मारपीट की। मारपीट के दौरान महिला को गंभीर चोटें आईं, जिनके कारण उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल से हत्या करने की वारदात को अंजाम देने में प्रयोग किए गए डंडा, पाइप तथा बेलन को बरामद किए गए । 
पुलिस टीम द्वारा मामले से संबंधित अन्य तथ्यों एवं साक्ष्यों की भी गहनता से जांच की जा रही है। आरोपी को आगामी कार्यवाही के लिए माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। अभियोग का अनुसंधान जारी है।
    user_Gurugram UPDATE
    Gurugram UPDATE
    Voice of people गुरुग्राम, गुरुग्राम, हरियाणा•
    21 min ago
  • जनपद बदायूं ! बदायूं 25 हजार के इनामी को पुलिस‌ने किया गिरफतार पुलिस से मुड़भेड़ में दरोगा सिपाही भी हुए घायल बदायूं में 25 हजार का इनामी किया पुलिस नें गिरफतार
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    जनपद बदायूं ! बदायूं 25 हजार के इनामी को पुलिस‌ने किया गिरफतार पुलिस से मुड़भेड़ में दरोगा सिपाही भी  हुए घायल 
बदायूं में 25 हजार का इनामी किया पुलिस नें गिरफतार
    user_Pooja Devi
    Pooja Devi
    दिल्ली छावनी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है। प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
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    प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
    user_पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    Court reporter Faridabad, Haryana•
    10 hrs ago
  • फ़रीदाबाद- चांदपुर में कबाड़ गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच की मांग फ़रीदाबाद- छांयसा थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव में कबाड़ के गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतकों की पहचान अरबाज और शंकर के रूप में हुई है। दोनों युवक एक ही कबाड़ के गोदाम पर काम करते थे। परिजनों के अनुसार सोमवार रात दोनों युवकों ने गोदाम पर रहने वाले अन्य मजदूरों के साथ खाना खाया था। खाना खाने के कुछ समय बाद अचानक दोनों की तबीयत खराब हो गई। अरबाज ने सीने में दर्द होने की बात मजदूरों को बताई, जबकि शंकर ने पेट में दर्द की शिकायत की। हालत बिगड़ने पर अरबाज को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब चार बजे शंकर की तबीयत भी अचानक ज्यादा खराब हो गई। साथी मजदूर उसे भी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक शंकर की मौत अरबाज की मौत के करीब तीन घंटे बाद हुई। परिजनों का कहना है कि दोनों युवकों के मुंह से झाग निकल रहा था। उन्हें आशंका है कि किसी जहरीली चीज, कीड़े या कोई गलत पदार्थ खाने की वजह से दोनों की तबीयत खराब हुई हो सकती है। हालांकि अभी मौत के सही कारण की पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों के अनुसार शंकर के माता-पिता नहीं हैं। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। वहीं अरबाज मेवात का रहने वाला था और 18 सितंबर को ही काम करने के लिए चांदपुर गांव आया था। उसे यहां काम करते हुए अभी चार दिन ही हुए थे। दोनों की अचानक हुई मौत के बाद परिजनों ने मामले की सही जांच कराने और मौत के कारण का पता लगाने की मांग की है।
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    फ़रीदाबाद- चांदपुर में कबाड़ गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच की मांग
फ़रीदाबाद- छांयसा थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव में कबाड़ के गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतकों की पहचान अरबाज और शंकर के रूप में हुई है। दोनों युवक एक ही कबाड़ के गोदाम पर काम करते थे। परिजनों के अनुसार सोमवार रात दोनों युवकों ने गोदाम पर रहने वाले अन्य मजदूरों के साथ खाना खाया था। खाना खाने के कुछ समय बाद अचानक दोनों की तबीयत खराब हो गई। अरबाज ने सीने में दर्द होने की बात मजदूरों को बताई, जबकि शंकर ने पेट में दर्द की शिकायत की। हालत बिगड़ने पर अरबाज को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब चार बजे शंकर की तबीयत भी अचानक ज्यादा खराब हो गई। साथी मजदूर उसे भी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक शंकर की मौत अरबाज की मौत के करीब तीन घंटे बाद हुई।
परिजनों का कहना है कि दोनों युवकों के मुंह से झाग निकल रहा था। उन्हें आशंका है कि किसी जहरीली चीज, कीड़े या कोई गलत पदार्थ खाने की वजह से दोनों की तबीयत खराब हुई हो सकती है। हालांकि अभी मौत के सही कारण की पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों के अनुसार शंकर के माता-पिता नहीं हैं। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। वहीं अरबाज मेवात का रहने वाला था और 18 सितंबर को ही काम करने के लिए चांदपुर गांव आया था। उसे यहां काम करते हुए अभी चार दिन ही हुए थे। दोनों की अचानक हुई मौत के बाद परिजनों ने मामले की सही जांच कराने और मौत के कारण का पता लगाने की मांग की है।
    user_Dinesh kumar ( Lalbabu )
    Dinesh kumar ( Lalbabu )
    Media and information sciences faculty फरीदाबाद, फरीदाबाद, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • दिल्ली में राजघाट रोड पर 5 गाड़िया आपस में टकरा गई हुआ हादसा दिल्ली राजघाट में अचानक ब्रेक लगाने से 5 गड़िया आपस में टकराई थी जिस कारण हादसा हो गया लेकिन गरिमत ये रही कि किसी को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ
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    दिल्ली में राजघाट रोड पर 5 गाड़िया आपस में टकरा गई हुआ हादसा 
दिल्ली राजघाट में अचानक ब्रेक लगाने से 5 गड़िया आपस में टकराई थी जिस कारण हादसा हो गया लेकिन गरिमत ये रही कि किसी को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ
    user_जनता की आवाज
    जनता की आवाज
    Local News Reporter साकेत, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    58 min ago
  • दिल्ली: कालकाजी में गैंग रैप के खिलाफ छात्राओं ने मार्च निकाला दिल्ली: कालकाजी इलाके में हुए गैंग रैप की घटना के विरोध में लेडी श्री राम कॉलेज की छात्राओं ने मार्च निकाला। छात्राओं ने आजादी के नारे लगाते हुए पुलिस को अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस प्रदर्शन में छात्राओं ने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की और इस गंभीर अपराध के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की अपील की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    दिल्ली: कालकाजी में गैंग रैप के खिलाफ छात्राओं ने मार्च निकाला
दिल्ली: कालकाजी इलाके में हुए गैंग रैप की घटना के विरोध में लेडी श्री राम कॉलेज की छात्राओं ने मार्च निकाला। छात्राओं ने आजादी के नारे लगाते हुए पुलिस को अपनी शिकायत दर्ज कराई।
इस प्रदर्शन में छात्राओं ने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की और इस गंभीर अपराध के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की अपील की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    Local News Reporter साकेत, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    40 min ago
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