सीएचसी निरीक्षण के दौरान निर्देश देतीं कलक्टर डॉ. ऑर्तिका शुक्ला । राजगढ़ कलक्टर डॉ आर्तिका शुक्ला ने राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का बुधवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, वार्ड और ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बीसीएमओ डा. विशाल सिद्ध व चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. रमेश मीना से जानकारी लेकर सुधार के दिशा-निर्देश दिए। कलक्टर ने पर्ची काउंटर पर डिस्प्ले, एमओटी में हाफ कटर और गेट पर पर्दे लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान टीबी रोगी कालूराम व कोली ने पोषण राशि न मिलने की शिकायत भी की। इसके अलावा उन्होंने ईएनटी, दंत, चर्म रोग विशेषज्ञ सहित अन्य चिकित्सकों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन व किया। डॉ. शुक्ला ने कहा कि गर्मी न और लू के मौसम को ध्यान में रखते हुए सीएचसी का निरीक्षण किया गया है। हालांकि अधिकतर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई। ताकि महिलाओं को रेफर न करना पड़ेः कलक्टर ने सिजेरियन सेक्शन बढ़ाने के लिए निर्देशित किया - और कहा कि हर सीएचसी में जटिल प्रसूति का संचालन नॉर्मल प्रसूति के समान होना चाहिए, ताकि महिलाओं को रेफर न करना पड़े। राजगढ़ सीएचसी में एनेस्थीसिया और गायनेकोलॉजिस्ट उपलब्ध है। चिकित्सक ट्रॉमा सेंटर की जानकारी दी : डॉ. शुक्ला ने आगामी दिनों में राजगढ़ में बनने वाले ट्रॉमा सेंटर की जानकारी भी दी। केंद्र के निर्माण के लिए एनसीआर फंड मिल चुका है और कार्य इसी सप्ताह प्रारंभ होने की संभावना है। निरीक्षण के दौरान कलक्टर के साथ सीएमएचओ डॉ. योगेंद्र शर्मा, उपखंड अधिकारी सीमा मीना, तहसीलदार कल्याण सहाय मीना, बीपीएम निशांत शर्मा सहित अन्य अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।
सीएचसी निरीक्षण के दौरान निर्देश देतीं कलक्टर डॉ. ऑर्तिका शुक्ला । राजगढ़ कलक्टर डॉ आर्तिका शुक्ला ने राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का बुधवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, वार्ड और ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बीसीएमओ डा. विशाल सिद्ध व चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. रमेश मीना से जानकारी लेकर सुधार के दिशा-निर्देश दिए। कलक्टर ने पर्ची काउंटर पर डिस्प्ले, एमओटी में हाफ कटर और गेट पर पर्दे लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान टीबी रोगी कालूराम व कोली ने पोषण राशि न मिलने की शिकायत भी की। इसके अलावा उन्होंने ईएनटी, दंत, चर्म रोग विशेषज्ञ सहित अन्य चिकित्सकों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन व किया। डॉ. शुक्ला ने कहा कि गर्मी न और लू के मौसम को ध्यान में रखते
हुए सीएचसी का निरीक्षण किया गया है। हालांकि अधिकतर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई। ताकि महिलाओं को रेफर न करना पड़ेः कलक्टर ने सिजेरियन सेक्शन बढ़ाने के लिए निर्देशित किया - और कहा कि हर सीएचसी में जटिल प्रसूति का संचालन नॉर्मल प्रसूति के समान होना चाहिए, ताकि महिलाओं को रेफर न करना पड़े। राजगढ़ सीएचसी में एनेस्थीसिया और गायनेकोलॉजिस्ट उपलब्ध है। चिकित्सक ट्रॉमा सेंटर की जानकारी दी : डॉ. शुक्ला ने आगामी दिनों में राजगढ़ में बनने वाले ट्रॉमा सेंटर की जानकारी भी दी। केंद्र के निर्माण के लिए एनसीआर फंड मिल चुका है और कार्य इसी सप्ताह प्रारंभ होने की संभावना है। निरीक्षण के दौरान कलक्टर के साथ सीएमएचओ डॉ. योगेंद्र शर्मा, उपखंड अधिकारी सीमा मीना, तहसीलदार कल्याण सहाय मीना, बीपीएम निशांत शर्मा सहित अन्य अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।
- राजगढ़ कलक्टर डॉ आर्तिका शुक्ला ने राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का बुधवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, वार्ड और ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बीसीएमओ डा. विशाल सिद्ध व चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. रमेश मीना से जानकारी लेकर सुधार के दिशा-निर्देश दिए। कलक्टर ने पर्ची काउंटर पर डिस्प्ले, एमओटी में हाफ कटर और गेट पर पर्दे लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान टीबी रोगी कालूराम व कोली ने पोषण राशि न मिलने की शिकायत भी की। इसके अलावा उन्होंने ईएनटी, दंत, चर्म रोग विशेषज्ञ सहित अन्य चिकित्सकों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन व किया। डॉ. शुक्ला ने कहा कि गर्मी न और लू के मौसम को ध्यान में रखते हुए सीएचसी का निरीक्षण किया गया है। हालांकि अधिकतर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई। ताकि महिलाओं को रेफर न करना पड़ेः कलक्टर ने सिजेरियन सेक्शन बढ़ाने के लिए निर्देशित किया - और कहा कि हर सीएचसी में जटिल प्रसूति का संचालन नॉर्मल प्रसूति के समान होना चाहिए, ताकि महिलाओं को रेफर न करना पड़े। राजगढ़ सीएचसी में एनेस्थीसिया और गायनेकोलॉजिस्ट उपलब्ध है। चिकित्सक ट्रॉमा सेंटर की जानकारी दी : डॉ. शुक्ला ने आगामी दिनों में राजगढ़ में बनने वाले ट्रॉमा सेंटर की जानकारी भी दी। केंद्र के निर्माण के लिए एनसीआर फंड मिल चुका है और कार्य इसी सप्ताह प्रारंभ होने की संभावना है। निरीक्षण के दौरान कलक्टर के साथ सीएमएचओ डॉ. योगेंद्र शर्मा, उपखंड अधिकारी सीमा मीना, तहसीलदार कल्याण सहाय मीना, बीपीएम निशांत शर्मा सहित अन्य अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।2
