प्रतापगढ़: शंकराचार्य के अपमान से आहत कांग्रेसियों ने निकाला पैदल मार्च जमकर की नारेबाजी, कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष डॉ नीरज त्रिपाठी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एकत्र हुए कांग्रेसियों ने पैदल मार्च निकालकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा । इस दौरान कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष डॉ नीरज त्रिपाठी ने कहा कि कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शंकराचार्य जी एवं उनके शिष्यों को स्नान से रोका गया उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया कुछ । कुछ बटुकों की चोटी खींचकर अपमानित करने जैसी अमानवीय घटना भी सामने आई ,जिसमें धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई है । शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों के विरुद्ध दर्ज की गई FIR को प्रथम दृष्टया एकतरफा एवं दुर्भावना पूर्ण एवं राजनीतिक विद्वेष की भावना से कराया गया कार्य है जो पूर्णतया गलत एवं निंदनीय है । जिला प्रवक्ता सुरेश मिश्रा ने कहा की शंकराचार्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि परिस्थितियों एवं संभावित प्रेरक तत्वों का भी निष्पक्ष परीक्षण किया जाए जिससे सत्य की स्थिति स्पष्ट होसके। इस अवसर पर मुख्य रूप से कोषाध्यक्ष वेदांत तिवारी, प्रेमशंकर द्विवेदी मनरेगा प्रभारी रवि भूषण सिंह एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शुभम मिश्रा विद प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मकरंद शुक्ला सुरेश कुमार सरोज राजेंद्र वर्मा अंजली उपाध्याय इंदिरानंद तिवारी मासूम हैदर भवानी शंकर दुबे विजय प्रताप त्रिपाठी के किस शुक्ला उमेश तिवारी धर्मराज सिंह मोहम्मद वसीम सुधीर तिवारी रवींद्र मिश्र समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद।
प्रतापगढ़: शंकराचार्य के अपमान से आहत कांग्रेसियों ने निकाला पैदल मार्च जमकर की नारेबाजी, कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष डॉ नीरज त्रिपाठी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एकत्र हुए कांग्रेसियों ने पैदल मार्च निकालकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा । इस दौरान कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष डॉ नीरज त्रिपाठी ने कहा कि कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शंकराचार्य जी एवं उनके शिष्यों को स्नान से रोका गया उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया कुछ । कुछ बटुकों की चोटी खींचकर अपमानित करने जैसी अमानवीय घटना भी सामने आई ,जिसमें धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई है । शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों के विरुद्ध दर्ज की गई FIR को प्रथम दृष्टया एकतरफा एवं दुर्भावना पूर्ण एवं राजनीतिक विद्वेष की भावना से कराया गया कार्य है जो पूर्णतया गलत एवं निंदनीय है । जिला प्रवक्ता सुरेश मिश्रा ने कहा की शंकराचार्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि परिस्थितियों एवं संभावित प्रेरक तत्वों का भी निष्पक्ष परीक्षण किया जाए जिससे सत्य की स्थिति स्पष्ट होसके। इस अवसर पर मुख्य रूप से कोषाध्यक्ष वेदांत तिवारी, प्रेमशंकर द्विवेदी मनरेगा प्रभारी रवि भूषण सिंह एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शुभम मिश्रा विद प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मकरंद शुक्ला सुरेश कुमार सरोज राजेंद्र वर्मा अंजली उपाध्याय इंदिरानंद तिवारी मासूम हैदर भवानी शंकर दुबे विजय प्रताप त्रिपाठी के किस शुक्ला उमेश तिवारी धर्मराज सिंह मोहम्मद वसीम सुधीर तिवारी रवींद्र मिश्र समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद।
