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मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने लोगों से नशा छोड़ने और भविष्य जोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ उठाया गया हर कदम समाज को सुरक्षित और सशक्त बनाता है। पुलिस महानिदेशक ने सभी नागरिकों से 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान से जुड़कर नशामुक्त मध्य प्रदेश बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है।
Akash Chakarwarti
मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने लोगों से नशा छोड़ने और भविष्य जोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ उठाया गया हर कदम समाज को सुरक्षित और सशक्त बनाता है। पुलिस महानिदेशक ने सभी नागरिकों से 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान से जुड़कर नशामुक्त मध्य प्रदेश बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है।
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- मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने लोगों से नशा छोड़ने और भविष्य जोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ उठाया गया हर कदम समाज को सुरक्षित और सशक्त बनाता है। पुलिस महानिदेशक ने सभी नागरिकों से 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान से जुड़कर नशामुक्त मध्य प्रदेश बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है।1
- भारत के जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का दृश्य कुछ ऐसा है जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाएगा। यह नजारा पहली नजर में किसी विदेशी एयरपोर्ट के दृश्य जैसा प्रतीत होता है, जिस पर आसानी से यकीन कर पाना मुश्किल है कि यह कोई विदेशी हवाई अड्डा नहीं बल्कि भारत का ही एक रेलवे स्टेशन है।1
- मंडला-जबलपुर मार्ग पर बबैहा घाटी में पिकअप और ट्राला की भिड़ंत हो गई थी। इस भिड़ंत के बाद मार्ग पर जाम लग गया था, जो अब खुल गया है।1
- डिंडौरी जिले में किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए सही सलाह देने के उद्देश्य से स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिले को वर्ष 2026-27 के लिए 7,514 मृदा नमूनों की जांच का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध अब तक केवल 3,455 नमूनों की जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा सके हैं। इस प्रकार जिले में अब तक लगभग 46 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है। इस बीच, सूत्रों के दावे के अनुसार भारत सरकार की गाइडलाइन के विपरीत कुछ प्रयोगशालाओं में अपेक्षित तकनीकी योग्यता के बिना ही कर्मचारियों से मृदा परीक्षण कराया जा रहा है। सरकार की गाइडलाइन के तहत मिट्टी की जांच 12 निर्धारित पैरामीटरों पर प्रशिक्षित एवं तकनीकी रूप से योग्य कर्मियों द्वारा की जानी चाहिए, जिसके लिए सामान्यतः कृषि विषय में स्नातक (बी.एससी. एग्रीकल्चर) की योग्यता आवश्यक बताई जाती है। इसके अलावा, अधिकांश प्रयोगशालाओं में कर्मचारियों की जानकारी दर्शाने वाला कोई डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे वहां कार्यरत लैब टेक्नीशियन, सहायक अथवा अन्य कर्मचारियों के नाम, पद या योग्यता की कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इससे पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट और उर्वरक संबंधी सलाह की गुणवत्ता प्रभावित होने से किसानों की लागत, उत्पादन और फसल पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही, कई रिपोर्टों में डीएपी उर्वरक की अनुशंसा की जा रही है, लेकिन किसानों का कहना है कि जिले में डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता ही नहीं है, जिससे उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं, किसानों को बुवाई पूरी होने के बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलने की समस्या भी सामने आई है, जिससे समय निकल जाने पर उन्हें वैज्ञानिक सलाह का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू ने कहा कि समय पर मृदा परीक्षण न होना विभाग की बड़ी लापरवाही है। इससे किसान वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग नहीं कर पाएंगे, जिससे पूरे कृषि सत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उधर, कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने इस संबंध में कहा है कि यह जानकारी उनके संज्ञान में लाई गई है और वे पूरे मामले की जानकारी प्राप्त कर अवगत कराएंगे। स्थानीय लोग अब प्रयोगशालाओं के नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता जांच और कर्मचारियों की योग्यता के सत्यापन की मांग कर रहे हैं ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।3
- डिंडोरी जिले के नारायणडीह गांव में हाल ही में निर्मित आंगनवाड़ी भवन की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस भवन के निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि पहली ही बारिश होते ही नवनिर्मित भवन की छत से पानी टपकने लगा है।1
- सिवनी के घंसौर नगर के वार्ड क्रमांक 7 में शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को सुबह करीब 10 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जहरीला सांप बैर के पेड़ पर चढ़ने के बाद पास में स्थित मनीष नामदेव के घर में घुस गया। सांप घर के अंदर रखे सामान पर जाकर बैठ गया, जिसे देखकर परिजनों और आसपास के लोगों में भारी दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही सर्प मित्र तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे पकड़ लिया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। इस दौरान सर्प मित्रों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सांप दिखाई देने पर उसे स्वयं पकड़ने का प्रयास न करें और तत्काल विशेषज्ञों को इसकी सूचना दें।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उमड़ार बांध में नहाने के दौरान डूबे युवक शिवम सोनी का शव करीब 24 घंटे चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया है। इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। शिवम अपने तीन दोस्तों के साथ बांध में घूमने और नहाने के लिए पहुंचा था। पानी में उतरने के बाद वह अचानक गहरे हिस्से में चला गया और डूबने लगा। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन वह देखते ही देखते पानी में लापता हो गया, जिसके बाद साथियों ने तत्काल पुलिस और परिजनों को इसकी जानकारी दी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों ने तलाश शुरू की, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण जबलपुर और सीधी से एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमों को बुलाना पड़ा। इस संयुक्त रेस्क्यू अभियान में उमरिया और शहडोल की एसडीआरएफ टीमों के साथ स्थानीय पुलिस-प्रशासन के 20 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी लगातार जुटे रहे। पानी के भीतर सीमित दृश्यता और अत्यधिक गहराई के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन आखिरकार जबलपुर से आई टीम ने शव को बाहर निकाल लिया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी के लिए कलेक्टर राखी सहाय, पुलिस अधीक्षक विजय बागवानी, अतिरिक्त कलेक्टर प्रमोद सेन गुप्ता और एसडीएम अंबिकेश सिंह खुद मौके पर मौजूद रहे और लगातार दिशा-निर्देश देते रहे। युवक का शव मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। कोतवाली थाना प्रभारी मदनलाल मरावी ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस गंभीर हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में बांधों और गहरे जलाशयों में सुरक्षा नियमों का पालन करें और गहरे पानी में उतरने का जोखिम न उठाएं।1