- दौसा (कुंडल)। दौसा जिले के कुंडल मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। बुधवार को निर्माणाधीन इमारत पर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को जल्द ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की बात कही । करोड़ों का बजट, गुणवत्ता शून्य प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा नीम का पाड़ा ने मामले की गंभीरता बताते हुए कहा कि इस चिकित्सालय का निर्माण लगभग 0.70 हेक्टेयर भूमि पर हो रहा है, जिसके लिए सरकार द्वारा करीब 8.25 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। बावजूद इसके, निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। निर्माण में बड़ी कमियां: प्रदर्शनकारियों और स्थानीय निवासियों ने निर्माण में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं: बजरी की जगह मिट्टी: निर्माण में मानक बजरी के स्थान पर मिट्टी मिश्रित सामग्री का उपयोग हो रहा है। सीमेंट में धांधली: ग्रामीण राजेश कुमार मीणा ने बताया कि जहाँ 53 ग्रेड की मजबूत सीमेंट लगनी चाहिए, वहाँ 43 ग्रेड की घटिया सीमेंट का उपयोग हो रहा है। तराई का अभाव: ग्रामीण गिर्राज प्रसाद सैनी के अनुसार, कंक्रीट और चिनाई के बाद भवन की सही तरीके से तराई (Curing) भी नहीं की जा रही है, जिससे भविष्य में भवन के ढहने का खतरा बना रहेगा। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में दखल देकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की और गुणवत्ता में सुधार नहीं कराया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे। प्रदर्शन के दौरान जितेंद्र शर्मा, राजेश मीणा, गिर्राज सैनी सहित क्षेत्र के कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।1
- Post by Janta Seva841
- ✍️*✍️ ✍️*टपरी होलागढ़ में प्रतिबंधित शीशम के पेड़ों के कटान का सिलसिला जारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 5 पेड़ों का परमिट बताया जा रहा है जबकि ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार 5 से अधिक पेड़ों का हुआ कटान* ✍️*जुम्मन ठेकेदार का कथन कानून मेरे जेब में थाना व रेंजरी मेरा क्या कर लेगा* ✍️*मुख्यमंत्री के आदेशों का हो रहा अनुपालन वृक्ष लगाओ जीवन बचाओ जैसे अभियान की उड़ाई जा रही धज्जियां* ✍️*अब सवाल ये है कि लकड़कट्टे व ठेकेदारों को कहां से मिल रहा वन उजाड़ने का संरक्षण कौन है इसका है जिम्मेदार किस पे होगी कार्यवाही* ✍️*या फिर सब ऐसे ही गोलमाल तो क्या होंगे परिणाम पहले प्रकृति के साथ खिलवाड़ फिर आम जनता होगी त्रस्त* ✍️*धौरहरा रेंज* ✍️*टपरी होलागढ़ में प्रतिबंधित शीशम के पेड़ों के कटान का सिलसिला जारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 5 पेड़ों का परमिट बताया जा रहा है जबकि ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार 5 से अधिक पेड़ों का हुआ कटान* ✍️*जुम्मन ठेकेदार का कथन कानून मेरे जेब में थाना व रेंजरी मेरा क्या कर लेगा* ✍️*मुख्यमंत्री के आदेशों का हो रहा अनुपालन वृक्ष लगाओ जीवन बचाओ जैसे अभियान की उड़ाई जा रही धज्जियां* ✍️*अब सवाल ये है कि लकड़कट्टे व ठेकेदारों को कहां से मिल रहा वन उजाड़ने का संरक्षण कौन है इसका है जिम्मेदार किस पे होगी कार्यवाही* ✍️*या फिर सब ऐसे ही गोलमाल तो क्या होंगे परिणाम पहले प्रकृति के साथ खिलवाड़ फिर आम जनता होगी त्रस्त* ✍️*धौरहरा रेंज*1
- बांदीकुई/दौसा, अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे। स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी। मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे। फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है।,1
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- दौसा। बांदीकुई 2 अप्रैल 2026 अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने की साज़िश और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है,जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे। स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी। मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे। फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है। ये तो आने वाला समय बतायेगा।4
- Post by Janta Seva841