- एटा में दर्दनाक हादसा, अज्ञात वाहन की टक्कर से इंटरमीडिएट की परीक्षा देकर लौट रहे 18 वर्षीय छात्र की मौत। छात्र परीक्षा देकर बाइक से घर लौट रहा था, तभी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी मौके पर छात्र की मौत हो गई। निधौलीकला थाना क्षेत्र के गांव गादुरी का रहने वाला था मृतक। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, अज्ञात वाहन की तलाश की शुरू। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हाईवे पर गांव विरामपुर छितौनी अंडरपास की है घटना।1
- लखनऊ। बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर आयकर विभाग का छापा। छापे में 50 से ज्यादा अफसर, भारी तादाद में पुलिस फोर्स भी मौजूद।'छात्र शक्ति कंपनी के माध्यम से निर्माण और कंस्ट्रक्शन व्यवसाय से जुड़े हैं, जो कैग रिपोर्ट के अनुसार कथित अवैध खनन के मामलों में चर्चा में रही है। देश के कई हिस्सों में कंस्ट्रक्शन के ठेके मिले हुए हैं।1
- Post by Hari Singh Goutam1
- वाराणसी : काशी की पहचान सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक ही नहीं है अपितु यह तो अपने खान-पान के लिए भी जाना जाता है। संस्कृति से जुड़े पारंपरिक खानपान के इसी निराले स्वाद को पिछले 27 सालों से बाटी चोखा रेस्टोरेंट लोंगो तक पहुंच रहा है। 25 फरवरी 1999 को बाटी चोखा को रेस्टोरेंट में लाने की शुरुआत हुई। पिछले कई सालों से इस दिन को 'बाटी चोखा डे' के रूप में मनाया जा रहा है।आज यानी 25 फरवरी बुधवार को 'बाटी चोखा डे' है और हम बाटी चोखा रेस्टोरेंट की 27 वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। बाटी चोखा डे के इस मौके पर मैनेजमेंट ने अपने बनारस , नोएडा,मिर्जापुर, कलकत्ता , लखनऊ धनबाद स्थित सभी रेस्टोरेंट के बेस्ट इम्प्लाई को उत्कृष्टता सम्मान से सम्मानित भी किया। तेलियाबाग स्थित रेस्टॉरेंट पर बाटी चोखा परिवार के सरंक्षक सरंक्षक श्री ललित मोहन अग्रवाल ने उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। उन्होंने बाटी चोखा रेस्टोरेंट को इस उपलब्धि पर बधाई दी। आसान नही था बाटी चोखा के ठेले से रेस्टोरेन्ट में आने का सफ़र बेहद पौष्टिक और स्वादिष्ट होने के बावजूद बाटी चोखा गरीबों के भोजन का अभिप्राय बन गया था। यह व्यंजन बाजार में सिर्फ़ ठेलों तक सीमित रह गया। रेस्टोरेंट और 5 स्टार होटलों के बदलते दौर में इसे वहां स्थान नहीं मिला जबकि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और दूसरे देश से आए व्यंजनों को इन रेस्टोरेंट और होटल में बड़ी जगह मिली । यह बात बनारस के कुछ लोगों को बेहद खलती थी और आपस में चर्चा भी करते थे लेकिन इससे चुनौती लेने की ताकत का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। क्योंकि यह एक बड़ा जोखिम भरा काम था। लेकिन सन 1999 में बनारस ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के इस पौष्टिक बाटी चोखा के स्वाद को बड़े फलक तक ले जाने का बीड़ा एक शख्स ने उठाया, जिसका नाम सिद्धार्थ दुबे था।सिद्धार्थ दुबे ने पहले होम डिलेवरी शुरू की,फिर बाटी चोखा के साथ मल्टी कूजीन रेस्टोरेंट खोला. लेकिन कुछ ही दिनों में दूसरे व्यंजनों की चमक में बाटी चोखा दब गया. ऐसा होता देख मैनेजमेंट ने दूसरे सभी व्यंजनों को बंद कर, इसका नाम ही बाटी चोखा रेस्टोरेंट रख दिया. और उसी दिन से बाटी चोखा रेस्टोरेन्ट में सिर्फ़ बाटी चोखा ही परोसा जाता है। शुरुआती दिनों में इसमें कई तरह के चैलेंज आए। बहुत से परिवार के लोग अपने बच्चों के साथ आते थे। जिसमें बड़े बुजुर्गों को तो बाटी चोखा का स्वाद पसंद था लेकिन बच्चे चाऊमीन मोमो और चिली पनीर जैसे व्यंजनों के डिमांड करते थे। अपने सिद्धांत से बंधा बाटी चोखा रेस्टोरेंट उन बच्चों के इस डिमांड को पूरा नहीं कर पाते थे तो पूरा परिवार रेस्टोरेंट से चला जाता था। रेस्टोरेंट के कर्मचारियों से लेकर परिचित मित्र सभी