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शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता पत्रकार “#नव_वर्ष_की_हार्दिक_शुभकामनाएं!” “यह नया साल आपके जीवन में ढेर सारी खुशियाँ, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य लेकर आए”, “नए साल में आपके सभी सपने सच हों, यही हमारी कामना है”, या “आपको और आपके परिवार को नव वर्ष 2026 की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं” -----#Happy_New_Year-----
Durgesh Kumar Gupta
शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता पत्रकार “#नव_वर्ष_की_हार्दिक_शुभकामनाएं!” “यह नया साल आपके जीवन में ढेर सारी खुशियाँ, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य लेकर आए”, “नए साल में आपके सभी सपने सच हों, यही हमारी कामना है”, या “आपको और आपके परिवार को नव वर्ष 2026 की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं” -----#Happy_New_Year-----
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- जर्मन इंजीनियरों ने एक अनोखी बस विकसित की है जो कुछ ही सेकंड में सड़क से पानी में चलने लगती है। यह उभयचर बस बिना रुके नदी में उतर सकती है और यात्रियों को उतारने की जरूरत नहीं होती। खास सील्ड ढांचा और जल-प्रोपल्शन प्रणाली इसे नाव की तरह संचालित करती है। बाढ़ प्रभावित शहरों और आपातकालीन हालात में यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।#technology #innovation #engineering #futuretech #transportation #smartmobility #amphibious #viralnews #trending1
- बड़वारा विधानसभा में संचालित कंपनियां सारेआम नियमों की धज्जियां उड़ाती हुई ।पर्यावरण को पहुंचा रही नुकसान। प्रशासन मौन।1
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- आदिवासियों की जमीन पर कब्जा, सरकारी भूमि भी हड़पी! फूलाबाई को संरक्षण दे रहा सिस्टम? पटवारी से लेकर उच्च अधिकारियों तक पर गंभीर आरोप भोपाल। समाजवादी पार्टी के आदिवासी समाज प्रकोष्ठ के नेताओं ने राजधानी भोपाल पहुँचकर प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज यादव जी से मुलाकात कर ग्राम टेढ़ी की भयावह स्थिति से अवगत कराया। नेताओं ने बताया कि गांव में फूलाबाई नामक महिला का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि आदिवासी समाज का जीना दूभर हो गया है। आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जा आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि फूलाबाई न केवल आदिवासियों की निजी जमीनों पर जबरन कब्जा कर रही है, बल्कि सरकारी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर चुकी है। जब ग्रामीण विरोध करते हैं तो उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी दी जाती है। प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में ग्रामीणों ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस, पटवारी और कुछ उच्च अधिकारी फूलाबाई का खुला संरक्षण कर रहे हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होना, प्रशासन की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अवैध शराब और जंगल कटाई का नेटवर्क फूलाबाई पर अवैध शराब सप्लाई, अवेदा जंगल से लकड़ी कटवाकर बेचने और गांव में अराजकता फैलाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन गतिविधियों से गांव का माहौल पूरी तरह भयभीत हो चुका है। गांव छोड़ने को मजबूर आदिवासी परिवार लगातार हो रहे अत्याचारों से परेशान होकर कई आदिवासी परिवार गांव छोड़ने की तैयारी में हैं। ग्रामीणों का कहना है— “प्रशासन अगर साथ न दे तो हम कहां जाएं? हमारा जीना मुश्किल हो गया है।” भोपाल पहुँची आदिवासी समाज की आवाज इन्हीं तमाम मुद्दों को लेकर आदिवासी समाज के लोग भोपाल पहुँचे और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव जी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि फूलाबाई के खिलाफ तत्काल एफआईआर, जमीन कब्जा हटाने की कार्रवाई और प्रशासनिक संरक्षण की जांच कराई जाए। समाजवादी पार्टी ने उठाया मुद्दा प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव जी ने पूरे मामले को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए कहा कि यदि आदिवासियों को न्याय नहीं मिला तो समाजवादी पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।3
- नगर परिषद चित्रकूट में अलाव व्यवस्था ठप, ठंड में परेशान आमजन चित्रकूट शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच नगर परिषद चित्रकूट द्वारा की जाने वाली अलाव व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। नगर के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड, बाजार क्षेत्रों एवं रैन बसेरों के आसपास अलाव नहीं जलने से राहगीरों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ठंड लगातार बढ़ रही है, लेकिन नगर परिषद की ओर से अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं की जा रही है। कई स्थानों पर पहले लगाए गए अलाव भी बंद पड़े हैं, जिससे रात के समय हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। नागरिकों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद द्वारा ठंड से बचाव के लिए की जाने वाली व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों से इस संबंध में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। आमजन ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से अलाव व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि ठंड से राहत मिल सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। चित्रकूट न्यूज़ चैनल संपादक अरुण कुमार शर्मा1
- *लोकेसन कटनी* *एमजीएम हॉस्पिटल के मलिक और मैनेजर के द्वारा कर्मचारी को बंधक बनाने गंभीर आरोप* कटनी। शहर से एक सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एमजीएम हॉस्पिटल प्रबंधन पर अपने ही कर्मचारियों को घंटों बंधक बनाकर रखने के आरोप लगे हैं। 15 लाख रुपये की कथित हेराफेरी के शक के आधार पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा की गई इस कथित गैरकानूनी कार्रवाई से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। पीड़ित युवक के परिजन न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमजीएम हॉस्पिटल के संचालक दीपक गुप्ता और मैनेजर संजय तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने अस्पताल के मेडिकल स्टोर में कार्यरत कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर घंटों तक मानसिक दबाव में रखा। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि किसी प्रकार का संदेह था तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत सुलझाया जा सकता था, लेकिन इसके बजाय कर्मचारियों को डराया-धमकाया गया और जबरन स्वीकारोक्ति का दबाव बनाया गया। *23 दिसंबर से 24 दिसंबर तक अवैध रूप से कैद रखने का आरोप* बरही थाना क्षेत्र के ग्राम मोहनी निवासी बालकिशन पटेल ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायती आवेदन में बताया कि वे पिछले आठ वर्षों से एमजीएम अस्पताल के मेडिकल स्टोर में कार्यरत हैं। बालकिशन के अनुसार, 23 दिसंबर की दोपहर से 24 दिसंबर की रात करीब 11 बजे तक उन्हें और उनके तीन अन्य साथियों—यशवंत पटेल, राहुल पटेल और राहुल रजक—को अस्पताल प्रबंधन द्वारा अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया। शिकायत में कहा गया है कि चारों कर्मचारियों पर 60 लाख रुपये की चोरी का झूठा आरोप लगाया गया और प्रत्येक से 15-15 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि डर के माहौल में परिजनों ने अपनी जमीन की रजिस्ट्री अस्पताल प्रबंधन को सौंप दी, जिसके बाद कर्मचारियों को छोड़ा गया। *मेडिकल स्टोर में फर्जी बिलिंग के भी आरोप* बालकिशन पटेल ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मेडिकल स्टोर में एक रुपये के सामान का फर्जी बिल 25 हजार रुपये तक बनाया जाता था। जब उन्होंने इस कथित गड़बड़ी का विरोध किया, तो उन्हें झूठे चोरी के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित बालकिशन ने कहा, "मुझ पर और मेरे साथियों पर 15-15 लाख रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है। मेरी जमीन की रजिस्ट्री भी अस्पताल प्रबंधन के कब्जे में है। मैं पूरी तरह निर्दोष हूँ और मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।" *पुलिस ने शुरू की जांच* मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- Post by Rajkumar Vishwakarma rihand NTPC1