सहरसा में रास्ता बंद होने से परिवार ‘घर में कैद’, प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल सहरसा सदर थाना क्षेत्र के भेलवा वार्ड नंबर 03 से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार पिछले 25 वर्षों से जिस रास्ते का उपयोग कर अपने घर तक आने-जाने के लिए कर रहा था, वह रास्ता अब बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य सड़क से पीड़ित परिवार के घर तक जाने का यही एकमात्र रास्ता था। जानकारी के अनुसार उक्त जमीन रैयती बताकर जमींदार द्वारा वहां भवन निर्माण कराया जा रहा है, जिसके कारण रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। रास्ता बंद होने से पीड़ित परिवार अपने ही घर में कैद होकर रह गया है और आने-जाने में भारी परेशानी का सामना कर रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस रास्ता विवाद को लेकर वे पिछले दो वर्षों से लगातार जिला प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहे हैं। परिवार ने डीएम, एसडीओ, सीओ और सदर थाना प्रभारी को कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक इस मामले का कोई समाधान नहीं निकल पाया। जब स्थानीय प्रशासन से कोई राहत नहीं मिली तो पीड़ित परिवार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में एसपी और डीएम से दिनांक 22/12/2025, 27/01/2026 और 05/03/2026 को नोटिस भेजकर जांच प्रतिवेदन की मांग की है। हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि आज तक आयोग को भी इस मामले की जांच रिपोर्ट नहीं भेजी गई है और न ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने आया है।
सहरसा में रास्ता बंद होने से परिवार ‘घर में कैद’, प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल सहरसा सदर थाना क्षेत्र के भेलवा वार्ड नंबर 03 से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार पिछले 25 वर्षों से जिस रास्ते का उपयोग कर अपने घर तक आने-जाने के लिए कर रहा था, वह रास्ता अब बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य सड़क से पीड़ित परिवार के घर तक जाने का यही एकमात्र रास्ता था। जानकारी के अनुसार उक्त जमीन रैयती बताकर जमींदार द्वारा वहां भवन निर्माण कराया जा रहा है, जिसके कारण रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। रास्ता बंद होने से पीड़ित परिवार अपने ही घर में कैद होकर रह गया है और आने-जाने में भारी परेशानी का सामना कर रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस रास्ता विवाद को लेकर वे पिछले दो वर्षों से लगातार जिला प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहे हैं। परिवार ने डीएम, एसडीओ, सीओ और सदर थाना प्रभारी को कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक इस मामले का कोई समाधान नहीं निकल पाया। जब स्थानीय प्रशासन से कोई राहत नहीं मिली तो पीड़ित परिवार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में एसपी और डीएम से दिनांक 22/12/2025, 27/01/2026 और 05/03/2026 को नोटिस भेजकर जांच प्रतिवेदन की मांग की है। हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि आज तक आयोग को भी इस मामले की जांच रिपोर्ट नहीं भेजी गई है और न ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने आया है।
- सहरसा सदर थाना क्षेत्र के भेलवा वार्ड नंबर 03 से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार पिछले 25 वर्षों से जिस रास्ते का उपयोग कर अपने घर तक आने-जाने के लिए कर रहा था, वह रास्ता अब बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य सड़क से पीड़ित परिवार के घर तक जाने का यही एकमात्र रास्ता था। जानकारी के अनुसार उक्त जमीन रैयती बताकर जमींदार द्वारा वहां भवन निर्माण कराया जा रहा है, जिसके कारण रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। रास्ता बंद होने से पीड़ित परिवार अपने ही घर में कैद होकर रह गया है और आने-जाने में भारी परेशानी का सामना कर रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस रास्ता विवाद को लेकर वे पिछले दो वर्षों से लगातार जिला प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहे हैं। परिवार ने डीएम, एसडीओ, सीओ और सदर थाना प्रभारी को कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक इस मामले का कोई समाधान नहीं निकल पाया। जब स्थानीय प्रशासन से कोई राहत नहीं मिली तो पीड़ित परिवार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में एसपी और डीएम से दिनांक 22/12/2025, 27/01/2026 और 05/03/2026 को नोटिस भेजकर जांच प्रतिवेदन की मांग की है। हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि आज तक आयोग को भी इस मामले की जांच रिपोर्ट नहीं भेजी गई है और न ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने आया है।1
- Post by मिथिलेश कुमार1