कहते थे की कम से कम बच्चों के लिए तो पाश्चात्य खान-पान के मेल को रख लेना चाहिए। लेकिन उनके मन में तो अपने बाटी चोखा के स्वाद को बड़े फलक तक ले जाने का जज्बा और जुनून था लिहाजा हर तरीके के सलाह और नुकसान को दरकिनार करते हुए वो अपने मिशन में जुटे रहे. सालों से रेस्टोरेंट आर्थिक नुकसान और गुमनामी से जूझता रहा. बाटी चोखा रेस्टोरेंट का पूरी यह स्वाद जब परवान चढ़ा तो बनारस से निकलकर देश के कई शहरों में इसकी शाखाएं खुलने लगी। बनारस में तेलियाबाग, डाफी , कलकत्ता के साल्टलेक, लखनऊ के गोमतीनगर और अलीगंज नोएडा में सेक्टर 104, मिर्जापुर में अहरौरा और अब धनबाद में बाटी चोखा रेस्टॉरेंट वहां के लोंगो को परंपरा का स्वाद चखायेगा।1
- नामचीन जय हॉस्पिटल ने CMO व पुलिस के साथ मिलकर कथित रूप से कराया था मुस्लिम डॉक्टर का क्लीनिक जबरन खाली ll UP: आगरा के नामचीन जय हॉस्पिटल ने CMO व पुलिस के साथ मिलकर कथित रूप से कराया था मुस्लिम डॉक्टर का क्लीनिक जबरन खाली! उच्च न्यायालय ने लिया संज्ञान. CMO ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर पुलिस को आदेश दिया था. वीडियो 1 महीने पूर्व पुलिस कार्यवाही का जय हॉस्पिटल (Jai Hospital & Research Centre) , जो आगरा के बाईपास रोड/नेहरू नगर क्षेत्र में स्थित है, उसी के परिसर में डॉ. यूनुस खान (Dr. Yunus Khan) का डेंटल क्लीनिक1
- हाथरस के कोतवाली सहपऊ क्षेत्र के मोहल्ला पुराना में एक मुस्लिम महिला के शव को दफनाने को लेकर विवाद हो गया। एक पक्ष ने कब्रिस्तान की जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए दफनाने से रोक दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची उत्तर प्रदेश पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी में बाद में महिला के शव को दफनाया गया।1
- केरला 2 मूवी की रियल कहानी भारत में हिंदू बहन बेटियों के साथ लवजत होते हुए सभी भाइयों को राम-राम 🇮🇳🚩1
- प्रतापगढ़: शंकराचार्य के अपमान से आहत कांग्रेसियों ने निकाला पैदल मार्च जमकर की नारेबाजी, कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष डॉ नीरज त्रिपाठी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एकत्र हुए कांग्रेसियों ने पैदल मार्च निकालकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा । इस दौरान कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष डॉ नीरज त्रिपाठी ने कहा कि कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शंकराचार्य जी एवं उनके शिष्यों को स्नान से रोका गया उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया कुछ । कुछ बटुकों की चोटी खींचकर अपमानित करने जैसी अमानवीय घटना भी सामने आई ,जिसमें धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई है । शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों के विरुद्ध दर्ज की गई FIR को प्रथम दृष्टया एकतरफा एवं दुर्भावना पूर्ण एवं राजनीतिक विद्वेष की भावना से कराया गया कार्य है जो पूर्णतया गलत एवं निंदनीय है । जिला प्रवक्ता सुरेश मिश्रा ने कहा की शंकराचार्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि परिस्थितियों एवं संभावित प्रेरक तत्वों का भी निष्पक्ष परीक्षण किया जाए जिससे सत्य की स्थिति स्पष्ट होसके। इस अवसर पर मुख्य रूप से कोषाध्यक्ष वेदांत तिवारी, प्रेमशंकर द्विवेदी मनरेगा प्रभारी रवि भूषण सिंह एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शुभम मिश्रा विद प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मकरंद शुक्ला सुरेश कुमार सरोज राजेंद्र वर्मा अंजली उपाध्याय इंदिरानंद तिवारी मासूम हैदर भवानी शंकर दुबे विजय प्रताप त्रिपाठी के किस शुक्ला उमेश तिवारी धर्मराज सिंह मोहम्मद वसीम सुधीर तिवारी रवींद्र मिश्र समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद।1