लखीमपुर खीरी के मझगई थाना क्षेत्र के ग्राम ओरीपुरवा मजरा खैरहना में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को बेरहमी से पीटकर घर से बाहर निकाल देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता शिवानी मौर्या ने मॉडर्न महिला थाना पलिया में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। शिवानी की शादी करीब 6 साल पहले अमित मौर्या के साथ हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही उसके पति अमित, ससुर शत्रोहन लाल, जेठ जसवंत कुमार और जेठानी रूबी देवी ने मिलकर उस पर सोने की चेन और 1 लाख रुपये नगद की मांग का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। मांग पूरी न होने के कारण उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पीड़िता के अनुसार, प्रताड़ना की हद तब पार हो गई जब 15 जुलाई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे आरोपियों ने शिवानी को गालियां देते हुए बेरहमी से पीटा और सिर्फ पहने हुए कपड़ों में ही घर से बाहर खदेड़ दिया। इस मारपीट में शिवानी के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी है। पीड़िता का कहना है कि उसने पहले भी मझगई थाने में शिकायत की थी, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद मजबूर होकर उसने मॉडर्न महिला थाना पलिया का दरवाजा खटखटाया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इन दहेज के दरिंदों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर पीड़िता को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा। फिलहाल यह मामला पीड़िता की तहरीर पर आधारित है और पुलिस जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
लखीमपुर खीरी के मझगई थाना क्षेत्र के ग्राम ओरीपुरवा मजरा खैरहना में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को बेरहमी से पीटकर घर से बाहर निकाल देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता शिवानी मौर्या ने मॉडर्न महिला थाना पलिया में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। शिवानी की शादी करीब 6 साल पहले अमित मौर्या के साथ हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही उसके पति अमित, ससुर शत्रोहन लाल, जेठ जसवंत कुमार और जेठानी रूबी देवी ने मिलकर उस पर सोने की चेन और 1 लाख रुपये नगद की मांग का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। मांग पूरी न होने के कारण उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पीड़िता के अनुसार, प्रताड़ना की हद तब पार हो गई जब 15 जुलाई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे आरोपियों ने शिवानी को गालियां देते हुए बेरहमी से पीटा और सिर्फ पहने हुए कपड़ों में ही घर से बाहर खदेड़ दिया। इस मारपीट में शिवानी के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी है। पीड़िता का कहना है कि उसने पहले भी मझगई थाने में शिकायत की थी, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद मजबूर होकर उसने मॉडर्न महिला थाना पलिया का दरवाजा खटखटाया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इन दहेज के दरिंदों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर पीड़िता को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा। फिलहाल यह मामला पीड़िता की तहरीर पर आधारित है और पुलिस जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
- लखीमपुर खीरी में समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय युवा नेता यशमोहन पटेल ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल में कराए गए विकास कार्यों की उपलब्धियां गिनाई हैं। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा भाजपा सरकार और पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार के कार्यकाल में कानून व्यवस्था के बीच के अंतर को भी स्पष्ट किया है।1
- लखीमपुर खीरी के मझगई थाना क्षेत्र के ग्राम ओरीपुरवा मजरा खैरहना में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को बेरहमी से पीटकर घर से बाहर निकाल देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता शिवानी मौर्या ने मॉडर्न महिला थाना पलिया में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। शिवानी की शादी करीब 6 साल पहले अमित मौर्या के साथ हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही उसके पति अमित, ससुर शत्रोहन लाल, जेठ जसवंत कुमार और जेठानी रूबी देवी ने मिलकर उस पर सोने की चेन और 1 लाख रुपये नगद की मांग का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। मांग पूरी न होने के कारण उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पीड़िता के अनुसार, प्रताड़ना की हद तब पार हो गई जब 15 जुलाई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे आरोपियों ने शिवानी को गालियां देते हुए बेरहमी से पीटा और सिर्फ पहने हुए कपड़ों में ही घर से बाहर खदेड़ दिया। इस मारपीट में शिवानी के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी है। पीड़िता का कहना है कि उसने पहले भी मझगई थाने में शिकायत की थी, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद मजबूर होकर उसने मॉडर्न महिला थाना पलिया का दरवाजा खटखटाया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इन दहेज के दरिंदों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर पीड़िता को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा। फिलहाल यह मामला पीड़िता की तहरीर पर आधारित है और पुलिस जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।1
