सुपौल में ऑटो चालकों का प्रदर्शन, किशनपुर बस पड़ाव ठेकेदार पर मनमानी वसूली का लगाया आरोप सुपौल जिले के किशनपुर बाजार स्थित बस पड़ाव बैरियर को लेकर ऑटो चालकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ड्राइवर संघ के बैनर तले जुटे ऑटो चालकों ने बस पड़ाव ठेकेदार गौरी शंकर यादव और उनके पुत्र वीरेंद्र यादव पर अवैध वसूली, मनमानी चालान और रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में चालकों ने सुपौल के जिलाधिकारी (DM), उप विकास आयुक्त (DDC), पुलिस अधीक्षक (SP), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) समेत कुल 14 अधिकारियों को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। ऑटो चालकों का कहना है कि पहले दिन में एक बार रोड टैक्स की रसीद काटी जाती थी, जिससे उन्हें कुछ बचत हो जाती थी। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। वाहनों की संख्या बढ़ने और आमदनी घटने के बावजूद ठेकेदार पक्ष द्वारा प्रत्येक ट्रिप पर ₹30 की वसूली की जा रही है। यहां तक कि खाली ऑटो से भी जबरन पैसा लिया जाता है। चालकों ने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर उनके साथ गाली-गलौज की जाती है और लाठी तथा असामाजिक तत्वों का भय दिखाकर जबरन वसूली की जाती है। साथ ही कच्ची पर्ची थमाकर अवैध रूप से राशि ली जाती है। ड्राइवर संघ के अध्यक्ष संजय विश्वकर्मा ने कहा कि जिले में कई स्थानों पर 1 से 5 किलोमीटर के दायरे में बार-बार टैक्स वसूला जा रहा है, जिससे ऑटो चालकों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और वाहन खर्च के बीच परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। चालकों की मांग है कि पूरे जिले में एक दिन में केवल एक बार ही पक्की रसीद के साथ रोड टैक्स लिया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और वे अपने परिवार का भरण-पोषण सही तरीके से कर सकें।
सुपौल में ऑटो चालकों का प्रदर्शन, किशनपुर बस पड़ाव ठेकेदार पर मनमानी वसूली का लगाया आरोप सुपौल जिले के किशनपुर बाजार स्थित बस पड़ाव बैरियर को लेकर ऑटो चालकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ड्राइवर संघ के बैनर तले जुटे ऑटो चालकों ने बस पड़ाव ठेकेदार गौरी शंकर यादव और उनके पुत्र वीरेंद्र यादव पर अवैध वसूली, मनमानी चालान और रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में चालकों ने सुपौल के जिलाधिकारी (DM), उप विकास आयुक्त (DDC), पुलिस अधीक्षक (SP), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) समेत कुल 14 अधिकारियों को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। ऑटो चालकों का कहना है कि पहले दिन में एक बार रोड टैक्स की रसीद काटी जाती थी, जिससे उन्हें कुछ बचत हो जाती थी। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। वाहनों की संख्या बढ़ने और आमदनी घटने के बावजूद ठेकेदार पक्ष द्वारा प्रत्येक ट्रिप पर ₹30 की वसूली की जा रही है। यहां तक कि खाली ऑटो से भी जबरन पैसा लिया जाता है। चालकों ने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर उनके साथ गाली-गलौज की जाती है और लाठी तथा असामाजिक तत्वों का भय दिखाकर जबरन वसूली की जाती है। साथ ही कच्ची पर्ची थमाकर अवैध रूप से राशि ली जाती है। ड्राइवर संघ के अध्यक्ष संजय विश्वकर्मा ने कहा कि जिले में कई स्थानों पर 1 से 5 किलोमीटर के दायरे में बार-बार टैक्स वसूला जा रहा है, जिससे ऑटो चालकों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और वाहन खर्च के बीच परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। चालकों की मांग है कि पूरे जिले में एक दिन में केवल एक बार ही पक्की रसीद के साथ रोड टैक्स लिया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और वे अपने परिवार का भरण-पोषण सही तरीके से कर सकें।
- Post by Supaul Media ( Dev Raj )1
- रमणी पूजा को लेकर चंद्रायन पंचायत में शांति समिति का बैठक हुआ सम्पन्न थानाध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधि यों ने किया बैठक1