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- सुपौल जिले के किशनपुर बाजार स्थित बस पड़ाव बैरियर को लेकर ऑटो चालकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ड्राइवर संघ के बैनर तले जुटे ऑटो चालकों ने बस पड़ाव ठेकेदार गौरी शंकर यादव और उनके पुत्र वीरेंद्र यादव पर अवैध वसूली, मनमानी चालान और रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में चालकों ने सुपौल के जिलाधिकारी (DM), उप विकास आयुक्त (DDC), पुलिस अधीक्षक (SP), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) समेत कुल 14 अधिकारियों को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। ऑटो चालकों का कहना है कि पहले दिन में एक बार रोड टैक्स की रसीद काटी जाती थी, जिससे उन्हें कुछ बचत हो जाती थी। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। वाहनों की संख्या बढ़ने और आमदनी घटने के बावजूद ठेकेदार पक्ष द्वारा प्रत्येक ट्रिप पर ₹30 की वसूली की जा रही है। यहां तक कि खाली ऑटो से भी जबरन पैसा लिया जाता है। चालकों ने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर उनके साथ गाली-गलौज की जाती है और लाठी तथा असामाजिक तत्वों का भय दिखाकर जबरन वसूली की जाती है। साथ ही कच्ची पर्ची थमाकर अवैध रूप से राशि ली जाती है। ड्राइवर संघ के अध्यक्ष संजय विश्वकर्मा ने कहा कि जिले में कई स्थानों पर 1 से 5 किलोमीटर के दायरे में बार-बार टैक्स वसूला जा रहा है, जिससे ऑटो चालकों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और वाहन खर्च के बीच परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। चालकों की मांग है कि पूरे जिले में एक दिन में केवल एक बार ही पक्की रसीद के साथ रोड टैक्स लिया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और वे अपने परिवार का भरण-पोषण सही तरीके से कर सकें।1
- Post by Gulshan Gupta1
- दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि यांत्रीकरण मेला का विधिवत उद्घाटन श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, जिला पदाधिकारी, सुपौल की अध्यक्षता में द्वीप प्रज्वलित कर किया गया। मेला में एक कस्टम हायरिंग केंद्र एवं कृषि यंत्र बैंक उठाव हुआ l श्रीमती साकित देवी को चार लाख और बाबा लोटन दस फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को आठ लाख अनुदान का डमी चेक प्रदान किया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा संबोधन में मेला में उपस्थित कर्मियों को नए तकनीक वाले यंत्रों के बारे में कृषकों जानकारी उपलब्ध कराने हेतु निदेश दिया गया। साथ ही उपस्थित कृषक बंधु को समय पर खेती करने हेतु यंत्र का उपयोग करने को बोला गया ।मेला में जिला कृषि पदाधिकारी, सुपौल, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान कृषि विज्ञान केंद्र, सुपौल, उप निदेशक, कृषि अभियंत्रण, सुपौल, जिला मत्स्य पदाधिकारी, रामचंद्र प्रसाद यादव, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, किसान सलाहकार आदि उपस्थित हुए। मेला में अब तक कुल1479 परमिट निर्गत हुआ, जिसमें कुल 666 कृषक द्वारा यंत्र का क्रय किया गया है।3
- मधेपुरा से इस वक्त की बड़ी खबर है, जहां चौसा थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड ने अब गंभीर रूप ले लिया है। गोली लगने से घायल युवक दिलखुश कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई है, जिसके बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि चौसा और घोषई के बीच नहर के पास तीन अज्ञात अपराधियों ने दिलखुश कुमार को गोली मार दी थी। गोली युवक की पीठ में लगी और पेट को चीरते हुए बाहर निकल गई। गंभीर हालत में उसे पहले चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर फैलते ही गुस्साए ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और उदाकिशुनगंज-भटगामा एसएच-58 को जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक सड़क जाम रहा, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पहुंचे उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ अविनाश कुमार और एसडीओ पंकज घोष ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। वहीं पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक नामजद आरोपी ललन कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बाइट ---अविनाश कुमार एसडीपीओ उदाकिशुनगंज मधेपुरा4
- सुपौल जिले में घरेलू एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे सुपौल जिला प्रशासन के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से दी गई जानकारी के अनुसार, जिले भर में व्यापक स्तर पर जांच एवं छापेमारी अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, थाना अध्यक्ष सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने संयुक्त रूप से विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण किया और गैस एजेंसियों के साथ-साथ दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की गहन जांच की। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू रूप से आम उपभोक्ताओं तक पहुंचे और किसी भी प्रकार की अवैध जमाखोरी या कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाई जा सके। जांच के दौरान अधिकारियों ने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरों को सख्त निर्देश दिया कि वे केवल पात्र उपभोक्ताओं को ही निर्धारित नियमों के अनुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराएं। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि यदि किसी भी एजेंसी या व्यक्ति द्वारा कालाबाजारी या जमाखोरी में संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस पहल से जिले में गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत संदेश गया है। वहीं, आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं भी गैस की कालाबाजारी या अनियमितता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। इस सघन अभियान से उम्मीद जताई जा रही है कि सुपौल में एलपीजी गैस की उपलब्धता सामान्य बनी रहेगी और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।1