- बहराइच जिले के विकासखंड शिवपुर के ग्राम पंचायत नकहा अंतर्गत मजरा पंडित पुरवा में सड़क न बनने से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष जताते हुए जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग कई गांवों को आपस में जोड़ता है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों और स्कूली बच्चों का आवागमन होता है। बरसात के मौसम में पूरी सड़क पर कीचड़ और जलभराव हो जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और महिलाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। इस संबंध में बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष पंकज मिश्रा ने खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। पंकज मिश्रा ने कहा कि सड़क गांव के विकास की आधारशिला है और लोगों को सुरक्षित व सुगम आवागमन का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में पंकज मिश्रा, निरंजन कुमार, अनूप, दुलारे, राजू, सौरभ मिश्रा, बाबूराम, दिनेश कुमार, सूरज शर्मा, संगीता देवी, मीरा देवी, आरती देवी, शांति देवी, अलका, सुशीला देवी और राम लली सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया कि डबल इंजन सरकार द्वारा दिए गए ग्रामोत्थान के पैसों से संबंधित लोगों ने अपनी जेबें भर ली हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि ऐसे लोगों की जांच कब होगी और क्या यही ग्रामीण उत्थान है?1
- पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील के ग्राम माती माफी में स्थित आदि शक्ति मां गूंगा देवी का प्राचीन एवं प्रसिद्ध मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहाँ प्रत्येक माह की अमावस्या पर विशाल मेले का आयोजन होता है, लेकिन आषाढ़ माह का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। पूरे आषाढ़ माह में प्रत्येक तीसरे दिन लगने वाला विशाल मेला, जिसे स्थानीय लोग 'जातों का मेला' कहते हैं, दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा प्रतीक है। इस मेले में पीलीभीत और लखीमपुर-खीरी के अलावा शाहजहांपुर, बदायूं, हरदोई, सीतापुर, बरेली एवं एटा सहित विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर मां गूंगा देवी के दर्शन-पूजन करते हैं। श्रद्धालु माता के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और सुख-समृद्धि व परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है। मंदिर के पुजारी एवं माता के सेवक उमेन्द्र सिंह ने बताया कि मां गूंगा देवी के दरबार में सच्चे मन से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण होती है, यही कारण है कि यहाँ वर्षभर भक्तों का तांता लगा रहता है और आषाढ़ माह में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। धार्मिक आस्था, परंपरा और लोकविश्वास का यह संगम क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। हर वर्ष आयोजित होने वाला जातों का मेला श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मेल-मिलाप का भी प्रमुख केंद्र साबित हो रहा है।4
- लखीमपुर खीरी के बेहजम ब्लॉक के ग्राम पैला में जल जीवन मिशन की धज्जियां उड़ रही हैं। यहाँ मिशन के तहत स्थापित की गई पानी की टंकी से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे पाइप लीक होने के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी सड़कों पर व्यर्थ बह रहा है। इस गंभीर समस्या के सामने आने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने टंकी की तत्काल मरम्मत करवाकर जल की बर्बादी रोकने तथा इस मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- लखीमपुर खीरी के लखीमपुर शहर में शुक्रवार को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य शोभायात्रा पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। इस दौरान आकर्षक रूप से सुसज्जित रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने "जय जगन्नाथ" का जयघोष किया, जिससे पूरा शहर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान का भव्य स्वागत किया गया। भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और सुंदर धार्मिक झांकियों ने इस यात्रा की भव्यता को और बढ़ा दिया। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ स्वयंसेवक भी पूरे रास्ते तैनात रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की और इसे सनातन संस्कृति व धार्मिक परंपराओं का भव्य उत्सव बताते हुए हर वर्ष इसी तरह के आयोजन की कामना की।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में महीसी के बौंडी क्षेत्र अंतर्गत टुकुरी गांव में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां नदी के किनारे खड़े एक 12 वर्षीय बालक पर मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मगरमच्छ बालक को पानी के भीतर खींच ले गया। स्थानीय लोगों के काफी प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और बालक की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और मगरमच्छों की बढ़ती गतिविधियों पर लगाम लगाने की मांग की है। सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।1