- बिहार के मधेपुरा में नगर परिषद का एक प्रयोग अब विवाद का कारण बन गया है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक दीवारों पर देवी-देवताओं की तस्वीरें बनाई गईं, लेकिन इस पहल ने लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर दिया है। स्थानीय लोग इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं, वहीं प्रशासन इसे स्वच्छता अभियान का हिस्सा बता रहा है। दरअसल मधेपुरा में इन दिनों दीवारों पर बनी पेंटिंग चर्चा का विषय बन गई है। नगर परिषद ने शहर में गंदगी और खुले में पेशाब की समस्या को रोकने के लिए सार्वजनिक स्थानों की दीवारों पर देवी-देवताओं की तस्वीरें बनवाई हैं। बाइट-1 सुधीर भगत, बीजेपी नेता बाइट -2- सौरभ यादव, स्थानीय लेकिन इस पहल का विरोध भी शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देवी-देवताओं का स्थान मंदिरों में होता है, न कि उन जगहों पर जहां गंदगी होती है। उनका आरोप है कि इस तरह की तस्वीरें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रही हैं। बाइट-विशाल राय, पेंटर वहीं, मौके पर काम कर रहे पेंटर का कहना है कि उन्हें नगर परिषद की ओर से निर्देश मिला था कि ऐसी जगहों पर पेंटिंग बनाई जाए, जहां लोग अक्सर गंदगी करते हैं, ताकि इस पर रोक लग सके। बाइट- तान्या कुमारी, ईओ, नगर परिषद मधेपुरा नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि यह कदम स्वच्छता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। हालांकि, इस पर लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। अब सवाल यह है कि क्या स्वच्छता के नाम पर धार्मिक प्रतीकों का इस तरह इस्तेमाल उचित है? या फिर प्रशासन को कोई दूसरा रास्ता अपनाना चाहिए था। फिलहाल, मधेपुरा में यह मुद्दा आस्था और प्रशासनिक फैसलों के बीच टकराव का रूप ले चुका है।4
- हुलास गांव में विश्वकर्मा चौक के पास बिजली से लगी आग स्थानीय युआ समाज सेवी श्री पवन शर्मा जी के तत्परता से आग पर काबू पाया2
- 🚨 दरअसल लखनौर पुलिस प्रभारी कार्तिक भगत को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति दो अवैद्य हथियार के साथ बाइक पर घूम रहा है फिर क्या था भगत ने अपने टीम के साथ एक बड़ा एक्शन प्लान बनाया, और अपराधी को धर दबोचा।1
- Post by मिथिलेश कुमार1
- लापता की तलाश नाम- संतोष कुमार राम पिता -लाल बाबू राम पता - कुनौली वार्ड नंबर 09 जिला. - सुपौल बिहार +918809109991 +9199066635811
- सहरसा सदर थाना क्षेत्र के भेलवा वार्ड नंबर 03 से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार पिछले 25 वर्षों से जिस रास्ते का उपयोग कर अपने घर तक आने-जाने के लिए कर रहा था, वह रास्ता अब बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य सड़क से पीड़ित परिवार के घर तक जाने का यही एकमात्र रास्ता था। जानकारी के अनुसार उक्त जमीन रैयती बताकर जमींदार द्वारा वहां भवन निर्माण कराया जा रहा है, जिसके कारण रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। रास्ता बंद होने से पीड़ित परिवार अपने ही घर में कैद होकर रह गया है और आने-जाने में भारी परेशानी का सामना कर रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस रास्ता विवाद को लेकर वे पिछले दो वर्षों से लगातार जिला प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहे हैं। परिवार ने डीएम, एसडीओ, सीओ और सदर थाना प्रभारी को कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक इस मामले का कोई समाधान नहीं निकल पाया। जब स्थानीय प्रशासन से कोई राहत नहीं मिली तो पीड़ित परिवार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में एसपी और डीएम से दिनांक 22/12/2025, 27/01/2026 और 05/03/2026 को नोटिस भेजकर जांच प्रतिवेदन की मांग की है। हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि आज तक आयोग को भी इस मामले की जांच रिपोर्ट नहीं भेजी गई है और न ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने आया है।1
- Post by Ranjeet1